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संजीव जीवा की हत्या पर बोले प्रणव सिरोही, इस 'गंगाजल' पर अब सेंसर बोर्ड बिठाओ
गैंगस्टर संजीव जीवा माहेश्वरी ने 10 फरवरी, 1997 में फर्रुखाबाद में पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रहमदत्त द्विवेदी की हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी के साथी व मुख्तार अंसारी का बेहद करीबी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की लखनऊ कोर्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, कोर्ट के अंदर एक बच्ची को भी गोली लगी है। उधर, पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले में पत्रकार प्रणव सिरोही ने ट्वीट कर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि प्रयागराज में पुलिस कस्टडी के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या। हत्यारे पत्रकारों के भेष में घुसे। अब लखनऊ में मुख्तार अंसारी के 'सेनापति' का अदालत परिसर में खुलेआम कत्ल। आखिर, हत्यारों-अपराधियों और माफिया से कौन समाज मुक्ति नहीं चाहता, लेकिन जब न्यायिक तंत्र और मीडिया जैसे लोकतंत्र के दो स्तंभों की आड़ लेकर अपराधियों का इस प्रकार हश्र किया जाएगा तो यह न केवल विधि के शासन को चुनौती होगी, बल्कि वकीलों एवं पत्रकारों के काम को और मुश्किल बनाएगा। समय आ गया है कि असल जिंदगी वाली इस 'गंगाजल' पर सेंसर बोर्ड रूपी सरकार अविलंब कोई कदम उठाए।
आपको बता दे, गैंगस्टर संजीव जीवा माहेश्वरी ने 10 फरवरी, 1997 में फर्रुखाबाद में पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रहमदत्त द्विवेदी की हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। मंत्री की हत्या करने के बाद उसका नाम पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था। पत्रकार प्रणव सिरोही के इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं।
प्रयागराज में पुलिस कस्टडी के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या। हत्यारे पत्रकारों के भेष में घुसे। आज लखनऊ में मुख्तार अंसारी के 'सेनापति' का अदालत परिसर में खुलेआम कत्ल। आखिर, हत्यारों-अपराधियों और माफिया से कौन समाज मुक्ति नहीं चाहता, लेकिन जब न्यायिक तंत्र और मीडिया जैसे…
— Pranav Sirohi (@pranavsirohi) June 7, 2023
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