पत्रकारों को शमशेर सिंह की सलाह, वर्क प्रेशर से निपटने के लिए फिटनेस जरूरी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर साझा किए गए अपने विचारों में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जैसे चुनौतीपूर्ण पेशे में फिटनेस कोई विकल्प नहीं, बल्कि प्राथमिकता होनी चाहिए।

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Thursday, 03 September, 2026
Shamsher Singh.....


'टाइम्स नेटवर्क' (Times Network) में मैनेजिंग एडिटर-डिजिटल (हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाएं) शमशेर सिंह ने पत्रकारों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और कार्य दबाव को लेकर फिटनेस के महत्व पर जोर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर साझा किए गए अपने विचारों में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जैसे चुनौतीपूर्ण पेशे में फिटनेस कोई विकल्प नहीं, बल्कि प्राथमिकता होनी चाहिए।

शमशेर सिंह ने लिखा कि अधिकांश पत्रकार फिटनेस के लिए समय न होने का तर्क देते हैं, लेकिन वास्तविक समस्या समय की कमी नहीं बल्कि फिटनेस को प्राथमिकता न देना है। उनके अनुसार, स्वस्थ रहने के लिए घंटों जिम में बिताने या लंबी दूरी दौड़ने की जरूरत नहीं है। प्रतिदिन 30 से 45 मिनट का नियमित व्यायाम भी पर्याप्त हो सकता है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सिफारिशों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को सप्ताह में 150 से 300 मिनट शारीरिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों के लिए फिटनेस केवल शरीर को आकर्षक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर स्टैमिना, फोकस, मानसिक मजबूती और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का जरिया है। शमशेर सिंह ने पत्रकारों से अपील की कि जिस तरह वे ब्रेकिंग न्यूज, मीटिंग्स और डेडलाइंस के लिए समय निकालते हैं, उसी तरह अपने स्वास्थ्य के लिए भी समय तय करें। उन्होंने संदेश दिया कि डेडलाइन करियर बनाती है, लेकिन अनुशासन उस ऊर्जा को बनाए रखता है, जो लंबे समय तक सफलता के लिए जरूरी है।

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विष्णु मोहन का तीन दशक लंबा सफर : विज्ञापन से टेक्नोलॉजी तक बनाई पहचान

विष्णु मोहन के जन्मदिन पर विज्ञापन, टेक्नोलॉजी और ब्रांड बिल्डिंग में उनके तीन दशक लंबे करियर पर नजर, हावास से डीईपीटी और उद्यमिता तक का सफर।

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Thursday, 03 September, 2026
vishnumohan

आज विष्णु मोहन (Vishnu Mohan) का जन्मदिन है। इस मौके पर विज्ञापन, एजेंसी लीडरशिप, उद्यमिता, टेक्नोलॉजी और ब्रांड बिल्डिंग से जुड़े उनके करीब तीन दशक लंबे करियर पर नजर डालना अहम है। उनके पेशेवर सफर में एजेंसी नेटवर्क का नेतृत्व करने से लेकर टेक्नोलॉजी और डेटा आधारित कारोबार खड़ा करने तक कई महत्वपूर्ण पड़ाव रहे हैं।

मोहन फिलहाल डीईपीटी (DEPT®) में Partner & CEO, Asia Pacific के पद पर हैं। इस भूमिका में वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल एजेंसी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार और ऑपरेशंस को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा वह अव्यान होल्डिंग्स (Avyan Holdings) के Founder और Chairman भी हैं, जिसकी स्थापना उन्होंने 2021 में की थी।

मोहन के करियर का एक बड़ा हिस्सा हावास (Havas) और विवेंडी ग्रुप (Vivendi Group) के साथ जुड़ा रहा। नेटवर्क के साथ दो दशक से अधिक समय के दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभाईं और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में Havas Media की मौजूदगी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी जिम्मेदारियों में भारत के अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया, जापान और कोरिया जैसे बाजार भी शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने विज्ञापन और मार्केटिंग इंडस्ट्री में डिजिटल मीडिया, डेटा आधारित मार्केटिंग और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को करीब से देखा।

इसी बदलाव के साथ उनका करियर पारंपरिक एजेंसी लीडरशिप से आगे बढ़कर क्रिएटिविटी, टेक्नोलॉजी, डेटा और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन के मेल तक पहुंचा। 2021 में मोहन ने सिंगापुर में अव्यान होल्डिंग्स की शुरुआत के साथ अपने करियर में उद्यमिता का नया अध्याय जोड़ा। इस प्लेटफॉर्म को डिजाइन, टेक्नोलॉजी और डेटा को एक साथ लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।

इसी साल उनका डीईपीटी के साथ जुड़ाव भी शुरू हुआ। उन्हें एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कंपनी की ग्रोथ को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई। समय के साथ उनकी भूमिका का दायरा बढ़ा और वह क्षेत्र के विज्ञापन तथा डिजिटल इकोसिस्टम में सक्रिय बने रहे।

एग्जीक्यूटिव जिम्मेदारियों के अलावा मोहन इंडस्ट्री फोरम और मार्केटिंग से जुड़ी चर्चाओं में भी भाग लेते रहे हैं। वह मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी और एआई के भविष्य से जुड़े विषयों पर अपनी राय और अनुभव साझा करते रहे हैं।

मोहन आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) के पूर्व छात्र हैं, जहां उन्होंने मार्केटिंग में एमबीए किया। उन्होंने आईआईटी आईएसएम धनबाद (IIT (ISM) Dhanbad) से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उनका करियर तकनीकी और विश्लेषणात्मक शिक्षा को क्रिएटिव और कम्युनिकेशन बिजनेस में लंबे अनुभव के साथ जोड़ता है।

करीब तीन दशक के उनके सफर में विज्ञापन एजेंसी नेटवर्क के नेतृत्व से लेकर टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार और विभिन्न बाजारों में विस्तार तक कई बदलाव देखने को मिलते हैं।

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हर्ष भंडारी का जन्मदिन : तीन दशक के मीडिया करियर पर एक नजर

हर्ष भंडारी के जन्मदिन पर भारतीय मीडिया में उनके करीब तीन दशक लंबे करियर पर नजर, जिसमें एनडीटीवी, टाइम्स नेटवर्क, इंडिया टुडे और रिपब्लिक जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

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Thursday, 03 September, 2026
harshbhandari

आज हर्ष भंडारी (Hersh Bhandari) का जन्मदिन है। इस मौके पर भारतीय मीडिया की प्रमुख संस्थाओं में करीब तीन दशक के उनके करियर पर नजर डालना दिलचस्प है। भंडारी ने हाल ही में एनडीटीवी (NDTV) के साथ नई पारी शुरू की है, जहां वह Brand Advisor और Head, NDTV CoLab की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

यह नियुक्ति उनके लिए एक तरह से वापसी भी है, क्योंकि इससे पहले वह एनडीटीवी में अपने करियर के महत्वपूर्ण वर्षों में काम कर चुके हैं। भंडारी ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत पेपे जींस लंदन (Pepe Jeans London) से की थी।

इसके बाद उन्होंने मीडिया इंडस्ट्री का रुख किया और आगे चलकर स्टार ग्रुप (Star Group), एनडीटीवी मीडिया (NDTV Media), टाइम्स नेटवर्क (Times Network), इंडिया टुडे टेलीविजन (India Today Television), अधिकारी ब्रदर्स (Adhikari Brothers) और रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क (Republic Media Network) जैसी संस्थाओं के साथ काम किया।

उनके अनुभव का दायरा विज्ञापन बिक्री, रेवेन्यू, मार्केटिंग, स्ट्रैटेजी, ऑपरेशंस और बिजनेस लीडरशिप तक रहा है। एनडीटीवी में 2003 से 2009 के बीच अपनी पहली पारी के दौरान उन्होंने एनडीटीवी इंडिया, नेटवर्क सेल्स और नए बिजनेस से जुड़े वरिष्ठ पदों पर काम किया। इस दौरान वह बिजनेस डेवलपमेंट, चैनल लॉन्च और ग्रोथ से जुड़ी कई पहलों का हिस्सा रहे।

इसके बाद टाइम्स नेटवर्क में उन्होंने कई वर्षों तक काम किया और फिर इंडिया टुडे टेलीविजन में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका संभाली। इन जिम्मेदारियों ने रेवेन्यू मैनेजमेंट और एडवर्टाइजर पार्टनरशिप के क्षेत्र में उनके अनुभव को और मजबूत किया। भंडारी के करियर का एक अहम पड़ाव रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क रहा। वह रिपब्लिक भारत के लॉन्च से पहले Executive Vice President – Revenue के तौर पर संगठन से जुड़े थे।

समय के साथ उनकी जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ता गया। 2022 में उन्हें Group Chief Operating Officer के पद पर प्रमोट किया गया। इसके बाद उन्होंने ब्रॉडकास्ट बिजनेस के Chief Executive Officer की जिम्मेदारी भी संभाली।

रिपब्लिक में उनका सफर रेवेन्यू विशेषज्ञ से व्यापक बिजनेस लीडर बनने की दिशा में बदलाव को दर्शाता है, जहां उन्होंने ऑपरेशंस, स्ट्रैटेजी और ग्रोथ से जुड़े क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाली। करीब आठ साल तक रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क से जुड़े रहने के बाद उन्होंने 2025 में संगठन से विदाई ली।

अब एनडीटीवी में वापसी के साथ भंडारी के करियर का एक महत्वपूर्ण चक्र पूरा होता दिखाई देता है। अपनी मौजूदा भूमिका में वह ब्रांड पार्टनरशिप, ब्रांडेड कंटेंट, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज और टेलीविजन, डिजिटल व सोशल मीडिया से जुड़े क्रॉस-प्लेटफॉर्म अवसरों पर काम करेंगे।

करीब तीन दशक के इस सफर में उन्होंने कमर्शियल समझ, मजबूत इंडस्ट्री रिलेशनशिप और नए बिजनेस अवसरों को पहचानने की क्षमता के साथ अपनी पहचान बनाई है। उनका करियर भारतीय मीडिया इंडस्ट्री में आए बदलाव को भी दर्शाता है, जहां पारंपरिक टेलीविजन विज्ञापन से आगे बढ़कर इंटीग्रेटेड ब्रांड पार्टनरशिप, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंटेंट आधारित समाधानों का महत्व बढ़ा है।

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डेंट्सू इंडिया के मुंबई-दिल्ली दफ्तरों में छापेमारी

डेंट्सू इंडिया के मुंबई और दिल्ली कार्यालयों में मंगलवार सुबह नियामकीय छापेमारी की जानकारी सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसी और कार्रवाई की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।

Last Modified:
Tuesday, 01 September, 2026
dentsuindia

देश की प्रमुख विज्ञापन और मीडिया नेटवर्क कंपनियों में शामिल डेंट्सू इंडिया (Dentsu India) के मुंबई और दिल्ली स्थित कार्यालयों में मंगलवार सुबह नियामकीय छापेमारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताई गई है।

सूत्रों के अनुसार, मुंबई स्थित कार्यालय में सुबह कई कर्मचारियों को इमारत के भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को परिसर के अंदर ही रहने के लिए कहा गया। सूत्रों ने यह भी दावा किया कि कुछ कर्मचारियों के निजी मोबाइल फोन और लैपटॉप अपने कब्जे में लिए गए।

कार्रवाई की वजह अभी साफ नहीं-

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि डेंट्सू इंडिया के परिसरों में यह कार्रवाई किस नियामक या एजेंसी ने की है। जांच किस मामले को लेकर हो रही है और इसके दायरे में किन संस्थाओं या दस्तावेजों को लिया गया है, इसकी भी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

तलाशी के दौरान किसी दस्तावेज को जब्त किए जाने की तत्काल पुष्टि भी नहीं हो सकी है। डेंट्सू इंडिया से मामले को लेकर प्रतिक्रिया मांगी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

पहले भी जांच का सामना कर चुकी है कंपनी-

डेंट्सू इंडिया से जुड़ी ताजा कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है, जब कंपनी पहले भी अलग-अलग नियामकीय जांच के दायरे में रह चुकी है। साल 2022 में कंपनी से जुड़े परिसरों में आयकर विभाग (Income Tax Department) की तलाशी की खबर सामने आई थी। इसके बाद 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की जांच का मामला सामने आया।

वहीं, 2025 में प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों से संबंधित भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) की जांच भी चर्चा में रही थी। फिलहाल मुंबई और दिल्ली स्थित डेंट्सू इंडिया के कार्यालयों में हुई ताजा कार्रवाई को लेकर एजेंसी, जांच की वजह और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे जांच से संबंधित तथ्य सामने आएंगे, मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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हैप्पी बर्थडे कार्तिक शर्मा: मीडिया और विज्ञापन जगत में बदलाव की मजबूत आवाज हैं आप

उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके अब तक के पेशेवर सफर और इंडस्ट्री में उनके योगदान को याद करना खास बन जाता है।

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Tuesday, 01 September, 2026
Kartik Sharma Birthday

भारतीय मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्होंने बदलते समय के साथ न सिर्फ खुद को ढाला, बल्कि पूरी इंडस्ट्री की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ओम्निकॉम मीडिया इंडिया (Omnicom Media India) के सीईओ कार्तिक शर्मा ऐसा ही एक नाम हैं। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके अब तक के पेशेवर सफर और इंडस्ट्री में उनके योगदान को याद करना खास बन जाता है।

करीब 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ कार्तिक शर्मा ने मीडिया और विज्ञापन जगत में एक ऐसे नेता के रूप में पहचान बनाई है, जो रणनीतिक सोच, उपभोक्ता व्यवहार की गहरी समझ और बदलते मीडिया परिदृश्य को बारीकी से समझने के लिए जाने जाते हैं।

अपने करियर के दौरान उन्होंने लिंटास, माइंडशेयर, मैडिसन मीडिया, मैक्सस और वेवमेकर जैसी प्रमुख एजेंसियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान उन्हें यूनिलीवर, नेटफ्लिक्स, मोंडेलेज, लॉरियल, वोडाफोन और टाटा स्काई जैसे बड़े ब्रांड्स के साथ काम करने का अवसर मिला। इन अनुभवों ने उन्हें मीडिया प्लानिंग, स्ट्रैटेजी, डेटा, एनालिटिक्स और क्लाइंट लीडरशिप जैसे क्षेत्रों में मजबूत विशेषज्ञता प्रदान की।

साल 2020 में कार्तिक शर्मा ने ओम्निकॉम मीडिया ग्रुप इंडिया का रुख किया। इससे पहले वह वेवमेकर में साउथ एशिया के सीईओ की भूमिका निभा रहे थे। ओम्निकॉम में आने के बाद उन्होंने ऐसे दौर में नेटवर्क का नेतृत्व किया, जब डिजिटल माध्यम तेजी से बढ़ रहे थे, उपभोक्ताओं की आदतों में बदलाव आ रहा था और कंपनियां अपने मार्केटिंग निवेश से बेहतर और मापने योग्य परिणाम चाहती थीं।

बाद में ओम्निकॉम और आईपीजी के मीडिया कारोबार के एकीकरण के बाद उन्हें ओम्निकॉम मीडिया इंडिया का सीईओ नियुक्त किया गया। इस जिम्मेदारी के साथ उनके नेतृत्व में देश के सबसे बड़े मीडिया एजेंसी नेटवर्क्स में से एक का संचालन आया, जिसमें मीडिया प्लानिंग, खरीद, डेटा, टेक्नोलॉजी, कंटेंट और कॉमर्स जैसी व्यापक क्षमताएं शामिल हैं।

कार्तिक शर्मा का मानना है कि आज की मीडिया एजेंसी की भूमिका केवल विज्ञापन स्पेस खरीदने तक सीमित नहीं रह गई है। उनके अनुसार मीडिया प्लानिंग अब केवल मीडिया से जुड़ा सवाल नहीं है, बल्कि यह मार्केटिंग और बिजनेस रणनीति का भी अहम हिस्सा बन चुकी है। यही सोच उन्हें उद्योग में एक दूरदर्शी नेता के रूप में स्थापित करती है।

अपनी बड़ी जिम्मेदारियों के बावजूद कार्तिक शर्मा हमेशा सहयोग और सीखने की संस्कृति पर जोर देते रहे हैं। ओम्निकॉम मीडिया में अपने छह वर्ष पूरे होने पर उन्होंने अपने सहयोगियों, ग्राहकों और साझेदारों को अपने पेशेवर और व्यक्तिगत विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। यह उनके नेतृत्व की उस शैली को दर्शाता है, जिसमें टीमवर्क और साझेदारी को विशेष महत्व दिया जाता है।

विज्ञापन और मीडिया इंडस्ट्री में उनके योगदान को वर्ष 2025 में तब विशेष पहचान मिली, जब उन्हें ‘ई4एम इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर 2025’ सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान इंडस्ट्री में उनके प्रभावशाली नेतृत्व और परिवर्तनकारी योगदान का प्रमाण माना गया।

आज जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI), कनेक्टेड टीवी, कॉमर्स मीडिया और डेटा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया तेजी से इंडस्ट्री को बदल रही है, तब कार्तिक शर्मा ऐसे समय में नेतृत्व कर रहे हैं, जो मीडिया जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके सामने चुनौती है कि ओम्निकॉम मीडिया की व्यापक क्षमताओं को व्यवसायिक परिणामों में बदलते हुए लोगों, प्लेटफॉर्म्स और तकनीक को एक साथ जोड़ा जाए।

कार्तिक शर्मा का सफर निरंतर सीखने, बदलावों को स्वीकार करने और हर चुनौती को अवसर में बदलने की कहानी है। उनके जन्मदिन पर समाचार4मीडिया उन्हें शुभकामनाएं देता है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

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हैप्पी बर्थडे बी साई कुमार: TV से डिजिटल तक सफलता की नई इबारत लिखने वाले मीडिया दिग्गज

बी साई कुमार के जन्मदिन के अवसर पर उस प्रेरणादायक सफर को याद करना जरूरी है, जिसने भारतीय मीडिया और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री पर गहरी छाप छोड़ी है।

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Tuesday, 01 September, 2026
B Sai

भारतीय मीडिया जगत में कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्होंने सिर्फ समय के साथ कदम नहीं मिलाया, बल्कि बदलते दौर की दिशा को भी समझा और उसके अनुरूप खुद को लगातार विकसित किया। ऐसे ही मीडिया लीडर्स में शामिल हैं बी साई कुमार। आज बी साई कुमार के जन्मदिन के अवसर पर उस प्रेरणादायक सफर को याद करना जरूरी है, जिसने भारतीय मीडिया और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री पर गहरी छाप छोड़ी है।

बी साई कुमार का करियर भारत के मीडिया परिदृश्य में आए बड़े बदलावों का साक्षी रहा है। टेलीविजन न्यूज के विस्तार से लेकर डिजिटल-फर्स्ट स्टोरीटेलिंग के उदय तक, उन्होंने हर दौर में नई संभावनाओं को पहचाना और उन्हें सफल व्यवसायिक मॉडल में बदलने का काम किया। संस्थान निर्माण, नेतृत्व क्षमता और मौलिक विचारों में विश्वास उनकी पहचान रहे हैं।

उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय नेटवर्क18 के साथ जुड़ा रहा, जहां उन्होंने ग्रुप सीईओ के रूप में संगठन को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में CNBC-TV18, CNN-IBN और IBN7 जैसे ब्रैंड्स ने भारतीय ब्रॉडकास्टिंग मार्केट में अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसी दौर में नेटवर्क18 एक अरब डॉलर मूल्य वाले मीडिया समूह के रूप में स्थापित हुआ, जिसने साई कुमार की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता को साबित किया।

हालांकि साई कुमार ने खुद को पारंपरिक टेलीविजन मीडिया तक सीमित नहीं रखा। जब डिजिटल तकनीक मीडिया इंडस्ट्री की स्थापित संरचनाओं को चुनौती देने लगी, तब उन्होंने यह समझ लिया था कि आने वाली पीढ़ी कंटेंट को बिल्कुल नए तरीके से उपभोग करेगी। इसी दूरदर्शिता ने उन्हें डिजिटल मीडिया की दिशा में बड़ा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

साल 2015 में उन्होंने अजय चाको और संजय रे चौधरी के साथ मिलकर डिजिटल कंटेंट प्लेटफॉर्म ‘Arré’ की स्थापना की। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ऐसे विषयों, प्रारूपों और आवाजों को जगह देना था, जिन्हें पारंपरिक मीडिया में हमेशा पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता था।

‘Arré’ के शुरुआती चर्चित प्रोजेक्ट्स में ‘Re-Gender’ शामिल रहा, जिसने एक अनोखे सामाजिक प्रयोग के जरिए समाज में मौजूद लैंगिक धारणाओं पर सवाल उठाए। इसके बाद प्लेटफॉर्म ने वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, पॉडकास्ट, व्यंग्य और लॉन्ग-फॉर्म कंटेंट जैसे कई क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

कंपनी के ‘Arré Studio’ ने डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन को नई पहचान दी, जबकि ‘Arré Voice’ के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं को अपनी कहानियां, विचार और अनुभव ऑडियो फॉर्मेट में साझा करने का मंच मिला। इन पहलों ने साई कुमार की उस सोच को मजबूती दी, जिसमें मीडिया का भविष्य सहभागिता, विविधता और क्रिएटर-आधारित इकोसिस्टम पर आधारित माना गया।

बी साई कुमार केवल सफल मीडिया संस्थानों के निर्माण तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF), FICCI, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA) और इंटरनेशनल एडवरटाइजिंग एसोसिएशन (IAA) जैसे उद्योग संगठनों के साथ जुड़कर मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण विमर्शों में भी सक्रिय योगदान दिया है।

मीडिया जगत के सहयोगी और इंडस्ट्री विशेषज्ञ अक्सर उनके नेतृत्व को शांत, संतुलित और जिज्ञासु सोच वाला बताते हैं। वे रचनात्मक पेशेवरों को नए प्रयोग करने की स्वतंत्रता देने के लिए भी जाने जाते हैं। यही वजह है कि उनकी पहचान केवल एक सफल कॉरपोरेट लीडर के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्ति के रूप में भी है, जिन्होंने मीडिया के बदलते स्वरूप को समय रहते समझा और नई संभावनाओं को अपनाया।

आज उनके जन्मदिन पर बी साई कुमार का सफर यह याद दिलाता है कि लंबे समय तक प्रभावी नेतृत्व का आधार बदलावों को स्वीकार करना, लगातार सीखना और भविष्य की दिशा को समय रहते पहचान लेना है। प्रसारण मीडिया से लेकर डिजिटल स्टोरीटेलिंग तक, उन्होंने हर दौर में नए विचारों और नई आवाजों को मंच देने का काम किया है। यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि और विरासत है।

समाचार4मीडिया की ओर से बी साई कुमार को उनके जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।  

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हैप्पी बर्थडे रक्तिम दास: बदलाव और नवाचार की मिसाल हैं आप

दो दशक से अधिक लंबे करियर में रक्तिम दास ने भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के लगभग हर महत्वपूर्ण बदलाव को करीब से देखा है और कई मौकों पर उसका नेतृत्व भी किया है।

Last Modified:
Tuesday, 01 September, 2026
Raktim Das Birthday

मीडिया इंडस्ट्री में लगातार बदलते दौर के बीच कुछ ऐसे नाम भी हैं, जिन्होंने समय के साथ खुद को बदला ही नहीं, बल्कि बदलाव की दिशा भी तय की। जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Zee Media Corporation Limited) के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) रक्तिम दास ऐसा ही एक नाम हैं। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके उस प्रेरणादायक पेशेवर सफर को याद करना जरूरी है, जिसने कंटेंट, बिजनेस और इनोवेशन को एक साथ जोड़ने का काम किया।

दो दशक से अधिक लंबे करियर में रक्तिम दास ने भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के लगभग हर महत्वपूर्ण बदलाव को करीब से देखा है और कई मौकों पर उसका नेतृत्व भी किया है। प्रिंट, टेलीविजन, डिजिटल, ब्रांडेड कंटेंट और इवेंट्स जैसे विविध क्षेत्रों में उन्होंने अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय इंडिया टुडे ग्रुप के साथ जुड़ा रहा, जहां उन्होंने ‘बिजनेस टुडे’ के विकास में योगदान दिया। इसी दौरान उन्होंने ब्रैंडेड कंटेंट और मीडिया इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (IPs) को एक मजबूत कारोबारी अवसर के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। उस समय भारत में यह मॉडल शुरुआती दौर में था, लेकिन रक्तिम दास ने संपादकीय समझ, दर्शकों की भागीदारी और ब्रैंड की जरूरतों को एक साथ जोड़ने की संभावनाओं को समय रहते पहचान लिया।

रक्तिम दास कई अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन ब्रैंड्स को भारत में स्थापित करने और विकसित करने से भी जुड़े रहे। इनमें हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू साउथ एशिया (Harvard Business Review South Asia), टाइम (TIME), साइंटिफिक अमेरिकन इंडिया (Scientific American India) और मेन्स हेल्थ (Men’s Health) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन जिम्मेदारियों ने उनके करियर को वैश्विक दृष्टि दी और यह समझ विकसित की कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ब्रांड्स को भारतीय पाठकों और दर्शकों के अनुरूप कैसे ढाला जा सकता है।

जी समूह के साथ उनका जुड़ाव भी बेहद महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2008 से 2010 के बीच जी बिजनेस (Zee Business) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने चैनल के बदलाव और उसे बिजनेस न्यूज श्रेणी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में जी इनोवेशन स्टूडियो और कस्टम कंटेंट डिवीजन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने नए फॉर्मेट और ब्रांड आधारित कंटेंट समाधानों को विकसित किया।

रक्तिम दास ने नेटवर्क18 (Network18), न्यूजएक्स (NewsX) और द टाइम्स ऑफ इंडिया (The Times of India) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। उनकी उद्यमशील सोच का एक उदाहरण SMEpost.com भी रहा, जिसे भारत के लघु और मध्यम उद्यम (SME) समुदाय के लिए सूचना और संवाद के मंच के रूप में विकसित किया गया।

टीवी9 नेटवर्क (TV9 Network) में उन्होंने पहले स्टूडियो9 (Studio9) का नेतृत्व किया और बाद में डिजिटल एवं ब्रॉडकास्टिंग के चीफ ग्रोथ ऑफिसर (Chief Growth Officer) की जिम्मेदारी संभाली। इस भूमिका में उन्होंने टेलीविजन, डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विकास के साथ-साथ ब्रांडेड कंटेंट, नए मीडिया प्रॉपर्टीज और मोनेटाइजेशन रणनीतियों पर काम किया। यह वह दौर था जब ब्रॉडकास्ट और डिजिटल के बीच की सीमाएं तेजी से खत्म हो रही थीं और रक्तिम दास ने दोनों क्षेत्रों को जोड़ने में अहम योगदान दिया।

नवंबर 2025 में रक्तिम दास ने जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सीईओ के रूप में वापसी की। यह वापसी उनके लिए एक तरह से घर वापसी भी थी और साथ ही उनके अब तक के सबसे बड़े नेतृत्वकारी दायित्व की शुरुआत भी। वर्तमान में वह ऐसे समय में संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं, जब समाचार उद्योग बदलती उपभोक्ता आदतों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्लेटफॉर्म फ्रैगमेंटेशन और नए राजस्व स्रोतों की चुनौतियों का सामना कर रहा है।

रक्तिम दास का मानना है कि भविष्य का मीडिया एक ओम्नीचैनल मॉडल पर आधारित होगा, जहां टेलीविजन और डिजिटल मिलकर एकीकृत समाचार तंत्र का निर्माण करेंगे। वह तकनीक और संपादकीय विवेक के संतुलित उपयोग के पक्षधर रहे हैं और उनका मानना है कि किसी भी नवाचार का अंतिम उद्देश्य दर्शकों का विश्वास मजबूत करना होना चाहिए।

रक्तिम दास के करियर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने हमेशा संपादकीय स्ट्रैटेजी और कारोबारी विकास के संगम पर काम किया। पत्रिकाओं, बिजनेस न्यूज, ब्रांडेड कंटेंट, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कॉर्पोरेट नेतृत्व तक फैले उनके अनुभव ने उन्हें भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के प्रमुख लीडर्स में शामिल किया है।

समाचार4मीडिया की ओर से रक्तिम दास को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएं।

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मनीष पांडे बने Tyroo में नेशनल सेल्स मैनेजर

Tyroo ने मनीष के पांडे को National Sales Manager – CTV & DSP Platform के पद पर पदोन्नत किया है। वह चार साल से अधिक समय से कंपनी से जुड़े हैं।

Last Modified:
Monday, 31 August, 2026
manishkpandey

मनीष के पांडे (Manish K Pandey) को टायरू (Tyroo) में National Sales Manager – CTV & DSP Platform के पद पर पदोन्नत किया गया है। पांडे ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की और आगे के सफर को लेकर उत्साह जताया।

इस पदोन्नति से पहले पांडे Tyroo में Regional Sales Manager – Tyroo TV & Teads DSP (Outbrain Direct) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह चार साल से अधिक समय से कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं।

पांडे के पास विज्ञापन बिक्री, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट और सेल्स मैनेजमेंट के क्षेत्र में अनुभव है। Tyroo में शामिल होने से पहले उन्होंने टाइम्स इंटरनेट (Times Internet) में Manager – Native & Programmatic DV360 के तौर पर काम किया था। इससे पहले वह जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) में Senior Manager रहे।

उनके शुरुआती करियर की बात करें तो पांडे श्री अधिकारी ब्रदर्स ग्रुप (Sri Adhikari Brothers Group) में Manager – Digital Ad Sales, एशियानेट न्यूज नेटवर्क (Asianet News Network) में Digital Sales Manager और सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network) में Senior Executive – Sales की भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।

नई जिम्मेदारी में पांडे CTV और DSP प्लेटफॉर्म से जुड़े नेशनल सेल्स ऑपरेशंस को संभालेंगे। विज्ञापन बिक्री और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग क्षेत्रों में उनका अनुभव इस भूमिका में अहम रहेगा।

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एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया में तीन नई नियुक्तियां

एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया (Editors Club of India) ने संगठन के विस्तार और मजबूती के लिए तीन नई नियुक्तियां की हैं। मनोज डूमरा और डॉ. मोहम्मद आजाद उपाध्यक्ष बने हैं।

Last Modified:
Monday, 31 August, 2026
Editors Club of India

एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया (Editors Club of India) ने संगठन को मजबूत करने और उसके विस्तार को गति देने के लिए तीन महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ अग्निहोत्री (Amitabh Agnihotri) ने इन नियुक्तियों की जानकारी साझा की।

संगठन की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुनील कौशिक (Dr. Sunil Kaushik) के अनुमोदन के बाद इंडिया डेली लाइव (India Daily Live) के प्रधान संपादक मनोज डूमरा (Manoj Dumra) और जय हिंद जनाब (Jai Hind Janab) के प्रधान संपादक डॉ. मोहम्मद आजाद (Dr. Mohammad Azad) को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

वहीं, भारत अपडेट (Bharat Update) के प्रधान संपादक विवेक पाठक (Vivek Pathak) को संगठन में राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ अग्निहोत्री ने तीनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारियों के साथ सभी पदाधिकारी पत्रकारों की एकजुटता और संगठन के विस्तार के लिए प्रभावी ढंग से काम करें।

अमिताभ अग्निहोत्री ने आगामी कार्यक्रम को लेकर भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी। उन्होंने सभी से 30 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया के प्रथम स्थापना दिवस समारोह (First Foundation Day समारोह) की तैयारियों में पूरी ऊर्जा के साथ जुटने का आह्वान किया।

इन नियुक्तियों को संगठन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तीनों नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारी संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने और पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय बनाने में अहम होगी।

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पैनोरमा स्टूडियोज के प्रमोटर कुमार मंगत पाठक ने 60 लाख शेयर रखे गिरवी, जानिए वजह

पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल के प्रमोटर कुमार मंगत पाठक ने निजी उधारी के लिए कंपनी के 60 लाख इक्विटी शेयर गिरवी रखे हैं। यह जानकारी कंपनी ने शेयर बाजार को दी है।

Last Modified:
Saturday, 29 August, 2026
PanoramaStudios

पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल के प्रमोटर कुमार मंगत पाठक ने निजी उधारी के लिए कंपनी के 60 लाख इक्विटी शेयर गिरवी रखे हैं। यह जानकारी कंपनी ने शेयर बाजार को दी है। इन शेयरों पर गिरवी का अधिकार 24 अगस्त 2026 को बनाया गया।

कंपनी ने 27 अगस्त 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह खुलासा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी के नियमों के तहत किया गया है।

अब 3.35 करोड़ से ज्यादा शेयर गिरवी

नए 60 लाख शेयर गिरवी रखने के बाद कुमार मंगत पाठक के कुल गिरवी शेयरों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 35 लाख 75 हजार हो गई है। यह कंपनी की कुल शेयर पूंजी का 12.89 प्रतिशत हिस्सा है। इससे पहले उनके 2 करोड़ 75 लाख 75 हजार शेयर पहले से ही गिरवी रखे हुए थे, जो कंपनी की कुल शेयर पूंजी का 10.58 प्रतिशत थे।

मोतीलाल ओसवाल के पक्ष में रखे गए शेयर

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ये 60 लाख शेयर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के पक्ष में गिरवी रखे गए हैं। इसका उद्देश्य निजी उधारी बताया गया है।

प्रमोटर के पास कितनी हिस्सेदारी है?

कुमार मंगत पाठक के पास कंपनी के कुल 9 करोड़ 18 लाख 83 हजार 774 शेयर हैं। कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 35.27 प्रतिशत है। नए गिरवी के बाद उनकी कुल हिस्सेदारी का करीब 36.5 प्रतिशत हिस्सा अब गिरवी रखा जा चुका है। यानी प्रमोटर के पास मौजूद शेयरों का एक बड़ा भाग उधारी के लिए सुरक्षा के रूप में इस्तेमाल किया गया है।

इन आंकड़ों का क्या मतलब है?

शेयर गिरवी रखना अपने आप में किसी गड़बड़ी का संकेत नहीं होता। कई बार प्रमोटर निजी या कारोबारी जरूरतों के लिए अपने शेयर गिरवी रखकर वित्त जुटाते हैं। हालांकि, निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होता है कि प्रमोटर की कितनी हिस्सेदारी गिरवी रखी गई है, क्योंकि ज्यादा गिरवी शेयर होने पर कंपनी के शेयर से जुड़े वित्तीय जोखिम पर बाजार की नजर बनी रहती है।

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डॉ. सुभाष चंद्रा बोले: मेरे बारे में फैलाए जा रहे कई दावे मिथक, किसी के बहकावे में न आएं

पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अपने बारे में फैल रही विभिन्न बातों के बीच ‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने एक वीडियो मैसेज के जरिये अपनी बात रखी है।

Last Modified:
Friday, 28 August, 2026
Dr. Subhash Chandra

पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अपने बारे में फैल रही विभिन्न बातों के बीच ‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपनी बात रखी है। एनसीएलटी (NCLT) में चल रहे मामले, ग्रुप की देनदारियों, कर्ज के भुगतान और अपनी निजी संपत्ति को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रुप पर कभी करीब 45,000 करोड़ रुपये की देनदारी थी, जिसमें से लगभग 43,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बारे में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातों पर विश्वास करने के बजाय उनकी सत्यता की जांच की जानी चाहिए।

अपने वीडियो संदेश में डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, नमस्कार। पिछले दो दिनों से मुझे, यानी डॉ. सुभाष चंद्रा को भी कुछ लोग इस देश के ऐसे लोगों से जोड़कर देख रहे हैं या दिखा रहे हैं, जिन्होंने अपने देश के वित्तीय तंत्र को किसी न किसी प्रकार से निचोड़ा है। किसी न किसी प्रकार से उनके पैसे लेकर के स्वयं के लिए महल, जहाज, सब कुछ खरीदे हैं।

लेकिन मुझे पता है और मुझे विश्वास है कि जो प्यार, जो शुभेच्छा आप सब लोगों ने मुझे दी है, उसके कारण से हमारे ग्रुप पर जो मुसीबत 24 जनवरी 2019 को आई, एसेट और लायबिलिटी मिसमैच होने के कारण, और उस दिन मैंने अपने मन से, मेरे लोगों के कहने के बावजूद भी, मैंने एक खुला पत्र आप सब लोगों को लिखा, देश के सिस्टम को लिखा, बैंकिंग सिस्टम को भी लिखा और उसमें कहा कि मैंने कुछ गलतियां की हैं।

शायद मैं पहला ही व्यक्ति था, जिसने अपनी गलतियां मानीं। मुझे नहीं लगता, और शायद आखिरी अब तक के इतिहास में मैं ही अकेला व्यक्ति हूं, जिसने अपनी गलतियां मानी हैं। दूसरा कोई कॉरपोरेट वाला व्यक्ति, मैंने तो नहीं देखा कि किसी ने गलती मानी हो।

और मैंने कहा कि भाई, मैं आपका, मैं सिस्टम का पूरा पैसा चुकाऊंगा। मेरे ग्रुप की जितनी उधार लेने वाली संस्थाएं हैं, वो भी चुकाएंगी। और वो किया हम लोगों ने। वो मैंने सभी उधार लेने वाली संस्थाओं को मजबूर करके करवाया। परिवार के भी एसेट्स बेचे, अपने एसेट्स बेचे, कंपनी जी बेच दी थी लगभग। कुछ हमने रखा नहीं। अपने घर तक को गिरवी किया, लेकिन सबका पैसा चुकाया।

बहुत से लोगों को ये अच्छा नहीं लग रहा, क्योंकि एक उदाहरण बन जाएगा कि एस्सेल ग्रुप ने, डॉ. सुभाष चंद्रा और उसके परिवार ने सब कुछ, सबका चुकाया, अपना बेचकर भी चुकाया। उन लोगों को अच्छा नहीं लग रहा, जिन्होंने नहीं चुकाया।

तो तब से ही ये बातें चली आ रही हैं। और ये केवल अभी जो एनसीएलटी में हुआ, उसके बारे में मैं अभी बताऊंगा आपको एक ही मिनट में। वो सच्चाई सही से नहीं बता रहे हैं आप लोगों को। हमने कल एक प्रेस रिलीज जारी की, उसमें कुछ तथ्य सामने रखे हैं। लेकिन मैं सोचता था कि आपसे सीधी बात भी मैं करूं, आपको सीधा बताऊं, जिससे कि आप सबका जो प्रेम मेरे प्रति है, वो बना रहे।

और मुझे विश्वास है, मुझे कोई परेशानी नहीं है कि मेरी जो प्रतिष्ठा है, उसको जो लोग बिगाड़ना चाहते हैं, वो इतनी आसानी से बिगड़ेगी, क्योंकि सच्चाई, दोस्तों, आखिरकार कायम रहती है। भले ही आज के युग में, कलयुग में, दुनिया धन के पीछे, धन के बीच में, धन के एक ढेर में सच्चाई को दबा देती है, प्रयास करती है, लेकिन आखिरकार वो सच्चाई छुप नहीं सकती है।

आखिरकार तो मनुष्य को अपना चेहरा खुद सवेरे शीशे में देखना होता है। मुझे पता होता है कि मैंने क्या गलत किया और क्या सही किया। तो उस दिन लगभग 45,000 करोड़ की देनदारी हमारे पूरे ग्रुप पर थी। उसमें से लगभग 43,000 करोड़ हमने चुकाया है। बाकी जो 2,000 करोड़ कहीं कंपनियों के हैं, जिनके एसेट और लायबिलिटी में गड़बड़ थी, उस वजह से वो रुका है।

ये जो विषय एनसीएलटी में हुआ, तो वो केवल और केवल इसलिए हुआ कि मैंने कुछ लेंडर्स को पर्सनल गारंटी साइन करके दी थी। और मुझे नहीं पता क्यों, पर कुछ लेंडर्स के पूरे पैसे भी चुका दिए गए थे, लेकिन उन्होंने भी एनसीएलटी में अपने क्लेम दाखिल किए। किसी कारण से किए होंगे, होने नहीं चाहिए थे।

बहुत से केस ऐसे हैं। ये जो कुल दावा 22,000 करोड़ रुपये लोग बोलते हैं, वो केवल 3,900 करोड़ के लगभग था। और जब हमारे ग्रुप की कुल देनदारी 45,000 करोड़ की है, उसमें से 43,000 करोड़ दे दिया गया, 2,000 करोड़ बचा, तो बाकी 3,900 करोड़ कहां से आ गया?

चलो, खैर, जो भी है, वो आया भी। इसमें से करीब 2,000 करोड़ ऐसे लोगों के हैं, जिन्होंने कभी पर्सनल गारंटी इनवोक भी नहीं की। उन्होंने भी क्लेम दाखिल किया। जो रेजोल्यूशन प्रोफेशनल कोर्ट ने लगाए थे, उन्होंने सबका क्लेम स्वीकार कर लिया।

और दोस्तों, उसमें से भी 620 करोड़ का क्लेम हमने सेटल किया है। जो उधार लेने वाली संस्थाएं हैं, उन्होंने कुछ 1,100 करोड़ के लगभग अभी भी लेंडर्स के पास ऑफर कर रखे हैं। तो हमारे ग्रुप की एंटिटीज सभी लोग कमिटेड हैं, हर एक का एक-एक पैसा चुकाने में।

मुझे, मेरा ये मानना है और यही बुजुर्गों ने सिखाया है कि जिसका देना है, उसको दिया जाए। हमने बहुत से पैसे लेने भी हैं, कई जगह पर फंसे हुए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के पैसे राज्य सरकार से लेने के लिए पड़े हुए हैं। उसके पीछे लगे हैं हम।

कुछ एक-दो प्रॉपर्टी और हैं, जो बेची जानी हैं। उस वजह से ही आज जी वापस हमने 20 प्रतिशत के लिए एक फैमिली ने अपने पैसे इकट्ठे करके लिया है। जहां तक मेरा निजी प्रश्न है, ये भी एक लांछन लगाया गया कि मेरे पास बहुत ज्यादा वेल्थ थी, जब हमने लोन लिया, लेकिन बाद में हमने कुल 31 करोड़ रुपये की दिखाई। अब ये भी एक मिथ है, जो किसी ने चला के रखा है।

कहीं किसी ने रिकॉर्ड पर लिख दिया, ग्रुप की जितनी मार्केट कैपिटलाइजेशन थी, उसको ले लिया और उसको मेरी निजी संपत्ति के रूप में दिखा दिया। 45,000 करोड़ रुपये नेटवर्थ है डॉ. सुभाष चंद्रा की, ऐसा 2017 में बताया गया। जबकि मैं 2016 में जब राज्यसभा का सदस्य बना, तो उसमें वहां पर डिक्लेरेशन देना होता है और मैंने डिक्लेयर किया। उसमें मेरी नेटवर्थ थी 39 करोड़, 60-70 लाख या कुछ ऐसा।

जब 2016 में मैं 39 करोड़, 60-70 लाख डिक्लेयर कर रहा हूं, तो 2017 में वो 45,000 करोड़ कैसे बन जाएंगे? तो ये सारी चीजें कुछ लोगों को ठीक नहीं लग रही हैं, लेकिन आखिरकार सच्चाई जो है, वो कायम रहेगी। मैं बल्कि आपके माध्यम से बैंकिंग सिस्टम को, आज इस देश के वित्त मंत्री को और बैंकिंग सचिव इत्यादि को भी ये कहना चाहूंगा कि आप किसी स्वतंत्र ऑडिटर को लगाइए। उनको इतना ही सवाल पूछिए कि भाई, इस ग्रुप का जब इन्होंने पहली बार वित्तीय बाजार में डिफॉल्ट किया, उस समय इनकी कितनी उधारी थी और कितना इन्होंने अब तक भुगतान किया।

आज मैं आपसे ठीक हंसकर साधारण रूप से बात कर रहा हूं। एक ऐसे व्यक्ति की तरह से बात नहीं कर रहा, जिसका सब कुछ चला गया हो। जो आखिरी साढ़े छह करोड़ रुपया बचा है मेरे पास, वो भी अब इस प्लान के अनुसार भुगतान करना पड़ेगा। एक मेरा छोटा रेजिडेंशियल मकान है, उसको मैंने आंशिक रूप से किराये पर दिया है, उसकी आय से मैं अपना खर्चा चला रहा हूं। मुझे कोई अफसोस नहीं है, दोस्तों। और फिर कमाऊंगा। पायनियर हूं, अच्छे काम, नए काम करना जानता हूं, आगे भी करूंगा।

अभी तो फिलहाल तो... स्विट्जरलैंड में मेरे एक मित्र हैं, जो निवेश का काम करते हैं। उनके यहां कुछ करने का मैंने एक प्लान किया है। डिटेल मैं दूंगा आपको आने वाले एक-दो हफ्ते में। उनकी इन्वेस्टमेंट भारत में और कहीं पर भी कुछ भी होगी, तो वो देखूंगा, जिससे कि अपने आपको दोबारा स्थापित कर सकूं।

और आवश्यक ये भी है कि कहीं न कहीं परिवार से दो-चार करोड़ रुपया उधार लेकर उसको भी अपने किसी न किसी स्टार्टअप में और में लगाऊंगा, जो आगे बढ़ सकें। आगे वापस अपना जो खोया हुआ अतीत है, एक सफल पायनियर और जिसने नए-नए बिजनेस इस देश में शुरू किए, 8,000 परिवारों को रोजगार दिया, इस देश की इकोनॉमी में योगदान किया।

मुझे ध्यान में आता है कि इन 50-52 साल के मेरे वर्किंग लाइफ में मैंने कम से कम वित्तीय तंत्र को 60-70,000 करोड़ का ब्याज दिया होगा, लेकिन कमाया भी, आगे भी बढ़े। जो व्यक्ति 17 रुपये लेकर निकला, एक समय में इस देश के टॉप-10 सबसे अमीर लोगों में भी नाम आया और आज सब कुछ चला गया, उसका कोई दुख नहीं है।

तो मैं केवल और केवल आपसे यही रिक्वेस्ट करूंगा कि आप किसी के बहकावे में मत आइए। गलत वॉट्सऐप और सोशल मीडिया पर दुनिया भर की बातें मेरे बारे में जो कही जा रही हैं, उनको वेरिफाई करिए। और मैं आपको अधिकार देता हूं कि आप मुझे... मेरा तो सब कुछ ओपन है। मुझे मेल करिए, आपके प्रश्नों को मुझसे पूछिए, सीधा। मैं आपको जवाब दूंगा।

इसके साथ ही आपने अपना अटेंशन मुझे दिया, मेरी इस वीडियो को, इस स्टेटमेंट को दिया, उसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। आपका प्यार ऐसे ही बना रहे। धन्यवाद। जय हिंद।

डॉ. सुभाष चंद्रा का पूरा वीडियो मैसेज आप यहां देख सकते हैं।

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