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समान नागरिक संहिता के मसले पर मानक गुप्ता ने मुस्लिम पक्ष से पूछा ये बड़ा सवाल
दरअसल यूनिफॉर्म सिविल कोड अगर लागू किया जाता है तो सभी धर्मों को अपने व्यक्तिगत कानून सरेंडर करने होंगे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
गृहमंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें यूनिफॉर्म सिविल कोड पर काम कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, मोदी सरकार ने ट्रिपल तलाक खत्म किया और मुस्लिम महिलाओं को अधिकार दिलाया।
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35 A उखाड़कर फेंक दिया। एक देश में दो निशान, दो प्रधान, दो विधान नहीं चलेंगे। कुल मिलाकरअमित शाह ने साफ इशारा किया है कि अब यूनिफॉर्म सिविल कोड पर केंद्र सरकार काम करेगी। दरअसल यूनिफॉर्म सिविल कोड अगर लागू किया जाता है, तो सभी धर्मों को अपने व्यक्तिगत कानून सरेंडर करने होंगे।
यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब है विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे विषयों में सभी नागरिकों के लिए एक जैसे नियम होंगे और अपने धर्म के कोई नियम मान्य नहीं होंगे। संविधान का अनुच्छेद 44 कहता है कि नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता होनी चाहिए।
इस पूरे मामले पर हिंदी न्यूज चैनल 'न्यूज24' के वरिष्ठ पत्रकार मानक गुप्ता ने भी ट्वीट कर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, Uniform civil code की याचिकाओं पर मुस्लिम पक्ष ने SC में कहा है, 'ये मामला केंद्र सरकार के अन्तर्गत आता है। SC इसे नहीं सुन सकता। पर सरकार तो “मुस्लिम विरोधी” है, फिर उसके पाले में गेंद क्यों डाल रहे हैं।
मानक गुप्ता के द्वारा किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-
Uniform civil code की याचिकाओं पर मुस्लिम पक्ष ने SC में कहा है, “ये मामला केंद्र सरकार के अन्तर्गत आता है. SC इसे नहीं सुन सकता.”
— Manak Gupta (@manakgupta) February 21, 2023
…पर सरकार तो “मुस्लिम विरोधी” है, फिर उसके पाले में गेंद क्यों डाल रहे हैं ?♂️
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