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आज कुछ ऐसे नजर आ रहे हैं प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज
विज्ञापनों की अधिकता की वजह से नवभारत टाइम्स में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं जबकि हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है
नीरज नैयर 6 years ago
दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों ने आज अयोध्या विवाद और पाकिस्तान की पैंतरेबाजी को प्रमुखता से लगाया है। अयोध्या विवाद में जहां कभी भी फैसला आ सकता है, वहीं पाकिस्तानी सेना ने करतारपुर जाने वाले भारतीयों के लिए पासपोर्ट अनिवार्य कर दिया है। आज सबसे पहले बात करते हैं अमर उजाला की। लीड पाकिस्तान है, जिसे चार कॉलम में सजाया गया है और इसी में मनमोहन सिंह की करतारपुर यात्रा को भी जगह मिली है। पाकिस्तान में सेना बड़ी है या सरकार, यह सवाल एक बार फिर खड़ा हो गया है। इमरान खान सरकार ने पासपोर्ट की अनिवार्यता से इनकार किया है, जबकि सेना चाहती है कि भारतीयों को पासपोर्ट के बिना एंट्री न मिले। अब इस लड़ाई में जीत किसकी होती है, ये तो वक्त ही बताएगा।
दूसरी बड़ी खबर के रूप में अयोध्या विवाद है, जिसका शीर्षक है ‘अयोध्या पर फैसले की घड़ी, गृहमंत्रालय ने राज्यों को किया अलर्ट’। वहीं, घाटी के मुद्दे को कोर्ट में ले जाना कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को बेहद भारी पड़ा है। अदालत ने उन्हें जमकर फटकार लगाते हुए पूछा है कि क्या दंगा भड़कने के बाद प्रतिबंध लगाए जाते? इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से लगाया है, जबकि कश्मीर में बर्फबारी को फोटो के रूप में जगह मिली है। दुःख की बात यह है कि बर्फबारी में दो जवानों सहित सात लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा, वकील-पुलिस कांड का एक और विडियो सामने आया है, जिससे जुड़ी खबर को दो कॉलम में रखा गया है। खबर के अनुसार, डीसीपी मोनिका भारद्वाज के साथ बदसलूकी की गई थी। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे की मुश्किलों को भी पेज पर जगह मिली है। ईडी ने अपने आरोपपत्र में बताया है कि राहुल पुरी ने हेलीकाप्टर घोटाले के आरोपितों को धमकाया था। एंकर में नेपाली गुस्से को रखा गया है। दरअसल, नेपाल ने भारत के नए नक्शे पर एतराज जताते हुए उत्तराखंड के कुछ हिस्सों पर दावा किया है। इसके अलावा, भारत-बांग्लादेश टी-20 में रोहित शर्मा की धमाकेदार पारी की खबर को पहले कॉलम में लगाया गया है।
अब रुख करते हैं दैनिक जागरण का। लीड करतारपुर पर पाकिस्तानी पैंतरेबाजी है, जिसे छह कॉलम में करतारपुर गुरुद्वारे की फोटो के साथ लगाया गया है। अयोध्या पर गृह मंत्रालय की एडवाइजरी सिंगल कॉलम बॉक्स में है। महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को आज भी बड़ी जगह मिली है, साथ ही गुलाम नबी को मिली कोर्ट की फटकार को भी प्रमुखता से लगाया गया है। दैनिक जागरण ने क्रिकेट को संक्षिप्त में भी जगह नहीं दी है, हालांकि कमलनाथ के भांजे से जुड़ी खबर को जरूर पेज पर रखा गया है।
दैनिक भास्कर की बात करें तो पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें अयोध्या मामले को रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले सरकार ने नफरत फैलाने वाले 20 लाख वॉट्सऐप ग्रुप बंद कराये हैं। लीड महाराष्ट्र का सियासी संग्राम है। यदि राज्य में भाजपा-शिवसेना का झगड़ा नहीं सुलझा तो राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ सकता है, क्योंकि नई सरकार के गठन के लिए महज दो दिन ही शेष हैं। दैनिक भास्कर ने क्रिकेट को काफी तवज्जो दी है। हालांकि, इसमें सिर्फ पुरुष टीम ही नहीं महिला खिलाड़ी मंधाना की उपलब्धि को भी जगह मिली है। स्मृति मंधाना सबसे तेज रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने 21 पारियों में 2000 रन बनाकर विराट कोहली को भी पीछे छोड़ दिया है। वहीं, रोहित शर्मा ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच में धमाकेदार पारी खेली और इस तरह वह टी-20 में 25 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
करतारपुर विवाद को पेज के सेकंड हाफ में रखा गया है। इसके अलावा, वकील-पुलिस विवाद, कश्मीर में बर्फ़बारी, पाकिस्तान में हिंदू छात्रा से दुष्कर्म और नीरव मोदी की धमकी को भी पेज पर जगह मिली है। पाक में 16 सितंबर को जिस हिंदू छात्रा की हत्या हॉस्टल में की गई थी, उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। वहीं, नीरव मोदी ने कहा है कि यदि उसे भारत भेजा जाता है तो वो खुदकुशी कर लेगा। एंकर में दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट है। इसमें बताया गया है कि किस तरह पाकिस्तानी एजेंसी सेवानिवृत्त सैनिकों के फर्जी प्रोफाइल बनाकर फैजियों को फंसा रही है।
आज नवभारत टाइम्स में विज्ञापनों की भरमार है, जिस वजह से दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहले फ्रंट पेज की बात करें तो टॉप बॉक्स में वकील-पुलिस विवाद सुलझाने की नाकाम कोशिश को रखा गया है, जबकि लीड करतारपुर पर पाकिस्तान की पैंतरेबाजी है। हाई कोर्ट के आदेश पर वकील और पुलिस के बीच बातचीत से विवाद निपटाने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। दूसरे फ्रंट पेज पर टॉप बॉक्स में फोटो न्यूज हैं। पहली फोटो दिल्ली के प्रदूषण को दर्शाती है और दूसरी कश्मीर की बर्फबारी की है। लीड सबसे अलग रियल एस्टेट सेक्टर को मिली राहत में कटौती है। सरकार ने साफ किया है कि कोर्ट में जिन बिल्डरों पर केस चल रहा है, उन्हें राहत नहीं मिलेगी। यानी आम्रपाली, यूनिटेक और जेपी के प्रोजेक्ट के लिए पैसे नहीं मिलेंगे।
इसके नीचे तीन खबरों को एक-एक कॉलम में लगाया गया है। इनमें अयोध्या विवाद, महाराष्ट्र का सियासी संकट और दिल्ली हवाईअड्डे पर यात्रियों को मिली सुविधा शामिल है। अब यात्रियों को जांच के लिए अपने लैपटॉप को बैग से बाहर नहीं निकालना पड़ेगा। वहीं, एंकर में एक विवादस्पद विज्ञापन है। दरअसल आईआरसीटीसी से जुड़े एक निजी ठेकेदार ने रेलवे में नौकरियों के संबंध में एक विज्ञापन जारी किया, जिसमें कहा गया कि आवेदक अग्रवाल वैश्य समाज के होने चाहिए। अब जातिगत आधार पर इस तरह नौकरियां बांटी जाएंगी तो हंगामा लाजमी है। बात जब बढ़ी तो फटकार का दौर शुरू हुआ और ठेकेदार को माफी मांगनी पड़ी। वहीं, भारत-बांग्लादेश मैच को संक्षिप्त में जगह मिली है। नवभारत टाइम्स के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण खबरों वाला भाग ही शो हो रहा है, इसलिए यहां पर खबरों वाले भाग को ही लगाया गया है जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा शो हो रहा है।
आखिर में आज हिन्दुस्तान को देखें तो अखबार में विज्ञापनों के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड अयोध्या है, जबकि दिल्ली में मिली सस्ती प्याज को दूसरी बड़ी खबर की तरह पेश किया गया है। राजधानी में कल कई जगहों पर सस्ती प्याज उपलब्ध कराई गई, जिसे लेने के लिए लोगों की कतारें लगी रहीं। करतारपुर विवाद को भी अखबार ने प्रमुखता से रखा है, साथ ही महाराष्ट्र का सियासी संग्राम भी पेज पर है। महारष्ट्र में शिवसेना और भाजपा का रिश्ता 'तलाक' के मोड़ पर पहुंच चुका है और सबकी निगाहें अब राज्यपाल पर हैं। वैसे, ये कोई पहला मौका नहीं हैं। दोनों पार्टियां पहले भी आपस में लड़ती रही हैं। दिल्ली की जहरीली हवा को आज एंकर में रखा गया है। खबर के अनुसार, बारिश के बावजूद दिल्ली को प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। इसके अलावा, पेज पर चार सिंगल समाचार हैं, लेकिन क्रिकेट और कमलनाथ के भांजे को जगह नहीं मिली है।
आज का ‘किंग’ कौन?
1: लेआउट के नजरिये से आज अमर उजाला अव्वल है, वहीं नवभारत टाइम्स ने भी सीमित जगह में अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है। दैनिक भास्कर की बात करें तो फ्रंट पेज बीते कुछ दिनों से टाइप्ड दिखाई दे रहा है। खासकर, बॉटम में कुछ नया करने का प्रयास नहीं किया जा रहा। कभी एंकर और दो कॉलम या उनके बीच में सिंगल बस यही रहता है।
2: खबरों की प्रस्तुति में जरूर दैनिक भास्कर का नंबर अमर उजाला के साथ आता है। दोनों ही अखबारों ने बेहद खूबसूरती से फ्रंट पेज पर खबरों को सजाया है।
3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज सभी अखबार एक जैसे हैं, किसी ने भी हेडलाइन में कोई प्रयोग नहीं किया है।
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