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इस खास मौके पर ‘प्रभात खबर’ ने निकाला स्पेशल एडिशन, पाठकों का यूं जताया आभार
‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने संपादकीय में लिखा है, ‘प्रभात खबर के आगे बढ़ने का श्रेय सिर्फ पाठकों को जाता है, जिन्होंने कई विकल्प होने के बावजूद इसके प्रति स्नेह बनाए रखा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
पूर्वी भारत के प्रमुख हिंदी दैनिक ‘प्रभात खबर’ (Prabhat Khabar) के पटना एडिशन ने आज अपनी स्थापना के 26 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने अखबार के पहले पेज पर एक विशेष संपादकीय लिखा है। यही नहीं, राज्य के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को समेटते हुए अखबार ने एक विशिष्ट परिशिष्ट (स्पेशल एडिशन) भी निकाला है।
अपने संपादकीय में आशुतोष चतुर्वेदी ने लिखा है, ‘अपने पाठकों के साथ यह बात साझा करते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि आप सभी के स्नेह और विश्वास के बल पर प्रभात खबर का पटना संस्करण आज अपनी स्थापना के 26 वर्ष पूरे कर रहा है। प्रभात खबर के आगे बढ़ने का श्रेय सिर्फ और सिर्फ पाठकों को जाता है, जिन्होंने कई विकल्प होने के बावजूद इस अखबार के प्रति अपना स्नेह बनाए रखा।
प्रभात खबर ने हमेशा सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता को केंद्र में रखा और पाठकों का भरोसा जीतने की कोशिश की है। हमने समय-समाज के जरूरी सवालों को हमेशा उठाया। हमारा मानना रहा है कि जीवन की बुनियादी चिंताओं के साथ स्थानीय चुनौतियों से दो-चार हुए बिना जन से नहीं जुड़ा जा सकता है। कंटेंट के स्तर पर एक नई किस्म की पत्रकारिता का प्रयास किया। हमने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को नए संदर्भों में रखा। अनेक ऐसे विषय-मुद्दे रहे जिसे हमने पत्रकारीय नजर से देखा।
देश भर में माना जाता है कि बिहार के लोग चेतनशील और जागरूक होते हैं। हम अपने अनुभव से कह सकते हैं कि यह बात सच साबित हुई। 'पढ़ाकू' बिहार के समाज ने प्रभात खबर की सरोकार की पत्रकारिता को न सिर्फ सराहा बल्कि भरपूर सहयोग भी दिया। प्रभात खबर ने भी बिहार की बेहतरी और बेहतर समाज निर्माण की दिशा में एक अखबार के रूप में अपनी जिम्मेवारियों का भरसक निर्वहन किया। पिछले कुछ वर्षों में जीवन के हर क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं। जहां तक सूचना तकनीक का प्रश्न है, बीते एक दशक में इससे शायद ही कोई अछूता हो।
अनियंत्रित सूचनाएं आपके पास उपलब्ध हैं। पर उनकी विश्वसनीयता का कोई पैमाना नहीं है। हम ऐसा हरगिज नहीं कह रहे कि सोशल मीडिया की सभी सूचनाएं विश्वास करने योग्य नहीं होतीं, पर उन सूचनाओं की पुष्टि के लिए लोग प्रिंट मीडिया की ओर मुखातिब होते हैं। यही प्रिंट मीडिया की वास्तविक ताकत है।
देश जब आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहा है, तब प्रभात खबर की 26वीं वर्षगांठ खास मयाने रखती है। महीने भर बाद 15 अगस्त को देश की आजादी के 75 साल पूरे हो जाएंगे। प्रभात खबर ने स्थापना की सालगिरह पर आजादी के संघर्ष में बिहार की भूमिका को याद करने का इससे बेहतर अवसर कोई नहीं हो सकता था। इसी इरादे से हमने प्रभात खबर की सालगिरह पर प्रकाशित होने वाले विशेष परिशिष्ट में से एक खंड इसी विषय पर रखा है। हम मानते हैं कि अतीत की थाती पर ही बेहतर भविष्य की नींव डाली जा सकती है।
मित्रों, प्रभात खबर की इस यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव आए। हमारी यह यात्रा अब भी जारी है, तो यह आपके-हमारे बीच कायम विश्वास का रिश्ता ही है। इस मौके पर हम प्रभात खबर के सुधि पाठकों, विज्ञापनदाताओं और अखबार के वितरक बंधुओं के प्रति आभार जाहिर करना चाहते हैं। आपके बगैर हम शायद एक पग भी आगे नहीं बढ़ पाते।’
आशुतोष चतुर्वेदी ने इस खुशी को ट्विटर पर भी शेयर किया है। अपने ट्वीट में आशुतोष चतुर्वेदी ने लिखा है, ‘हमें यह बात साझा करते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि आप सभी के स्नेह और विश्वास के बल पर प्रभात खबर पटना आज अपनी स्थापना के 26 वर्ष पूरे कर रहा है। हार्दिक आभार और शुभकामनाएं।’
हमें यह बात साझा करते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि आप सभी के स्नेह और विश्वास के बल पर प्रभात खबर पटना आज अपनी स्थापना के 26 वर्ष पूरे कर रहा है. हार्दिक आभार और शुभकामनाएं.https://t.co/eMmLfVBiFz pic.twitter.com/MuFgFGZuQy
— Ashutosh Chaturvedi (@chaubeyashutosh) July 11, 2022
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