डेंट्सू इंडिया के मुंबई-दिल्ली दफ्तरों में छापेमारी

डेंट्सू इंडिया के मुंबई और दिल्ली कार्यालयों में मंगलवार सुबह नियामकीय छापेमारी की जानकारी सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसी और कार्रवाई की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।

Last Modified:
Tuesday, 01 September, 2026
dentsuindia


देश की प्रमुख विज्ञापन और मीडिया नेटवर्क कंपनियों में शामिल डेंट्सू इंडिया (Dentsu India) के मुंबई और दिल्ली स्थित कार्यालयों में मंगलवार सुबह नियामकीय छापेमारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताई गई है।

सूत्रों के अनुसार, मुंबई स्थित कार्यालय में सुबह कई कर्मचारियों को इमारत के भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को परिसर के अंदर ही रहने के लिए कहा गया। सूत्रों ने यह भी दावा किया कि कुछ कर्मचारियों के निजी मोबाइल फोन और लैपटॉप अपने कब्जे में लिए गए।

कार्रवाई की वजह अभी साफ नहीं-

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि डेंट्सू इंडिया के परिसरों में यह कार्रवाई किस नियामक या एजेंसी ने की है। जांच किस मामले को लेकर हो रही है और इसके दायरे में किन संस्थाओं या दस्तावेजों को लिया गया है, इसकी भी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

तलाशी के दौरान किसी दस्तावेज को जब्त किए जाने की तत्काल पुष्टि भी नहीं हो सकी है। डेंट्सू इंडिया से मामले को लेकर प्रतिक्रिया मांगी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

पहले भी जांच का सामना कर चुकी है कंपनी-

डेंट्सू इंडिया से जुड़ी ताजा कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है, जब कंपनी पहले भी अलग-अलग नियामकीय जांच के दायरे में रह चुकी है। साल 2022 में कंपनी से जुड़े परिसरों में आयकर विभाग (Income Tax Department) की तलाशी की खबर सामने आई थी। इसके बाद 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की जांच का मामला सामने आया।

वहीं, 2025 में प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों से संबंधित भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) की जांच भी चर्चा में रही थी। फिलहाल मुंबई और दिल्ली स्थित डेंट्सू इंडिया के कार्यालयों में हुई ताजा कार्रवाई को लेकर एजेंसी, जांच की वजह और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे जांच से संबंधित तथ्य सामने आएंगे, मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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हैप्पी बर्थडे कार्तिक शर्मा: मीडिया और विज्ञापन जगत में बदलाव की मजबूत आवाज हैं आप

उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके अब तक के पेशेवर सफर और इंडस्ट्री में उनके योगदान को याद करना खास बन जाता है।

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Tuesday, 01 September, 2026
Kartik Sharma Birthday

भारतीय मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्होंने बदलते समय के साथ न सिर्फ खुद को ढाला, बल्कि पूरी इंडस्ट्री की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ओम्निकॉम मीडिया इंडिया (Omnicom Media India) के सीईओ कार्तिक शर्मा ऐसा ही एक नाम हैं। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके अब तक के पेशेवर सफर और इंडस्ट्री में उनके योगदान को याद करना खास बन जाता है।

करीब 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ कार्तिक शर्मा ने मीडिया और विज्ञापन जगत में एक ऐसे नेता के रूप में पहचान बनाई है, जो रणनीतिक सोच, उपभोक्ता व्यवहार की गहरी समझ और बदलते मीडिया परिदृश्य को बारीकी से समझने के लिए जाने जाते हैं।

अपने करियर के दौरान उन्होंने लिंटास, माइंडशेयर, मैडिसन मीडिया, मैक्सस और वेवमेकर जैसी प्रमुख एजेंसियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान उन्हें यूनिलीवर, नेटफ्लिक्स, मोंडेलेज, लॉरियल, वोडाफोन और टाटा स्काई जैसे बड़े ब्रांड्स के साथ काम करने का अवसर मिला। इन अनुभवों ने उन्हें मीडिया प्लानिंग, स्ट्रैटेजी, डेटा, एनालिटिक्स और क्लाइंट लीडरशिप जैसे क्षेत्रों में मजबूत विशेषज्ञता प्रदान की।

साल 2020 में कार्तिक शर्मा ने ओम्निकॉम मीडिया ग्रुप इंडिया का रुख किया। इससे पहले वह वेवमेकर में साउथ एशिया के सीईओ की भूमिका निभा रहे थे। ओम्निकॉम में आने के बाद उन्होंने ऐसे दौर में नेटवर्क का नेतृत्व किया, जब डिजिटल माध्यम तेजी से बढ़ रहे थे, उपभोक्ताओं की आदतों में बदलाव आ रहा था और कंपनियां अपने मार्केटिंग निवेश से बेहतर और मापने योग्य परिणाम चाहती थीं।

बाद में ओम्निकॉम और आईपीजी के मीडिया कारोबार के एकीकरण के बाद उन्हें ओम्निकॉम मीडिया इंडिया का सीईओ नियुक्त किया गया। इस जिम्मेदारी के साथ उनके नेतृत्व में देश के सबसे बड़े मीडिया एजेंसी नेटवर्क्स में से एक का संचालन आया, जिसमें मीडिया प्लानिंग, खरीद, डेटा, टेक्नोलॉजी, कंटेंट और कॉमर्स जैसी व्यापक क्षमताएं शामिल हैं।

कार्तिक शर्मा का मानना है कि आज की मीडिया एजेंसी की भूमिका केवल विज्ञापन स्पेस खरीदने तक सीमित नहीं रह गई है। उनके अनुसार मीडिया प्लानिंग अब केवल मीडिया से जुड़ा सवाल नहीं है, बल्कि यह मार्केटिंग और बिजनेस रणनीति का भी अहम हिस्सा बन चुकी है। यही सोच उन्हें उद्योग में एक दूरदर्शी नेता के रूप में स्थापित करती है।

अपनी बड़ी जिम्मेदारियों के बावजूद कार्तिक शर्मा हमेशा सहयोग और सीखने की संस्कृति पर जोर देते रहे हैं। ओम्निकॉम मीडिया में अपने छह वर्ष पूरे होने पर उन्होंने अपने सहयोगियों, ग्राहकों और साझेदारों को अपने पेशेवर और व्यक्तिगत विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। यह उनके नेतृत्व की उस शैली को दर्शाता है, जिसमें टीमवर्क और साझेदारी को विशेष महत्व दिया जाता है।

विज्ञापन और मीडिया इंडस्ट्री में उनके योगदान को वर्ष 2025 में तब विशेष पहचान मिली, जब उन्हें ‘ई4एम इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर 2025’ सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान इंडस्ट्री में उनके प्रभावशाली नेतृत्व और परिवर्तनकारी योगदान का प्रमाण माना गया।

आज जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI), कनेक्टेड टीवी, कॉमर्स मीडिया और डेटा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया तेजी से इंडस्ट्री को बदल रही है, तब कार्तिक शर्मा ऐसे समय में नेतृत्व कर रहे हैं, जो मीडिया जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके सामने चुनौती है कि ओम्निकॉम मीडिया की व्यापक क्षमताओं को व्यवसायिक परिणामों में बदलते हुए लोगों, प्लेटफॉर्म्स और तकनीक को एक साथ जोड़ा जाए।

कार्तिक शर्मा का सफर निरंतर सीखने, बदलावों को स्वीकार करने और हर चुनौती को अवसर में बदलने की कहानी है। उनके जन्मदिन पर समाचार4मीडिया उन्हें शुभकामनाएं देता है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

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हैप्पी बर्थडे बी साई कुमार: TV से डिजिटल तक सफलता की नई इबारत लिखने वाले मीडिया दिग्गज

बी साई कुमार के जन्मदिन के अवसर पर उस प्रेरणादायक सफर को याद करना जरूरी है, जिसने भारतीय मीडिया और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री पर गहरी छाप छोड़ी है।

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Tuesday, 01 September, 2026
B Sai

भारतीय मीडिया जगत में कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्होंने सिर्फ समय के साथ कदम नहीं मिलाया, बल्कि बदलते दौर की दिशा को भी समझा और उसके अनुरूप खुद को लगातार विकसित किया। ऐसे ही मीडिया लीडर्स में शामिल हैं बी साई कुमार। आज बी साई कुमार के जन्मदिन के अवसर पर उस प्रेरणादायक सफर को याद करना जरूरी है, जिसने भारतीय मीडिया और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री पर गहरी छाप छोड़ी है।

बी साई कुमार का करियर भारत के मीडिया परिदृश्य में आए बड़े बदलावों का साक्षी रहा है। टेलीविजन न्यूज के विस्तार से लेकर डिजिटल-फर्स्ट स्टोरीटेलिंग के उदय तक, उन्होंने हर दौर में नई संभावनाओं को पहचाना और उन्हें सफल व्यवसायिक मॉडल में बदलने का काम किया। संस्थान निर्माण, नेतृत्व क्षमता और मौलिक विचारों में विश्वास उनकी पहचान रहे हैं।

उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय नेटवर्क18 के साथ जुड़ा रहा, जहां उन्होंने ग्रुप सीईओ के रूप में संगठन को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में CNBC-TV18, CNN-IBN और IBN7 जैसे ब्रैंड्स ने भारतीय ब्रॉडकास्टिंग मार्केट में अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसी दौर में नेटवर्क18 एक अरब डॉलर मूल्य वाले मीडिया समूह के रूप में स्थापित हुआ, जिसने साई कुमार की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता को साबित किया।

हालांकि साई कुमार ने खुद को पारंपरिक टेलीविजन मीडिया तक सीमित नहीं रखा। जब डिजिटल तकनीक मीडिया इंडस्ट्री की स्थापित संरचनाओं को चुनौती देने लगी, तब उन्होंने यह समझ लिया था कि आने वाली पीढ़ी कंटेंट को बिल्कुल नए तरीके से उपभोग करेगी। इसी दूरदर्शिता ने उन्हें डिजिटल मीडिया की दिशा में बड़ा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

साल 2015 में उन्होंने अजय चाको और संजय रे चौधरी के साथ मिलकर डिजिटल कंटेंट प्लेटफॉर्म ‘Arré’ की स्थापना की। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ऐसे विषयों, प्रारूपों और आवाजों को जगह देना था, जिन्हें पारंपरिक मीडिया में हमेशा पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता था।

‘Arré’ के शुरुआती चर्चित प्रोजेक्ट्स में ‘Re-Gender’ शामिल रहा, जिसने एक अनोखे सामाजिक प्रयोग के जरिए समाज में मौजूद लैंगिक धारणाओं पर सवाल उठाए। इसके बाद प्लेटफॉर्म ने वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, पॉडकास्ट, व्यंग्य और लॉन्ग-फॉर्म कंटेंट जैसे कई क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

कंपनी के ‘Arré Studio’ ने डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन को नई पहचान दी, जबकि ‘Arré Voice’ के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं को अपनी कहानियां, विचार और अनुभव ऑडियो फॉर्मेट में साझा करने का मंच मिला। इन पहलों ने साई कुमार की उस सोच को मजबूती दी, जिसमें मीडिया का भविष्य सहभागिता, विविधता और क्रिएटर-आधारित इकोसिस्टम पर आधारित माना गया।

बी साई कुमार केवल सफल मीडिया संस्थानों के निर्माण तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF), FICCI, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA) और इंटरनेशनल एडवरटाइजिंग एसोसिएशन (IAA) जैसे उद्योग संगठनों के साथ जुड़कर मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण विमर्शों में भी सक्रिय योगदान दिया है।

मीडिया जगत के सहयोगी और इंडस्ट्री विशेषज्ञ अक्सर उनके नेतृत्व को शांत, संतुलित और जिज्ञासु सोच वाला बताते हैं। वे रचनात्मक पेशेवरों को नए प्रयोग करने की स्वतंत्रता देने के लिए भी जाने जाते हैं। यही वजह है कि उनकी पहचान केवल एक सफल कॉरपोरेट लीडर के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्ति के रूप में भी है, जिन्होंने मीडिया के बदलते स्वरूप को समय रहते समझा और नई संभावनाओं को अपनाया।

आज उनके जन्मदिन पर बी साई कुमार का सफर यह याद दिलाता है कि लंबे समय तक प्रभावी नेतृत्व का आधार बदलावों को स्वीकार करना, लगातार सीखना और भविष्य की दिशा को समय रहते पहचान लेना है। प्रसारण मीडिया से लेकर डिजिटल स्टोरीटेलिंग तक, उन्होंने हर दौर में नए विचारों और नई आवाजों को मंच देने का काम किया है। यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि और विरासत है।

समाचार4मीडिया की ओर से बी साई कुमार को उनके जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।  

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हैप्पी बर्थडे रक्तिम दास: बदलाव और नवाचार की मिसाल हैं आप

दो दशक से अधिक लंबे करियर में रक्तिम दास ने भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के लगभग हर महत्वपूर्ण बदलाव को करीब से देखा है और कई मौकों पर उसका नेतृत्व भी किया है।

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Tuesday, 01 September, 2026
Raktim Das Birthday

मीडिया इंडस्ट्री में लगातार बदलते दौर के बीच कुछ ऐसे नाम भी हैं, जिन्होंने समय के साथ खुद को बदला ही नहीं, बल्कि बदलाव की दिशा भी तय की। जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Zee Media Corporation Limited) के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) रक्तिम दास ऐसा ही एक नाम हैं। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके उस प्रेरणादायक पेशेवर सफर को याद करना जरूरी है, जिसने कंटेंट, बिजनेस और इनोवेशन को एक साथ जोड़ने का काम किया।

दो दशक से अधिक लंबे करियर में रक्तिम दास ने भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के लगभग हर महत्वपूर्ण बदलाव को करीब से देखा है और कई मौकों पर उसका नेतृत्व भी किया है। प्रिंट, टेलीविजन, डिजिटल, ब्रांडेड कंटेंट और इवेंट्स जैसे विविध क्षेत्रों में उन्होंने अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय इंडिया टुडे ग्रुप के साथ जुड़ा रहा, जहां उन्होंने ‘बिजनेस टुडे’ के विकास में योगदान दिया। इसी दौरान उन्होंने ब्रैंडेड कंटेंट और मीडिया इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (IPs) को एक मजबूत कारोबारी अवसर के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। उस समय भारत में यह मॉडल शुरुआती दौर में था, लेकिन रक्तिम दास ने संपादकीय समझ, दर्शकों की भागीदारी और ब्रैंड की जरूरतों को एक साथ जोड़ने की संभावनाओं को समय रहते पहचान लिया।

रक्तिम दास कई अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन ब्रैंड्स को भारत में स्थापित करने और विकसित करने से भी जुड़े रहे। इनमें हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू साउथ एशिया (Harvard Business Review South Asia), टाइम (TIME), साइंटिफिक अमेरिकन इंडिया (Scientific American India) और मेन्स हेल्थ (Men’s Health) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन जिम्मेदारियों ने उनके करियर को वैश्विक दृष्टि दी और यह समझ विकसित की कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ब्रांड्स को भारतीय पाठकों और दर्शकों के अनुरूप कैसे ढाला जा सकता है।

जी समूह के साथ उनका जुड़ाव भी बेहद महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2008 से 2010 के बीच जी बिजनेस (Zee Business) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने चैनल के बदलाव और उसे बिजनेस न्यूज श्रेणी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में जी इनोवेशन स्टूडियो और कस्टम कंटेंट डिवीजन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने नए फॉर्मेट और ब्रांड आधारित कंटेंट समाधानों को विकसित किया।

रक्तिम दास ने नेटवर्क18 (Network18), न्यूजएक्स (NewsX) और द टाइम्स ऑफ इंडिया (The Times of India) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। उनकी उद्यमशील सोच का एक उदाहरण SMEpost.com भी रहा, जिसे भारत के लघु और मध्यम उद्यम (SME) समुदाय के लिए सूचना और संवाद के मंच के रूप में विकसित किया गया।

टीवी9 नेटवर्क (TV9 Network) में उन्होंने पहले स्टूडियो9 (Studio9) का नेतृत्व किया और बाद में डिजिटल एवं ब्रॉडकास्टिंग के चीफ ग्रोथ ऑफिसर (Chief Growth Officer) की जिम्मेदारी संभाली। इस भूमिका में उन्होंने टेलीविजन, डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विकास के साथ-साथ ब्रांडेड कंटेंट, नए मीडिया प्रॉपर्टीज और मोनेटाइजेशन रणनीतियों पर काम किया। यह वह दौर था जब ब्रॉडकास्ट और डिजिटल के बीच की सीमाएं तेजी से खत्म हो रही थीं और रक्तिम दास ने दोनों क्षेत्रों को जोड़ने में अहम योगदान दिया।

नवंबर 2025 में रक्तिम दास ने जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सीईओ के रूप में वापसी की। यह वापसी उनके लिए एक तरह से घर वापसी भी थी और साथ ही उनके अब तक के सबसे बड़े नेतृत्वकारी दायित्व की शुरुआत भी। वर्तमान में वह ऐसे समय में संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं, जब समाचार उद्योग बदलती उपभोक्ता आदतों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्लेटफॉर्म फ्रैगमेंटेशन और नए राजस्व स्रोतों की चुनौतियों का सामना कर रहा है।

रक्तिम दास का मानना है कि भविष्य का मीडिया एक ओम्नीचैनल मॉडल पर आधारित होगा, जहां टेलीविजन और डिजिटल मिलकर एकीकृत समाचार तंत्र का निर्माण करेंगे। वह तकनीक और संपादकीय विवेक के संतुलित उपयोग के पक्षधर रहे हैं और उनका मानना है कि किसी भी नवाचार का अंतिम उद्देश्य दर्शकों का विश्वास मजबूत करना होना चाहिए।

रक्तिम दास के करियर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने हमेशा संपादकीय स्ट्रैटेजी और कारोबारी विकास के संगम पर काम किया। पत्रिकाओं, बिजनेस न्यूज, ब्रांडेड कंटेंट, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कॉर्पोरेट नेतृत्व तक फैले उनके अनुभव ने उन्हें भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के प्रमुख लीडर्स में शामिल किया है।

समाचार4मीडिया की ओर से रक्तिम दास को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएं।

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मनीष पांडे बने Tyroo में नेशनल सेल्स मैनेजर

Tyroo ने मनीष के पांडे को National Sales Manager – CTV & DSP Platform के पद पर पदोन्नत किया है। वह चार साल से अधिक समय से कंपनी से जुड़े हैं।

Last Modified:
Monday, 31 August, 2026
manishkpandey

मनीष के पांडे (Manish K Pandey) को टायरू (Tyroo) में National Sales Manager – CTV & DSP Platform के पद पर पदोन्नत किया गया है। पांडे ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की और आगे के सफर को लेकर उत्साह जताया।

इस पदोन्नति से पहले पांडे Tyroo में Regional Sales Manager – Tyroo TV & Teads DSP (Outbrain Direct) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह चार साल से अधिक समय से कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं।

पांडे के पास विज्ञापन बिक्री, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट और सेल्स मैनेजमेंट के क्षेत्र में अनुभव है। Tyroo में शामिल होने से पहले उन्होंने टाइम्स इंटरनेट (Times Internet) में Manager – Native & Programmatic DV360 के तौर पर काम किया था। इससे पहले वह जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) में Senior Manager रहे।

उनके शुरुआती करियर की बात करें तो पांडे श्री अधिकारी ब्रदर्स ग्रुप (Sri Adhikari Brothers Group) में Manager – Digital Ad Sales, एशियानेट न्यूज नेटवर्क (Asianet News Network) में Digital Sales Manager और सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network) में Senior Executive – Sales की भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।

नई जिम्मेदारी में पांडे CTV और DSP प्लेटफॉर्म से जुड़े नेशनल सेल्स ऑपरेशंस को संभालेंगे। विज्ञापन बिक्री और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग क्षेत्रों में उनका अनुभव इस भूमिका में अहम रहेगा।

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एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया में तीन नई नियुक्तियां

एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया (Editors Club of India) ने संगठन के विस्तार और मजबूती के लिए तीन नई नियुक्तियां की हैं। मनोज डूमरा और डॉ. मोहम्मद आजाद उपाध्यक्ष बने हैं।

Last Modified:
Monday, 31 August, 2026
Editors Club of India

एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया (Editors Club of India) ने संगठन को मजबूत करने और उसके विस्तार को गति देने के लिए तीन महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ अग्निहोत्री (Amitabh Agnihotri) ने इन नियुक्तियों की जानकारी साझा की।

संगठन की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुनील कौशिक (Dr. Sunil Kaushik) के अनुमोदन के बाद इंडिया डेली लाइव (India Daily Live) के प्रधान संपादक मनोज डूमरा (Manoj Dumra) और जय हिंद जनाब (Jai Hind Janab) के प्रधान संपादक डॉ. मोहम्मद आजाद (Dr. Mohammad Azad) को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

वहीं, भारत अपडेट (Bharat Update) के प्रधान संपादक विवेक पाठक (Vivek Pathak) को संगठन में राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ अग्निहोत्री ने तीनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारियों के साथ सभी पदाधिकारी पत्रकारों की एकजुटता और संगठन के विस्तार के लिए प्रभावी ढंग से काम करें।

अमिताभ अग्निहोत्री ने आगामी कार्यक्रम को लेकर भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी। उन्होंने सभी से 30 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया के प्रथम स्थापना दिवस समारोह (First Foundation Day समारोह) की तैयारियों में पूरी ऊर्जा के साथ जुटने का आह्वान किया।

इन नियुक्तियों को संगठन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तीनों नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारी संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने और पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय बनाने में अहम होगी।

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पैनोरमा स्टूडियोज के प्रमोटर कुमार मंगत पाठक ने 60 लाख शेयर रखे गिरवी, जानिए वजह

पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल के प्रमोटर कुमार मंगत पाठक ने निजी उधारी के लिए कंपनी के 60 लाख इक्विटी शेयर गिरवी रखे हैं। यह जानकारी कंपनी ने शेयर बाजार को दी है।

Last Modified:
Saturday, 29 August, 2026
PanoramaStudios

पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल के प्रमोटर कुमार मंगत पाठक ने निजी उधारी के लिए कंपनी के 60 लाख इक्विटी शेयर गिरवी रखे हैं। यह जानकारी कंपनी ने शेयर बाजार को दी है। इन शेयरों पर गिरवी का अधिकार 24 अगस्त 2026 को बनाया गया।

कंपनी ने 27 अगस्त 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह खुलासा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी के नियमों के तहत किया गया है।

अब 3.35 करोड़ से ज्यादा शेयर गिरवी

नए 60 लाख शेयर गिरवी रखने के बाद कुमार मंगत पाठक के कुल गिरवी शेयरों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 35 लाख 75 हजार हो गई है। यह कंपनी की कुल शेयर पूंजी का 12.89 प्रतिशत हिस्सा है। इससे पहले उनके 2 करोड़ 75 लाख 75 हजार शेयर पहले से ही गिरवी रखे हुए थे, जो कंपनी की कुल शेयर पूंजी का 10.58 प्रतिशत थे।

मोतीलाल ओसवाल के पक्ष में रखे गए शेयर

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ये 60 लाख शेयर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के पक्ष में गिरवी रखे गए हैं। इसका उद्देश्य निजी उधारी बताया गया है।

प्रमोटर के पास कितनी हिस्सेदारी है?

कुमार मंगत पाठक के पास कंपनी के कुल 9 करोड़ 18 लाख 83 हजार 774 शेयर हैं। कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 35.27 प्रतिशत है। नए गिरवी के बाद उनकी कुल हिस्सेदारी का करीब 36.5 प्रतिशत हिस्सा अब गिरवी रखा जा चुका है। यानी प्रमोटर के पास मौजूद शेयरों का एक बड़ा भाग उधारी के लिए सुरक्षा के रूप में इस्तेमाल किया गया है।

इन आंकड़ों का क्या मतलब है?

शेयर गिरवी रखना अपने आप में किसी गड़बड़ी का संकेत नहीं होता। कई बार प्रमोटर निजी या कारोबारी जरूरतों के लिए अपने शेयर गिरवी रखकर वित्त जुटाते हैं। हालांकि, निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होता है कि प्रमोटर की कितनी हिस्सेदारी गिरवी रखी गई है, क्योंकि ज्यादा गिरवी शेयर होने पर कंपनी के शेयर से जुड़े वित्तीय जोखिम पर बाजार की नजर बनी रहती है।

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डॉ. सुभाष चंद्रा बोले: मेरे बारे में फैलाए जा रहे कई दावे मिथक, किसी के बहकावे में न आएं

पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अपने बारे में फैल रही विभिन्न बातों के बीच ‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने एक वीडियो मैसेज के जरिये अपनी बात रखी है।

Last Modified:
Friday, 28 August, 2026
Dr. Subhash Chandra

पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अपने बारे में फैल रही विभिन्न बातों के बीच ‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपनी बात रखी है। एनसीएलटी (NCLT) में चल रहे मामले, ग्रुप की देनदारियों, कर्ज के भुगतान और अपनी निजी संपत्ति को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रुप पर कभी करीब 45,000 करोड़ रुपये की देनदारी थी, जिसमें से लगभग 43,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बारे में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातों पर विश्वास करने के बजाय उनकी सत्यता की जांच की जानी चाहिए।

अपने वीडियो संदेश में डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, नमस्कार। पिछले दो दिनों से मुझे, यानी डॉ. सुभाष चंद्रा को भी कुछ लोग इस देश के ऐसे लोगों से जोड़कर देख रहे हैं या दिखा रहे हैं, जिन्होंने अपने देश के वित्तीय तंत्र को किसी न किसी प्रकार से निचोड़ा है। किसी न किसी प्रकार से उनके पैसे लेकर के स्वयं के लिए महल, जहाज, सब कुछ खरीदे हैं।

लेकिन मुझे पता है और मुझे विश्वास है कि जो प्यार, जो शुभेच्छा आप सब लोगों ने मुझे दी है, उसके कारण से हमारे ग्रुप पर जो मुसीबत 24 जनवरी 2019 को आई, एसेट और लायबिलिटी मिसमैच होने के कारण, और उस दिन मैंने अपने मन से, मेरे लोगों के कहने के बावजूद भी, मैंने एक खुला पत्र आप सब लोगों को लिखा, देश के सिस्टम को लिखा, बैंकिंग सिस्टम को भी लिखा और उसमें कहा कि मैंने कुछ गलतियां की हैं।

शायद मैं पहला ही व्यक्ति था, जिसने अपनी गलतियां मानीं। मुझे नहीं लगता, और शायद आखिरी अब तक के इतिहास में मैं ही अकेला व्यक्ति हूं, जिसने अपनी गलतियां मानी हैं। दूसरा कोई कॉरपोरेट वाला व्यक्ति, मैंने तो नहीं देखा कि किसी ने गलती मानी हो।

और मैंने कहा कि भाई, मैं आपका, मैं सिस्टम का पूरा पैसा चुकाऊंगा। मेरे ग्रुप की जितनी उधार लेने वाली संस्थाएं हैं, वो भी चुकाएंगी। और वो किया हम लोगों ने। वो मैंने सभी उधार लेने वाली संस्थाओं को मजबूर करके करवाया। परिवार के भी एसेट्स बेचे, अपने एसेट्स बेचे, कंपनी जी बेच दी थी लगभग। कुछ हमने रखा नहीं। अपने घर तक को गिरवी किया, लेकिन सबका पैसा चुकाया।

बहुत से लोगों को ये अच्छा नहीं लग रहा, क्योंकि एक उदाहरण बन जाएगा कि एस्सेल ग्रुप ने, डॉ. सुभाष चंद्रा और उसके परिवार ने सब कुछ, सबका चुकाया, अपना बेचकर भी चुकाया। उन लोगों को अच्छा नहीं लग रहा, जिन्होंने नहीं चुकाया।

तो तब से ही ये बातें चली आ रही हैं। और ये केवल अभी जो एनसीएलटी में हुआ, उसके बारे में मैं अभी बताऊंगा आपको एक ही मिनट में। वो सच्चाई सही से नहीं बता रहे हैं आप लोगों को। हमने कल एक प्रेस रिलीज जारी की, उसमें कुछ तथ्य सामने रखे हैं। लेकिन मैं सोचता था कि आपसे सीधी बात भी मैं करूं, आपको सीधा बताऊं, जिससे कि आप सबका जो प्रेम मेरे प्रति है, वो बना रहे।

और मुझे विश्वास है, मुझे कोई परेशानी नहीं है कि मेरी जो प्रतिष्ठा है, उसको जो लोग बिगाड़ना चाहते हैं, वो इतनी आसानी से बिगड़ेगी, क्योंकि सच्चाई, दोस्तों, आखिरकार कायम रहती है। भले ही आज के युग में, कलयुग में, दुनिया धन के पीछे, धन के बीच में, धन के एक ढेर में सच्चाई को दबा देती है, प्रयास करती है, लेकिन आखिरकार वो सच्चाई छुप नहीं सकती है।

आखिरकार तो मनुष्य को अपना चेहरा खुद सवेरे शीशे में देखना होता है। मुझे पता होता है कि मैंने क्या गलत किया और क्या सही किया। तो उस दिन लगभग 45,000 करोड़ की देनदारी हमारे पूरे ग्रुप पर थी। उसमें से लगभग 43,000 करोड़ हमने चुकाया है। बाकी जो 2,000 करोड़ कहीं कंपनियों के हैं, जिनके एसेट और लायबिलिटी में गड़बड़ थी, उस वजह से वो रुका है।

ये जो विषय एनसीएलटी में हुआ, तो वो केवल और केवल इसलिए हुआ कि मैंने कुछ लेंडर्स को पर्सनल गारंटी साइन करके दी थी। और मुझे नहीं पता क्यों, पर कुछ लेंडर्स के पूरे पैसे भी चुका दिए गए थे, लेकिन उन्होंने भी एनसीएलटी में अपने क्लेम दाखिल किए। किसी कारण से किए होंगे, होने नहीं चाहिए थे।

बहुत से केस ऐसे हैं। ये जो कुल दावा 22,000 करोड़ रुपये लोग बोलते हैं, वो केवल 3,900 करोड़ के लगभग था। और जब हमारे ग्रुप की कुल देनदारी 45,000 करोड़ की है, उसमें से 43,000 करोड़ दे दिया गया, 2,000 करोड़ बचा, तो बाकी 3,900 करोड़ कहां से आ गया?

चलो, खैर, जो भी है, वो आया भी। इसमें से करीब 2,000 करोड़ ऐसे लोगों के हैं, जिन्होंने कभी पर्सनल गारंटी इनवोक भी नहीं की। उन्होंने भी क्लेम दाखिल किया। जो रेजोल्यूशन प्रोफेशनल कोर्ट ने लगाए थे, उन्होंने सबका क्लेम स्वीकार कर लिया।

और दोस्तों, उसमें से भी 620 करोड़ का क्लेम हमने सेटल किया है। जो उधार लेने वाली संस्थाएं हैं, उन्होंने कुछ 1,100 करोड़ के लगभग अभी भी लेंडर्स के पास ऑफर कर रखे हैं। तो हमारे ग्रुप की एंटिटीज सभी लोग कमिटेड हैं, हर एक का एक-एक पैसा चुकाने में।

मुझे, मेरा ये मानना है और यही बुजुर्गों ने सिखाया है कि जिसका देना है, उसको दिया जाए। हमने बहुत से पैसे लेने भी हैं, कई जगह पर फंसे हुए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के पैसे राज्य सरकार से लेने के लिए पड़े हुए हैं। उसके पीछे लगे हैं हम।

कुछ एक-दो प्रॉपर्टी और हैं, जो बेची जानी हैं। उस वजह से ही आज जी वापस हमने 20 प्रतिशत के लिए एक फैमिली ने अपने पैसे इकट्ठे करके लिया है। जहां तक मेरा निजी प्रश्न है, ये भी एक लांछन लगाया गया कि मेरे पास बहुत ज्यादा वेल्थ थी, जब हमने लोन लिया, लेकिन बाद में हमने कुल 31 करोड़ रुपये की दिखाई। अब ये भी एक मिथ है, जो किसी ने चला के रखा है।

कहीं किसी ने रिकॉर्ड पर लिख दिया, ग्रुप की जितनी मार्केट कैपिटलाइजेशन थी, उसको ले लिया और उसको मेरी निजी संपत्ति के रूप में दिखा दिया। 45,000 करोड़ रुपये नेटवर्थ है डॉ. सुभाष चंद्रा की, ऐसा 2017 में बताया गया। जबकि मैं 2016 में जब राज्यसभा का सदस्य बना, तो उसमें वहां पर डिक्लेरेशन देना होता है और मैंने डिक्लेयर किया। उसमें मेरी नेटवर्थ थी 39 करोड़, 60-70 लाख या कुछ ऐसा।

जब 2016 में मैं 39 करोड़, 60-70 लाख डिक्लेयर कर रहा हूं, तो 2017 में वो 45,000 करोड़ कैसे बन जाएंगे? तो ये सारी चीजें कुछ लोगों को ठीक नहीं लग रही हैं, लेकिन आखिरकार सच्चाई जो है, वो कायम रहेगी। मैं बल्कि आपके माध्यम से बैंकिंग सिस्टम को, आज इस देश के वित्त मंत्री को और बैंकिंग सचिव इत्यादि को भी ये कहना चाहूंगा कि आप किसी स्वतंत्र ऑडिटर को लगाइए। उनको इतना ही सवाल पूछिए कि भाई, इस ग्रुप का जब इन्होंने पहली बार वित्तीय बाजार में डिफॉल्ट किया, उस समय इनकी कितनी उधारी थी और कितना इन्होंने अब तक भुगतान किया।

आज मैं आपसे ठीक हंसकर साधारण रूप से बात कर रहा हूं। एक ऐसे व्यक्ति की तरह से बात नहीं कर रहा, जिसका सब कुछ चला गया हो। जो आखिरी साढ़े छह करोड़ रुपया बचा है मेरे पास, वो भी अब इस प्लान के अनुसार भुगतान करना पड़ेगा। एक मेरा छोटा रेजिडेंशियल मकान है, उसको मैंने आंशिक रूप से किराये पर दिया है, उसकी आय से मैं अपना खर्चा चला रहा हूं। मुझे कोई अफसोस नहीं है, दोस्तों। और फिर कमाऊंगा। पायनियर हूं, अच्छे काम, नए काम करना जानता हूं, आगे भी करूंगा।

अभी तो फिलहाल तो... स्विट्जरलैंड में मेरे एक मित्र हैं, जो निवेश का काम करते हैं। उनके यहां कुछ करने का मैंने एक प्लान किया है। डिटेल मैं दूंगा आपको आने वाले एक-दो हफ्ते में। उनकी इन्वेस्टमेंट भारत में और कहीं पर भी कुछ भी होगी, तो वो देखूंगा, जिससे कि अपने आपको दोबारा स्थापित कर सकूं।

और आवश्यक ये भी है कि कहीं न कहीं परिवार से दो-चार करोड़ रुपया उधार लेकर उसको भी अपने किसी न किसी स्टार्टअप में और में लगाऊंगा, जो आगे बढ़ सकें। आगे वापस अपना जो खोया हुआ अतीत है, एक सफल पायनियर और जिसने नए-नए बिजनेस इस देश में शुरू किए, 8,000 परिवारों को रोजगार दिया, इस देश की इकोनॉमी में योगदान किया।

मुझे ध्यान में आता है कि इन 50-52 साल के मेरे वर्किंग लाइफ में मैंने कम से कम वित्तीय तंत्र को 60-70,000 करोड़ का ब्याज दिया होगा, लेकिन कमाया भी, आगे भी बढ़े। जो व्यक्ति 17 रुपये लेकर निकला, एक समय में इस देश के टॉप-10 सबसे अमीर लोगों में भी नाम आया और आज सब कुछ चला गया, उसका कोई दुख नहीं है।

तो मैं केवल और केवल आपसे यही रिक्वेस्ट करूंगा कि आप किसी के बहकावे में मत आइए। गलत वॉट्सऐप और सोशल मीडिया पर दुनिया भर की बातें मेरे बारे में जो कही जा रही हैं, उनको वेरिफाई करिए। और मैं आपको अधिकार देता हूं कि आप मुझे... मेरा तो सब कुछ ओपन है। मुझे मेल करिए, आपके प्रश्नों को मुझसे पूछिए, सीधा। मैं आपको जवाब दूंगा।

इसके साथ ही आपने अपना अटेंशन मुझे दिया, मेरी इस वीडियो को, इस स्टेटमेंट को दिया, उसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। आपका प्यार ऐसे ही बना रहे। धन्यवाद। जय हिंद।

डॉ. सुभाष चंद्रा का पूरा वीडियो मैसेज आप यहां देख सकते हैं।

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हैप्पी बर्थडे मोहित रॉय शर्मा: आउटरीच और कम्युनिकेशन की दुनिया का भरोसेमंद नाम हैं आप

एनडीटीवी (NDTV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर–आउटरीच के पद पर कार्यरत मोहित रॉय शर्मा का आज जन्मदिन है।

Last Modified:
Friday, 28 August, 2026
Mohit Roy Sharma

टेलीविजन पत्रकारिता की दुनिया में अक्सर चर्चा एंकरों, संपादकों और बड़ी खबरों की होती है, लेकिन कई महत्वपूर्ण काम कैमरे के पीछे भी होते हैं। सही लोगों को जोड़ना, संस्थानों और स्टेकहोल्डर्स का विश्वास जीतना तथा किसी संपादकीय विचार को एक प्रभावशाली मंच में बदलना ऐसे ही कार्यों में शामिल हैं। इसी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मोहित रॉय शर्मा का आज जन्मदिन है।

वर्तमान में एनडीटीवी (NDTV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर–आउटरीच के पद पर कार्यरत मोहित रॉय शर्मा का करियर लगभग तीन दशक लंबा रहा है। इस दौरान उन्होंने पब्लिक रिलेशंस, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और बड़े मीडिया प्लेटफॉर्म्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी पेशेवर यात्रा का सबसे मजबूत पक्ष संपादकीय उद्देश्यों को उन लोगों और संस्थानों से जोड़ना रहा है, जो उन्हें आगे बढ़ाने में भूमिका निभा सकते हैं।

मोहित रॉय शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1998 में इंटीग्रल पीआर सर्विसेज से की थी। यहां उन्होंने क्लाइंट सर्विसिंग और मीडिया रिलेशंस की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उनके पोर्टफोलियो में कोका-कोला, बकार्डी-मार्टिनी, जनरल मोटर्स और टेट्रा पैक जैसे प्रमुख ब्रैंड शामिल रहे। शुरुआती वर्षों में उन्होंने कारोबारी उद्देश्यों को विश्वसनीय सार्वजनिक संदेशों में बदलने की कला सीखी, जो आगे चलकर न्यूज मीडिया में उनके काम की महत्वपूर्ण ताकत बनी।

उनके करियर का सबसे लंबा अध्याय इंडिया टुडे समूह के साथ जुड़ा रहा, जहां उन्होंने दो कार्यकालों में करीब 15 वर्ष बिताए। समूह में एडिटर–आउटरीच और बाद में सीनियर एडिटर के रूप में उन्होंने संपादकीय, कम्युनिकेशन और रिलेशंस निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान वह एजेंडा आजतक, साहित्य आजतक, सलाम क्रिकेट, इंडिया टुडे कॉन्क्लेव और इंडिया टुडे @ दावोस जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों से जुड़े रहे।

ये मंच केवल टेलीविजन कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने न्यूज ब्रैंड्स को दर्शकों से सीधे जोड़ने और राजनीतिक, सांस्कृतिक तथा कारोबारी जगत के प्रमुख चेहरों को एक मंच पर लाने का काम किया। इन आयोजनों में मोहित रॉय शर्मा की भूमिका सही प्रतिभागियों को जोड़ने और हर आमंत्रण के पीछे भरोसे को मजबूत बनाने की रही।

वर्ष 2013 में उन्होंने अपने करियर में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कुछ समय के लिए काम से विराम लिया और शिक्षा की ओर लौटे। उन्होंने कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ विनिपेग से पब्लिक रिलेशंस, मार्केटिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की। अपने क्षेत्र में स्थापित पेशेवर होने के बावजूद दोबारा पढ़ाई करने का यह फैसला उनके सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने के दृष्टिकोण को दर्शाता है।

वर्ष 2019 में उन्होंने BARC इंडिया में वाइस प्रेजिडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली। यहां उन्होंने भारत के टेलीविजन मेजरमेंट इकोसिस्टम के केंद्र में रहकर ब्रॉडकास्टर्स और उद्योग जगत के वरिष्ठ स्टेकहोल्डर्स के साथ काम किया। इसके बाद वे वेव ग्रुप में ग्रुप वाइस प्रेजिडेंट–कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस बने, जहां उन्हें विविध कारोबारी वातावरण में संस्थागत प्रतिष्ठा और हितधारक प्रबंधन का अनुभव मिला।

साल 2021 में मोहित रॉय शर्मा ABP नेटवर्क से एग्जिक्यूटिव एडिटर के रूप में जुड़े और 2024 में उन्हें सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर बनाया गया। इस दौरान उन्होंने कम्युनिकेशन और आउटरीच का नेतृत्व किया तथा ‘आइडियाज ऑफ इंडिया’, ‘द सदर्न राइजिंग’ और ‘रूट्स एंड रिदम्स’ जैसे प्रमुख मंचों से जुड़े रहे। इन आयोजनों में उनकी संपादकीय समझ, रणनीतिक संचार क्षमता और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के सफल संचालन की योग्यता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

इसके बाद वर्ष 2025 में उन्होंने कुछ समय के लिए इंडिया टीवी में कम्युनिकेशन और आउटरीच प्रमुख के रूप में कार्य किया। जुलाई 2025 में वह NDTV से जुड़े और सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर–आउटरीच की जिम्मेदारी संभाली। ऐसे समय में जब मीडिया संस्थान विस्तार और बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, आउटरीच की भूमिका केवल औपचारिक नहीं होती, बल्कि यह तय करती है कि संस्थान विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों से किस तरह जुड़ता है और अपनी प्रतिष्ठा को कैसे मजबूत बनाए रखता है।

आज अपने जन्मदिन पर मोहित रॉय शर्मा की पेशेवर यात्रा इस बात का उदाहरण है कि मीडिया संस्थानों की मजबूती केवल स्क्रीन पर दिखने वाले चेहरों से नहीं, बल्कि उन लोगों से भी बनती है जो पर्दे के पीछे रहकर संस्थान, विचार और समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित करते हैं।

समाचार4मीडिया की ओर से मोहित रॉय शर्मा को उनके जन्मदिन की ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। 

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IICT और Netflix की पहल, 100 छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

भारत के अगली पीढ़ी के स्टोरीटेलर्स यानी कहानीकारों को तैयार करने के लिए Indian Institute of Creative Technologies (IICT) और Netflix ने एक नई पहल की घोषणा की है।

Last Modified:
Friday, 28 August, 2026
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भारत के अगली पीढ़ी के स्टोरीटेलर्स यानी कहानीकारों को तैयार करने के लिए Indian Institute of Creative Technologies (IICT) और Netflix ने एक नई पहल की घोषणा की है। इसके तहत देशभर के 100 छात्रों और कामकाजी प्रोफेशनल्स को स्कॉलरशिप दी जाएगी। इस स्कॉलरशिप के जरिए छह प्रोफेशनल प्रोग्राम में 80% तक की आर्थिक सहायता मिलेगी।

इस पहल के तहत कुल छह प्रोग्राम शामिल किए गए हैं। इनमें दो एक साल के डिप्लोमा प्रोग्राम और चार छह महीने के सर्टिफिकेट प्रोग्राम हैं।

इन छह प्रोग्राम में मिलेगी स्कॉलरशिप

स्कॉलरशिप के तहत Interactive Comics & Sequential Arts और Visual Effects Mastery में डिप्लोमा प्रोग्राम शामिल हैं। वहीं, छह महीने के सर्टिफिकेट प्रोग्राम में Virtual Art Department Content Creation, Media Tech Workflow, Art of Character Animation और E-Sports & Gaming Management शामिल हैं। यह स्कॉलरशिप पूरे भारत के छात्रों के साथ-साथ कामकाजी प्रोफेशनल्स के लिए भी उपलब्ध होगी।

पीएम मोदी और नेटफ्लिक्स के CEO की मुलाकात के बाद हुई घोषणा

इस स्कॉलरशिप पहल की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और Netflix के Co-CEO टेड सारंडोस के बीच 5 अगस्त 2026 को हुई मुलाकात के बाद की गई है।

उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत की कहानी कहने की परंपरा काफी समृद्ध है और देश में क्रिएटिव टैलेंट की भी कोई कमी नहीं है। इस प्रतिभा का इस्तेमाल भारत को कंटेंट क्रिएशन के ग्लोबल हब के रूप में मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।

इसी सोच के तहत Netflix India Storytelling Initiative की शुरुआत की गई थी। इसका मकसद भारत की क्रिएटिव टैलेंट पाइपलाइन में निवेश करना और अगली पीढ़ी के कहानीकारों को इंडस्ट्री के हिसाब से जरूरी स्किल्स उपलब्ध कराना है।

यह पहल Animation, Visual Effects, Gaming and Comics (AVGC) इकोसिस्टम पर केंद्रित है, जिसे भारत की Orange Economy का एक अहम हिस्सा माना जाता है।

Netflix के इनपुट से तैयार हुआ पाठ्यक्रम

IICT के Visual Effects Mastery और Media Tech Workflow प्रोग्राम का पाठ्यक्रम मौजूदा इंडस्ट्री वर्कफ्लो और ग्लोबल मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें Netflix की ओर से भी जरूरी इनपुट दिए गए हैं।

इसका मकसद छात्रों को सिर्फ किताबी जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें उस तरह की प्रोफेशनल स्किल्स देना है, जिनकी जरूरत आज की क्रिएटिव इंडस्ट्री में है।

भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी बड़े बदलाव के दौर में: चंचल कुमार

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव और IICT बोर्ड के चेयरमैन चंचल कुमार ने कहा कि भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। टेक्नोलॉजी के कारण कहानियां बनाने का तरीका तेजी से बदल रहा है और ऐसे में नई पीढ़ी के टैलेंट को तैयार करने वाले संस्थानों को भी इसके साथ बदलना होगा।

उन्होंने कहा कि IICT की परिकल्पना भारत के बड़े क्रिएटिव टैलेंट पूल और तेजी से बदलती ग्लोबल AVGC-XR इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच एक पुल के रूप में की गई है।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्तर पर काम करने वाले प्रमुख संस्थानों के साथ साझेदारी इस पुल को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसी साझेदारियों से इंडस्ट्री का अनुभव सीधे क्लासरूम तक पहुंचता है और भारत की प्रतिभाओं को भविष्य की क्रिएटिव वर्कफोर्स के लिए तैयार करने में मदद मिलती है।

स्किल्स को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक रखने पर जोर

IICT के CEO डॉ. विश्वास देवस्कर ने कहा कि IICT जैसे संस्थान का उद्देश्य सिर्फ छात्रों को स्किल्स देना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि ये स्किल्स इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों के साथ प्रासंगिक बनी रहें।

उन्होंने कहा कि Netflix के साथ यह सहयोग इंडस्ट्री के अनुभव को सीधे IICT के अकादमिक ढांचे में लाने में मदद करेगा। इसमें पाठ्यक्रम तैयार करने से लेकर प्रोफेशनल वर्कफ्लो और छात्रों से अपेक्षित मानकों तक कई पहलू शामिल हैं। उनके मुताबिक, शिक्षा के साथ सीधे इंडस्ट्री इनपुट और आर्थिक सहायता को जोड़कर भारत की बढ़ती क्रिएटिव इकोनॉमी के लिए एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन तैयार करने का लक्ष्य है।

AVGC-XR सेक्टर के लिए तैयार होगी नई वर्कफोर्स

FICCI AVGC-XR Forum के चेयरमैन मुंजाल श्रॉफ ने कहा कि FICCI-IICT-Netflix की यह साझेदारी इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप टैलेंट तैयार करने की दिशा में बदलाव को दिखाती है। इससे भारत के AVGC-XR सेक्टर के लिए भविष्य की जरूरतों के मुताबिक वर्कफोर्स तैयार करने में मदद मिलेगी।

क्या है IICT?

Indian Institute of Creative Technologies (IICT) भारत में Animation, Visual Effects, Gaming, Comics और Extended Reality (AVGC-XR) सेक्टर के लिए राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्टता केंद्र है। इसे भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार, FICCI और CII के साथ साझेदारी में स्थापित किया है। फिलहाल IICT मुंबई के NFDC Complex, Pedder Road से संचालित हो रहा है। वहीं, इसका स्थायी 10 एकड़ का कैंपस गोरेगांव की Film City में विकसित किया जा रहा है।

स्कॉलरशिप और इन प्रोग्राम से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए IICT की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी ली जा सकती है।

 

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Law&Crime ने Court TV को Amagi CLOUDPORT पर किया शिफ्ट, ब्रॉडकास्टिंग हुई आसान

Amagi Media Labs ने बताया है कि Law&Crime ने अपने Court TV चैनल के लाइव ब्रॉडकास्ट और Free Ad-supported Streaming TV (FAST) ऑपरेशन को Amagi CLOUDPORT पर शिफ्ट कर दिया है।

Last Modified:
Thursday, 27 August, 2026
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Amagi Media Labs ने बताया है कि Law&Crime ने अपने Court TV चैनल के लाइव ब्रॉडकास्ट और Free Ad-supported Streaming TV (FAST) ऑपरेशन को Amagi CLOUDPORT पर शिफ्ट कर दिया है। कंपनी के मुताबिक, इस बदलाव से Court TV के ब्रॉडकास्ट, स्ट्रीमिंग और कनेक्टेड टीवी ऑपरेशन को एक ही क्लाउड प्लेटफॉर्म पर लाने में मदद मिली है।

Law&Crime ने Court TV का अधिग्रहण करने के बाद इसके ऑपरेशन को अपने स्तर पर लाने की प्रक्रिया शुरू की थी। कंपनी के पास इस पूरी व्यवस्था को बिना लाइव प्रोग्रामिंग में किसी रुकावट के बदलने के लिए सिर्फ पांच महीने का समय था। Amagi के क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म ने इस बदलाव को तेजी से पूरा करने में मदद की।

Amagi के अनुसार, पहले Court TV के अलग-अलग ऑपरेशनल सिस्टम और मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता थी। CLOUDPORT के जरिए इन कामों को एक ही ऑटोमेटेड क्लाउड प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। इसके अलावा, ब्रेकिंग न्यूज और लाइव कवरेज के दौरान जरूरी वर्कफ्लो को बेहतर तरीके से संभालने के लिए कस्टम ऑटोमेशन भी तैयार किया गया। अब Court TV के लाइव ऑपरेशन Amagi की AI आधारित मैनेज्ड सर्विस प्लेटफॉर्म Amagi Intella के जरिए मैनेज किए जा रहे हैं।

Court TV हर सप्ताह के दिनों में करीब 10 घंटे का लाइव प्रोग्रामिंग कंटेंट प्रसारित करता है। इस लाइव कंटेंट को बाद में वीकेंड सिंडिकेशन के लिए अपने आप दोबारा तैयार किया जाता है। कंपनी के मुताबिक, इसके लिए अब मैनुअल तरीके से कंटेंट को दोबारा तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती।

नए प्लेटफॉर्म पर चैनल लाइव करने से पहले Amagi ने Court TV की प्लेलिस्ट, मेटाडेटा फीड और डिस्ट्रीब्यूशन एंडपॉइंट्स की पुराने सिस्टम के साथ टेस्टिंग की। आखिरी चरण में कुछ तैयारियों को लेकर चिंता सामने आने पर Amagi ने अतिरिक्त सपोर्ट दिया। कंपनी ने 10 दिनों तक विशेष तकनीकी सहायता दी और पहले सप्ताह के लिए एक ऑनबोर्डिंग विशेषज्ञ को साइट पर भी तैनात किया।

Amagi का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया के बाद Court TV को उसके सभी डाउनस्ट्रीम प्लेटफॉर्म पर लाइव सर्विस में किसी रुकावट के बिना नए सिस्टम पर माइग्रेट कर दिया गया।

Law&Crime के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर Debasish Mishra ने कहा कि Court TV को संभालने के लिए कंपनी के पास पांच महीने का समय था और इसमें किसी तरह के डाउनटाइम की गुंजाइश नहीं थी। उनके मुताबिक, Amagi ने जरूरत के हिसाब से अपनी योजना में बदलाव किया और पूरी माइग्रेशन प्रक्रिया के दौरान टीम के साथ मिलकर काम किया। इससे अब Law&Crime को ब्रॉडकास्ट, FAST और स्ट्रीमिंग में अपने विस्तार के साथ ऑपरेशन को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा स्केलेबल इंफ्रास्ट्रक्चर मिला है।

वहीं, Amagi के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट-ग्लोबल बिजनेस Srinivasan KA ने कहा कि लाइव ऑपरेशन को बिना किसी रुकावट के माइग्रेट करने के लिए काफी सटीक योजना और क्रियान्वयन की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि CLOUDPORT पर ब्रॉडकास्ट और FAST को एक साथ लाने और रोजमर्रा के शेड्यूलिंग व प्लेआउट को ऑटोमेट करने से Court TV की टीम को ऑपरेशनल काम के बजाय प्रोग्रामिंग पर ज्यादा ध्यान देने में मदद मिलेगी।

Amagi का ग्लोबल कारोबार

2008 में स्थापित Amagi Media Labs एक क्लाउड आधारित SaaS प्लेटफॉर्म है, जो मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनियों के लिए ब्रॉडकास्टिंग, स्ट्रीमिंग और कंटेंट मोनेटाइजेशन से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराता है। कंपनी का प्लेटफॉर्म मीडिया कंपनियों को पारंपरिक ब्रॉडकास्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश किए बिना केबल, OTT और FAST प्लेटफॉर्म पर लाइव, लीनियर और ऑन-डिमांड कंटेंट लॉन्च, मैनेज, डिस्ट्रीब्यूट और मोनेटाइज करने में मदद करता है।

कंपनी के मुताबिक, Amagi 40 से ज्यादा देशों में 300 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए 9,000 से ज्यादा चैनल डिलीवरी मैनेज करती है।

Law&Crime और Court TV

Law&Crime ट्रू क्राइम और कानूनी मामलों से जुड़ा मल्टी-प्लेटफॉर्म कंटेंट ब्रैंड है, जिसकी स्थापना ABC News के चीफ लीगल एनालिस्ट डैन एब्राम्स ने की थी। Court TV के अधिग्रहण के बाद Law&Crime के प्लेटफॉर्म पर लाइव कोर्टरूम कवरेज, कानूनी विश्लेषण, इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग, डॉक्यूमेंट्री और ओरिजिनल प्रोग्रामिंग को शामिल किया गया है।

दोनों ब्रैंड ब्रॉडकास्ट, FAST, स्ट्रीमिंग, डिजिटल और सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए अमेरिकी न्याय व्यवस्था से जुड़ा कंटेंट दर्शकों तक पहुंचाते हैं। कंपनी के अनुसार, Law&Crime और Court TV की वैश्विक पहुंच लाखों दर्शकों तक है, जबकि इनके YouTube चैनलों पर 1.2 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

 

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