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वरिष्ठ पत्रकार और जाने-माने फिल्म समीक्षक जयप्रकाश चौकसे नहीं रहे
करीब 26 वर्षों से दैनिक भास्कर में ‘पर्दे के पीछे’ कॉलम लिख रहे थे, पिछले दिनों ही लिखी थी इस कॉलम की आखिरी किस्त, जिसे अखबार ने पहले पन्ने पर प्रकाशित किया था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
वरिष्ठ पत्रकार, जाने-माने फिल्म समीक्षक और हिंदी अखबार 'दैनिक भास्कर' के कॉलम ‘पर्दे के पीछे’ के नायक जयप्रकाश चौकसे का बुधवार को निधन हो गया है। करीब 83 साल के चौकसे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने इंदौर के निजी अस्पताल में सुबह करीब आठ बजे आखिरी सांस ली। जानकारी के मुताबिक, जयप्रकाश चौकसे के छोटे बेटे आदित्य मुंबई में रहते हैं, फिलहाल उनका इंतजार किया जा रहा है। शाम करीब पांच बजे जयप्रकाश चौकसे का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत तमाम हस्तियों ने जयप्रकाश चौकसे के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है।
अद्भुत लेखन प्रतिभा के धनी, हिंदी फिल्म जगत पर लगभग तीन दशक तक लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश चौकसे जी के निधन की खबर दुखद है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 2, 2022
ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। अपनी रचनाओं से आप सदैव हमारे बीच बने रहेंगे।
।।ॐ शांति।। pic.twitter.com/XkBrs9NHNE
बता दें कि जयप्रकाश चौकसे करीब 26 वर्षों से 'दैनिक भास्कर' में ‘पर्दे के पीछे’ नाम से कॉलम लिख रहे थे। पाठकों को इस कॉलम का बेसब्री से इंतजार रहता था। कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने कॉलम 'पर्दे के पीछे' की अंतिम किस्त लिखी थी। इस कॉलम में चौकसे ने लिखा था कि यह उनका अंतिम कॉलम है। चौकसे का कहना था कि उन्होंने बीमारी से जूझने के बाद भी अपने पाठकों के लिए लिखना नहीं छोड़ा, लेकिन अब उनका शरीर व याददाश्त उनका साथ नहीं दे रही हैं। हालांकि चौकसे ने यह वादा भी किया था कि यदि उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो वह एक बार फिर पाठकों के लिए इस कॉलम को लेकर हाजिर हो जाएंगे।
जयप्रकाश चौकसे का जन्म एक सितंबर 1939 को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में हुआ था। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने इंदौर से की थी। वह फिल्म निर्माण से लेकर फिल्म रियलिटी शो के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग का काम भी करते थे। वह फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस से भी जुड़े रहे। हालांकि, उनकी असली पहचान फिल्म पत्रकार के रूप में ही रही। चौकसे ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान अभिनीत ‘बॉडीगार्ड’ फिल्म की कहानी भी लिखी थी। इसके अलावा उन्होंने ‘दराबा’, 'और ‘ताज: बेकरारी का बयान’ शीर्षक से उपन्यास भी लिखे थे।
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