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भारत को अफगानिस्तान से मिलना चाहिए : हर्षवर्धन त्रिपाठी
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के उन आरोपों को खारिज कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि भारतीय मिसाइलों ने अफगानिस्तान को टारगेट किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार रात अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी से फोन पर बातचीत की। जयशंकर ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने के लिए मुत्ताकी को शुक्रिया कहा। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की।
उन्होंने एक्स पर लिखा, अमेरिका अपने ही घोषित आतंकवादी से हाथ मिला सकता है तो भारत को अफगानिस्तान से भला क्यों नहीं मिलना चाहिए। सच यह है कि, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर मुत्ताकी के बीच बातचीत से पाकिस्तान बेचैन हो उठा है।
भारत अब अफगानिस्तान में कई परियोजनाओं को शुरू करने में मदद कर सकता है। इसमें लालंदर की शहतूत बांध परियोजना भी शामिल है। काबुल नदी पर बनने वाली परियोजना को लेकर दोनों देशों के बीच समझौता फरवरी 2021 में हुआ था, लेकिन काबुल में सत्ता परिवर्तन से यह ठंडे बस्ते में चला गया था।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए भारतीय राजनयिक टीम के काबुल दौरे ने इस परियोजना को दोबारा शुरू करने की चर्चा को बल दिया है। आपको बता दें, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के उन आरोपों को खारिज कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि भारतीय मिसाइलों ने अफगानिस्तान को टारगेट किया। जयशंकर ने इस बात के लिए भी अफगान सरकार का शुक्रिया किया।
अमेरिका अपने ही घोषित आतंकवादी से हाथ मिला सकता है तो भारत को अफगानिस्तान से भला क्यों नहीं मिलना चाहिए। सच यह है कि, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर मुत्ताकी के बीच बातचीत से पाकिस्तान बेचैन हो उठा है। भारत अब अफगानिस्तान में कई परियोजनाओं…
— हर्ष वर्धन त्रिपाठी ??Harsh Vardhan Tripathi (@MediaHarshVT) May 16, 2025
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