ITV नेटवर्क की पहल ने जीता पीएम मोदी का दिल, कहा- ...उत्साह बढ़ाने वाला विडियो

कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश ‘सामूहिक शक्ति’ का परिचय देने के लिए तैयार है। कोरोना के अंधकार को प्रकाश की ताकत से हराने की बात प्रधानमंत्री ने क्या कही, कि पूरा देश इस ओर एक साथ चल पड़ा है

Last Modified:
Sunday, 05 April, 2020
itv

कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश ‘सामूहिक शक्ति’ का परिचय देने के लिए तैयार है। कोरोना के अंधकार को प्रकाश की ताकत से हराने की बात प्रधानमंत्री ने क्या कही, कि पूरा देश इस ओर एक साथ चल पड़ा है। इसी कड़ी में पीएम मोदी के साथ मीडिया भी खड़ा नजर आ रहा है। ‘टीवी9 भारतवर्ष’ के बाद पीएम मोदी ने ‘ITV नेटवर्क’ की पहल की तारीफ की है।

दरअसल, पीएम मोदी ने देशवासियों से एकजुटता का संदेश देकर सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन करने के लिए रविवार रात दीये, मोमबत्ती जलाने की अपील की है , ताकि कोरोना वायरस के खिलाफ छेड़ी गई जंग में पूरा देश एक साथ खड़ा हो सके और कोई खुद को अकेला न महसूस कर सके। लिहाजा इसी कड़ी में  ITV नेटवर्क के नेतृत्व में ‘इंडिया न्यूज’ ने बेहद ही अनूठा तरीका निकालकर लोगों से प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन देने की बात कही है।

दरअसल, ‘इंडिया न्यूज’ ने एक विडियो जारी किया है- ‘आओ मिलकर दिया जलाएं’ गीत के साथ, जो कि बेहद ही खूबसूरत है और इस गीत को मशहूर सूफी गायक कैलाश खैर ने अपनी आवाज दी है। यह विडियो लोगों को भी काफी पसंद आ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी जैसे ही इस विडियो को देखा-सुना, वो खुद को इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने से रोक नहीं पाए।   

पीएम मोदी ने लिखा, ‘कोरोना से लड़ने में मीडिया बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। कैलाश खेर की मधुर आवाज में इंडिया न्यूज का ये विडियो संदेश देशवासियों का उत्साह बढ़ाने वाला है। आओ मिलकर दीया जलाएं… #9pm9minute’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विडियो संदेश में शुक्रवार को लोगों से अनुरोध किया था कि वे कोरोना वायरस को हराने में देश के 'सामूहिक संकल्प' का प्रदर्शन करने के लिए पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए अपने घरों की बत्ती बुझाएं और मोमबत्ती, दीये या मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट या टॉर्च जलाएं। पीएम ने कहा था कि हमें कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में 130 करोड़ देशवासियों के महासंकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, इसलिये पांच अप्रैल, रविवार को रात नौ बजे मैं आप सबके नौ मिनट चाहता हूं। उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति जब एक-एक दिया जलाएगा तो प्रकाश की उस महाशक्ति का अहसास होगा, जिसमें यह उजागर होगा कि हम एक ही मकसद से एकजुट होकर लड़ रहे हैं।

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इस फिल्म को लेकर दीपक चौरसिया ने जतायी नाराजगी, यूजर्स का मिला समर्थन

अभिनेता प्रतीक गांधी की एक नई आने वाली फिल्म विवादों में घिरती हुई नजर आ रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 20 September, 2021
Last Modified:
Monday, 20 September, 2021
Deepak54548

अभिनेता प्रतीक गांधी ने सोनी लिव (Sony Liv) की वेब सीरीज ‘स्कैम 1992’ में हर्षद मेहता का किरदार निभाकर पूरे देश के सिनेमा प्रेमियों को अपना दीवाना बना लिया था। उन्हें इस वेब सीरीज में अभिनय के बाद पूरे देश में पहचान मिली और कई अवॉर्ड भी उन्हें प्राप्त हुए, लेकिन अब उनके एक नई आने वाली फिल्म विवादों में घिरती हुई नजर आ रही है।

उनकी आने वाली फिल्म का नाम पहले ‘रावण लीला’ था, जिसे बाद में ‘भवई’ कर दिया गया। फिल्म के ट्रेलर के आने के बाद से ही मेकर्स पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया जा रहा है।

दरअसल फिल्म की कहानी के मुताबिक, प्रतीक गांधी को रामलीला में रावण का किरदार निभाते हुए दिखाया गया है, जो उसी रामलीला में सीता का किरदार निभाने वाली लड़की से प्यार करने लगता है। रावण और हिंदू देवी-देवताओं के बीच संवाद और उसे फिल्माए जाने को लेकर भी लोगों में आक्रोश है। इस फिल्म में श्री राम के किरदार को कमतर दिखाया गया है।

वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने भी ट्वीट कर इस पूरे मसले पर अपनी राय दी है। उन्होंने लिखा, ‘रावणलीला’ उर्फ ‘भवई’ के ट्रेलर में रावण और मां सीता के किरदारों में प्यार दिखाने की कोशिश नीचता की हद है। कला के नाम पर पूज्य मूल्यों, आस्था के प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त से परे है। मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता का कड़ा विरोध हो। ऐसे फिल्मों को बैन करना चाहिए।

दीपक चौरसिया के इस ट्वीट का लोग समर्थन कर रहे हैं और फिल्म को प्रतिबंधित करने की मांग उठाई जा रही है। बता दें इस फिल्म के प्रदर्शन की तारीख 1 अक्टूबर रखी गई है।

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ANI पर उठे इन सवालों को लेकर एडिटर स्मिता प्रकाश ने जताई नाराजगी, यूं किया ‘पलटवार’

पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के दलित होने को लेकर हो रही मीडिया कवरेज पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 20 September, 2021
Last Modified:
Monday, 20 September, 2021
Smita Prakash

पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के दलित होने को लेकर हो रही मीडिया कवरेज पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही है। दरअसल, पंजाब के इतिहास में चन्नी पहले दलित मुख्यमंत्री हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के समर्थन से चन्नी सीएम बन रहे हैं, लेकिन कुछ लोगों को इस पूरे मसले पर हो रही मीडिया कवरेज से एतराज था।

बार-बार नए सीएम के साथ-साथ दलित शब्द का प्रयोग कुछ लोगों को नागवार गुजरा। इसी बीच बीजेपी यूपी के मीडिया पैनलिस्ट प्रशांत उमराव ने एक ट्वीट करते हुए न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ (ANI) पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने लिखा, ‘बॉम्बे हाई कोर्ट के एक निर्णय को आधार मानकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नें सभी मीडिया संस्थानों को परामर्श पत्र भेज कर कहा था कि समाचारों में 'दलित' शब्द की जगह अनुसूचित जाति शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए, जो कि संवैधानिक है। फिर भी ‘ANI’ जैसे संस्थान वैमनस्यता फैला रहे हैं।

उनके इस ट्वीट पर ‘ANI’ की एडिटर स्मिता प्रकाश ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने जवाब देते हुए लिखा कि आपको सिर्फ ANI दिखता है। इसके बाद उन्होंने लिखा कि हर अखबार दलित शब्द का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में कुछ बड़े अखबारों के स्क्रीनशॉट भी इस्तेमाल किए, जिसमें साफ-साफ दलित जैसे शब्दों का प्रयोग बखूबी किया जा रहा है। स्मिता प्रकाश के इस ट्वीट की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। इस विषय पर अधिकांश लोगों का यह मत है कि इस कमी को दूर करने के लिए सिर्फ एक संस्था नहीं बल्कि सभी संस्थानों को आगे आना होगा, तभी इस देश और समाज से ये भेद नष्ट होगा।

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फेसबुक इंडिया ने पूर्व IAS अधिकारी राजीव अग्रवाल को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

इससे पहले वह ऑनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाता ‘उबर’ में पब्लिक पॉलिसी हेड (भारत और दक्षिण एशिया) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 20 September, 2021
Last Modified:
Monday, 20 September, 2021
Facebook India

सोशल मीडिया कंपनी ‘फेसबुक इंडिया’ (Facebook India) ने पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव अग्रवाल को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी ने उन्हें पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर बनाया है। कंपनी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि अग्रवाल भारत में फेसबुक के लिए महत्वपूर्ण नीति विकास पहलों (policy development initiatives) को परिभाषित करेंगे और उनका नेतृत्व करेंगे।

अपनी इस भूमिका में वह यूजर्स सेफ्टी, डाटा प्रोटेक्शन और प्राइवेसी व इंटरनेट गवर्नेंस को कवर करने वाली तमाम पहलों का नेतृत्व करेंगे। वह ‘फेसबुक इंडिया’ के वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत मोहन को रिपोर्ट करेंगे और भारत की लीडरशिप टीम का हिस्सा होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इस पद पर अंखी दास की जगह लेंगे, जिन्होंने एक विवाद में फंसने के बाद पिछले साल अक्टूबर में इस्तीफा दे दिया था।

अग्रवाल को भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) के रूप में 26 वर्षों का अनुभव है। वह उत्तर प्रदेश राज्य के नौ जिलों में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत रहे हैं। एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (वाणिज्य मंत्रालय) में संयुक्त सचिव के रूप में बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) पर भारत की पहली राष्ट्रीय नीति का संचालन किया और देश के बौद्धिक संपदा कार्यालयों के डिजिटल परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वह अन्य देशों के साथ आईपीआर पर भारत के प्रमुख वार्ताकार होने के अलावा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार मंच से भी जुड़े रहे हैं। ‘फेसबुक इंडिया’ से पहले ऑनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाता ‘उबर’ में पब्लिक पॉलिसी हेड (भारत और दक्षिण एशिया) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

राजीव अग्रवाल की नियुक्ति के बारे में अजीत मोहन का कहना है, ‘मैं इस बात से उत्साहित हूं कि पब्लिक पॉलिसी टीम का नेतृत्व करने के लिए राजीव हमारे साथ जुड़ रहे हैं। अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के साथ राजीव पारदर्शिता, जवाबदेही, सशक्त और सुरक्षित समुदायों (safe communities) के निर्माण के हमारे मिशन को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।‘

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ANI के ब्यूरो चीफ कर बैठे ऐसा ट्वीट, ‘फजीहत’ के बाद मांगनी पड़ी माफी

न्यूज एजेंसी ‘एशियन न्यूज इंटरनेशनल’ (ANI) के ब्यूरो चीफ नवीन कपूर एक खबर को लेकर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 12 September, 2021
Last Modified:
Sunday, 12 September, 2021
Naveen Kapoor Tweet

न्यूज एजेंसी ‘एशियन न्यूज इंटरनेशनल’ (ANI) के नेशनल ब्यूरो चीफ नवीन कपूर एक खबर को लेकर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, उन्होंने एक ट्वीट में अफगान राजनेता डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला के गिरफ्तार होने और उन्हें अज्ञात जगह पर लेकर जाने की बात कही थी। उनके इस ट्वीट के बारे में जब चर्चा होने लगी तो खुद डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने ट्वीट कर इस खबर को भ्रामक बता दिया। डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि उनके बारे में चलाई जा रही यह न्यूज पूरी तरह से आधारहीन है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि पत्रकारिता में फैक्ट्स को चेक कर लेना चाहिए। मैं इन खबरों का खंडन करता हूं। डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला के इस ट्वीट के बाद आलोचक नवीन कपूर की आलोचना करने लगे।

हालांकि नवीन कपूर ने भी एक ट्वीट कर माफी मांग ली है। नवीन कपूर ने ट्वीट करते हुए लिखा,  ‘मुझे यह न्यूज एक विश्वसनीय सूत्र से ही मिली, लेकिन शायद उसने मुझे बहका दिया। जैसे ही मुझे मेरी गलती के बारे में पता चला मैंने उसे हटा दिया है। मुझे खुशी है कि आप स्वस्थ हैं।

आपको बता दें कि अब पूरे अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा है और ऐसे में आए दिन किसी न किसी की हत्या की न्यूज़ आती रहती है लेकिन समाचार4 मीडिया का मानना है कि खबर जब तक पुख्ता नहीं हो, उसे पब्लिश नहीं करना चाहिए।

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भारत में डिजिटल न्यूज स्टार्टअप के लिए गूगल ने शुरू किया प्रोत्साहन कार्यक्रम

टेक कंपनी गूगल ने गुरुवार को देश में स्वतंत्र स्थानीय या एकल विषय पर केंद्रित पत्रकारिता संगठनों के लिए एक प्रोत्साहन कार्यक्रम की घोषणा की।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 10 September, 2021
Last Modified:
Friday, 10 September, 2021
Google

टेक कंपनी गूगल ने गुरुवार को देश में स्वतंत्र स्थानीय या एकल विषय पर केंद्रित पत्रकारिता संगठनों के लिए एक प्रोत्साहन कार्यक्रम ‘जीएनआई स्टार्टअप लैब इंडिया’ (Google News Initiative Startups Lab India) की घोषणा की।

अपनी जीएनआई पहल के तहत गूगल न्यूज चार महीने का कार्यक्रम शुरू करेगी, जो स्वतंत्र स्थानीय या एकल विषय पर केंद्रित पत्रकारिता संगठनों को गहन शिक्षण, कौशल प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं के जरिए वित्तीय तथा परिचालन स्थिरता हासिल करने में मदद करेगा।

गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि इकोस ( Echos) (एक वैश्विक नवाचार प्रयोगशाला) और डिजीपब न्यूज इंडिया फाउंडेशन (DIGIPUB News India Foundation) के साथ साझेदारी में बनाया गया जीएनआई स्टार्टअप लैब इंडिया (GNI Startups Lab India) कार्यक्रम स्थानीय और वंचित समुदायों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली पत्रकारिता की मदद करेगा।

ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक सभी भारतीय भाषाओं में प्रकाशित होने वाले समाचार संगठन स्टार्टअप कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन 18 अक्टूबर 2021 तक किया जा सकता है और भारत में पहले समूह के रूप में 10 स्वतंत्र डिजिटल समाचार प्रकाशकों का चयन किया जाएगा।

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सोशल मीडिया पर परोसे जा रहे फर्जी कंटेंट को लेकर SC ने जताई चिंता, कही ये बात

देश में जिस तेजी से वेब पोर्टल, यू-ट्यूब चैनल और सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के जरिये सांप्रदायिकता फैलाई जा रही है, उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 03 September, 2021
Last Modified:
Friday, 03 September, 2021
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देश में जिस तेजी से वेब पोर्टल, यू-ट्यूब चैनल और सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के जरिये सांप्रदायिकता फैलाई जा रही है, उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। एक मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को कोर्ट ने कहा कि इस तरह की मीडिया पर कोई नियंत्रण नहीं है। वे अपनी पसंद की कोई भी चीज प्रकाशित-प्रसारित कर सकते हैं।

चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि वह बिना किसी जिम्मेदारी के आम लोगों, जजों और संस्थाओं को बदनाम करने वाली खबरें चलाते हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट के आधार के बारे में पूछे जाने पर वे जवाब नहीं देंगे।

कोर्ट ने कहा कि यदि आप यू-ट्यूब पर जाते हैं तो पाएंगे कि वहां कितनी फर्जी खबरें और विकृतियां हैं? वहां कोई नियंत्रण नहीं है।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या वह इस पर लगाम लगाने के लिए वेब पोर्टल और अन्य संगठनों पर जवाबदेही तय करने के बारे में वास्तव में गंभीर है।

बता दें कि पीठ ने ये टिप्पणियां जमीयत उलेमा-ए-हिंद सहित अन्य द्वारा दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की। याचिकाओं में केंद्र सरकार को फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने और मीडिया के एक वर्ग के खिलाफ सांप्रदायिक नफरत परोसने व कट्टरता फैलाने के लिए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

इस मामले में पहले ही कोर्ट सरकार से यह कह चुका है कि उसे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए फेक न्यूज फैलाने पर नियंत्रण की व्यवस्था बनानी चाहिए। गुरुवार को सरकार की तरफ से जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और समय की मांग की गई। इसी दौरान कोर्ट ने यू-ट्यूब चैनल और सोशल मीडिया का भी मसला उठा दिया।

सॉलिसीटर जनरल के अलावा मामले में एक पक्ष के लिए पेश हुए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने भी इससे सहमति जताई। उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों पर नियंत्रण के लिए पहले से केबल टीवी रेगुलेशन एक्ट, 1995 है। उसी के तहत तब्लीगी जमात मामले में याचिकाकर्ता कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लेकिन वेब मीडिया अभी भी स्वच्छंद है।

वहीं, सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वेब और सोशल मीडिया पर आवंछित गतिविधियों पर नियंत्रण के 'इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स, 2021' बनाया गया है। लेकिन इसके प्रावधानों को अलग-अलग मीडिया संस्थानों ने दिल्ली, बॉम्बे, मद्रास, कलकत्ता और केरल हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है। कुछ मामलों में हाई कोर्ट ने मीडिया के खिलाफ कार्रवाई पर रोक भी लगा दी है। मेहता ने निवेदन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने सभी मामलों की सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई के लिए आवेदन दिया है। कोर्ट उसे जल्द सुने।

इस दौरान मामले के एक याचिकाकर्ता ने अपनी प्रार्थना को संशोधित कर दोबारा दाखिल करने का निवेदन किया, ताकि आज कही जा रही बातों पर भी आगे चर्चा हो सके। कोर्ट ने इसकी अनुमति देते हुए सुनवाई 6 हफ्ते के लिए टाल दी।

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फेसबुक के इस प्रोग्राम के लिए चुनी गई NewsMobile

फेसबुक एक्सेलेरेटर एक ग्लोबल बिजनेस ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसे 2018 में लोकल न्यूज पब्लिशर्स को फलने-फूलने और स्थायी व्यवसाय बनाने में मदद करने के लिए लॉन्च किया गया था।

Last Modified:
Monday, 30 August, 2021
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‘न्यूजमोबाइल’ (NewsMobile) को ‘फेसबुक’ की प्रतिष्ठित वैश्विक एक्सेलेरेटर चुनौती (global accelerator challenge) के लिए दुनिया के शीर्ष फैक्ट चेकर्स में से चुना गया है। फेसबुक जर्नलिज्म प्रोजेक्ट दस सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को अक्टूबर 2021 की शुरुआत में लॉन्च करेगा। इसे दर्शकों को जोड़े रखने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह एक्सेलेरेटर चैलेंज फैक्ट चेक करने वाले संगठनों को नया करने, विशेषज्ञों तथा एक-दूसरे से सीखने और फेसबुक पर और उसके बाहर अपने व्यवसाय को बेहतर बनाने के लिए नई रणनीतियों पर सहयोग करने के लिए एक साथ लाएगा।

इस बारे में ‘न्यूजमोबाइल’ के फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ सौरभ शुक्ला का कहना है, ‘न्यूजमोबाइल को उस काम पर गर्व है, जो हमारी टीम ने महामारी के दौरान कोविड और वैक्सीन के बारे में गलत सूचनाओं को फैलने से रोकने के प्रयास के रूप में किया है। एक्सेलेरेटर प्रोग्राम हमें अपने फैक्ट-चेकिंग ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए स्किल सीखने में मदद करेगा और गलत सूचनाओं के प्रवाह को रोकने के लिए बड़ा प्रभाव डालने में भी हमारी मदद करेगा। हम इस कार्यक्रम के द्वारा फेसबुक टीम और वैश्विक प्रशिक्षकों के साथ काम करने के लिए उत्साहित हैं और इस अवसर के लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं।’

बता दें कि फेसबुक एक्सेलेरेटर एक ग्लोबल बिजनेस ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसे 2018 में लोकल न्यूज पब्लिशर्स को फलने-फूलने और स्थायी व्यवसाय बनाने में मदद करने के लिए लॉन्च किया गया था।

वहीं, इस बारे में फेसबुक की न्यूज इंटीग्रिटी पार्टनरशिप्स लीड (News Integrity Partnerships Lead) ‘केरेन गोल्डश्लेगर’ (Keren Goldshlager) का कहना है, ‘हम जानते हैं कि गलत सूचनाओं के खिलाफ लड़ाई में न केवल भ्रामक सामग्री के प्रसार को कम करना महत्वपूर्ण है, बल्कि सही जानकारी को भी बढ़ाना अहम है। एक्सेलेरेटर हमें इस मिशन में हमारे स्वतंत्र फैक्ट चेकिंग पार्टनर्स का सपोर्ट करने में सक्षम करेगा क्योंकि वे ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचने और अपने पाठकों के साथ गहराई से जुड़ने की कोशिश करते हैं।’

एक्सेलेरेटर कार्यक्रम का नेतृत्व ‘ब्लू इंजन कोलैबोरेटिव‘ (Blue Engine Collaborative) द्वारा किया जाता है। यह मिशन-संचालित सलाहकारों और सलाहकारों का एक संघ है, जो डिजिटल दर्शकों के विकास और राजस्व को चलाने पर केंद्रित है, जिसकी स्थापना ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘टेक्सास ट्रिब्यून’ के एक पूर्व एग्जिक्यूटिव टिम ग्रिग्स (Tim Griggs) ने की थी।

ग्रिग्स का कहना है, ‘फैक्ट चेक करने वाले संगठन और उनका काम हमारे समाज और वैश्विक समुदाय को सूचित करने और उन्हें मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। हम इन टीमों के साथ काम करने के लिए बहुत उत्साहित हैं जो पाठकों तक सच्चाई पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।‘

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मौलाना नोमानी से बोलीं रूबिका लियाकत, चले जाएं अफगानिस्तान, टिकट का पैसा मैं भरूंगी

भारत में ही कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो तालिबान के हिमायती हैं और उनकी जीत पर खुशी मना रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 19 August, 2021
Last Modified:
Thursday, 19 August, 2021
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एक तरफ अफगानिस्तान में तालिबान जैसे क्रूर आतंकी संगठन का कब्जा हो गया है, जिसके बाद पूरी दुनिया को चिंता सताने लगी है। पूरी दुनिया का मानना है कि इससे आने वाले दिनों में आतंकवाद में इजाफा हो सकता है। लेकिन इसके बावजूद भारत में ही कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो तालिबान के हिमायती हैं और उनकी जीत पर खुशी मना रहे हैं।

भारतीय मुसलमानों के बड़े संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी ने तालिबान को जीत की मुबारकबाद दी है. इतना ही नहीं नोमानी ने तालिबान को सलाम भी किया है.

दरअसल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी ने तालिबान को जीत की मुबारकबाद दी है। इतना ही नहीं नोमानी ने तालिबान को सलाम भी किया है। उन्होंने तालिबान को लेकर कहा कि हिंदी मुसलमान आपको सैल्यूट करता है। न्यूज24 में सीनियर एंकर मानक गुप्ता ने उनका ये वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है।

इसी पर एबीपी न्यूज की सीनियर एंकर रुबिका लियाकत ने मौलाना को खरी खोटी सुना दी। उन्होंने लिखा, मौलाना साहब आपकी तालीबान को लेकर बेइंतहा मुहब्बत देखते हुए आपके लिए एक बंपर ऑफर मेरे मन में आया है- आपको एक पल उनसे दूर नहीं रहना चाहिए आपकी अफगानिस्तान की टिकट का पैसा मैं भरूंगी। ये मौलाना सिर्फ अकेले नहीं है इससे पहले स्वरा भास्कर भी हिन्दुओं की तुलना तालिबान से कर चुकी हैं।

 

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हिन्दू आतंकवाद शब्द पर भड़के सीनियर न्यूज एंकर अमिश देवगन, कही ये बड़ी बात

अफगानिस्तान की धरती पर एक बार फिर भूचाल आया हुआ है। दरअसल अमेरिका ने अपनी सेनाएं अफगानिस्तान से हटा ली है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 18 August, 2021
Last Modified:
Wednesday, 18 August, 2021
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अफगानिस्तान की धरती पर एक बार फिर भूचाल आया हुआ है। दरअसल अमेरिका ने अपनी सेनाएं अफगानिस्तान से हटा ली है और उसके बाद कुछ ही दिनों के अंदर देश के बड़े हिस्से पर ‘तालिबान’ का कब्जा हो गया है। राष्ट्रपति देश छोड़कर भाग चुके हैं और उनका कोई पता नहीं है। वहीं अमेरिका और भारत जैसे देश अपने राजनियकों और नागरिकों को लगातार वहां से निकाल रहे है। इसी बीच ट्विटर पर तालिबान को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

दरअसल कई लोग तालिबान का विरोध तो कर रहे है, लेकिन उसकी तुलना हिन्दू आतंकवाद से कर रहे है। इसी बीच अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने एक ऐसा ट्वीट कर दिया जिससे कई लोगों को ठेस पहुंची।उन्होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि हम तालिबान आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं कर सकते, लेकिन उसी के साथ उन्होंने हिन्दू आतंकवाद को भी जोड़ दिया।

उनके इसी ट्वीट पर ‘न्यूज18 इंडिया’ (हिंदी) के मैनेजिंग एडिटर और ‘आर-पार’ के होस्ट अमिश देवगन ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट को रीट्वीट करते हुए पूछा कि हिन्दू आतंकवाद से इस धरती का कौन सा हिस्सा प्रभावित है जरा बताएं? इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि ये तो हिन्दुस्तान है इसलिए आप ऐसे शब्दों के इस्तेमाल करने के बाद भी आराम से एन्जॉय कर सकती हैं, क्यूंकि ये देश सहिष्णु है। देखा जाए तो अफगानिस्तान में जो तालिबान कर रहा है उसकी तुलना हिन्दू आतंकवाद से करना इस देश की एकता और अखंडता के साथ एक क्रूर मजाक है।

साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि हमारे देश में बैठकर कुछ लोग तालिबान को कवर फायर देते हैं। जब देश हित की बात हो तो यही लोग तख्तियां हाथ में लेकर CAA, NRC और तीन तलाक का विरोध करते हैं। 370 पर छातियां पीटते हैं। इस गैंग को बुरहान वानी, याकूब मेनन याद आते हैं लेकिन विक्रम बतरा कैप्टन कालिया का नाम तक याद नहीं हैं।

 

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इस बड़ी वजह से Twitter ने दो न्यूज एजेंसियों से मिलाया हाथ

तमाम उपायों के बाद भी फेक न्यूज (Fake News) पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग पा रही है। ऐसे में यह मुद्दा काफी चिंता का विषय बना हुआ है।

Last Modified:
Tuesday, 03 August, 2021
Twitter

तमाम उपायों के बाद भी फेक न्यूज (Fake News) पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग पा रही है। ऐसे में यह मुद्दा काफी चिंता का विषय बना हुआ है। अपने प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज के प्रसार पर लगाम लगाने के लिए अब माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) ने न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' (Reuters) और एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से हाथ मिलाया है। इस करार के तहत ये दोनों एजेंसियां ट्विटर को उन न्यूज स्टोरीज के बारे में अधिक पृष्ठभूमि (background) और संदर्भ (context) प्रदान करने में सहायता करेंगी, जिनके वायरल होने की संभावना है।

इस बारे में एक ब्लॉग पोस्ट में ट्विटर का कहना है, ‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि जब लोग तमाम जानकारियों के लिए ट्विटर पर आएं तो उन्हें आसानी से विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध हों। ट्विटर इस दिशा में लगातार प्रयत्नशील है कि लोगों को रोजाना देश-दुनिया में हो रहे घटनाक्रमों के बारे में तेजी से विश्वसनीय सूचनाएं और विचारों को समय से उपलब्ध कराया जाए।’

ट्विटर के अनुसार, ‘किसी न्यूज के वायरल होने के बाद उस मुद्दे से निपटने के बजाय ट्विटर इस पार्टनरशिप के जरिये लोगों को पहले से ही उन न्यूज स्टोरीज के बारे में अधिक पृष्ठभूमि (background) और संदर्भ (context) प्रदान करने में सहायता मिलेगी।’

वर्तमान में ट्विटर की क्यूरेशन टीम लोगों को ट्विटर पर दिखाई देने वाली जानकारी के बारे में सूचित विकल्प बनाने के लिए संदर्भ देती है। इस बारे में ट्विटर का कहना है, ‘जब ट्विटर पर बड़े पैमाने पर या तेजी से बातचीत (conversations) होती है तो यह विवादास्पद,  संवेदनशील अथवा संभावित रूप से भ्रामक जानकारी हो सकती है, ऐसे में ट्विटर की क्यूरेशन टीम स्रोत और विश्वसनीय स्रोतों से प्रासंगिक संदर्भ को ऊपर उठाती है।‘ इस पार्टनरशिप के जरिये यूजर्स अब अतिरिक्त संदर्भ और विश्वसनीय जानकारी को ट्रेंड्स, एक्प्लोरर, सर्च, प्रॉम्ट्स और लेबल्स टैब पर देख सकेंगे।

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