होम / मीडिया फोरम / पढ़िए, किस देश में है पत्रकारों का सबसे बड़ा बन्दीगृह
पढ़िए, किस देश में है पत्रकारों का सबसे बड़ा बन्दीगृह
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी चिंता का विषय हैं, क्योंकि इस चौथे खंभे पर बेखौफ हमला हो रहा है। पत्रकारों की उठती आवाज को दबाने के लिए या तो उन्हें मौत के घाट उतार जाता है या फिर उन्हें बंदी बना लिया जाता ह
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी चिंता का विषय हैं, क्योंकि इस चौथे खंभे पर बेखौफ हमला हो रहा है। पत्रकारों की उठती आवाज को दबाने के लिए या तो उन्हें मौत के घाट उतार जाता है या फिर उन्हें बंदी बना लिया जाता है। लेकिन हम यहां आपको बता दें कि दुनिया में पत्रकारों का सबसे बड़ा बन्दीगृह तुर्की है। दरअसल यह कहना है तुर्क दैनिक लोकतंत्र के पूर्व चीफ एडिटर जॉन दोनदर का। उन्होंने टीवी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में तुर्की में पत्रकारों के दमन की आलोचना की।
[caption id="attachment_35758" align="alignleft" width="265"]जॉन दोनदर ने टीवी चैनल ‘फ्रांस 24’ को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने तुर्की में पत्रकारों की बदतर स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा, 'मैं 37 साल से पत्रकारिता के कर्तव्यों का पालन कर रहा हूं, लेकिन ये हालात तुर्की के इतिहास की सबसे खराब स्थिति है। हमने इस तरह दमन का सिलसिला यहां तक कि 1890 के दशक में भी नहीं देखा। तुर्की इस समय पत्रकारों के लिए एक कैदखाने से कम नहीं है।
उन्होंने रजब तैयब एर्दोगान सरकार में पत्रकारों पर होने वाले अत्याचार के संबंध में यूरोपीय देशों की चुप्पी पर भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों की चुप्पी ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया, यह चुप्पी केवल शरणार्थियों के कारण अपनाई गई है, क्योंकि यूरोप और तुर्की के बीच तय हुआ है कि एर्दोगान शरणार्थियो को तुर्की में ही रोक कर रखेंगे और उन्हे यूरोप नहीं जाने देंगे, ताकि यूरोपीय देश एर्दोगान द्वारा उठाए गए सभी कदमों पर मूक दर्शक बने रहेंगे।
बता दें कि करीब दस महीने पहले तुर्की की एक अदालत ने सरकारी राज फाश करने के अपराध में जॉन दोनदर को पांच साल दस महीने कैद की सजा सुनाई थी। अदालत जाते हुए उन पर जानलेवा हमला भी किया गया था लेकिन वह बाल-बाल बच गए थे।
अदालती आदेश के बाद वह देश से भाग गए और इस समय वह जर्मनी में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं।
दरअसल, साल 2014 की शुरुआत में जॉन दोनदर ने अपने एक लेख के जरिए यह रहस्य उजागर किया कि तुर्क इंटेलिजेंस सीरिया मे आतंकवादियों को हथियारों की सप्लाई करता है। इस सूचना के प्रकाशित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स