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जानिए, गूगल-फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियों ने पाकिस्तान से कारोबार समेटने की क्यों दी धमकी
पाकिस्तान में डिजिटल मिडिया को लेकर नए कानून के आने से बवाल मच गया है। इसके चलते गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने धमकी दी है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
पाकिस्तान में डिजिटल मिडिया को लेकर नए कानून के आने से बवाल मच गया है। इसके चलते गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने धमकी दी है कि अगर इस कानून में बदलाव नहीं किया जाता है तो फिर उन्हें पाकिस्तान से अपना कारोबार समेटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने बुधवार को ऐलान किया कि अब उनके यहां इंटरनेट के कंटेंट पर सेंशरशिप लाई जाएगी। नियमों को तोड़ने वाली कंपनी के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। दरअसल यह कानून लाकर इमरान सरकार ने मीडिया रेगुलेटर को केटेंट पर सेंसरशिप को लेकर ज्यादा अधिकार दे दिए हैं। कंपनियां इस कानून का विरोध कर रही हैं।
सरकारी नीतियों के मामले में वैश्विक इंटरनेट कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन एशिया इंटरनेट गठबंधन ने एक बयान में कहा कि इंटरनेट कंपनियों को निशाना बनाने वाले नये कानून चिंताजनक हैं। बता दें कि गूगल, फेसबुक और ट्विटर भी इस गठबंधन का हिस्सा है। कंपनियों ने ये बातें ऐसे समय में कही हैं, जब सिर्फ दो दिन पहले सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने इस बारे ऐलान किया।
दरअसल, पाकिस्तान की इमरान सरकार ने देश में डिजिटल सेंसरशिप लॉ लागू किया है, जिसमें स्थानीय अधिकारियों को यह अधिकार दिए गए हैं कि वे अपने यहां जब चाहें गूगल, फेसबुक और ट्विटर पर पाबंदी लगा सकते हैं।
कानून के मुताबिक, पाकिस्तान के टेलिकॉम अथॉरिटी के पास यह अधिकार है कि वे किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को हटा सकें या ब्लॉक कर सकें। इमरान खान का मानना है कि पाकिस्तान या इसकी सरकार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को रोका जाना जरूरी है।
पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, आईटी मंत्रालय के द्वारा बुधवार को घोषित नए नियमों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों और इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों को हर वो जानकारी देनी होगी, जो जांच एजेंसियां मांगेंगी। इन जानकारियों में सब्सक्राइबर की सूचना, ट्रैफिक डेटा और यूजर के डेटा जैसी संवेदनशील जानकारियां भी शामिल हो सकती हैं। नए नियमों के तहत, सोशल मीडिया कंपनियों या इंटरनेट सेवा देने वालों को इस्लाम की अवहेलना करने वाली सामग्री, आतंकवाद को बढ़ावा देने, अभद्र भाषा, अश्लील साहित्य या किसी भी सामग्री को खतरे में डालने के लिए 3.14 मिलियन डॉलर तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
इमरान खान सरकार इस साल फरवरी में यह कानून लेकर आई थी। इसका विरोध करने वालों में Apple, Amazon, LinkedIn, SAP, Expedia Group, Yahoo, Airbnb, Grab, Rakuten, Booking.com भी शामिल हैं। जब इस कानून का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा था, तब भी इन कंपनियों ने पाकिस्तान छोड़ने की धमकी दी थी।
कंपनियों का एक स्वर में मानना है कि इस कानून के जरिए पाकिस्तान सरकार अभिव्यक्ति की आजादी का हनन कर रही है। अब कंपनियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने उनसे सभी बात करने की कोशिश नहीं की और अब कानून लागू होने जा रहा है।
कंपनियों का कहना है कि इस कानून के लागू होने के बाद उनके लिए पाकिस्तान में बिजनेस करना और लोगों को प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कंपनियों के मुताबिक, यदि पाकिस्तान चाहता है कि वह अपने यहां डिजिटल बदलाव लाए और बड़ी कंपनियों ने प्रौद्योगिकी निवेश के लिए प्रोत्साहित करे तो हम सरकार से व्यावहारिक, स्पष्ट नियमों पर उद्योग के साथ काम करने का आग्रह करते हैं जो इंटरनेट के लाभों की रक्षा करते हैं और लोगों को नुकसान से सुरक्षित रखते हैं।
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