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मीडिया पर कोरोना का असर, 300 से अधिक अखबारों का प्रकाशन अस्थायी रूप से बंद!
कोरोना के चलते विश्व की महाशक्तियों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। भारत में भी इसका असर इंडस्ट्री पर दिखाई देने लगा है। मीडिया इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इस महामारी के चलते विश्व की महाशक्तियों की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। भारत में भी कोरोना का असर इंडस्ट्री पर दिखाई देने लगा है। मीडिया इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है। एक्सप्रेस ग्रुप से जहां एक दिन पहले खबर आयी कि वह अपने यहां काम कर रहे मीडियाकर्मियों की सैलरी में कटौती करेगा, तो वहीं अब एक और बुरी खबर सामने आयी है।
मध्य प्रदेश के 300 से अधिक छोटे और मझोले अखबार के मालिकों ने अपने-अपने अखबार अस्थायी रूप से छापने बंद कर दिये हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया, देशव्यापी लॉकडाउन के कारण यातायात की सुविधा के अभाव के साथ-साथ विज्ञापनों में आई भारी कमी ही इसकी मुख्य वजह है। लॉकडाउन से पहले इनमें से अधिकांश अखबार मध्य प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों से प्रकाशित हुआ करते थे।'
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, लोगों में यह डर है कि यदि वे समाचार पत्रों को इस महामारी के समय खरीदेंगे तो इसके जरिये वे भी इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। यह भी लोगों द्वारा समाचार पत्र न लेने के मुख्य कारणों में से एक है।
अधिकारी इस बात की भी जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग में करीब 670 समाचार पत्र पंजीकृत हैं, जिन्हें सरकारी विज्ञापन मिलते हैं। इनमें से करीब 287 अकेले भोपाल से ही प्रकाशित होते हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन स्थिति अब ऐसी खराब हो गई है कि मध्य प्रदेश के 52 जिलों में से 95 फीसदी जिलों में इस तरह के अखबार नहीं छप रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ, मझोले स्तर के समाचार पत्रों के कुछ मालिकों ने अपने अखबार को ई-पेपर्स के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना शुरू कर दिया है, ताकि समाचारों की दुनिया में अपना अस्तित्व बचाया जा सके।
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