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सुमित अवस्थी का ये संवाद वाकई पत्रकारिता की नई पीढ़ी के लिए समझना जरूरी है...
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्री य पत्रकारिता विश्व विद्यालय के नोएडा सेक्टयर 62 स्थित स्थाटनीय परिसर में...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नोएडा सेक्टर 62 स्थित स्थानीय परिसर में हाल ही में नवागत विद्यार्थियों के प्रबोधन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ टीवी पत्रकार सुमित अवस्थी ने छात्रों को पत्रकारिता की बारीकियों के बारे में बताते हुए इस पेशे की चुनौतियों से भी रूबरू कराया।
छात्रों को पत्रकारिता के टिप्स देते हुए सुमित अवस्थी ने कहा कि उन्हें मन में सवाल तैयार करते रहने चाहिए और उन्हें उठाना चाहिए, जब तक छात्र सवाल नहीं पूछेंगे, वे पत्रकार कैसे बनेंगे।
सुमित अवस्थी ने कहा कि टेक्नोलॉजी के साथ चुनौतियां भी बदल रही हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में यदि कोई चीज आपके पास फॉरवर्ड होकर आए तो उस पर कतई विश्वास न करें। फिर चाहे उसे आपके किसी खास करीबी अथवा परिवार के सदस्य ने ही क्यों न फॉरवर्ड किया हो। फॉरवर्ड करने से पहले उनसे भी पूछिए कि वह कंटेंट उन्हें कहां से मिला। उस कंटेंट पर तभी विश्वास करें, जब आपने उसे तैयार किया हो। आमतौर पर होता यह है कि जैसे ही हमें वॉट्सऐप अथवा फेसबुक पर कोई कंटेंट मिलता है, हम उसकी सत्यता की पुष्टि किए बिना उसे फॉरवर्ड कर देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। एक पत्रकार होने के नाते इस तरह का काम कर आप पाप के भागी बनते हैं। ऐसे में आपको और सतर्क होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां के स्टाफ के साथ किसी न किसी तरह जुड़ा रह हूं। इसलिए जब भी मैं यहां आता हूं तो ऐसा लगता है कि मैं अपने घर आ रहा हूं।’
सुमित अवस्थी का कहना था कि इस पेशे में तमाम चुनौतियां हैं, ऐसे में विवेक के द्वारा परिस्थितियों से सामंजस्य स्थापित करना होता है। यह आठ-दस घंटे की नहीं, बल्कि 24 घंटे की नौकरी है। आज के समय में सोशल मीडिया व अन्य तमाम माध्यमों से आपके पास खबर पहुंच रही है, ऐसे में आपको अपने विवेक से उनमें से सही खबर का चुनाव करना है।
इसके अलावा भी सुमित अवस्थी ने छात्र-छात्राओं को पत्रकारिता के कई आयाम बताए, जिन्हें आप इन विडियोज में देख सकते हैं-
आप पाप मत कीजिए, क्राइम का हिस्सा मत बनिए-
ये मेरे घर जैसा है...
ये भी एक तरह की चुनौती है-
विवेक से बनाना होता है सामंजस्य-
अब चुनौती 'उल्टी' हो गई है-
शक मत कीजिए, पर सवाल जरूर उठाइए-
अब चैलेंज बदल रहे हैं-
तर्क होना चाहिए आपके पास-
शक मत कीजिए, पर सवाल जरूर उठाइए-
कोई किसी को सिखाता नहीं है-
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