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मुंबई में भारी बारिश : रजत शर्मा ने उठाये ये बड़े सवाल
BMC का इस साल का बजट लगभग 75 हज़ार करोड़ रुपये है, जो कि सिक्किम, मिज़ोरम, मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड—इन पाँचों पूर्वोत्तर राज्यों के संयुक्त वार्षिक बजट से भी ज़्यादा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
मुंबई में पिछले 2–3 दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर में महज़ 6–8 घंटों में 177 मिमी और तीन दिनों में लगभग 550 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया है। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट कर अपनी राय दी। उन्होंने लिखा, हर साल जब मुंबई में बारिश होती है, तो वही पुराना नज़ारा दोहराया जाता है। सड़कों पर, गलियों में और घरों तक पानी भर जाता है। लोग परेशान होते हैं, मुश्किलें झेलते हैं, लेकिन अब तो मानो उन्होंने इसे अपनी ज़िंदगी का 'नॉर्मल' हिस्सा मान लिया है।
सोचिए, ऐसा नहीं है कि मुंबई में पानी निकालने के लिए नालियां नहीं बनीं। शहर में लगभग 2000 किलोमीटर लंबे सतही नाले हैं, अंग्रेज़ों के ज़माने से चले आ रहे 440 किलोमीटर लंबे भूमिगत नाले हैं, इसके अलावा 269 किलोमीटर बड़े नाले और 87 किलोमीटर छोटे नाले फैले हुए हैं। फिर भी, ज़रा सी ज़्यादा बारिश होते ही ये पूरा सिस्टम फेल हो जाता है।
पैसे की भी कोई कमी नहीं है। BMC का इस साल का बजट लगभग 75 हज़ार करोड़ रुपये है, जो कि सिक्किम, मिज़ोरम, मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड—इन पाँचों पूर्वोत्तर राज्यों के संयुक्त वार्षिक बजट से भी ज़्यादा है। पिछले कई वर्षों में 'फ्लड कंट्रोल' और 'वॉटर लॉगिंग रोकने' के नाम पर हज़ारों करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। लेकिन हालात वही के वही हैं। लगता है जैसे वह सारा पैसा पानी बनकर मुंबई की सड़कों पर उतर आया हो। नतीजा यह है कि हर साल बरसात आते ही स्कूल बंद, कॉलेज बंद, ट्रेनें रुकी हुईं, बसें ठप, और लोगों से कहा जाता है कि घर से बाहर न निकलें।
लेकिन सवाल यह है कि जब BMC खुद मान लेती है कि वह कुछ नहीं कर सकती, तो फिर इतना बड़ा बजट किस काम का? और फिर भी, अगर आप कभी मुंबई बरसात के मौसम में देखें, तो वहां के लोगों का जज़्बा आपको हैरान कर देगा। भारी बारिश, घुटनों तक पानी, रुकी हुई ट्रेनें, जाम हुई सड़कें, फिर भी मुंबईकर हिम्मत नहीं हारते। किसी तरह काम पर निकलते हैं, ज़िम्मेदारियाँ निभाते हैं। आखिर उनका गुनाह क्या है? उन्हें हर साल किस बात की सज़ा दी जाती है? क्या BMC इसका जवाब देगी?
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