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ट्रोलर्स के निशाने पर आया दैनिक भास्कर, चलाया जा रहा ये अभियान
सोशल मीडिया पर दैनिक भास्कर पर पक्षपात और जातिवाद का आरोप लगाते हुए उसके बहिष्कार की अपील की जा रही है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
दैनिक भास्कर के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की वजह है वह होर्डिंग जो अखबार ने अपने प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश में लगवाये हैं। सोशल मीडिया पर दैनिक भास्कर पर पक्षपात और जातिवाद का आरोप लगाते हुए उसके बहिष्कार की अपील की जा रही है।
दरअसल, भास्कर समूह ने अपनी न्यूज़ वेबसाइट ‘दैनिक भास्कर डॉट कॉम’ के प्रचार के लिए जातिवादी राजनीति पर चोट करने वाले होर्डिंग लगवाये हैं। मीडिया हाउस को उम्मीद होगी कि इस तरह का प्रचार लोगों को आकर्षित करेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। भास्कर का यह दांव इसलिए उल्टा पड़ गया क्योंकि उसके प्रचार में एक तरह से अखिलेश यादव और मायावती पर कटाक्ष किया गया है।
जायज है, उनके समर्थकों के लिए यह हजम करना मुश्किल है। लिहाजा, सोशल मीडिया पर भास्कर समूह के बहिष्कार का अभियान चलाया जा रहा है। तेजपाल यादव नामक यूजर ने ‘गंदी पत्रकारिता’ लिखकर भास्कर के होर्डिंग ट्वीट किये हैं, साथ ही मीडिया समूह के बहिष्कार की मांग भी की गई है। इस ट्वीट को तेजी से रीट्वीट किया जा रहा है और कमेन्ट करने वालों में से अधिकांश ने भास्कर पर निशाना साधा है।
Dirty journalism#BoycottDainikBhaskar pic.twitter.com/Eswhigu9JM
— Tejpal yadav (@TejpolSingh) January 2, 2020
सोशल मीडिया पर भास्कर के जो होर्डिंग शेयर किये गए हैं उनमें लिखा है ‘ना माया का जाल, ना अखिलेश का क्लेश। अब सिर्फ सच चलेगा, यूपी में खबरें न दबेंगी, न रुकेंगी’। इसी तरह दूसरा होर्डिंग कहता है ‘ना दलितों की रानी, न यादवों की कहानी। अब सिर्फ सच चलेगा, यूपी में खबरें न दबेंगी, न रुकेंगी’।
प्रचार के इस अंदाज के पीछे भास्कर की मंशा भले ही जातिवादी राजनीति पर चोट करना हो, लेकिन उस पर खुद जातिवादी होने के आरोप लगाये जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भास्कर के बहिष्कार का अभियान चल रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने मीडिया समूह का समर्थन भी किया है, लेकिन विरोध करने वालों की संख्या ज्यादा है।
कपिल कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा है ‘#BoycottDainikBhaskar वैसे तो इसको गिने चुने लोग ही पढ़ते हैं, पर फिर भी इसने इतनी तो कोशिश करी कि खुलकर बता दिया, हम #बहुजन विरोधी व #सरकार की नुमाइंदगी करते हैं। ये एक नहीं है, ऐसे बहुत हैं। दुर्भाग्यपूर्ण! सत्ता का शोर सर चढ़ कर बोलेगा ऐसे? पत्रकारिता और चाटुकारिता में फर्क है।’
#BoycottDainikBhaskar वैसे तो इसको गिने चुने लोग ही पढ़ते हैं, पर फिर भी इसने इतनी तो कोशिश करी के खुल कर बतादिया, हम #बहुजन विरोधी व #सरकार की नुमाइंदगी करते हैं।
— Kapil kumar (@officialkapil91) January 2, 2020
ये एक नहीं है, ऐसे बहुत हैं। दुर्भाग्यपूर्ण! सत्ता का शोर सर चढ़ कर बोलेगा ऐसे?
पत्रकारिता और चाटुकारिता में फर्क है
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