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भारी विज्ञापनों के बीच आज कुछ ऐसा रहा अखबारों का फ्रंट पेज
दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में विज्ञापनों की बारिश जारी है। ऐसे में अधिकांश अखबारों ने तीसरे पेज को अपना फ्रंट पेज बनाया है
नीरज नैयर 6 years ago
दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में विज्ञापनों की बारिश जारी है, इसके बावजूद सभी ने अपने पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का प्रयास किया है। सबसे पहले नवभारत टाइम्स को देखें तो अखबार में आज काफी विज्ञापन है और पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। हालांकि, उस पर भी ज्यादा खबरों की गुंजाइश नहीं है। अखबार ने पेज 2 और चार को सुषमा स्वराज के नाम समर्पित किया है। फ्रंट पेज पर भी सुषमा स्वराज के अंतिम संस्कार के समाचार को प्रमुखता से लगाया गया है। लीड कश्मीर पर भारतीय फैसले से पाकिस्तान की नाराजगी है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कश्मीरियों के साथ भोजन करते फोटो भी है, जो कल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय था। इसके अलावा कश्मीरी युवतियों को लेकर भाजपा विधायक के विवादित बयान को भी लीड में जगह मिली है। इसके नीचे डेढ़-डेढ़ कॉलम में बलात्कार के आरोपी विधायक सेंगर और अयोध्या से जुड़ी खबरें हैं। एंकर में आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में की गई कमी का समाचार है, जिसे आकर्षक शीर्षक ‘फ्लैट खरीदें या कार, कर्ज सस्ता मिलने का खत्म हुआ इंतजार’ के साथ पाठकों के समक्ष पेश किया गया है।
यदि दैनिक जागरण की बात करें तो विज्ञापनों की अधिकता के कारण अखबार के पाठकों को दो फ्रंट पेज मिले हैं। पहले पेज पर एकमात्र खबर कश्मीर पर पाकिस्तान की बौखलाहट है, जबकि दूसरे फ्रंट पेज पर कई खबरों को जगह मिली है। टॉप बॉक्स में सुषमा स्वराज की अंतिम विदाई को फोटो के साथ लगाया गया है। लीड अयोध्या मामले की सुनवाई है, जिसका शीर्षक ‘आस्था है सबसे बड़ा सुबूत’ बेहद आकर्षक है। इसके पास ही सस्ते कर्ज से जुड़ी खबर तीन कॉलम में है और उन्नाव कांड को दो कॉलम में जगह मिली है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की कश्मीर यात्रा को अखबार ने फोटो कैप्शन तक ही सीमित रखा है। एंकर में राज्यसभा से जुड़ी रोचक खबर है।
आज हिन्दुस्तान में भी काफी विज्ञापन है, लिहाजा दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहला पेज सुषमा स्वराज के लिए समर्पित है और दूसरे फ्रंट पेज पर कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को लीड लगाया गया है। इसके पास ही दो कॉलम में आर्टिकल 370 के खात्मे के खिलाफत करने वाली कांग्रेस को जगह मिली है। इस पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन न होने से पाठकों के लिए कई समाचार हैं। कर्ज सस्ता होने, राजधानी एक्सप्रेस में छेड़खानी जैसी पढ़ी जाने वाली खबरों को भी प्रमुखता से लगाया गया है। एंकर में ऐसी स्टोरी को रखा गया है, जिसके कयास पहले से ही लगाये जा रहे थे। लता झा ने अपनी इस स्टोरी में बताया है कि किस तरह आर्टिकल 370 पर फिल्म बनाने की बॉलिवुड में होड़ लगी हुई है। हालांकि, लेआउट की दृष्टि से अखबार का फ्रंट पेज उतना आकर्षक नहीं लग रहा है, जितना अक्सर लगता है।
इसके अलावा अमर उजाला में आज जैकेट सहित काफी विज्ञापन है। अखबार में हिन्दुस्तान की तरह दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहले फ्रंट पेज पर सुषमा स्वराज की अंतिम विदाई की फोटो है, जबकि लीड सस्ते कर्ज को लगाया गया है। लीड का शीर्षक ‘ब्याज दर चौथी बार घटी, पर बैंक हैं कि सुनते नहीं’ बेहद मारक है और आम आदमी के मन में उमड़ने वाले सवाल को दर्शाता करता है। इसके अलावा पेज पर ‘माल्या ने पूरा कर्ज लौटाने का दिया प्रस्ताव’ सहित एक अन्य सिंगल खबर है। दूसरे फ्रंट पेज पर टॉप बॉक्स में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की कश्मीर यात्रा को फोटो के साथ रखा गया है और लीड पाकिस्तान की प्रतिक्रिया है। इसके पास ही हाफिज सईद पर पाक कोर्ट का फैसला है। कुल मिलाकर कश्मीर की खबरों को लगभग आधा पेज दिया गया है। इसके नीचे दो कॉलम में बलात्कार के आरोपी विधायक और हाई कोर्ट से जुड़ी खबरें हैं। दिल्ली उच्च न्यायलय ने पुलिस से पूछा है कि एफआईआर में उर्दू या फारसी शब्दों का इस्तेमाल क्यों किया जाता है। यह पढ़ी जाने वाली खबर है। एंकर में रामजन्म भूमि विवाद को रखा गया है।
वहीं, नवोदय टाइम्स में पहले पेज पर फुल पेज विज्ञापन होने के कारण तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। हालांकि इस पेज पर भी एक बड़ा विज्ञापन है। अखबार ने लीड पाकिस्तान की बौखलाहट को लगाया है और सुषमा स्वराज की अंतिम विदाई को चार कॉलम के बॉक्स में फोटो के साथ रखा गया है। इसके अलावा पेज पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की कश्मीर यात्रा और सस्ते कर्ज का समाचार सहित तीन सिंगल कॉलम खबरें हैं।
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