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पत्रकार रेजाज सिद्दीकी पर UAPA के तहत मामला दर्ज, जांच अब महाराष्ट्र ATS के हवाले
केरल के स्वतंत्र पत्रकार रेजाज एम शिबा सिद्दीकी के खिलाफ दर्ज मामले की जांच अब महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) कर रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
केरल के स्वतंत्र पत्रकार रेजाज एम शिबा सिद्दीकी के खिलाफ दर्ज मामले की जांच अब महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) कर रही है। रेजाज फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उन पर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े होने का आरोप है। 15 मई को हुई सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र ATS ने विशेष एनआईए कोर्ट को बताया कि पत्रकार पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 38 और 39 लगाई गई है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि रेजाज का संबंध हिजबुल मुजाहिदीन, जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) और सीपीआई (माओवादी) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है।
रेजाज को 7 मई को नागपुर के लकड़गंज थाने में दर्ज एफआईआर के बाद गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने सेना विरोधी नारे लगाए और प्रतिबंधित संगठनों से संबंध रखे। एफआईआर में उन्हें सीपीआई (माओवादी) का संभावित सदस्य बताया गया है।
पुलिस का दावा है कि उनके पास ऐसे फोटो भी हैं जिनमें रेजाज को हथियारों के साथ देखा गया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 149 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयारी के लिए हथियार इकट्ठा करना), धारा 192 (दंगा भड़काने की नीयत से उकसाना), और धारा 353 के कई उपखंडों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही सूचना एवं खुफिया अधिनियम की धारा 67 के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कोर्ट से 10 दिन की कस्टडी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने केरल से जुटाए गए सबूतों से जुड़े पंचनामा और जब्ती दस्तावेज पेश न करने पर महाराष्ट्र पुलिस को फटकार लगाई। फिलहाल कोर्ट ने 18 मई तक की हिरासत मंजूर की है।
रेजाज ने केरल यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क की पढ़ाई की है और मकतूब व काउंटर करंट्स जैसे स्वतंत्र मंचों के लिए रिपोर्टिंग की है। उनकी पत्रकारिता का फोकस अक्सर पुलिस ज्यादती, जातीय भेदभाव और जेलों में कैद लोगों की हालत पर रहा है। शुरुआत में इस मामले की जांच नागपुर पुलिस कर रही थी, जिसने केरल स्थित उनके घर की तलाशी भी ली थी।
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