‘The Caravan’ मैगजीन ने जीता IPI-India अवॉर्ड 2023

इस मैगजीन के दिसंबर 2022 के अंक में ‘Clicks and Bait’ हेडलाइन से प्रकाशित आर्टिकल के लिए संयुक्त रूप से यह अवॉर्ड नील माधव और अलीशान जाफरी को दिया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 December, 2023
Last Modified:
Saturday, 16 December, 2023
IPI Award


नील माधव और अलीशान जाफरी को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए आईपीआई इंडिया अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया है। दोनों को यह अवॉर्ड ‘द कारवां’ (The Caravan) मैगजीन के दिसंबर 2022 के अंक में ‘Clicks and Bait’ हेडलाइन से प्रकाशित आर्टिकल के लिए संयुक्त रूप से दिया गया है। इस अवॉर्ड के तहत एक लाख रुपये, एक ट्रॉफी और प्रत्येक को प्रशस्ति पत्र शामिल है।

दरअसल, इस आर्टिकल में उन्होंने कुछ ऐसे यूट्यूब चैनल्स को उजागर किया था, जो विद्वेष फैलाने वाले वीडियो क्लिप्स तैयार करते हैं जो उत्तर प्रदेश समेत देश में कई जगह वायरल हो रहे हैं।

तमाम प्रविष्टियों में से इस अवॉर्ड के लिए विजेता का चयन सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में गठित संपादकों की प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया गया।

वर्ष 2003 में शुरू हुआ यह अवॉर्ड अब तक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के 19 मीडिया संस्थानों व पत्रकारों को दिया जा चुका है।

गौरतलब है कि आईपीआई का इंडिया चैप्टर अखबारों, मैगजींस और न्यूज एजेंसियों के एडिटर्स, पब्लिशर्स और सीनियर एग्जिक्यूटिव्स का एक सक्रिय मंच है, जो सभी ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रेस संस्थान’ (International Press Institute) के सदस्य हैं।

आईपीआई के इंडिया चैप्टर ने वर्ष 1966 और 2001 में भारत में विश्व कांग्रेस और आईपीआई की महासभा की सफलतापूर्वक मेजबानी की है  और यह भारत में प्रेस की स्वतंत्रता से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उठाता रहा है।

15 देशों के एडिटर्स के एक समूह द्वारा 72 साल पहले न्यूयॉर्क में स्थापित  इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट वास्तव में प्रेस की स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन बन गया है।

वियना स्थित आईपीआई तमाम राष्ट्रों के बीच सटीक और संतुलित समाचारों के मुक्त आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सूचना के मुक्त प्रवाह पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने में भी आगे है।

 

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नहीं रहे आरके सिन्हा: पत्रकारिता, राजनीति और उद्योग जगत में बनाई थी अलग पहचान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और SIS ग्रुप के संस्थापक रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 30 October, 2026
Last Modified:
Friday, 30 October, 2026
RK Sinha

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और SIS ग्रुप के संस्थापक रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह पत्रकार, उद्यमी और राजनेता के रूप में अपनी अलग पहचान रखते थे। उनके निधन से राजनीतिक, कारोबारी और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। उनके निधन पर राजनीतिक नेताओं, कारोबारी सहयोगियों और शुभचिंतकों ने शोक व्यक्त किया है।

परिवार के सदस्यों के अनुसार, आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे।

आरके सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। उन्होंने राजनीतिक विज्ञान और कानून की पढ़ाई की थी। पत्रकारिता के दौरान वह अपराध और राजनीतिक खबरों की रिपोर्टिंग करते थे। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान युद्ध संवाददाता के रूप में उनके काम की काफी सराहना हुई थी। इसी दौर में उन्होंने ‘जन आंदोलन’ नामक पुस्तक भी लिखी थी। इसे 1970 से 1975 के बीच जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले छात्र आंदोलन पर आधारित पहली प्रामाणिक शोध पुस्तक माना जाता है।

दो लोगों के साथ शुरू किया था SIS ग्रुप: युद्ध के बाद सेवानिवृत्त सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की सोच के साथ उन्होंने वर्ष 1974 में सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (SIS) की स्थापना की। उन्होंने पूर्वी भारत में एक छोटे से किराये के कार्यालय से महज दो लोगों की टीम के साथ इसकी शुरुआत की थी। पहली पीढ़ी के उद्यमी के रूप में उन्होंने अपनी मेहनत और दूरदर्शिता से इस कारोबार को आगे बढ़ाया।

देखते ही देखते SIS ग्रुप एशिया-प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख सुरक्षा सेवा कंपनियों में शामिल हो गया। कंपनी में 36,000 से अधिक स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं और इसके 3,000 कॉरपोरेट ग्राहक हैं। इसका कारोबार 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का है। निजी सुरक्षा उद्योग में उनके योगदान के लिए उन्हें इस क्षेत्र का अग्रणी उद्यमी माना जाता था। वह सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े विधायी और नियामक मुद्दों पर विभिन्न सरकारी संस्थाओं के समक्ष उद्योग का प्रतिनिधित्व भी करते थे। वर्ष 1999 से 2004 तक उन्होंने भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सलाहकार के रूप में भी काम किया।

सुरक्षा, नुकसान की रोकथाम, प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी आरके सिन्हा की विशेष पहचान थी। उन्होंने भारत और अमेरिका के विश्वविद्यालयों में नियमित फैकल्टी के रूप में पढ़ाया और दुनिया भर के उद्योग मंचों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। वर्ष 2006 में सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ सिंगापुर ने उद्योग में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘लॉस प्रिवेंशन प्रमोटर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था।

जनसंघ के दिनों से भाजपा से जुड़े थे आरके सिन्हा: आरके सिन्हा का भाजपा से जुड़ाव जनसंघ के समय से था। उन्होंने पार्टी में राज्य और केंद्रीय स्तर पर कई संगठनात्मक पदों पर काम किया। वह बिहार चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष भी रहे। उनकी अध्यक्षता वाली समिति ने बिहार विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी को उल्लेखनीय सफलता दिलाई। वर्ष 2014 में भाजपा ने उन्हें बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था और वह निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल 2014 से 2020 तक रहा। संसद में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई समितियों में सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इनमें गृह मामलों और विदेश मामलों से संबंधित स्थायी समितियां, श्रम एवं रोजगार संबंधी परामर्श समिति और राज्यसभा की याचिका समिति शामिल थीं।

राजनीतिक जगत में शोक की लहर: आरके सिन्हा के निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया। उन्होंने इसे अत्यंत हृदयविदारक बताते हुए कहा कि पत्रकारिता, समाजसेवा और संगठन के क्षेत्र में सिन्हा का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनका निधन राजनीतिक और सामाजिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। जनता दल (यूनाइटेड) ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पार्टी परिवार की ओर से श्रद्धांजलि दी। वहीं, बिहार भाजपा ने उनके आकस्मिक निधन को भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का बजट 193.56 करोड़ बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का बजट 193.56 करोड़ रुपये बढ़कर 4,551.94 करोड़ रुपये हुआ। केंद्रीय योजनाओं और स्थापना खर्च के आवंटन में वृद्धि हुई है.

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Published - Friday, 30 October, 2026
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Friday, 30 October, 2026
iandbministry

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) के बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 193.56 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में मंत्रालय का बजट अनुमान 4,358.38 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 4,551.94 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह करीब 4.44 प्रतिशत की वृद्धि है।

मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में बजट से जुड़ी जानकारी दी गई है। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 के मूल बजट अनुमान, संशोधित अनुमान और वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान शामिल हैं।

केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं (Central Sector Schemes) के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 1,118.49 करोड़ रुपये का बजट अनुमान रखा गया था। वित्त वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर 1,361.79 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस मद में 243.30 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

मंत्रालय के स्थापना व्यय (Establishment Expenditure) के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 582.50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। वित्त वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर 599.08 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी स्थापना खर्च के बजट में 16.58 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।

वहीं, अन्य केंद्रीय खर्च के बजट में कटौती की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस मद के लिए 2,657.39 करोड़ रुपये का बजट अनुमान था, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 में घटाकर 2,591.07 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस मद में 66.32 करोड़ रुपये की कमी हुई है।

कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026-27 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को 4,551.94 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह पिछले वित्त वर्ष के 4,358.38 करोड़ रुपये के बजट अनुमान से 193.56 करोड़ रुपये अधिक है। केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं और स्थापना खर्च के आवंटन में बढ़ोतरी हुई है, जबकि अन्य केंद्रीय खर्च कम किया गया है।

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जियोस्टार की स्पोर्ट्स रिसर्च टीम से जुड़ीं पंक्ति सिधपुरा

पंक्ति सिधपुरा जियोस्टार से रिसर्च मैनेजर-स्पोर्ट्स के तौर पर जुड़ी हैं। इससे पहले वह द थर्ड आई इंटीग्रेटेड सर्विसेज में रिसर्च मैनेजर थीं और कई रिसर्च कंपनियों में काम कर चुकी हैं।

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Published - Friday, 30 October, 2026
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Friday, 30 October, 2026
pankti

पंक्ति सिधपुरा (Pankti Sidhpura) जियोस्टार (JioStar) से रिसर्च मैनेजर-स्पोर्ट्स (Research Manager, Sports) के तौर पर जुड़ी हैं। उन्होंने हाल ही में लिंक्डइन (LinkedIn) पर इस बदलाव की जानकारी दी। उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने सितंबर 2026 में यह जिम्मेदारी संभाली।

जियोस्टार से जुड़ने से पहले सिधपुरा करीब तीन साल तक द थर्ड आई इंटीग्रेटेड सर्विसेज (The Third Eye Integrated Services) से जुड़ी रही थीं। यहां उनकी आखिरी जिम्मेदारी रिसर्च मैनेजर की थी।

इससे पहले वह कांटर (Kantar), मार्केटविस्टास कंज्यूमर इनसाइट्स (MarketVistas Consumer Insights), इप्सोस (Ipsos) और पायनियर पब्लिसिटी कॉरपोरेशन (Pioneer Publicity Corporation) में भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।

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नेटवर्क18 का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 9.4 प्रतिशत बढ़ा

नेटवर्क18 का सितंबर तिमाही ऑपरेटिंग रेवेन्यू 9.4 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये हुआ। कंपनी का ईबीआईटीडीए भी बेहतर रहा, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूजर और वीडियो एंगेजमेंट में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई है।

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Published - Friday, 30 October, 2026
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Friday, 30 October, 2026
network18

नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Ltd.) का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू (Consolidated Operating Revenue) सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 498 करोड़ रुपये था।

कंपनी के मुताबिक, न्यूज जॉनर में विज्ञापन इन्वेंट्री की खपत करीब 13 प्रतिशत कम हुई। पश्चिम एशिया संघर्ष, कमजोर मानसून और टेलीविजन रेटिंग्स के ब्लैकआउट का असर कॉरपोरेट विज्ञापन खर्च पर बना रहा।

हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और राजनीतिक दलों से जुड़े अभियानों के कारण सरकारी विज्ञापनों की मांग लगातार दूसरी तिमाही में मजबूत रही।

कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए 19 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 3.4 प्रतिशत दर्ज किया गया। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी को 0.5 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए घाटा हुआ था और मार्जिन 0.1 प्रतिशत था।

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 10 प्रतिशत बढ़कर 1,061 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 966 करोड़ रुपये था। इस दौरान ईबीआईटीडीए मार्जिन 2.5 प्रतिशत रहा।

नेटवर्क18 के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई (Adil Zainulbhai) ने कहा कि चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक माहौल के बीच कंपनी ने तिमाही में मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बाहरी परिस्थितियों का असर उद्योग की धारणा और उपभोक्ता मांग पर बना हुआ है, लेकिन कंपनी ने मुख्य कारोबार मजबूत करने, ऑडियंस एंगेजमेंट बढ़ाने और सभी कारोबारों में बेहतर क्रियान्वयन पर ध्यान बनाए रखा।

उनके अनुसार, प्रमुख ऑपरेशनल मेट्रिक्स में लगातार सुधार कंपनी की रणनीति, ब्रांड्स की मजबूती और टीमों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मजबूत पोर्टफोलियो, बढ़ती डिजिटल पहुंच और अनुशासित तरीके से विकास पर ध्यान के चलते कंपनी उभरते अवसरों का फायदा उठाने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करने की स्थिति में है।

कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Digital Platforms) पर करीब 330 मिलियन मासिक यूजर्स हैं। तिमाही में यूट्यूब (YouTube) प्लेटफॉर्म्स पर 15 अरब से अधिक वीडियो व्यूज दर्ज हुए, जो सालाना आधार पर 17 प्रतिशत ज्यादा हैं। यूट्यूब और फेसबुक (Facebook) पर संयुक्त वीडियो खपत में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी की कुल सोशल मीडिया फॉलोइंग 470 मिलियन से अधिक हो गई।

कनेक्टेड टीवी (Connected TV) पर एंगेजमेंट में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मनीकंट्रोल प्रो (Moneycontrol Pro) के पेड सब्सक्राइबर 10 लाख से ज्यादा बने रहे। मनीकंट्रोल ने अपने निकटतम प्रतिस्पर्धी के मुकाबले तीन गुना से अधिक पेज व्यूज और टाइम स्पेंट दर्ज किया।

न्यूज18 डॉट कॉम (News18.com) के यूनीक यूजर्स में क्रमिक आधार पर 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हाइपरलोकल प्लेटफॉर्म लोकल18 (Local18) से वेबसाइट के कुल ट्रैफिक में करीब एक चौथाई हिस्सा आया।

फर्स्टपोस्ट (Firstpost) का मुख्य यूट्यूब चैनल 1 करोड़ सब्सक्राइबर के करीब पहुंच गया है। तिमाही के दौरान इसके व्यापक सोशल मीडिया नेटवर्क पर 700 मिलियन से अधिक व्यूज दर्ज हुए। सभी प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर फर्स्टपोस्ट का सब्सक्राइबर बेस बढ़कर 2.15 करोड़ हो गया।

नेटवर्क18 ने बताया कि न्यूज चैनलों के लिए टेलीविजन रेटिंग्स का ब्लैकआउट छह महीने से ज्यादा समय से जारी है। अन्य टेलीविजन जॉनर्स की रेटिंग्स भी तीन महीने से अधिक समय से निलंबित हैं।

रेटिंग्स रुकने से पहले कंपनी के 20 न्यूज चैनलों वाले पोर्टफोलियो की अखिल भारतीय व्यूअरशिप हिस्सेदारी 13.8 प्रतिशत थी और इसकी मासिक पहुंच करीब 230 मिलियन दर्शकों तक थी। यह आंकड़ा उसके निकटतम प्रतिस्पर्धी से 35 प्रतिशत अधिक था।

उपलब्ध आखिरी टेलीविजन रेटिंग्स के मुताबिक, सीएनबीसी-टीवी18 (CNBC-TV18) की बिजनेस न्यूज में 63.3 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। न्यूज18 इंडिया (News18 India) की हिंदी न्यूज में हिस्सेदारी 12.8 प्रतिशत और सीएनएन-न्यूज18 (CNN-News18) की अंग्रेजी न्यूज में 36 प्रतिशत थी।

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जोसेफ जाखेर की पुस्तक ‘Designing Sleep’ का विमोचन दिल्ली में 31 अक्टूबर को

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन BW Wellbeing World की मेजबानी में किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ‘The Magic of Sleep: The Superpower to Conquer the World’ विषय पर एक पैनल चर्चा भी होगी।

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Published - Friday, 30 October, 2026
Last Modified:
Friday, 30 October, 2026
Book Launch

नींद और बेहतर आराम के महत्व को समझाने वाली पुस्तक ‘Designing Sleep: A Modern Guide to Better Rest’ का विमोचन 31 अक्टूबर 2026 को शाम 5:30 बजे से 7:30 बजे तक नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) एनेक्सी के ग्राउंड फ्लोर पर लेक्चर रूम 1 में किया जाएगा। इस पुस्तक के लेखक जोसेफ जाखेर हैं। पुस्तक डॉ. शशि दुबे के मार्गदर्शन में लिखी गई है।

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन BW Wellbeing World की मेजबानी में किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ‘The Magic of Sleep: The Superpower to Conquer the World’ विषय पर एक पैनल चर्चा भी होगी।

इस चर्चा में दृश्य एजुकेशन स्कॉलरशिप फाउंडेशन की फाउंडिंग डायरेक्टर भुवना रवि, वैज्ञानिक मेंटर और VEDIQUE से जुड़ी शिखा शर्मा, अंतरराष्ट्रीय तैराक, एथलीट, लेखक और WarriorYogi Fit के फाउंडर भरत सचदेवा और Happinnessfinite Solutions Pvt Ltd के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर ज्वलंत स्वरूप पैनलिस्ट के रूप में शामिल होंगे।

इस पैनल चर्चा का संचालन BW Businessworld और exchange4media समूह में सीनियर एडिटर रुहैल अमीन करेंगे।

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तान्या गोयल करेंगी एएएआई की इंडी काउंसिल की अगुआई

एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों के लिए इंडी काउंसिल बनाई है। तान्या गोयल इसकी अध्यक्षता करेंगी और क्षेत्रीय विविधता पर काम करेगी।

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Published - Thursday, 29 October, 2026
Last Modified:
Thursday, 29 October, 2026
aaai

एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Advertising Agencies Association of India - AAAI) ने स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों के लिए अपनी इंडी काउंसिल (INDIE Council) के गठन की घोषणा की है। इस नई काउंसिल की अध्यक्षता एवरेस्ट एडवरटाइजिंग (Everest Advertising) की तान्या गोयल करेंगी।

नई काउंसिल की प्राथमिकता बड़ी ग्लोबल होल्डिंग नेटवर्क्स की तुलना में स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों के सामने आने वाली कारोबारी और क्रिएटिव चुनौतियों को दूर करना है।

इंडी काउंसिल के प्रमुख एजेंडे में रीजनल डायवर्सिटी को बढ़ावा देना शामिल है। इसके तहत बड़े महानगरों से बाहर मौजूद प्रतिभाओं के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म और संस्थागत ढांचे तैयार किए जाएंगे, जहां क्षेत्रीय अनुभव और विचार राष्ट्रीय स्तर के मानकों को आकार देने में भूमिका निभा सकें।

काउंसिल इंडी विज्ञापन प्रोफेशनल्स और फिल्म निर्माताओं, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, डिजाइनर्स और सोशल साइंटिस्ट्स जैसे बाहरी विशेषज्ञों के बीच सहयोग और नॉलेज एक्सचेंज को भी बढ़ावा देगी।

इसके अलावा, अनुभवी इंडस्ट्री आइकन्स के मार्गदर्शन में उभरते इंडी क्रिएटर्स के लिए स्ट्रक्चर्ड मेंटरशिप प्रोग्राम तैयार किए जाएंगे। काउंसिल का एक अन्य लक्ष्य एआई टूल्स, मारटेक और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म जैसी नई तकनीकों तक छोटी एजेंसियों की पहुंच आसान बनाना है। इसके लिए सब्सिडाइज्ड ट्रेनिंग, एक्सेस और एंटरप्राइज लाइसेंस उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

युवा प्रतिभाओं को इंडी एजेंसियों की ओर आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन, मेंटल हेल्थ स्टैंडर्ड्स और बेहतर संस्थागत पहचान जैसे मुद्दों पर भी काम किया जाएगा। एवरेस्ट एडवरटाइजिंग की तान्या गोयल ने कहा, “इंडी काउंसिल को छोटी और मध्यम एजेंसियों को अपनी आवाज और आगे बढ़ने का मंच देने के लिए तैयार किया गया है।” उन्होंने बताया कि काउंसिल की शुरुआत दिवाली के तुरंत बाद आयोजित होने वाले एआई बूट कैंप से होगी।

एएएआई के वाइस प्रेसिडेंट जयदीप गांधी ने कहा कि शुरुआत प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की बुनियादी जानकारी से की जाएगी और उभरती तकनीकों के ज्यादा प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। जयदीप गांधी एएएआई एकेडमी का नेतृत्व भी करेंगे, जो आगे लर्निंग और स्किलिंग से जुड़े कार्यक्रमों की योजना और समन्वय करेगी तथा इंडी काउंसिल के साथ मिलकर काम करेगी।

एएएआई के प्रेसिडेंट डॉ. संदीप गोयल ने कहा कि स्वतंत्र एजेंसियां विज्ञापन उद्योग की रीढ़ हैं और इंडी काउंसिल यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है कि उन्हें जरूरी सहयोग मिले। उन्होंने कहा कि तान्या गोयल के नेतृत्व और जयदीप गांधी के मार्गदर्शन में इस महत्वपूर्ण सेगमेंट की क्षमता बढ़ाने और नए अवसर तैयार करने के लिए काम किया जाएगा।

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मैककैन इंडिया में प्रणव कपूर को मिली नई जिम्मेदारी : बने सीनियर वाइस प्रेसिडेंट

प्रणव कपूर को मैककैन इंडिया में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी दी गई है। वह करीब दो वर्षों से एजेंसी से जुड़े हैं और इससे पहले वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे।

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Published - Thursday, 29 October, 2026
Last Modified:
Thursday, 29 October, 2026
pranav

प्रणव कपूर (Pranav Kapur) को मैककैन इंडिया (McCann India) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Senior Vice President) के पद पर प्रमोट किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।

कपूर करीब दो वर्षों से मैककैन इंडिया के साथ जुड़े हुए हैं। प्रमोशन से पहले वह कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे। नई जिम्मेदारी उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

कपूर ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, “मैककैन इंडिया में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी की शुरुआत।” मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस के क्षेत्र में कपूर को अनुभव हासिल है। उनकी विशेषज्ञता कंज्यूमर बिहेवियर, इंटीग्रेटेड मार्केटिंग, मार्केटिंग स्ट्रैटेजी और बिजनेस डेवलपमेंट में है।

कंज्यूमर इनसाइट्स और स्ट्रैटेजिक मार्केटिंग की उनकी समझ उनके प्रोफेशनल अनुभव का अहम हिस्सा रही है।

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प्रो. वेपा राव स्मृति व्याख्यान 31 अक्टूबर को शिमला में

वरिष्ठ पत्रकार राजू संथानम शिमला में देंगे प्रथम प्रो. वेपा राव स्मृति व्याख्यान, हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री होंगे मुख्य अतिथि

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Published - Thursday, 29 October, 2026
Last Modified:
Thursday, 29 October, 2026
Vepa Rao

वरिष्ठ पत्रकार एवं द स्टेट्समैन के पूर्व संपादक तथा जी न्यूज के पूर्व प्रमुख राजू संथानम शनिवार, 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शिमला के गेयटी थिएटर स्थित गॉथिक हॉल में प्रथम प्रो. वेपा राव स्मृति व्याख्यान देंगे। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

यह व्याख्यान प्रख्यात पत्रकार एवं पत्रकारिता के अग्रणी शिक्षाविद् प्रो. वेपा राव की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित किया जा रहा है। प्रो. राव ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का तीन दशकों तक नेतृत्व किया। अपने शिक्षण और मार्गदर्शन के माध्यम से उन्होंने पत्रकारों की कई पीढ़ियों को तैयार किया और हिमाचल प्रदेश में पत्रकारिता शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रो. वेपा राव के पूर्व विद्यार्थियों की ओर से एचपीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस स्मृति व्याख्यान का उद्देश्य पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देना है। इसके साथ ही पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और समाज में उसकी भूमिका पर संवाद को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य है।

राजू संथानम को प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में करीब चार दशक का अनुभव है। वह द स्टेट्समैन में प्रो. वेपा राव के साथ भी काम कर चुके हैं। ऐसे में पहले स्मृति व्याख्यान से उनका जुड़ाव व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है। प्रो. वेपा राव का जन्म वर्ष 1946 में आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स में संडे एडिटर के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा वह द ट्रिब्यून से भी जुड़े रहे और बाद में द स्टेट्समैन के संपादकीय सलाहकार बने।

वर्ष 1987 में वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी, शिमला में रेजिडेंट फेलो के रूप में आए। यहां संचार और विकास के क्षेत्र में उनके शोध का परिणाम उनकी पुस्तक ‘ए कर्व इन द हिल्स’ के रूप में सामने आया। वर्ष 1990 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की जिम्मेदारी संभाली और विद्यार्थियों की कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया।

पत्रकारिता शिक्षा में उनका योगदान एचपीयू तक सीमित नहीं था। उन्होंने धेनकेनाल स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन में भी अध्यापन किया। विकास पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1997 में हिमाचल प्रदेश सरकार ने सम्मानित किया। वह कवि भी थे और उनकी साहित्यिक एवं बौद्धिक रुचियों का परिचय उनकी कविता-पुस्तक ‘लिक्विड फोल्ड्स’ से मिलता है।

विद्यार्थी उन्हें आत्मीयता, हास्यबोध और प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने वाले शिक्षक के रूप में याद करते हैं। उन्होंने मीडिया में अपना करियर शुरू करने वाले अनेक युवाओं को दिशा दी और उनके पूरे पेशेवर जीवन में विश्वसनीय मार्गदर्शक बने रहे। पत्रकारिता जगत में उनका प्रभाव आज भी उनके शिष्यों के माध्यम से कायम है।

प्रो. वेपा राव का निधन 31 अक्टूबर 2022 को 76 वर्ष की आयु में हुआ था। प्रथम स्मृति व्याख्यान के माध्यम से पत्रकारिता में बौद्धिक जिज्ञासा, पेशेवर ईमानदारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने मीडिया प्रतिनिधियों को कार्यक्रम की कवरेज करने और पत्रकारिता जगत की इस प्रभावशाली शख्सियत को श्रद्धांजलि देने के लिए आमंत्रित किया है।

कार्यक्रम का विवरण

कार्यक्रम: प्रथम प्रो. वेपा राव स्मृति व्याख्यान

वक्ता: राजू संथानम, वरिष्ठ पत्रकार एवं द स्टेट्समैन के पूर्व संपादक

मुख्य अतिथि: मुकेश अग्निहोत्री, उपमुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश

दिनांक: शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

स्थान: गॉथिक हॉल, गेयटी थिएटर, शिमला

समय:  सुबह 11 बजे 

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नेटवर्क18 के बाद एशियानेट न्यूज नेटवर्क पहुंचे अपूर्व झवेरी

अपूर्व झवेरी ने एशियानेट न्यूज नेटवर्क में वेस्ट हेड-सेल्स की जिम्मेदारी संभाली है। नई भूमिका में वह पश्चिमी क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने, रणनीतिक साझेदारियां मजबूत करने और नए अवसर तलाशेंगे।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 28 October, 2026
Last Modified:
Wednesday, 28 October, 2026
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अपूर्व झवेरी (Apurva Jhaveri) को एशियानेट न्यूज नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड (Asianet News Network Pvt. Ltd.) में वेस्ट हेड-सेल्स (West Head – Sales) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की और संगठन के विकास में योगदान देने की बात कही।

झवेरी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं वर्तमान में एशियानेट न्यूज नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड में वेस्ट हेड-सेल्स के रूप में काम कर रहा हूं।” उन्होंने अपने प्रोफेशनल सफर के इस नए चरण को लेकर उत्साह भी जताया।

नई भूमिका में झवेरी पश्चिमी क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने, स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप मजबूत करने और नए कारोबारी अवसर तलाशने पर ध्यान देंगे।

इससे पहले अपूर्व झवेरी ने नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) के साथ नौ साल से अधिक समय तक काम किया। कंपनी में उनकी पिछली जिम्मेदारी रीजन सेल्स हेड-वेस्ट - कनेक्टेड टीवी एंड डिजिटल एडवरटाइजिंग सेल्स की थी।

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प्रभाकरन थानराज को आईसीसी में मिली कम्युनिकेशंस की जिम्मेदारी

नई जिम्मेदारी के तहत थानराज अब मार्केटिंग, लाइसेंसिंग और मर्चेंडाइजिंग, टिकटिंग, हॉस्पिटैलिटी और एक्सपीरियंस के साथ कम्युनिकेशंस का काम भी देखेंगे।

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Published - Wednesday, 28 October, 2026
Last Modified:
Wednesday, 28 October, 2026
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प्रभाकरन थानराज (Prabhakaran Thanraj) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) में कम्युनिकेशंस (Communications) विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल ली है। वह अपनी मौजूदा भूमिका में वाइस प्रेसिडेंट-मार्केटिंग एंड बिजनेस डेवलपमेंट (Vice President-Marketing and Business Development) के तौर पर काम करते रहेंगे।

नई जिम्मेदारी के तहत थानराज अब मार्केटिंग, लाइसेंसिंग और मर्चेंडाइजिंग, टिकटिंग, हॉस्पिटैलिटी और एक्सपीरियंस के साथ कम्युनिकेशंस का काम भी देखेंगे।

थानराज जनवरी 2025 में आईसीसी से जुड़े थे। उस समय उन्होंने वाइस प्रेसिडेंट-कमर्शियल एंड ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाली थी। अक्टूबर 2026 में उन्हें वाइस प्रेसिडेंट-मार्केटिंग एंड बिजनेस डेवलपमेंट बनाया गया।

आईसीसी से पहले थानराज ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) में तीन साल से ज्यादा समय तक काम किया। सितंबर 2024 से जनवरी 2025 तक वह जनरल मैनेजर-इवेंट्स एंड कमर्शियल रहे। इससे पहले जनवरी 2022 से सितंबर 2024 तक उन्होंने हेड ऑफ इवेंट्स एंड कमर्शियल की जिम्मेदारी संभाली।

इससे पहले सितंबर 2016 से दिसंबर 2021 तक वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में हेड ऑफ स्पॉन्सरशिप एंड मार्केटिंग रहे।

थानराज को स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप और इवेंट मैनेजमेंट का भी अनुभव है। आईएमजी (IMG) में उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और चैंपियंस लीग ट्वेंटी20 से जुड़े स्पॉन्सरशिप प्रोग्राम पर काम किया। जनवरी 2012 से सितंबर 2015 तक वह आईपीएल स्पॉन्सरशिप मैनेजर रहे। 2013 और 2014 में उन्होंने चैंपियंस लीग ट्वेंटी20 के स्पॉन्सरशिप का काम भी संभाला।

अक्टूबर 2009 से अक्टूबर 2014 तक वह एयरसेल चेन्नई ओपन में सिग्नेज एंड क्रिएटिव हेड के तौर पर जुड़े रहे।

स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में आने से पहले थानराज ने कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस (Cognizant Technology Solutions) में क्रिएटिव लीड के तौर पर काम किया। जून 2011 से जनवरी 2013 तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली।

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