होम / मीडिया फोरम / पत्रकारों का आरोप, पॉलिटिकल कंटेंट को सेंसर कर रही फेसबुक

पत्रकारों का आरोप, पॉलिटिकल कंटेंट को सेंसर कर रही फेसबुक

वर्ष 2019 में प्रस्तावित लोकसभा चुनावों को देखते हुए डिजिटल स्पेस में इसे लेकर...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

वर्ष 2019 में प्रस्तावित लोकसभा चुनावों को देखते हुए डिजिटल स्पेस में इसे लेकर सक्रियता दिखाई देने लगी है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि चुनावों में यह माध्यम अहम भूमिका निभाएगा।

ऐसे में सबसे ज्यादा फोकस फेसबुक पर दिया जा रहा है, जिसकी वर्ष 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में उस समय काफी आलोचना हुई थी, जब यह बात सामने आई थी कि कैंब्रिज एनालिटिका फर्म ने अपने फायदे के लिए दुनियाभर से 87 मिलियन फेसबुक यूजर्स की निजी जानकारी जुटा ली थी।

न्यूज वेबसाइट ‘scroll.in’ में प्रकाशित एक आर्टिकल अनुसार, भारत में भी अब फेसबुक पर सवाल उठने लगे हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स में कई पत्रकारों ने फेसबुक पर पॉलिटिकल कंटेंट पर सेंसरशिप लगाने के साथ ही उनकी न्यूज स्टोरीज को स्पैम के रूप में दिखाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि फेसबुक उनके अकाउंट्स को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर रही है, न्यूज को स्पैम में दर्शाया जा रहा है और न्यूज ऑर्गनाइजेशंस को उनके आर्टिकल प्रकाशित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। हालांकि कुछ लोग इसे फेसबुक की कंटेंट मॉडरेशन पॉलिसी तो कई लोग इसे ऑटोमैटिड सिस्टम बता रहे हैं।

आर्टिकल के अनुसार, इस बारे में फेसबुक का कहना है कि अनुचित व्यवहार के साथ ही लगातार एक ही तरह का कंटेंट पोस्ट करने और बार-बार नाम बदलने के कारण अकाउंट्स को स्पैम में दर्शाया जा सकता है। फेसबुक की ओर से यह भी कहा गया है, ‘अपने प्लेटफॉर्म पर इस तरह के कंटेंट पर अंकुश लगाने के लिए हमारे सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यह सिस्टम ऐसे देशों में लाया गया है, जहां चुनाव हैं। बड़े पैमाने पर काम होने के कारण कुछ पेज गलती से स्पैम में दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इस तरह के मामलों के लिए अपील की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।‘

आर्टिकल के अनुसार, ‘द टेलिग्राफ’ ने पिछले महीने कहा था कि 10 पत्रकारों के फेसबुक अकाउंट अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिए गए थे। इनमें ‘जनता का रिपोर्टर’ वेबसाइट के रिफत जावेद और सुरेश कुमार भी शामिल थे। आरोप था कि संस्थान के खातों के साथ ही उनके खुद के खाते भी दो-तीन दिन के लिए सस्पेंड कर दिए गए थे, जब तक उन्होंने अपनी पहचान संबंधी डॉक्यूमेंट्स फेसबुक को ईमेल नहीं कर दिए थे।

जावेद का कहना था कि 27 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के बारे में एक आलोचनात्मक आर्टिकल पोस्ट करने के कुछ मिनट बाद ही फेसबुक की ओर से उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि फेसबुक की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका अकाउंट इस पोस्ट की वजह से बंद किया गया। ‘द टेलिग्राफ’ की रिपोर्ट में अन्य पत्रकारों के बारे में भी बताया गया था कि पहचान संबंधी डॉक्यूमेंट्स देने के बाद ही सस्पेंड किए गए उनके अकाउंट्स चालू किए गए।

वहीं. कुछ मीडियाकर्मियों का आरोप है कि उनके न्यूज आर्टिकल को फेसबुक में स्पैम दिखाया जा रहा है। हिंदी न्यूज वेबसाइट‘Janjwar’ के पेज मैनेजर अजय प्रकाश का आरोप है कि पिछले छह महीनों में उनके कई आर्टिकल के साथ ऐसा हो चुका है। अजय का यह भी कहना है कि पूर्व में सरकार के ऊपर लिखी गईं कई स्टोरीज को भी स्पैम दर्शाया जा चुका है।

रिपोर्ट के अनुसार कुछ मामलों में फेसबुक के प्रवक्ता ने माना था कि ऐसा कंपनी के स्पैम फिल्टर की गलती से हुआ था और बाद में स्टोरी को रीस्टोर कर लिया गया था। इसके अलावा सितंबर में भी कई पत्रकारों ने आरोप लगाया था कि उनके आर्टिकल फेसबुक फिल्टर के कारण स्पैम दिखाई दे रहे थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई।

इस महीने की शुरुआत में फेसबुक ने घोषणा की थी कि उसने विभिन्न कारणों से अमेरिका में 800 से ज्यादा पॉलिटिकल पेजों और अकाउंट्स को हटाया था। लेकिन इसके बाद सवाल उठा था कि कंपनी ने कितनी सावधानी से पेजों की जांच की थी, कुछ लोगों ने इसे सेंशरशिप बताया था।

‘scroll.in’ की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में ‘कारवां’ मैगजीन ने एक आर्टिकल में दावा किया था कि फेसबुक ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बारे में लिखी गई उसकी स्टोरी को बूस्ट करने की मांग को खारिज कर दिया था। कारवां की एडिटर सुरभि कांगा का कहना था कि यह पहला मौका था, जब फेसबुक ने उनकी स्टोरी को बूस्ट करने की मांग को ठुकरा दिया था। इस बारे में फेसबुक का कहना था कि यह स्टोरी फेसबुक की ऐडवर्टाइजिंग पॉलिसी का पालन नहीं कर रही थी। हालांकि तमाम कवायद के बाद करीब 10 दिनों बाद फेसबुक ने आर्टिकल को बूस्ट करने की मंजूरी दे दी थी।

फेसबुक द्वारा कंटेंट पर रोक लगाने का मामला उठाने वाले पत्रकारों का कहना है कि इन मामलों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कुछ बेहतर रास्ता तलाशने की जरूरत है। इस बारे में अजय प्रकाश का कहना है, ‘फेसबुक को भारत जैसे बड़े बाजार के लिए एक हेल्पलाइन खोलनी चाहिए, ताकि लोग सीधे संवाद स्थापित कर सकें,  क्योंकि स्पष्टीकरण के लिए फेसबुक तक पहुंचना बहुत मुश्किल है।‘


टैग्स पत्रकार फेसबुक
सम्बंधित खबरें

जियोस्टार में सानिया फ़ज़ल की नई पारी : बनीं क्रिएटिव डायरेक्टर

सानिया फ़ज़ल ने जियोस्टार में क्रिएटिव डायरेक्टर – ब्रांड सॉल्यूशंस, कंटेंट पार्टनरशिप्स और ब्रांडेड कंटेंट के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। वह रणनीतिक साझेदारी व ब्रांड कहानी को नई दिशा देंगी।

15 hours ago

नर्मदा प्रसाद उपाध्याय और अतुल तारे को मिला हिन्दी गौरव अलंकरण 2026

साहित्यकार संध्या राणे के कविता संग्रह ‘शुभम् करोति’ का लोकार्पण भी हुआ। इस अवसर पर अरविंद तिवारी, पुरुषोत्तम दुबे, योगेन्द्रनाथ शुक्ल, डॉ. पद्मा सिंह, जयंत भिसे, हरेराम वाजपेयी उपस्थित रहे।

20 hours ago

इंडिया हैबिटेट सेंटर में ‘भाषा’ खंड का शुभारंभ: मातृभाषाओं को समर्पित नई पहल

इंडिया हैबिटेट सेंटर ने ‘भाषा’ नामक विशेष खंड की शुरुआत की। यह पहल भारतीय भाषाओं के साहित्य को एक स्थान पर उपलब्ध कराकर भाषाई विविधता के संरक्षण और प्रसार को समर्पित है।

20 hours ago

Tips Films के ऑफिस पर GST विभाग की जांच खत्म, कंपनी ने कही ये बात

मुंबई की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी Tips Films Limited के रजिस्टर्ड ऑफिस और कॉर्पोरेट ऑफिस पर जीएसटी विभाग ने हाल ही में सर्च और निरीक्षण की कार्रवाई की।

1 day ago

BBC के पूर्व इंडिया हेड संजीव श्रीवास्तव ने खोली कचौरी की दुकान, बताई ये वजह

समाचार4मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि दुकान की री-मॉडलिंग और तैयारियों में करीब छह महीने लगे और इस दौरान कई जटिलताएं भी सामने आईं, लेकिन अब चीजें धीरे-धीरे स्थिरता की ओर हैं।

2 days ago


बड़ी खबरें

'डीडी न्यूज' में नौकरी का मौका, सीनियर कॉरेस्पोंडेंट के लिए मोटी सैलरी ऑफर

भारत के लोक सेवा प्रसारक प्रसार भारती ने 'डीडी न्यूज' के लिए बड़ी भर्ती का ऐलान किया है।

16 hours ago

फिल्म सर्टिफिकेशन की ‘प्रायोरिटी स्कीम’ बंद करने की तैयारी, सरकार ने मांगे सुझाव

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म सर्टिफिकेशन से जुड़ी ‘प्रायोरिटी स्कीम’ को खत्म करने का प्रस्ताव रखा है।

16 hours ago

ESOP के जरिए एम्प्लॉयीज को मिला फायदा, बालाजी टेलीफिल्म्स ने बढ़ाई पेड-अप कैपिटल

टीवी और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की जानी-मानी कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स (Balaji Telefilms Limited) ने अपने एम्प्लॉयीज को ESOP योजना के तहत 25,000 इक्विटी शेयर जारी किए हैं।

16 hours ago

SAIL बनी DD न्यूज के ‘डिकोड विद सुधीर चौधरी’ की स्पॉन्सर कंपनी

देश की बड़ी सरकारी स्टील कंपनी Steel Authority of India Limited (SAIL) अब डीडी न्यूज के चर्चित प्राइम टाइम शो ‘डिकोड विद सुधीर चौधरी’ की स्पॉन्सर कंपनी बन गई है

17 hours ago

निकुंज डालमिया ने लॉन्च किया नया बिजनेस प्लेटफॉर्म ‘The Broadview’

ET Now और ET Now Swadesh के एडिटर-इन-चीफ रह चुके निकुंज डालमिया अब अपना नया वेंचर ‘The Broadview’ लेकर आए हैं।

1 day ago