होम / सोशल मीडिया / संसद के दोनों सदनों में मणिपुर को लेकर होनी चाहिए चर्चा: राजदीप सरदेसाई
संसद के दोनों सदनों में मणिपुर को लेकर होनी चाहिए चर्चा: राजदीप सरदेसाई
मणिपुर संसद के दोनों सदनों में एक विस्तारित बहस का हकदार है। जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं। देश के किसी भी अन्य हिस्से में यह एक प्रमुख राष्ट्रीय कहानी होगी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 10 months ago
मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच संघर्ष को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि मणिपुर के दोनों समुदाय समझेंगे और बातचीत का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों की अगली बैठक जल्द ही दिल्ली में होने वाली है।
इस बीच वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक पोस्ट कर कहा कि मणिपुर संसद के सदनों में विस्तारित बहस का हकदार है। उन्होंने एक्स पर लिखा, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर वैधानिक प्रस्ताव एक घंटे की लंबी बहस के बाद सुबह 3 बजे लोकसभा में पारित किया गया, और फिर हम पूछते हैं कि उत्तर पूर्व के राज्य और वहां के लोग 'अलग-थलग' क्यों महसूस करते हैं।
निश्चित रूप से मणिपुर संसद के दोनों सदनों में एक विस्तारित बहस का हकदार है। पिछले 23 महीनों में जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं। देश के किसी भी अन्य हिस्से में यह एक प्रमुख राष्ट्रीय कहानी होगी। मणिपुर में क्यों नहीं?
आपको बता दें, गृह मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद फरवरी से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के पांच दिन बाद, 13 फरवरी को संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था।
So the statutory resolution on Manipur president rule was passed in Lok Sabha at 3 am after a brief hour long debate, And then we ask why do states in North East and its people feel ‘alienated’ . Surely Manipur deserved an extended debate in both Houses of Parliament: over 260…
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) April 3, 2025
टैग्स