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देश को असली खतरा अर्बन नक्सलियों से: दीपक चौरसिया
जेएनयू प्रशासन ने वीडियो के आधार पर दिल्ली पुलिस को शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है और कहा है कि ऐसी गतिविधियाँ विश्वविद्यालय को घृणा का केन्द्र नहीं बनने दे सकतीं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के बाद कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाए, जिसमें ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’ जैसे भड़काऊ शब्द भी शामिल थे।
इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट कर कहा कि देश को असली खतरा अर्बन नक्सलियों से है। उन्होंने लिखा, देश से नक्सली भले ही खत्म हो जाएँ, लेकिन असली खतरा उन तथाकथित अर्बन नक्सलियों से है, जो समाज के भीतर बारूद की तरह काम कर रहे हैं।
दिल्ली दंगों के कथित मास्टरमाइंडों को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत न मिलने के बाद जेएनयू में ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ फिर सक्रिय होता दिख रहा है। जिस तरह खुलेआम प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं, उससे यह संकेत मिलता है कि इनके पीछे भारत-विरोधी ताकतें काम कर रही हैं और इन्हें मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह भी याद रखना चाहिए कि उमर खालिद इसी जेएनयू से जुड़ा रहा है और अब उसके पक्ष में आवाज़ें अमेरिका से उठती दिखाई दे रही हैं। आपको बता दें, जेएनयू प्रशासन ने वीडियो के आधार पर दिल्ली पुलिस को शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है और कहा है कि ऐसी गतिविधियाँ विश्वविद्यालय को घृणा का केन्द्र नहीं बनने दे सकतीं।
देश से नक्सली तो ख़त्म हो जाएंगे लेकिन असली खतरा इन अर्बन नक्सलियों से है जो समाज में बारूद का काम कर रहे हैं. दिल्ली दंगों के मास्टरमाइंडों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर JNU में टुकड़े-टुकड़े गैंग फिर एक्टिव हो गया है. जिस तरह ये पीएम मोदी और गृह मंत्री के लिए बे झिझक…
— Deepak Chaurasia (@DChaurasia2312) January 6, 2026
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