इन अखबारों की प्रकशक कंपनी करेगी 550 एम्प्लॉयीज की छंटनी  

प्रकाशक कंपनी के मुताबिक कंपनी लगभग 550 कर्मचारियों की छंटनी करेगा, जोकि इसके कर्मचारियों की संख्या का करीब 12 प्रतिशत है।

Last Modified:
Saturday, 11 July, 2020
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कोरोनावायरस (कोविड-19 ) के कारण जहां पाठकों पर ऑनलाइन पढ़ने का दबाव बना है और एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में कमी आई है, ऐसे में ब्रिटेन अखबार ‘डेली मिरर’ (Daily Mirror) और ‘डेली एक्सप्रेस’ (Daily Express) की प्रकाशक कंपनी ‘रीच’ (Reach) ने 550 एम्प्लॉयीज की छंटनी करने की योजना बनाई है।

प्रकाशक कंपनी ‘रीच’ (Reach)  के चीफ एग्जिक्यूटिव जिम मुलेन (Jim Mullen) ने एक बयान में कहा कि महामारी के दौरान मीडिया क्षेत्र में संरचनात्मक परिवर्तन में तेजी आई है और इससे हमारे डिजिटल उत्पादों को बढ़ावा मिला है। हालांकि, विज्ञापन ज्यादा न मिलने की वजह से  डिजिटल रेवेन्यू नहीं बढ़ा है।

प्रकाशक कंपनी के मुताबिक कंपनी लगभग 550 कर्मचारियों की छंटनी करेगा, जोकि इसके कर्मचारियों की संख्या का करीब 12 प्रतिशत है। ऐसा करने से कंपनी को 35 मिलियन पाउंड यानी करीब 43 मिलियन डॉलर की सालाना बचत होगी।

उन्होंने कहा कि इस कदम से हमारा एडिटोरियल प्रिंट व डिजिटल की नेशनल व रीजनल टीमों को एक साथ लेकर ज्यादा केंद्रीयकृत रूप में आगे बढ़ेगा। हमारे न्यूज ब्रैंड्स की मजबूत एडिटोरियल पहचान को बरकरार रखते हुए इसकी दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और डुप्लीकेशन खत्म होगा।

ब्रिटेन में कई रीजनल न्यूजपेपर का प्रकाशन करने वाली इस कंपनी ने कहा कि पुनर्गठन से ग्रुप को करीब 20 मिलियन पाउंड का खर्च आएगा।

कंपनी ने कहा कि उसके पास अब कम स्पेस होगा और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर भी बहुत ही सिम्पल होगा। कंपनी ने इस बात की भी जानकारी दी है कि सर्कुलेशन और ऐडवर्टाइजिंग की कमी चलते  कंपनी का राजस्व 27.5 प्रतिशत घट गया है।

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अपने दो एडिशंस को लेकर Times Group ने लिया ये बड़ा फैसला

ग्रुप की ओर से इस बारे में जारी स्टेटमेंट में कहा गया है कि इन अखबारों की डिजिटल मौजूदगी बनी रहेगी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 05 December, 2020
Last Modified:
Saturday, 05 December, 2020
Times Group

देश के बड़े मीडिया समूहों में शुमार ‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) ने घोषणा की है कि वह कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी और इसके परिणामस्वरूप आए आर्थिक संकट को देखते हुए अपने टैबलॉयड अखबार ‘पुणे मिरर’ (Pune Mirror) का पब्लिकेशन बंद करेगा। इसके साथ ही ‘मुंबई मिरर’ (Mumbai Mirror) को साप्ताहिक अखबार के तौर पर री-लॉन्च किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस निर्णय से ग्रुप से जुड़े करीब 1500 एम्प्लॉयीज बेरोजगार हो जाएंगे।

इस बारे में ग्रुप की ओर से एक स्टेटमेंट जारी किया गया है। स्टेटमेंट में टाइम्स ग्रुप का कहना है कि न्यूजपेपर इंडस्ट्री न सिर्फ रेवेन्यू के मामले में प्रभावित हुई है, बल्कि आयात शुल्क के कारण न्यूजप्रिंट की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। लंबे समय से उम्मीदों के मुताबिक परिणाम न मिलने और देश में आर्थिक मंदी को देखते हुए ग्रुप ने भारी मन से पुणे मिरर का पब्लिकेशन रोकने और मुंबई मिरर को वीकली के तौर पर री-लॉन्च करने का निर्णय लिया है। ग्रुप का कहना है कि  इन अखबारों की डिजिटल उपस्थिति बनी रहेगी।

इस स्टेटमेंट में कहा गया है कि कई महीने के विचार-विमर्श के बाद हमने यह मुश्किल और कड़ा निर्णय लिया है।  स्टेटमेंट के अनुसार, ‘हम अपेक्षाकृत कम समय में इस तरह के मजबूत ब्रैंड के निर्माण के लिए अपने पत्रकारों और अन्य स्टाफ के योगदान को महत्व देते हैं और उनकी कड़ी मेहनत व बेहतरीन प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं।’

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महामारी के बीच पाठकों को कुछ इस तरह मास्क का महत्व समझा रहा दैनिक भास्कर

देश-दुनिया में कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम देश कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन ईजाद करने में लगे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 01 December, 2020
Last Modified:
Tuesday, 01 December, 2020
Dainik Bhaskar

देश-दुनिया में कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम देश कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन ईजाद करने में लगे हैं। सरकार द्वारा भी लोगों को इस महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने और बहुत ही आवश्यक न होने पर घरों से बाहर न निकलने पर जोर दिया जा रहा है।

ऐसे में दैनिक भास्कर ने भी पाठकों को जागरूक करने के लिए एक अभियान चलाया है। ‘अभी मास्क ही वैक्सीन है’ अभियान के तहत दैनिक भास्कर ने एक दिसंबर से अपने मास्टहेड (Masthead) में भी बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत मास्टहेड पर मास्क की फोटो पब्लिश की जा गई है और दैनिक भास्कर में दैनिक व भास्कर के बीच भी कुछ अधिक दूरी रखी गई है, ताकि लोग मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व समझें।

इस अभियान के बारे में ‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर अग्रवाल का कहना है, ‘भास्कर ग्रुप ने समाज में अपनी भूमिका को हमेशा गंभीरता से लिया है। मास्टहेड को मास्क के साथ बदलने का यह क्रांतिकारी कदम है और इसे खासतौर पर मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए पाठकों को सचेत करने के लिए उठाया गया है।’

बताया जाता है कि दैनिक भास्कर के इस अभियान के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। लोग अपनी दिनचर्या में मास्क शामिल कर रहे हैं और उन लोगों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं जो बिना मास्क के सार्वजनिक रूप से देखे जाते हैं।

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mint में इस बड़े पद से अनिल पद्मनाभन ने दिया इस्तीफा

अंग्रेजी के बिजनेस अखबार ‘मिंट’ (Mint) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 01 December, 2020
Last Modified:
Tuesday, 01 December, 2020
Anil Padmanabhan

अंग्रेजी के बिजनेस अखबार ‘मिंट’ (Mint)  से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, अखबार के मैनेजिंग एडिटर अनिल पद्मनाभन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 30 नवंबर इस अखबार के साथ उनका आखिरी दिन था।  

बता दें कि अनिल पद्मनाभन इस अखबार के साथ 14 साल से ज्यादा समय से जुड़े हुए थे। अखबार से अपने इस्तीफे की घोषणा अनिल पद्मनाभन ने खुद एक ट्वीट के जरिये की है। अनिल पद्मनाभन द्वारा किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं।

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जानिए, 2.5 लाख से ज्यादा अखबारों के टाइटल किए निरस्त वाली खबर का सच

सोशल मीडिया पर ये खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे मीडिया जगत में हड़कंप मच गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 20 November, 2020
Last Modified:
Friday, 20 November, 2020
newspaper

मोदी सरकार ने पिछले एक साल की जांच के बाद ढाई लाख से अधिक अखबारों के टाइटल निरस्त कर दिए हैं, साथ ही सैंकड़ों अखबारों को डीएवीपी की सूची से बाहर कर दिया है। सोशल मीडिया पर ये खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे मीडिया जगत में हड़कंप मच गया, जिसके बाद जल्द । भारत सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इस खबर की हकीकत बताई।

पीआईबी फैक्ट चेक ने बताया कि यह दावा फर्जी है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

इस फेक न्यूज में यह दावा किया गया कि भारत सरकार ने 269556 समाचार पत्रों का टाइटल निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि 804 अखबारों को डीएवीपी ने विज्ञापन सूची से बाहर कर दिया है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम को पुरानी सारी गड़बड़ी की जांच के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही इसमें अपात्र अखबारों और मैगजींस को सरकारी विज्ञापन देने की शिकायतों की जांच भी शामिल है। इसमें गड़बड़ी पाए जाने पर रिकवरी और कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी हैं।  

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कोरोना के कारण हुई छंटनी, मंथली के बजाय अब हर तीन महीने में छपेगी यह मैगजीन

कोरोना का कहर भारत सहित पूरी दुनिया की मीडिया इंडस्ट्री पर भी देखने को मिला है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 20 November, 2020
Last Modified:
Friday, 20 November, 2020
Magazine

कोरोना का कहर भारत सहित पूरी दुनिया की मीडिया इंडस्ट्री पर भी देखने को मिला है। आर्थिक बोझ को कम करने के लिए कई अखबारों के सर्कुलेशन में कमी की गई, तो कुछ ने बंद भी हो गए। कई मीडिया कंपनियों ने आर्थिक बोझ को कम करने के लिए छंटनी भी की। इसी कड़ी में अब कैलिफोर्निया से प्रकाशित होने वाली ‘सी मैगजीन’ का नाम भी अब जुड़ गया है।

मीडिया पर कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव को देखते हुए मैगजीन प्रबंधन को कुछ कठिन व्यावसायिक निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। 15 साल पुरानी यह मैगजीन अपनी स्थापना के बाद से अब मंथली की बजाय क्वॉर्टर्ली प्रिंट पब्लिकेशन मॉडल अपनाने जा रही है।

आउटपुट में कमी के अलावा इस मैगजीन को छंटनी के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिनमें इसके फैशन डायरेक्टर सहित लगभग चार लोग शामिल हैं। इन लोगों को पिछले हफ्ते ही जाने के लिए कह दिया गया है। वही स्टाफ में कई लोगों को मैगजीन के साथ जुड़े रहने के लिए फ्रीलांस काम करने का ऑफर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्वॉर्टर्ली पब्लिकेशन अगले साल 2021 से शुरू होगा और पहला इसका इश्यू कुछ विशेष होगा। सी मैगजीन में पहले से ही कम लोग काम करते हैं, जिनमें से करीब एक दर्जन लोग संपादकीय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं मैगजीन फ्रीलांस या अंशकालिक आधार पर कई लोग अपना योगदान देते हैं।  

गौरतलब है कि कोरोना महामारी का असर कई मीडिया कंपनियों पर भी पड़ा है। ‘कैलिफोर्निया संडे’ मैगजीन पूरी तरह से बंद हो गई है। ओपरा विनफ्रे की हर्स्ट मैगजीन ‘ओ’ भी क्वॉर्टर्ली मैगजीन हो गई है। प्लेब्वॉय ने भी अपना प्रिंट एडिशन बंद किया है। वहीं ‘द अटलांटिक’ (The Atlantic) ने इस साल की शुरुआत में विज्ञापन और लाइव इवेंट के नुकसान का हवाला देते हुए अपने स्टॉफ से करीब 20 प्रतिशत लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था।  

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बिजनेस अखबार mint से जुड़े श्रुतिजीत केके, मिली यह जिम्मेदारी

श्रुतिजीत ने यह जिम्मेदारी विनय कामत की जगह संभाली है, जिन्होंने सितंबर में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 16 November, 2020
Last Modified:
Monday, 16 November, 2020
Sruthijith

वरिष्ठ पत्रकार श्रुतिजीत केके (Sruthijith KK) ने अंग्रेजी के बिजनेस अखबार ‘मिंट’ (Mint) के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। उन्होंने यहां पर बतौर एडिटर-इन-चीफ जॉइन किया है। उन्होंने विनय कामत की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है, जिन्होंने सितंबर में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।  

बता दें कि मिंट के साथ श्रुतिजीत की यह दूसरी पारी है। वर्ष 2007 में जब यह अखबार लॉन्च हुआ था, तब वह इसकी फाउंडिंग टीम के मेंबर थे। उन्होंने इसके रिपोर्टर के तौर पर भी काम किया था।

श्रुतिजीत को प्रिंट के साथ डिजिटल में काम करने का अनुभव है। पूर्व में वह ‘ईटी मैगजीन’ (ET Magazine), ‘हफपोस्ट’ (HuffPost) के इंडिया एडिशन के साथ भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह ‘एप्पल इंक’ (Apple Inc) में इंडिया ऐप के स्टोर एडिटर के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

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दिव्य भास्कर ने निकाला 160 पेज का मेगा एडिशन

‘दैनिक भास्कर’ समूह के गुजराती भाषा के अखबार ‘दिव्य भास्कर’ ने राजकोट एडिशन की 14वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए दो पार्ट में 160 पेज का मेगा एडिशन पब्लिश किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 09 November, 2020
Last Modified:
Monday, 09 November, 2020
Divya Bhaskar

‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) समूह के गुजराती भाषा के अखबार ‘दिव्य भास्कर’ (Divya Bhaskar) ने राजकोट एडिशन की 14वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए दो पार्ट में 160 पेज का मेगा एडिशन पब्लिश किया। इससे पहले समूह शिमला में 144 पेज, इंदौर में 128 पेज, बीकानेर में 130 पेज, अहमदाबाद में 80 पेज, भोपाल में 72 पेज, उज्जैन में 60 पेज और होशंगाबाद में 60 पेज के स्पेशल एडिशंस निकाल चुका है।  

‘कोरानावायरस’ (कोविड-19) ने तमाम भारतीयों के सामने बहुत चुनौतियां पेश की हैं और उनके जीवन पर इस महामारी का बहुत प्रभाव पड़ा है। इस स्पेशल एडिशन का उद्देश्य इन चुनौतियों के बीच पैदा हुए नए अवसरों को सामने लेकर आना है। इस एडिशन की थीम में बताया गया है कि वर्ष 2030 में राजकोट कैसा होगा और इस चुनौतीपूर्ण समय में सामने आए विभिन्न अवसरों को सकारात्मक तरीके से सामने रखा गया है।

राजकोट के स्पेशल एडिशन के बारे में गुजरात के बिजनेस हेड संजीव चौहान का कहना है, ‘इस साल और उस समय में जब दुनिया महामारी के प्रभावों से उबर रही है, यह एडिशन पाठकों के बीच आशा और सकारात्मकता पैदा कर रहा है। बाजार की स्थिति के बीच यह बिजनेस कम्युनिट के साथ-साथ खरीदारों में विश्वास पैदा करने की दिशा में उठाया गया शानदार कदम है।’

वहीं, सौराष्ट्र और कच्छ के रीजनल हेड जयदीप मेहता का कहना है, ‘राजकोट एडिशन की 14वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए निकाला गया यह मेगा एडिशन पाठकों को श्रेष्ठ देने के दिव्य भास्कर के अपने संकल्प को दोहराता है। यह हमारे पाठकों और व्यापार सहयोगियों के विश्वास और समर्थन के बिना संभव नहीं था, जो हमें चुनौती से निपटने और नए मील के पत्थर स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरित करते हैं।’

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बसों से उतारकर नष्ट कर दीं अखबार की 6000 कॉपियां, संपादक ने जताया ये संदेह

ये अखबार त्रिपुरा के तीन जिलों में बांटने के लिए भेजे जा रहे थे। पुलिस ने इस घटना में शामिल लोगों की तलाश का काम शुरू कर दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 09 November, 2020
Last Modified:
Monday, 09 November, 2020
Newspapers

त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर में शनिवार को कुछ लोगों ने बसों पर लदीं प्रादेशिक अखबार ‘प्रतिवादी कलम’ (Pratibadi Kalam) की तकरीबन छह हजार कॉपियां छीन लीं और उन्हें नष्ट कर दिया। ये अखबार त्रिपुरा के तीन जिलों में बांटने के लिए भेजे जा रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अखबार में राज्य के कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थीं। त्रिपुरा पुलिस का कहना है कि इस मामले में राधाकिशोरपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है और इस घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।

दैनिक ‘प्रतिबादी कलम’ के संपादक अनोल रॉय चौधरी का कहना है, ‘संदेह है कि अखबार द्वारा कथित तौर पर 150 करोड़ रुपये के कृषि घोटाले पर पिछले तीन दिनों में कई खबरों की एक श्रृंखला पब्लिश करने के कारण यह हमला हुआ है। हमने जो रिपोर्ट पब्लिश की थीं, उनमें अन्य लोगों के साथ कृषि मंत्री प्रणजीत एस. राय (Pranajit Singha Roy) का नाम भी सामने आया था।’

अनोल रॉय चौधरी के अनुसार, उदयपुर में अखबार की करीब छह हजार कॉपियां छीन ली गईं और उनमें से आधे से ज्यादा को जला दिया गया व ढेर सारी कॉपियों को फाड़कर इधर-उधर फेंक दिया गया। अपनी शिकायत में चौधरी ने राजू मजूमदार नाम के व्यक्ति समेत 11 लोगों को अखबार की कॉपियां फाड़ने और जलाने की इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को अन्य जगहों पर जा रहीं अखबारों की कॉपियां भी रोकी गईं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और इस घटना में शामिल लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अगरतला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने पुलिस उप-महानिरीक्षक सौमित्र धर से मुलाकात कर इस घटना के लिए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। 

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फेस्टिव सीजन में प्रिंट मीडिया ने कुछ यूं पकड़ी ‘रफ्तार’

टैम एडेक्स के नवीनतम डाटा के अनुसार, इस साल अप्रैल के मुकाबले अगस्त में प्रतिदिन औसत रूप से विज्ञापन में 5.7 गुना तक की बढ़ोतरी देखी गई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 31 October, 2020
Last Modified:
Saturday, 31 October, 2020
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टीवी न्यूज को लेकर चल रही तमाम तरह की बहस और फेस्टिव सीजन के बीच प्रिंट मीडिया इस सीजन में एडवर्टाइजर्स की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगस्त से कुछ प्रमुख मीडिया संस्थानों द्वारा 50 पेज से ज्यादा के एडिशंस निकाले गए हैं। इसका मतलब साफ है कि प्रिंट की वापसी हो चुकी है। सितंबर से विज्ञापन रेवेन्यू बढ़ने के साथ ही सर्कुलेशन और बेहतर हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले अखबारों ने अब अपना 75 प्रतिशत बिजनेस वॉल्यूम हासिल कर लिया है।   

सर्कुलेशन और विज्ञापन

टैम एडेक्स (TAM AdEx) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल के मुकाबले अगस्त में प्रतिदिन औसत रूप से विज्ञापन में 5.7 गुना तक की बढ़ोतरी देखी गई है। जुलाई से सितंबर के बीच प्रिंट पर विज्ञापन दे रहीं पांच प्रमुख कैटेगरीज में कार, मल्टीपल कोर्सेज, टू-व्हीलर, रियल एस्टेट और ओटीसी प्रॉडक्ट्स की विस्तृत श्रंखला शामिल रही। अप्रैल से जून के बीच टॉप-5 कैटेगरीज में विज्ञापन वॉल्यूम 21 प्रतिशत के मुकाबले जुलाई और सितंबर के बीच यह 33 प्रतिशत रहा।

इस बारे में मैल्कम राफेल (Malcolm Raphael), SVP and Head, Creative Strategy and Planning, Times Response (BCCL), the creative & media planning unit of BCCL का कहना है, ‘लंबे समय तक लॉकडाउन के बावजूद हम आशावादी हैं और यही कारण है कि ऐड वॉल्यूम और रेवेन्यू महीना दर महीना बढ़ रहा है। फेस्टिव सीजन न सिर्फ मीडिया के लिए बल्कि तमाम अन्य कैटेगरीज के लिए महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान कंज्यूमर्स सबसे ज्यादा खर्च करते हैं और यह ब्रैंड्स के लिए त्योहारी भावनाओं को भुनाने का महत्वपूर्ण समय होता है। पिछले 40 दिन की बढ़त से यही प्रतिबिंबित हो रहा है। तमाम चुनौतियों के बावजूद ब्रैंड्स सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहे हैं।’

अखबारों का सर्कुलेशन वापस ट्रैक पर आ रहा है और बड़े प्लेयर्स ने सकारात्मक ट्रेंड देखना शुरू कर दिया है। पिछले हफ्ते ‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ (DB Corp Limited) ने अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की थी। इसमें बताया था कि जुलाई से सर्कुलेशन बढ़ा है।

इस बारे में ‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर अग्रवाल का कहना है, ‘हालांकि पहली तिमाही में हमारे परिणाम में जरूर कुछ व्यवधान देखने को मिला है, लेकिन यह बताना महत्वपूर्ण है कि लगभग सभी मापदंडों में चाहे वह परिचालन हो, एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू हो अथवा सर्कुलेशन, जुलाई के बाद से हमने इनमें सुधार देखा है और यह लगातार आगे बढ़ रहा है। हमें यह बताते हुए खुशी है कि हमारा प्रदर्शन अब कोविड-19 के पहले के स्तर के नजदीक आ रहा है।’

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अपने 100 साल के इतिहास में TIME मैगजीन ने उठाया ये कदम

दुनियाभर में मशहूर अमेरिका की राजनीतिक पत्रिका 'टाइम' (TIME) ने अपने 100 साल के इतिहास में पहली बार एक ऐसा कदम उठाया है, जिसकी वजह से यह मैगजीन चर्चाओं में है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 27 October, 2020
Last Modified:
Tuesday, 27 October, 2020
TimeMagazine

दुनियाभर में मशहूर अमेरिका की राजनीतिक पत्रिका 'टाइम' (TIME) ने अपने 100 साल के इतिहास में पहली बार एक ऐसा कदम उठाया है, जिसकी वजह से यह मैगजीन चर्चाओं में है। दरअसल, टाइम मैगजीन ने अपने कवर पेज का लोगो बदला है। टाइम ने नवंबर के डबल इश्यू का लोगो VOTE कर दिया है। मैगजीन ने अमेरिका नागरिकों से राष्ट्रपति चुनाव में वोट करने की अपील की है।

मैगजीन का कवर डिजाइन शेपर्ड फेयरी ने तैयार किया है। शेपर्ड ने ही 2008 के चुनावों में मशहूर HOPE पोस्टर तैयार किया था और इसमें बराक ओबामा को राष्ट्रपति के तौर पर उम्मीद बताया गया था। नया एडिशन 3 नवंबर को होने वाले चुनावों से पहले बाजार में आएगा। मैगजीन के कवर पर महिला मास्क पहने नजर आ रही है। मास्क पर बैलेट बॉक्स है और इस पर भी वोट प्रिंट किया गया है। कवर के बारे में फेलसेंथल ने कहा कि इसमें जो महिला है, वह जानती है कि महामारी के समय लोकतंत्र के सामने ज्यादा परेशानियां हैं, फिर भी वह अपनी आवाज उठाने और इसे वोटिंग के जरिए ताकत देने के लिए संकल्पित है।

वहीं टाइम मैगजीन के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ फेलसेंथल ने लोगों से आधुनिक इतिहास के सबसे विभाजित करने वाले और अहम राष्ट्रपति चुनावों में अमेरिकी नागरिकों से वोट की अपील की। एक नोट में फेलसेंथल ने रीडर्स के लिए लिखा, ‘एक साल की पीड़ा, कठिनाई और उथल-पुथल के बाद अब हमारे पास पीढ़ियों में एक बार आने वाला मौका है, ताकि हम अपनी लय को बदल सकें। फेलसेंथल ने कवर का लोगो बदलने के बारे में भी बताया कि ऐतिहासिक तौर पर हम ऐसा निर्णय लेने जा रहे हैं, जो शायद ही कभी किसी ने बैलेट बॉक्स के जरिए लिया होगा। हमने करीब 100 साल के अपने इतिहास में पहली बार अपना यूएस एडिशन का लोगो बदला है, वो भी इस बेहद जरूरी संदेश के साथ कि लोग अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल करें।

बता दें कि अमेरिका में चुनाव इस साल 3 नवंबर को होने जा रहे हैं। इस बार कई बड़ी चुनौतियों के बीच चुनाव हो रहा है। कोरोना के चलते 2.20 लाख से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। वहीं बेरोजगारी का दर भी काफी बढ़ गया है।  

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