होम / मीडिया फोरम / मणिपुर में बस पर लिखे शब्द छिपवाने पर बवाल, पत्रकारों का हंगामा, पेन डाउन हड़ताल
मणिपुर में बस पर लिखे शब्द छिपवाने पर बवाल, पत्रकारों का हंगामा, पेन डाउन हड़ताल
मणिपुर में मंगलवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर राज्य परिवहन विभाग की बस पर लिखे "Manipur State Transport (MST)" शब्दों को ढकने का आदेश दिया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
मणिपुर में मंगलवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर राज्य परिवहन विभाग की बस पर लिखे "Manipur State Transport (MST)" शब्दों को ढकने का आदेश दिया। यह बस पत्रकारों को उखरुल जिले में आयोजित शिरुई लिली महोत्सव की कवरेज के लिए ले जा रही थी।
घटना इंफाल से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्वालताबी चेकपोस्ट पर हुई, जहां 4 महार रेजीमेंट के जवानों ने पत्रकारों की बस को रोककर उस पर लगे MST के बोर्ड को सफेद कागज से ढकने को कहा। इस घटना का वीडियो वायरल होते ही राज्य की राजधानी इंफाल में पत्रकारों और मीतई समुदाय की संस्था कोकॉमी (Coordinating Committee on Manipur Integrity) की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। कोकॉमी ने इसे “राज्य की गरिमा और प्रशासनिक स्वायत्तता का खुला उल्लंघन” बताया।
घटना के विरोध में पत्रकारों ने इमरजेंसी बैठक बुलाकर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को ज्ञापन सौंपा और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (AMWJU) और एडिटर्स गिल्ड मणिपुर (EGM) ने इस कार्रवाई को प्रेस की स्वतंत्रता और शासन व्यवस्था पर सीधा हमला बताया, खासकर इसलिए क्योंकि यह यात्रा राज्य सरकार द्वारा आयोजित थी।
ज्ञापन में सवाल उठाया गया, “यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि राज्य का प्रशासन चुनी हुई सरकार के हाथ में है या केंद्रीय सुरक्षा बलों के?”
पत्रकारों का 20 सदस्यीय दल उखरुल जा रहा था, लेकिन चेकपोस्ट पर रोके जाने और विवाद के बाद उन्होंने सफर रद्द कर दिया और इंफाल लौट आए। इस दौरान काफी समय भी बर्बाद हुआ और भ्रम की स्थिति बनी रही।
बता दें कि मणिपुर पुलिस ने महोत्सव के दौरान सुरक्षा देने का आश्वासन दिया था, खासकर एक अज्ञात संगठन द्वारा मीतई समुदाय के लोगों को “कुकी-जो बहुल क्षेत्रों” में न घुसने की धमकी मिलने के बाद। इसके बावजूद, उखरुल निवासी एक व्यक्ति के अनुसार महोत्सव के उद्घाटन समारोह में करीब 30 प्रतिशत लोग मीतई समुदाय से थे, जिन्होंने सड़क और हवाई मार्ग से पहुंचने का साहस दिखाया, जो मई 2023 की जातीय हिंसा के बाद एक असाधारण बात मानी जा रही है।
विवाद के बाद AMWJU और EGM ने 21 मई को यानी आज पेन डाउन स्ट्राइक और राज्य व केंद्र सरकार से जुड़ी सभी खबरों के बहिष्कार का ऐलान किया है।
टैग्स