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'IC 814' वेब सीरीज विवाद: पद्मश्री आलोक मेहता ने की ये बड़ी मांग
भारत में केंद्र और राज्यों में किसी भी पार्टी के सीएम और पीएम रहे हों किसी आपात स्थिति में मुख्यमंत्री से बात करने में कभी देरी नहीं हुई और न ही हो सकती है जैसा इस सीरियल में दिखाया गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी वेब सीरीज 'आईसी 814: द कंधार हाईजैक' विवादों में है। यह फिल्म जो 29 अगस्त को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। सीरीज के स्ट्रीम होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी आलोचना हो रही है।
दर्शकों का आरोप है कि सीरीज में आतंकवादियों के नाम बदलकर हिंदू नाम रखे गए हैं, जबकि असली घटना में सभी आतंकवादी मुस्लिम थे। वही वरिष्ठ पत्रकार और पद्मश्री आलोक मेहता ने भी अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट कर इस पूरे विवाद पर अपनी राय रखी है।
उन्होंने लिखा, अभिव्यक्ति की आज़ादी ज़रूरी है लेकिन सच्ची बड़ी घटनाओं पर सीरियल या फ़िल्मों के तथ्य ग़लत ढंग से पेश करने, उस समय के उच्च अधिकारियों की छवि व देश की इज्जत भी ख़राब होती है। विमान अपहरण की इस सीरिज़ में छद्म नाम से अधिक गंभीर मुद्दा संपूर्ण तंत्र को निकम्मा दिखाना है।
उन्होंने आगे लिखा, भारत में केंद्र और राज्यों में किसी भी पार्टी के सीएम और पीएम रहे हों किसी आपात स्थिति में मुख्यमंत्री से बात करने में कभी देरी नहीं हुई और न ही हो सकती है जैसा इस सीरियल में दिखाया गया है। ओटीटी और निजता के अधिकार के नाम पर पोर्न तक की डिजिटल आज़ादी पर अंकुश ज़रूरी है।
आपको बता दे, विवाद बढ़ता देख, सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को नेटफ्लिक्स के कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल को तलब किया और वेब सीरीज से जुड़े विवादित तथ्यों पर स्पष्टीकरण मांगा।
भारत में केंद्र और राज्यों में किसी भी पार्टी के सी एम और पी एम रहे हों किसी आपात स्थिति में मुख्यमंत्री से बात करने में कभी देरी नहीं हुई और न ही हो सकती है जैसा इस सीरियल में दिखाया ।OTT और निजता के अधिकार के नाम पर पोर्न तक की डिजिटल आज़ादी पर अंकुश ज़रूरी ।@AshwiniVaishnaw
— Alok Mehta (@alokmehtaeditor) September 3, 2024
टैग्स सूचना प्रसारण मंत्रालय आलोक मेहता नेटफ्लिक्स पत्रकार आलोक मेहता आईसी 814: द कंधार हाईजैक मोनिका शेरगिल