नेटवर्क18 का सितंबर तिमाही ऑपरेटिंग रेवेन्यू 9.4 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये हुआ। कंपनी का ईबीआईटीडीए भी बेहतर रहा, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूजर और वीडियो एंगेजमेंट में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Ltd.) का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू (Consolidated Operating Revenue) सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 498 करोड़ रुपये था।
कंपनी के मुताबिक, न्यूज जॉनर में विज्ञापन इन्वेंट्री की खपत करीब 13 प्रतिशत कम हुई। पश्चिम एशिया संघर्ष, कमजोर मानसून और टेलीविजन रेटिंग्स के ब्लैकआउट का असर कॉरपोरेट विज्ञापन खर्च पर बना रहा।
हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और राजनीतिक दलों से जुड़े अभियानों के कारण सरकारी विज्ञापनों की मांग लगातार दूसरी तिमाही में मजबूत रही।
कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए 19 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 3.4 प्रतिशत दर्ज किया गया। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी को 0.5 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए घाटा हुआ था और मार्जिन 0.1 प्रतिशत था।
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 10 प्रतिशत बढ़कर 1,061 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 966 करोड़ रुपये था। इस दौरान ईबीआईटीडीए मार्जिन 2.5 प्रतिशत रहा।
नेटवर्क18 के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई (Adil Zainulbhai) ने कहा कि चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक माहौल के बीच कंपनी ने तिमाही में मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बाहरी परिस्थितियों का असर उद्योग की धारणा और उपभोक्ता मांग पर बना हुआ है, लेकिन कंपनी ने मुख्य कारोबार मजबूत करने, ऑडियंस एंगेजमेंट बढ़ाने और सभी कारोबारों में बेहतर क्रियान्वयन पर ध्यान बनाए रखा।
उनके अनुसार, प्रमुख ऑपरेशनल मेट्रिक्स में लगातार सुधार कंपनी की रणनीति, ब्रांड्स की मजबूती और टीमों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मजबूत पोर्टफोलियो, बढ़ती डिजिटल पहुंच और अनुशासित तरीके से विकास पर ध्यान के चलते कंपनी उभरते अवसरों का फायदा उठाने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करने की स्थिति में है।
कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Digital Platforms) पर करीब 330 मिलियन मासिक यूजर्स हैं। तिमाही में यूट्यूब (YouTube) प्लेटफॉर्म्स पर 15 अरब से अधिक वीडियो व्यूज दर्ज हुए, जो सालाना आधार पर 17 प्रतिशत ज्यादा हैं। यूट्यूब और फेसबुक (Facebook) पर संयुक्त वीडियो खपत में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी की कुल सोशल मीडिया फॉलोइंग 470 मिलियन से अधिक हो गई।
कनेक्टेड टीवी (Connected TV) पर एंगेजमेंट में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मनीकंट्रोल प्रो (Moneycontrol Pro) के पेड सब्सक्राइबर 10 लाख से ज्यादा बने रहे। मनीकंट्रोल ने अपने निकटतम प्रतिस्पर्धी के मुकाबले तीन गुना से अधिक पेज व्यूज और टाइम स्पेंट दर्ज किया।
न्यूज18 डॉट कॉम (News18.com) के यूनीक यूजर्स में क्रमिक आधार पर 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हाइपरलोकल प्लेटफॉर्म लोकल18 (Local18) से वेबसाइट के कुल ट्रैफिक में करीब एक चौथाई हिस्सा आया।
फर्स्टपोस्ट (Firstpost) का मुख्य यूट्यूब चैनल 1 करोड़ सब्सक्राइबर के करीब पहुंच गया है। तिमाही के दौरान इसके व्यापक सोशल मीडिया नेटवर्क पर 700 मिलियन से अधिक व्यूज दर्ज हुए। सभी प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर फर्स्टपोस्ट का सब्सक्राइबर बेस बढ़कर 2.15 करोड़ हो गया।
नेटवर्क18 ने बताया कि न्यूज चैनलों के लिए टेलीविजन रेटिंग्स का ब्लैकआउट छह महीने से ज्यादा समय से जारी है। अन्य टेलीविजन जॉनर्स की रेटिंग्स भी तीन महीने से अधिक समय से निलंबित हैं।
रेटिंग्स रुकने से पहले कंपनी के 20 न्यूज चैनलों वाले पोर्टफोलियो की अखिल भारतीय व्यूअरशिप हिस्सेदारी 13.8 प्रतिशत थी और इसकी मासिक पहुंच करीब 230 मिलियन दर्शकों तक थी। यह आंकड़ा उसके निकटतम प्रतिस्पर्धी से 35 प्रतिशत अधिक था।
उपलब्ध आखिरी टेलीविजन रेटिंग्स के मुताबिक, सीएनबीसी-टीवी18 (CNBC-TV18) की बिजनेस न्यूज में 63.3 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। न्यूज18 इंडिया (News18 India) की हिंदी न्यूज में हिस्सेदारी 12.8 प्रतिशत और सीएनएन-न्यूज18 (CNN-News18) की अंग्रेजी न्यूज में 36 प्रतिशत थी।
पंक्ति सिधपुरा जियोस्टार से रिसर्च मैनेजर-स्पोर्ट्स के तौर पर जुड़ी हैं। इससे पहले वह द थर्ड आई इंटीग्रेटेड सर्विसेज में रिसर्च मैनेजर थीं और कई रिसर्च कंपनियों में काम कर चुकी हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पंक्ति सिधपुरा (Pankti Sidhpura) जियोस्टार (JioStar) से रिसर्च मैनेजर-स्पोर्ट्स (Research Manager, Sports) के तौर पर जुड़ी हैं। उन्होंने हाल ही में लिंक्डइन (LinkedIn) पर इस बदलाव की जानकारी दी। उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने सितंबर 2026 में यह जिम्मेदारी संभाली।
जियोस्टार से जुड़ने से पहले सिधपुरा करीब तीन साल तक द थर्ड आई इंटीग्रेटेड सर्विसेज (The Third Eye Integrated Services) से जुड़ी रही थीं। यहां उनकी आखिरी जिम्मेदारी रिसर्च मैनेजर की थी।
इससे पहले वह कांटर (Kantar), मार्केटविस्टास कंज्यूमर इनसाइट्स (MarketVistas Consumer Insights), इप्सोस (Ipsos) और पायनियर पब्लिसिटी कॉरपोरेशन (Pioneer Publicity Corporation) में भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन BW Wellbeing World की मेजबानी में किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ‘The Magic of Sleep: The Superpower to Conquer the World’ विषय पर एक पैनल चर्चा भी होगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नींद और बेहतर आराम के महत्व को समझाने वाली पुस्तक ‘Designing Sleep: A Modern Guide to Better Rest’ का विमोचन 31 अक्टूबर 2026 को शाम 5:30 बजे से 7:30 बजे तक नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) एनेक्सी के ग्राउंड फ्लोर पर लेक्चर रूम 1 में किया जाएगा। इस पुस्तक के लेखक जोसेफ जाखेर हैं। पुस्तक डॉ. शशि दुबे के मार्गदर्शन में लिखी गई है।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन BW Wellbeing World की मेजबानी में किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ‘The Magic of Sleep: The Superpower to Conquer the World’ विषय पर एक पैनल चर्चा भी होगी।
इस चर्चा में दृश्य एजुकेशन स्कॉलरशिप फाउंडेशन की फाउंडिंग डायरेक्टर भुवना रवि, वैज्ञानिक मेंटर और VEDIQUE से जुड़ी शिखा शर्मा, अंतरराष्ट्रीय तैराक, एथलीट, लेखक और WarriorYogi Fit के फाउंडर भरत सचदेवा और Happinnessfinite Solutions Pvt Ltd के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर ज्वलंत स्वरूप पैनलिस्ट के रूप में शामिल होंगे।
इस पैनल चर्चा का संचालन BW Businessworld और exchange4media समूह में सीनियर एडिटर रुहैल अमीन करेंगे।
एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों के लिए इंडी काउंसिल बनाई है। तान्या गोयल इसकी अध्यक्षता करेंगी और क्षेत्रीय विविधता पर काम करेगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Advertising Agencies Association of India - AAAI) ने स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों के लिए अपनी इंडी काउंसिल (INDIE Council) के गठन की घोषणा की है। इस नई काउंसिल की अध्यक्षता एवरेस्ट एडवरटाइजिंग (Everest Advertising) की तान्या गोयल करेंगी।
नई काउंसिल की प्राथमिकता बड़ी ग्लोबल होल्डिंग नेटवर्क्स की तुलना में स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों के सामने आने वाली कारोबारी और क्रिएटिव चुनौतियों को दूर करना है।
इंडी काउंसिल के प्रमुख एजेंडे में रीजनल डायवर्सिटी को बढ़ावा देना शामिल है। इसके तहत बड़े महानगरों से बाहर मौजूद प्रतिभाओं के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म और संस्थागत ढांचे तैयार किए जाएंगे, जहां क्षेत्रीय अनुभव और विचार राष्ट्रीय स्तर के मानकों को आकार देने में भूमिका निभा सकें।
काउंसिल इंडी विज्ञापन प्रोफेशनल्स और फिल्म निर्माताओं, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, डिजाइनर्स और सोशल साइंटिस्ट्स जैसे बाहरी विशेषज्ञों के बीच सहयोग और नॉलेज एक्सचेंज को भी बढ़ावा देगी।
इसके अलावा, अनुभवी इंडस्ट्री आइकन्स के मार्गदर्शन में उभरते इंडी क्रिएटर्स के लिए स्ट्रक्चर्ड मेंटरशिप प्रोग्राम तैयार किए जाएंगे। काउंसिल का एक अन्य लक्ष्य एआई टूल्स, मारटेक और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म जैसी नई तकनीकों तक छोटी एजेंसियों की पहुंच आसान बनाना है। इसके लिए सब्सिडाइज्ड ट्रेनिंग, एक्सेस और एंटरप्राइज लाइसेंस उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
युवा प्रतिभाओं को इंडी एजेंसियों की ओर आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन, मेंटल हेल्थ स्टैंडर्ड्स और बेहतर संस्थागत पहचान जैसे मुद्दों पर भी काम किया जाएगा। एवरेस्ट एडवरटाइजिंग की तान्या गोयल ने कहा, “इंडी काउंसिल को छोटी और मध्यम एजेंसियों को अपनी आवाज और आगे बढ़ने का मंच देने के लिए तैयार किया गया है।” उन्होंने बताया कि काउंसिल की शुरुआत दिवाली के तुरंत बाद आयोजित होने वाले एआई बूट कैंप से होगी।
एएएआई के वाइस प्रेसिडेंट जयदीप गांधी ने कहा कि शुरुआत प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की बुनियादी जानकारी से की जाएगी और उभरती तकनीकों के ज्यादा प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। जयदीप गांधी एएएआई एकेडमी का नेतृत्व भी करेंगे, जो आगे लर्निंग और स्किलिंग से जुड़े कार्यक्रमों की योजना और समन्वय करेगी तथा इंडी काउंसिल के साथ मिलकर काम करेगी।
एएएआई के प्रेसिडेंट डॉ. संदीप गोयल ने कहा कि स्वतंत्र एजेंसियां विज्ञापन उद्योग की रीढ़ हैं और इंडी काउंसिल यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है कि उन्हें जरूरी सहयोग मिले। उन्होंने कहा कि तान्या गोयल के नेतृत्व और जयदीप गांधी के मार्गदर्शन में इस महत्वपूर्ण सेगमेंट की क्षमता बढ़ाने और नए अवसर तैयार करने के लिए काम किया जाएगा।
प्रणव कपूर को मैककैन इंडिया में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी दी गई है। वह करीब दो वर्षों से एजेंसी से जुड़े हैं और इससे पहले वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रणव कपूर (Pranav Kapur) को मैककैन इंडिया (McCann India) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Senior Vice President) के पद पर प्रमोट किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
कपूर करीब दो वर्षों से मैककैन इंडिया के साथ जुड़े हुए हैं। प्रमोशन से पहले वह कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे। नई जिम्मेदारी उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
कपूर ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, “मैककैन इंडिया में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी की शुरुआत।” मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस के क्षेत्र में कपूर को अनुभव हासिल है। उनकी विशेषज्ञता कंज्यूमर बिहेवियर, इंटीग्रेटेड मार्केटिंग, मार्केटिंग स्ट्रैटेजी और बिजनेस डेवलपमेंट में है।
कंज्यूमर इनसाइट्स और स्ट्रैटेजिक मार्केटिंग की उनकी समझ उनके प्रोफेशनल अनुभव का अहम हिस्सा रही है।
वरिष्ठ पत्रकार राजू संथानम शिमला में देंगे प्रथम प्रो. वेपा राव स्मृति व्याख्यान, हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री होंगे मुख्य अतिथि
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार एवं द स्टेट्समैन के पूर्व संपादक तथा जी न्यूज के पूर्व प्रमुख राजू संथानम शनिवार, 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शिमला के गेयटी थिएटर स्थित गॉथिक हॉल में प्रथम प्रो. वेपा राव स्मृति व्याख्यान देंगे। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
यह व्याख्यान प्रख्यात पत्रकार एवं पत्रकारिता के अग्रणी शिक्षाविद् प्रो. वेपा राव की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित किया जा रहा है। प्रो. राव ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का तीन दशकों तक नेतृत्व किया। अपने शिक्षण और मार्गदर्शन के माध्यम से उन्होंने पत्रकारों की कई पीढ़ियों को तैयार किया और हिमाचल प्रदेश में पत्रकारिता शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रो. वेपा राव के पूर्व विद्यार्थियों की ओर से एचपीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस स्मृति व्याख्यान का उद्देश्य पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देना है। इसके साथ ही पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और समाज में उसकी भूमिका पर संवाद को बढ़ावा देना भी इसका उद्देश्य है।
राजू संथानम को प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में करीब चार दशक का अनुभव है। वह द स्टेट्समैन में प्रो. वेपा राव के साथ भी काम कर चुके हैं। ऐसे में पहले स्मृति व्याख्यान से उनका जुड़ाव व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है। प्रो. वेपा राव का जन्म वर्ष 1946 में आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स में संडे एडिटर के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा वह द ट्रिब्यून से भी जुड़े रहे और बाद में द स्टेट्समैन के संपादकीय सलाहकार बने।
वर्ष 1987 में वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी, शिमला में रेजिडेंट फेलो के रूप में आए। यहां संचार और विकास के क्षेत्र में उनके शोध का परिणाम उनकी पुस्तक ‘ए कर्व इन द हिल्स’ के रूप में सामने आया। वर्ष 1990 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की जिम्मेदारी संभाली और विद्यार्थियों की कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया।
पत्रकारिता शिक्षा में उनका योगदान एचपीयू तक सीमित नहीं था। उन्होंने धेनकेनाल स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन में भी अध्यापन किया। विकास पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1997 में हिमाचल प्रदेश सरकार ने सम्मानित किया। वह कवि भी थे और उनकी साहित्यिक एवं बौद्धिक रुचियों का परिचय उनकी कविता-पुस्तक ‘लिक्विड फोल्ड्स’ से मिलता है।
विद्यार्थी उन्हें आत्मीयता, हास्यबोध और प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने वाले शिक्षक के रूप में याद करते हैं। उन्होंने मीडिया में अपना करियर शुरू करने वाले अनेक युवाओं को दिशा दी और उनके पूरे पेशेवर जीवन में विश्वसनीय मार्गदर्शक बने रहे। पत्रकारिता जगत में उनका प्रभाव आज भी उनके शिष्यों के माध्यम से कायम है।
प्रो. वेपा राव का निधन 31 अक्टूबर 2022 को 76 वर्ष की आयु में हुआ था। प्रथम स्मृति व्याख्यान के माध्यम से पत्रकारिता में बौद्धिक जिज्ञासा, पेशेवर ईमानदारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने मीडिया प्रतिनिधियों को कार्यक्रम की कवरेज करने और पत्रकारिता जगत की इस प्रभावशाली शख्सियत को श्रद्धांजलि देने के लिए आमंत्रित किया है।
कार्यक्रम का विवरण
कार्यक्रम: प्रथम प्रो. वेपा राव स्मृति व्याख्यान
वक्ता: राजू संथानम, वरिष्ठ पत्रकार एवं द स्टेट्समैन के पूर्व संपादक
मुख्य अतिथि: मुकेश अग्निहोत्री, उपमुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
दिनांक: शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
स्थान: गॉथिक हॉल, गेयटी थिएटर, शिमला
समय: सुबह 11 बजे
अपूर्व झवेरी ने एशियानेट न्यूज नेटवर्क में वेस्ट हेड-सेल्स की जिम्मेदारी संभाली है। नई भूमिका में वह पश्चिमी क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने, रणनीतिक साझेदारियां मजबूत करने और नए अवसर तलाशेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अपूर्व झवेरी (Apurva Jhaveri) को एशियानेट न्यूज नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड (Asianet News Network Pvt. Ltd.) में वेस्ट हेड-सेल्स (West Head – Sales) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की और संगठन के विकास में योगदान देने की बात कही।
झवेरी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं वर्तमान में एशियानेट न्यूज नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड में वेस्ट हेड-सेल्स के रूप में काम कर रहा हूं।” उन्होंने अपने प्रोफेशनल सफर के इस नए चरण को लेकर उत्साह भी जताया।
नई भूमिका में झवेरी पश्चिमी क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने, स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप मजबूत करने और नए कारोबारी अवसर तलाशने पर ध्यान देंगे।
इससे पहले अपूर्व झवेरी ने नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) के साथ नौ साल से अधिक समय तक काम किया। कंपनी में उनकी पिछली जिम्मेदारी रीजन सेल्स हेड-वेस्ट - कनेक्टेड टीवी एंड डिजिटल एडवरटाइजिंग सेल्स की थी।
नई जिम्मेदारी के तहत थानराज अब मार्केटिंग, लाइसेंसिंग और मर्चेंडाइजिंग, टिकटिंग, हॉस्पिटैलिटी और एक्सपीरियंस के साथ कम्युनिकेशंस का काम भी देखेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रभाकरन थानराज (Prabhakaran Thanraj) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) में कम्युनिकेशंस (Communications) विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल ली है। वह अपनी मौजूदा भूमिका में वाइस प्रेसिडेंट-मार्केटिंग एंड बिजनेस डेवलपमेंट (Vice President-Marketing and Business Development) के तौर पर काम करते रहेंगे।
नई जिम्मेदारी के तहत थानराज अब मार्केटिंग, लाइसेंसिंग और मर्चेंडाइजिंग, टिकटिंग, हॉस्पिटैलिटी और एक्सपीरियंस के साथ कम्युनिकेशंस का काम भी देखेंगे।
थानराज जनवरी 2025 में आईसीसी से जुड़े थे। उस समय उन्होंने वाइस प्रेसिडेंट-कमर्शियल एंड ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाली थी। अक्टूबर 2026 में उन्हें वाइस प्रेसिडेंट-मार्केटिंग एंड बिजनेस डेवलपमेंट बनाया गया।
आईसीसी से पहले थानराज ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) में तीन साल से ज्यादा समय तक काम किया। सितंबर 2024 से जनवरी 2025 तक वह जनरल मैनेजर-इवेंट्स एंड कमर्शियल रहे। इससे पहले जनवरी 2022 से सितंबर 2024 तक उन्होंने हेड ऑफ इवेंट्स एंड कमर्शियल की जिम्मेदारी संभाली।
इससे पहले सितंबर 2016 से दिसंबर 2021 तक वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में हेड ऑफ स्पॉन्सरशिप एंड मार्केटिंग रहे।
थानराज को स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप और इवेंट मैनेजमेंट का भी अनुभव है। आईएमजी (IMG) में उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और चैंपियंस लीग ट्वेंटी20 से जुड़े स्पॉन्सरशिप प्रोग्राम पर काम किया। जनवरी 2012 से सितंबर 2015 तक वह आईपीएल स्पॉन्सरशिप मैनेजर रहे। 2013 और 2014 में उन्होंने चैंपियंस लीग ट्वेंटी20 के स्पॉन्सरशिप का काम भी संभाला।
अक्टूबर 2009 से अक्टूबर 2014 तक वह एयरसेल चेन्नई ओपन में सिग्नेज एंड क्रिएटिव हेड के तौर पर जुड़े रहे।
स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में आने से पहले थानराज ने कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस (Cognizant Technology Solutions) में क्रिएटिव लीड के तौर पर काम किया। जून 2011 से जनवरी 2013 तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने अडानी ग्रुप को लेकर बनाए गए यूट्यूब वीडियो “How Modi and Adani Stole India: The Friendship Files” के प्रसार पर अंतरिम रोक लगा दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने अडानी ग्रुप को लेकर बनाए गए यूट्यूब वीडियो “How Modi and Adani Stole India: The Friendship Files” के प्रसार पर अंतरिम रोक लगा दी है। 'लाइव लॉ' की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने यूट्यूब, एक्स और इंस्टाग्राम को संबंधित वीडियो और उसके दोबारा साझा किए गए संस्करणों को हटाने या उन तक पहुंच बंद करने का निर्देश दिया है। यह आदेश 31 जनवरी 2027 तक या कोर्ट के अगले आदेश तक लागू रहेगा, जो भी पहले हो।
जस्टिस आर्यक दत्त ने 26 अक्टूबर को यह अंतरिम आदेश अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि यह मामला उन असाधारण मामलों की श्रेणी में आ सकता है, जिनमें मुकदमे की सुनवाई पूरी होने से पहले ही रोक लगाना जरूरी हो सकता है।
वीडियो में लगाए गए आरोपों पर कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट के मुताबिक, करीब 36 मिनट के इस वीडियो में अडानी ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद की फंडिंग से कथित संबंध, एक किसान के खिलाफ पुलिस हिंसा करवाने और झूठा मुकदमा दर्ज कराने जैसे आरोप शामिल हैं।
कोर्ट ने कहा कि उसके सामने ऐसी कोई सामग्री नहीं रखी गई, जिससे इन आरोपों के समर्थन में किसी प्राधिकरण की ओर से दिए गए निष्कर्ष का पता चलता हो।
कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि संबंधित वीडियो कोई सामान्य न्यूज रिपोर्ट या अदालती कार्यवाही का विवरण नहीं है, बल्कि इसे नाटकीय अंदाज में पेश किया गया है। इसके शीर्षक में ही चोरी का आरोप लगाया गया है और वीडियो के कथन व दृश्यों को तथ्यों की तरह दिखाया गया है।
वीडियो बनाने वाले और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई
अडानी एंटरप्राइजेज ने यह मुकदमा सबीर भाटिया के खिलाफ दायर किया है, जिन्हें यूट्यूब चैनल ‘Bcubed (Breaking Boundaries with Sabeer)’ और एक्स अकाउंट ‘@sabeer’ का निर्माता और संचालक बताया गया है। मामले में यूट्यूब, एक्स, इंस्टाग्राम और दो अज्ञात लोगों को भी पक्ष बनाया गया है।
कंपनी के अनुसार, वीडियो 9 अक्टूबर 2026 को यूट्यूब चैनल ‘Shadow Citizens’ के सहयोग से अपलोड किया गया था। इसे भाटिया के एक्स अकाउंट पर भी साझा किया गया। कंपनी ने दावा किया कि उसी दिन तक वीडियो को यूट्यूब पर 46,134 बार देखा जा चुका था, जबकि एक्स पर इसे करीब 40,000 बार देखा गया था।
अडानी एंटरप्राइजेज ने कोर्ट को बताया कि सरकारी शिकायत के बाद मूल यूट्यूब वीडियो की भारत में पहुंच बंद कर दी गई थी। इसके बावजूद कंपनी का आरोप था कि वीडियो को दोबारा अपलोड करने, पोस्ट साझा करने और इंस्टाग्राम रील्स के जरिए प्रसारित किया जा रहा था। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि मूल वीडियो की पहुंच बंद होने के बाद 22 अक्टूबर को भाटिया ने इसे एक्स पर दोबारा साझा किया।
कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को दिए ये निर्देश
कोर्ट ने यूट्यूब, एक्स और इंस्टाग्राम को याचिका में बताए गए खास यूआरएल पर उपलब्ध वीडियो को हटाने या उसकी पहुंच बंद करने का निर्देश दिया। आदेश में वीडियो के दोबारा अपलोड किए गए संस्करणों, छोटे क्लिप, अंश और मूल वीडियो से काफी हद तक मिलते-जुलते संस्करणों को भी शामिल किया गया है।
प्लेटफॉर्म को वीडियो से जुड़े खातों की ग्राहक जानकारी, पंजीकरण का विवरण, अपलोड के समय के आईपी लॉग और संबंधित खातों व यूआरएल के एक्सेस लॉग सुरक्षित रखने को कहा गया है। जिन खातों के संचालकों की पहचान स्पष्ट नहीं है, उनकी बुनियादी ग्राहक जानकारी दो सप्ताह के भीतर हलफनामे के जरिए सीलबंद लिफाफे में देने का भी निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा, संबंधित वीडियो या यूआरएल पर विज्ञापन चलाने, उनके साथ विज्ञापन दिखाने या उनसे होने वाली कमाई में हिस्सेदारी करने पर भी रोक लगाई गई है। प्लेटफॉर्म को इस सामग्री से हुई विज्ञापन आय का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा गया है।
मानहानि के मामलों में रोक लगाने पर कोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने माना कि जनहित से जुड़े मामलों में मानहानि के मुकदमे की सुनवाई पूरी होने से पहले रोक लगाने का फैसला बेहद सावधानी से लिया जाना चाहिए। इस दौरान जनता के जानने के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
इस मामले में कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि वीडियो में गंभीर आरोपों को तथ्यों के रूप में पेश किया गया है। उसने यह भी कहा कि मूल वीडियो की पहुंच बंद होने के बाद उसे दोबारा साझा किए जाने का आरोप प्रथम दृष्टया अच्छी नीयत की कमी की ओर संकेत करता है।
अदालत के अनुसार, इंटरनेट पर वीडियो के लगातार दोबारा प्रसारित होने से कंपनी की प्रतिष्ठा को ऐसा नुकसान पहुंच सकता है, जिसकी भरपाई केवल आर्थिक मुआवजे से करना मुश्किल हो।
हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका आदेश केवल संबंधित वीडियो, उसके क्लिप और उससे काफी हद तक मिलते-जुलते संस्करणों तक सीमित है। अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रुप या सरकारी नीतियों की रचनात्मक आलोचना और सबूतों पर आधारित निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर सामान्य रोक नहीं लगाई गई है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियां फिलहाल प्रथम दृष्टया हैं। मामले में प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह और अडानी एंटरप्राइजेज को उसके बाद जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। मामले को जनवरी 2027 में नियमित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।
भारतीय टेलीविजन के जाने-माने निर्माता और निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह, जिन्हें बीपी सिंह के नाम से जाना जाता था, का 27 अक्टूबर को निधन हो गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय टेलीविजन के जाने-माने निर्माता और निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह, जिन्हें बीपी सिंह के नाम से जाना जाता था, का 27 अक्टूबर को निधन हो गया। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी दी। बताया गया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। बीपी सिंह ने लोकप्रिय क्राइम सीरियल ‘CID’ बनाया था, जो भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले धारावाहिकों में शामिल रहा।
बीपी सिंह के निधन से टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उन्होंने अपने काम से भारतीय टेलीविजन पर क्राइम ड्रामा को एक अलग पहचान दिलाई। ‘CID’ के अलावा वह ‘आहट’ और ‘खाकी’ जैसे शो से भी जुड़े रहे।
‘CID’ से घर-घर में मिली पहचान
देहरादून में जन्मे बीपी सिंह ने ‘CID’ का निर्माण और निर्देशन किया। इस शो में अपराध की जांच, रहस्य और पुलिस की कार्रवाई को दिखाया जाता था। इसकी कहानी और यादगार किरदारों ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।
लंबे समय तक प्रसारित होने के कारण ‘CID’ भारतीय टेलीविजन के चर्चित क्राइम शो में शामिल हो गया। साल 2010 में इस शो के तहत ‘CID गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की भी शुरुआत हुई।
बीपी सिंह की पहचान सिर्फ एक सफल निर्माता और निर्देशक के तौर पर ही नहीं थी, बल्कि कैमरा वर्क और एक ही शॉट में लंबे दृश्यों को फिल्माने की उनकी खास शैली के लिए भी उन्हें जाना जाता था।
अशोक पंडित ने बताया करीबी दोस्त
फिल्ममेकर अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर बीपी सिंह को याद करते हुए उन्हें बेहतरीन निर्माता-निर्देशक, शानदार फिल्ममेकर और अपना प्रिय दोस्त बताया।
अशोक पंडित ने कहा कि इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान वह बीपी सिंह के करीब रहे। उन्होंने उनके निधन पर दुख जताते हुए भारतीय मनोरंजन जगत में उनके योगदान को याद किया।
बीपी सिंह के साथ 24 साल से ज्यादा समय तक ‘CID’, ‘आहट’ और ‘खाकी’ जैसे शो में काम करने वाले एक कलाकार ने उन्हें बेहतरीन शिक्षक, अनुशासित पेशेवर, दिग्गज निर्देशक और सबसे बढ़कर एक अच्छा इंसान बताया।
28 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार
अशोक पंडित की पोस्ट के मुताबिक, बीपी सिंह का अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर को किया जाएगा। परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों के लिए सुबह 9:30 बजे मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है। उनका आवास 802, नवकरण बिल्डिंग, लोखंडवाला मार्केट के अंतिम छोर पर, एनरिच सैलून के पास स्थित है।
इसके बाद सुबह 11:30 बजे ओशिवारा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बीपी सिंह ने अपने काम से भारतीय टेलीविजन पर क्राइम शो की दुनिया को नई पहचान दी। ‘CID’ और उनके दूसरे धारावाहिकों के जरिए दर्शकों के बीच बनाई गई उनकी जगह लंबे समय तक याद की जाएगी।
मेटा ने दलील दी थी कि इस विवाद की सुनवाई भारत के बजाय अमेरिका के कैलिफोर्निया की अदालतों में होनी चाहिए। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डिजिटल विज्ञापन एजेंसी ब्लिंक डिजिटल इंडिया (Blink Digital India) और मेटा (Meta) के बीच चल रहे कानूनी विवाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने मेटा की क्षेत्राधिकार संबंधी याचिका खारिज कर दी है। मेटा ने दलील दी थी कि इस विवाद की सुनवाई भारत के बजाय अमेरिका के कैलिफोर्निया की अदालतों में होनी चाहिए। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
यह मामला मेटा के प्लेटफॉर्म पर ब्लिंक डिजिटल के चार बिजनेस मैनेजर अकाउंट्स और संबंधित कॉरपोरेट पेजों को बंद किए जाने से जुड़ा है। ब्लिंक डिजिटल ने इन अकाउंट्स को बहाल करने और 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के हर्जाने की मांग की है। कंपनी का कहना है कि अकाउंट्स बंद होने से उसका कारोबार प्रभावित हुआ है।
\मेटा ने अदालत में अपने क्षेत्राधिकार को चुनौती देते हुए कहा था कि दोनों पक्षों के बीच लागू अनुबंध की शर्तों के अनुसार विवाद की सुनवाई कैलिफोर्निया की अदालतों में होनी चाहिए। इस आधार पर कंपनी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई पर आपत्ति जताई थी। अदालत ने मेटा की यह याचिका खारिज कर दी, जिससे मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप वी. मार्ने की अदालत में हुई। ब्लिंक डिजिटल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कुणाल द्वारकादास और सिद्धार्थ जोशी पेश हुए। वहीं, मेटा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जनक द्वारकादास ने पक्ष रखा। क्षेत्राधिकार संबंधी याचिका खारिज होने के बाद अब ब्लिंक डिजिटल की अंतरिम राहत की मांग पर सुनवाई होगी। इसके लिए अदालत ने 2 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे का समय तय किया है।
अदालत का यह फैसला केवल इस सवाल से संबंधित है कि मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट में हो सकती है या नहीं। अकाउंट्स की बहाली और हर्जाने की मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अंतरिम राहत पर होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।