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कैलाश गहलोत को पार्टी में लेने से बीजेपी की छवि को नुकसान: सुशांत सिन्हा
जो बीजेपी कल तक पूरी आम आदमी पार्टी को करप्ट बताती रही उसने अचानक उन कैलाश गहलोत को पार्टी ज्वाइन करा ली जो केजरीवाल के जेल से छूटकर आने पर उन्हें माला पहना रहे थे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी और दिल्ली सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैलाश गहलोत बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद पत्रकार सुशांत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी राय दी।
उन्होंने एक्स पर लिखा, जो बीजेपी कल तक पूरी आम आदमी पार्टी को करप्ट बताती रही उसने उन कैलाश गहलोत को पार्टी ज्वाइन करा ली जो केजरीवाल के जेल से छूटकर आने पर उन्हें माला पहना रहे थे। अब करप्शन का मुद्दा कहां गया? इसका सीधा मतलब तो ये हुआ कि दिल्ली चुनाव में बीजेपी फिल्हाल केजरीवाल से पीछे चल रही है वरना कोई मतलब नहीं था कि जिस पूरी पार्टी को करप्ट बताया उसी के नेता को पार्टी ज्वाइन कराते।
कैलाश गहलोत को कल रात शीशमहल नजर आया या रात में सपने में यमुना की गंदगी नजर आई? ऐसे छिछले तर्क देकर कितनी आसानी से रातों रात कूदकर बीजेपी में आ गए भाई साहब। अगर इतनी ही पब्लिक की चिंता थी तो पहले इस्तीफा देते, चुनाव से दो महीने पहले आत्मा जागी?
और इतनी ही जनसेवा की भावना थी तो निर्दलीय लड़ लेते। आज की डेट में उनके किसी आरोप की कोई वैल्यू नहीं है। सोचिए बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर क्या बीतेगी जब वो कैलाश गहलोत के लिए वोट मांगने निकलेंगे। ऊपर से बीजेपी की छवि पर अब ये और चस्पा हो जाएगा कि लोगों को करप्ट बताते हैं लेकिन उनके साथ कोई आ जाए तो फर्क नहीं पड़ता उन्हें।
जबकि पार्टी महाराष्ट्र में अजीत पवार को साथ लाने का अंजाम भुगत चुकी है लेकिन फिर भी कैलाश गहलोत को साथ लाना बीजेपी को नुकसान देगा, केजरीवाल को नहीं। अब तो अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पूरी मुखरता से पब्लिक से कह सकते हैं कि अगर करप्शन किया होता तो कैलाश गहलोत को बीजेपी थोड़े ना पार्टी में लेती।
बीजेपी के जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा सो अलग। बार बार अलग अलग राज्यों में चुनाव जीतने के नाम पर किसी को भी पार्टी में जगह दे देना बीजेपी का पैटर्न बन गया है और सब देखकर भी उसका वोटर उसको इसलिए वोट दे दे रहा क्योंकि फिल्हाल बीजेपी का कोई विकल्प नहीं दिख रहा उसे। जिस देिन दिख गया, यही सब कांड बीजेपी को भारी पड़ेंगे।
जो बीजेपी कल तक पूरी आम आदमी पार्टी को करप्ट बताती रही उसने अचानक AAP छोड़कर आए उन कैलाश गहलोत को पार्टी ज्वाइन करा ली जो केजरीवाल के जेल से छूटकर आने पर उन्हें माला पहना रहे थे। अब करप्शन का मुद्दा कहां गया? इसका सीधा मतलब तो ये हुआ कि दिल्ली चुनाव में बीजेपी फिल्हाल केजरीवाल…
— Sushant Sinha (@SushantBSinha) November 18, 2024
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