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‘BW बिजनेसवर्ल्ड’ के नए इश्यू में क्या है खास, जानें यहां
देश की प्रतिष्ठित बिजनेस मैगजीन 'बिजनेसवर्ल्ड' (BW BusinessWorld) का नवीनतम अंक सात अक्टूबर को मार्केट में दस्तक देने वाला है। पिछले एडिशन की तरह इस बार का एडिशन भी कई मायनों में खास है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
देश की प्रतिष्ठित बिजनेस मैगजीन 'बिजनेसवर्ल्ड' (BW BusinessWorld) का नवीनतम अंक (Latest Issue) सात अक्टूबर को मार्केट में दस्तक देने वाला है। पिछले एडिशन की तरह इस बार का एडिशन भी कई मायनों में खास है।
दरअसल, इस इश्यू में इंडस्ट्री लीडर्स के कॉलम्स, विशेष साक्षात्कार और फीचर्स की विस्तृत श्रृंखला द्वारा देश की तेजी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था (resurgent experiential economy) पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। यह इश्यू पारंपरिक भौतिक संपत्ति पर अनुभवों को प्राथमिकता देने वाले उपभोक्ताओं की प्रवृत्ति को रेखांकित करता है, जो कि कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों और परिवर्तनों से तेज हुई है। यह बदलाव विभिन्न इंडस्ट्रीज के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है और इस उभरते परिदृश्य में बिजनेस के लिए अवसर और चुनौतियाँ दोनों प्रदान करता है।
इसके साथ ही इस इश्यू में यह भी बताया गया है कि महामारी के बाद बढ़े हुए उपभोक्ता खर्च से प्रेरित अनुभवात्मक अर्थव्यवस्था को जी20 शिखर सम्मेलन जैसे वैश्विक आयोजनों के माध्यम से किस तरह नई गति मिली है। किस तरह से ट्रैवल, टूरिज्म, मीडिया और एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्र राष्ट्रीय कोष में प्रमुख योगदानकर्ता बनने और निकट भविष्य में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर पैदा करने की ओर अग्रसर हैं। ‘PwC’ की आउटलुक 2021-2025 रिपोर्ट में मीडिया और एंटरटेनमेंट पर खर्च में वैश्विक उछाल की बात कही गई है, जो 2025 तक 2.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। भारत को इस विशाल आर्थिक हिस्से के एक महत्वपूर्ण हिस्से का दावा करने की उम्मीद है।
इस एडिशन के कवर पेज की स्टोरी में राष्ट्र और भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले परिवर्तनकारी प्रभाव की गहराई से पड़ताल की गई है। इसमें एंप्लॉयीज और संगठनों के बीच संबंधों को फिर से परिभाषित करने से लेकर अनुभवात्मक क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव शामिल है।
सिनेमा की वापसी (Cinemas Are Back!)
इस एडिशन में उद्योग जगत के दिग्गजों के विशेष साक्षात्कार शामिल हैं, जिनमें पीवीआर सिनेमाज (PVR Cinemas) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय बिजली और ‘पीवीआर आईनॉक्स’ (PVR INOX) के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजीव कुमार बिजली शामिल हैं। इन इंटरव्यूज में उन्होंने डिजिटल स्ट्रीमिंग के प्रभुत्व, शहरी और ग्रामीण परिवेश में दर्शकों की गतिशीलता और बड़े स्क्रीन के आकर्षण को फिर से जगाने वाली नई स्ट्रैटेजी के बीच देश में सिनेमा इंडस्ट्री के पुनरुद्धार पर विस्तार से बातचीत की है। इसके साथ ही, इस इश्यू में वेडिंग इंडस्ट्री की उभरती गतिशीलता और मार्केट में खड़े होने की इसकी स्ट्रैटेजी पर प्रकाश डाला गया है।
आर्थिक विकास का अभूतपूर्व युग (Unprecedented Era of Economic Growth)
इस इश्यू में जाने-माने स्तंभकार श्रीनाथ श्रीधरन ने एक कॉलम में शेयर मार्केट की मौजूदा गतिशीलता का विश्लेषण किया है। श्रीधरन ने इस कॉलम में बताया है, ‘जब मार्केट की तेजी को अनियंत्रित छोड़ दिया जाता है, तो सट्टेबाजी के बुलबुले बन सकते हैं जो अंततः फूट जाते हैं।‘ (Market exuberance, when left unchecked, can lead to speculative bubbles that ultimately burst)।
वर्ष 1992 की मार्केट उथल-पुथल के बाद से उठाए गए नियामक कदमों के बावजूद, जिसमें भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना भी शामिल है, वित्तीय परिदृश्य में वित्तीय बाजार प्रभावित करने वालों का उदय देखा गया है। इस एडिशन में स्टॉक मार्केट के आकर्षण पर गहराई से रिसर्च कर उसके बारे में बताया गया है। इस एडिशन में अपने कॉलम में श्रीधरन ने लिखा है, ‘देश का वित्तीय परिदृश्य उल्लेखनीय परिवर्तन का अनुभव कर रहा है, इसका बाजार पूंजीकरण वर्तमान में 3.3 ट्रिलियन डॉलर के आश्चर्यजनक स्तर पर है, जिसने वैश्विक मंच पर पांचवें सबसे मूल्यवान बाजार के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है।’
इस एडिशन में बताया गया है कि एक तरफ वर्ष 2023 में बाजार पूंजीकरण में लगभग $330 बिलियन की वृद्धि भारत की आर्थिक शक्ति और निवेशकों के विश्वास को रेखांकित करती है, साथ ही यह सतर्कता की आवश्यकता के साथ ही जटिल गतिशीलता की गहन समझ पर भी जोर देती है।
मैगजीन के इस अंक में ‘मास्टर स्ट्रोक्स’ का एक और एडिशन भी शामिल है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में समग्र डिजिटल बैंकिंग परिवर्तन के बारे में बात की गई है। ‘यस बैंक’ (Yes Bank) के सीआईओ महेश राममूर्ति और ‘आईबीएम’ (IBM) के वाइस प्रेजिडेंट विश्वनाथ रामास्वामी जैसे इंडस्ट्री लीडर्स ने बताया है कि कैसे अधिक परिचालन दक्षता (operational efficiency) और व्यावसायिक परिणाम (business outcomes) प्राप्त करने के लिए उनके संबंधित संगठनों में टेक्नोलॉजी का लाभ उठाया गया है।
मैगजीन के इस अंक में ‘Last Word’ कॉलम में ‘ज्यूपिटर वैगन्स’ (Jupitor Wagons) के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक लोहिया ने अपनी सोच और अंतर्दृष्टि शेयर की है। इसमें उन्होंने विस्तार के लिए कंपनी की स्ट्रैटेजी, उसके अंतरराष्ट्रीय प्रयासों और इंडस्ट्री की चुनौतियों समेत तमाम प्रमुख पहलुओं पर अपनी बात रखी है। यानी, बिजनेसवर्ल्ड के लेटेस्ट इश्यू में देश की उल्लेखनीय आर्थिक वृद्धि और अनुभवात्मक विपणन अर्थव्यवस्था की परिवर्तनकारी शक्ति के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला गया है।
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