PVR INOX Limited ने गुरुग्राम के DLF Summit Plaza में अपना नया 3-स्क्रीन मल्टीप्लेक्स शुरू किया है।
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Vikas Saxena
PVR INOX Limited ने गुरुग्राम के DLF Summit Plaza में अपना नया 3-स्क्रीन मल्टीप्लेक्स शुरू किया है। कंपनी ने 17 सितंबर 2026 को इसकी जानकारी दी। यह नया सिनेमाघर गोल्फ कोर्स रोड पर स्थित है और इसमें दर्शकों के आराम के साथ बेहतर सिनेमा अनुभव पर खास ध्यान दिया गया है।
इस नए मल्टीप्लेक्स के शुरू होने के साथ PVR INOX के पास अब भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में 357 जगहों पर कुल 1,792 स्क्रीन हो गई हैं। कंपनी के मुताबिक, यह देश का सबसे बड़ा मल्टीप्लेक्स नेटवर्क है।
352 प्रीमियम सीटों से लैस है मल्टीप्लेक्स
नए मल्टीप्लेक्स में तीन ऑडिटोरियम हैं, जिनमें कुल 352 प्रीमियम Sapphire सीटें लगाई गई हैं। इन सीटों पर लेदर जैसी फिनिश दी गई है। सीटों के बीच 650 मिलीमीटर की दूरी और आगे-पीछे सीटों के बीच 1,500 मिलीमीटर की जगह रखी गई है, जिससे दर्शकों को बैठने के लिए ज्यादा व्यक्तिगत जगह और आराम मिल सके।
तीनों स्क्रीन में 4K डिजिटल लेजर प्रोजेक्शन, Dolby 7.1 सराउंड साउंड और Next-Gen 3D की सुविधा है। कंपनी के अनुसार, इससे दर्शकों को साफ तस्वीर, बेहतर आवाज और ज्यादा वास्तविक सिनेमा अनुभव मिलेगा।
खास डिजाइन पर भी दिया गया ध्यान
मल्टीप्लेक्स के तीनों ऑडिटोरियम को अलग-अलग रंगों की थीम में सजाया गया है, जिससे हर स्क्रीन की अपनी अलग पहचान नजर आती है। घुमावदार दीवारों, बेहतर ऑडियो फैसिलिटी और रोशनी वाले पैनल के जरिए स्क्रीन को अलग पहचान देने की कोशिश की गई है।
मल्टीप्लेक्स की लॉबी भी इसका खास हिस्सा है। इसे सामान्य सिनेमा लॉबी की तरह न बनाकर एक ऐसे सामाजिक स्थान के रूप में तैयार किया गया है, जहां दर्शक फिल्म शुरू होने से पहले या बाद में बैठकर समय बिता सकें।यहां लटकती हुई रोशनी, कैफे जैसी बैठने की व्यवस्था और अलग सामाजिक क्षेत्र बनाए गए हैं। हरियाली और प्राकृतिक तत्वों का भी इस्तेमाल किया गया है। गर्म रोशनी के साथ आरामदायक माहौल तैयार किया गया है।
लॉबी में पुराने दौर के प्रोजेक्टर की क्रोम-प्लेटेड स्थापना भी की गई है, जो यहां आने वाले दर्शकों के लिए एक खास आकर्षण है। मेटल की सजावट, अलग-अलग बनावट और गर्म रंगों के इस्तेमाल से पूरे स्थान को आधुनिक और प्रीमियम रूप देने की कोशिश की गई है।
PVR INOX Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय कुमार बिजली ने कहा कि गुरुग्राम भारत की महत्वाकांक्षा, ऊर्जा और आधुनिक जीवनशैली को दिखाने वाला शहर है। DLF Summit Plaza में नए मल्टीप्लेक्स की शुरुआत आधुनिक दर्शकों की जीवनशैली के अनुरूप बेहतर सिनेमा अनुभव देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि DLF5 और Golf Course Road के बीच स्थित यह मल्टीप्लेक्स आराम, डिजाइन, तकनीक और हॉस्पिटैलिटी को एक साथ लाता है और गुरुग्राम के लिए मनोरंजन का एक नया स्थान तैयार करता है।
PVR INOX के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजीव कुमार ने कहा कि भारत में मनोरंजन का माहौल बदल रहा है और दर्शक अब सिर्फ फिल्म देखने की जगह से ज्यादा की उम्मीद कर रहे हैं। वे ऐसे अनुभव चाहते हैं, जहां जुड़ाव, खोज और मनोरंजन के पल मिल सकें। उन्होंने कहा कि DLF Summit Plaza का नया मल्टीप्लेक्स एक पूरी तरह से मनोरंजन और आराम के स्थान के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें बेहतर डिजाइन, प्रीमियम आराम और सामाजिक माहौल को ध्यान में रखा गया है।
PVR INOX Limited भारत की सबसे बड़ी फिल्म प्रदर्शन कंपनियों में से एक है। कंपनी भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में 357 जगहों पर 1,792 स्क्रीन संचालित करती है। कंपनी का गठन 2023 में PVR Limited और INOX Leisure Limited के विलय के बाद हुआ था। दोनों कंपनियां देश के स्थापित सिनेमा ब्रैंड्स में शामिल रही हैं।
PVR INOX नई तकनीक, अगली पीढ़ी के सिनेमा फॉर्मेट और बेहतर दर्शक अनुभव में निवेश कर रही है। कंपनी के नेटवर्क में बच्चों के लिए बनाए गए ऑडिटोरियम, आधुनिक प्रोजेक्शन और साउंड तकनीक, अलग-अलग तरह के खाने-पीने के विकल्प, फिल्म और गैर-फिल्म कार्यक्रमों के साथ प्रीमियम बड़ी स्क्रीन भी शामिल हैं।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अब्दुल वदूद साजिद ने विद्यार्थियों से संवाद किया और पत्रकारिता में सवालों के तेवर, व्यवहार तथा सीखने की जरूरत बताई।
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Samachar4media Bureau
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication) के जनसंचार विभाग में बुधवार को विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें दैनिक ‘इंकलाब’ (Inquilab) के संपादक अब्दुल वदूद साजिद (Abdul Wadud Sajid) ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और पत्रकारिता में अपने चार दशक के अनुभव साझा किए।
कर्नल गद्दाफी और सद्दाम हुसैन जैसे वैश्विक नेताओं के इंटरव्यू (Interview) का अनुभव साझा करते हुए साजिद ने कहा कि असली पत्रकार वही है जो बिना किसी पूर्वग्रह या पूरी तैयारी के भी परिस्थितियों को संभालने का हुनर रखता हो। पत्रकार को हर घटना से लगातार सीखते रहना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक रहने की सलाह देते हुए कहा कि समय का पहिया घूमता रहता है और अच्छा-बुरा दौर आता-जाता रहता है। मुख्यधारा की मीडिया (Mainstream Media) में किसी स्थिति से लोग खुश या नाराज हो सकते हैं, लेकिन पत्रकार को किसी भी परिस्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।
साजिद ने आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए विद्यार्थियों से कहा कि अकेले होने पर आईने के सामने खड़े होकर खुद से कहें कि ‘मुझे सब कुछ आता है।’ वहीं दूसरे व्यक्ति से बातचीत के दौरान व्यवहार और भाव हमेशा सीखने वाला होना चाहिए।
इंटरव्यू और प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में सवालों के लहजे और गरिमा पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की एक पत्रकार वार्ता का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आजकल प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार सवाल पूछते नहीं, बल्कि ‘दागते’ हैं। सवाल पूछने और दागने में बहुत फर्क है। सवाल सख्त और तीखे हो सकते हैं, लेकिन पत्रकार का लहजा हमेशा नरम और शालीन होना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस का मतलब बहस या लड़ाई करना नहीं है।
स्वतंत्रता संग्राम (Freedom Struggle) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के आजादी के आंदोलन में उर्दू पत्रकारिता ने बागी पत्रकारिता की भूमिका निभाई थी।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. संजय द्विवेदी, सहायक प्राध्यापक डॉ. लाल बहादुर ओझा, एडजंक्ट प्रोफेसर गिरीश उपाध्याय, डॉ. गरिमा पटेल, डॉ. शलभ श्रीवास्तव, डॉ. बबिता रानी घोष, डॉ. उदित्य सिंह सेंगर सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस अवसर पर विद्यार्थी विनम्र तिवारी ने विभाग की ओर से पुस्तकें भेंट कर अब्दुल वदूद साजिद का स्वागत किया।
पंकज कालरा को जी म्यूजिक कंपनी में डायरेक्टर-मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए नई भूमिका साझा की। इससे पहले वह सारेगामा इंडिया में मार्केटिंग संभाल रहे थे।
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जी म्यूजिक कंपनी (Zee Music Company) ने पंकज कालरा को डायरेक्टर-मार्केटिंग (Director - Marketing) नियुक्त किया है। कालरा ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
कालरा ने पोस्ट में लिखा कि वह जी म्यूजिक कंपनी में डायरेक्टर-मार्केटिंग के तौर पर नई जिम्मेदारी शुरू करने को लेकर खुश हैं। जी म्यूजिक कंपनी से पहले कालरा सारेगामा इंडिया (Saregama India) में चीफ मैनेजर-मार्केटिंग (Chief Manager-Marketing) के पद पर कार्यरत थे। वह चार साल से ज्यादा समय तक सारेगामा के साथ जुड़े रहे।
सारेगामा से पहले कालरा ने हंगामा (Hungama) में पांच साल से ज्यादा समय तक काम किया। अपने करियर में वह 9एक्स मीडिया (9X Media) के साथ भी काम कर चुके हैं।
बीसीसीआई ने आईपीएल 2027 के मिनी ऑक्शन को भारत में कराने का फैसला किया है। तीन साल बाद विदेशी आयोजन का सिलसिला खत्म होगा, जबकि इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फैसला टल गया।
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) यानी बीसीसीआई (BCCI) ने आईपीएल 2027 (IPL 2027) के मिनी ऑक्शन (Mini Auction) को भारत में कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही तीन साल से चले आ रहे विदेशी वेन्यू (Overseas Venue) के सिलसिले पर भी रोक लगेगी। हालांकि, इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule) के भविष्य पर फैसला फिलहाल टाल दिया गया है।
ये फैसले 15 सितंबर को हुई आईपीएल गवर्निंग काउंसिल (IPL Governing Council) की बैठक में लिए गए। हालांकि, बीसीसीआई ने अभी उस भारतीय शहर का नाम तय नहीं किया है, जहां मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेन्यू तय करने में होटल की उपलब्धता और दूसरी लॉजिस्टिक जरूरतों (Logistical Requirements) को ध्यान में रखा जाएगा।
फ्रेंचाइजियों (Franchises) की ओर से विदेशी मिनी ऑक्शन के लिए बड़ी टीम डेलिगेशन (Team Delegation) को विदेश ले जाने से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं सामने आती रही हैं। ऑक्शन के लिए सीनियर मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ के साथ यात्रा, होटल, स्थानीय परिवहन और दूसरी ऑपरेशनल व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं।
भारत में ऑक्शन की वापसी से इन लॉजिस्टिक जरूरतों को कुछ हद तक कम किया जा सकेगा। आईपीएल का मिनी ऑक्शन आखिरी बार 2023 में भारत के कोच्चि में हुआ था। इसके बाद दुबई, जेद्दा और अबू धाबी में लगातार तीन ऑक्शन आयोजित किए गए।
बीसीसीआई ने अभी ऑक्शन की सटीक तारीख भी घोषित नहीं की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, होटल की उपलब्धता वेन्यू चुनने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसकी एक वजह यह भी है कि ऑक्शन की तैयारी अक्टूबर से दिसंबर के बीच भारत के पीक वेडिंग सीजन (Peak Wedding Season) के साथ हो रही है।
समारोह में प्रसिद्ध गायिका ज्योति नूरां ने अपनी दमदार और सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया। वहीं, शिखा खरे और उनकी टीम ने ‘रिद्म विदआउट बॉर्डर्स’ नाम से फ्यूजन डांस प्रस्तुति दी।
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देश के पब्लिक ब्रॉडकास्टर दूरदर्शन (Doordarshan) ने मंगलवार को मंडी हाउस स्थित दूरदर्शन भवन में अपना 67वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर संगीत, नृत्य और मनोरंजन से सजे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष समारोह की थीम ‘दूरदर्शन@67– कल भी अपना, आज भी अपना’ रही।
समारोह में प्रसिद्ध गायिका ज्योति नूरां ने अपनी दमदार और सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया। वहीं, शिखा खरे और उनकी टीम ने ‘रिद्म विदआउट बॉर्डर्स’ नाम से फ्यूजन डांस प्रस्तुति दी।
यह कार्यक्रम दूरदर्शन की छह दशकों से ज्यादा लंबी यात्रा और दर्शकों की कई पीढ़ियों के साथ उसके जुड़ाव का प्रतीक था। इस कार्यक्रम में दूरदर्शन के आने वाले धारावाहिक ‘संस्कार’ और ‘सुराग 2.0’ के साथ-साथ कुछ पुराने लोकप्रिय शो से जुड़ी हस्तियों के साथ बातचीत भी शामिल थी। इनमें के.सी. बोकाडिया, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, दर्शन जरीवाला, पंकज बेरी, सुदेश बेरी, साई केतन राव, जिज्ञासा सिंह और रेहान शाहरुख मिर्जाबेग आदि शामिल थे।
समारोह का संचालन नमिता सचदेवा और अभिनेता-हास्य कलाकार अली असगर ने किया। दोनों ने अपनी प्रस्तुति और संवाद से कार्यक्रम को मनोरंजक बनाए रखा।
छह दशक से अधिक की यात्रा: दूरदर्शन छह दशकों से अधिक समय से भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ दूरदर्शन ने नई तकनीकों और डिजिटल मंचों को अपनाया है, लेकिन अपनी विशिष्ट पहचान और सार्वजनिक सेवा की भूमिका को कायम रखा है। 15 सितंबर, 1959 को दिल्ली में दूरदर्शन ने प्रायोगिक टेलीविजन प्रसारण शुरू किया था।
On the occasion of Doordarshan’s 67th Foundation Day, the team of Suraag 2.0 shared a special moment with Director General, Doordarshan, Rina Sonowal Kouli, DDG, Chandrashekhar, and ADG, Content Sourcing, Dinesh Pratap Singh.#67thDDFoundationDay #Doordarshan67 #DDturns67… pic.twitter.com/qhlRBDljrQ
— Doordarshan National दूरदर्शन नेशनल (@DDNational) September 15, 2026
उत्तर प्रदेश के चर्चित यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में हैं।
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उत्तर प्रदेश के चर्चित यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में हैं। ED की यह जांच पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 2022 में सामने आए एक कथित अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़ी है। जांच के दौरान एजेंसी को अनुराग द्विवेदी के परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों में पैसों के लेन-देन की जानकारी मिली।
ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि कथित अवैध बेटिंग ऐप्स से मिले पैसों को म्यूल बैंक अकाउंट्स और हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेजा गया। एजेंसी का आरोप है कि इस रकम का कुछ हिस्सा अनुराग द्विवेदी से जुड़ी कंपनियों और उनके परिवार के सदस्यों के खातों में पहुंचा, जिसके पीछे कोई वैध कारोबारी आधार नहीं था।
2022 के बेटिंग मामले से जुड़ा है केस
ED की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज एक FIR से शुरू हुई थी। एजेंसी के मुताबिक, सिलीगुड़ी से एक ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क चलाया जा रहा था, जिसमें म्यूल बैंक अकाउंट्स, Telegram चैनल और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच के दौरान ED ने अनुराग द्विवेदी पर अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार में भूमिका निभाने का आरोप लगाया। एजेंसी का कहना है कि उन्हें कथित बेटिंग से हुई कमाई का हिस्सा अलग-अलग माध्यमों से मिला।
कई शहरों में हुई थी छापेमारी
ED ने दिसंबर 2025 में लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में अनुराग द्विवेदी से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस दौरान करीब 20 लाख रुपये नकद, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। चार महंगी गाड़ियां भी जब्त की गईं, जिनमें Lamborghini Urus, Mercedes, Ford Endeavour और Mahindra Thar शामिल थीं।
ED ने यह भी कहा था कि जांच में दुबई में रियल एस्टेट निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले और हवाला चैनलों के इस्तेमाल के संकेत मिले। इसके अलावा करीब 3 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस, इंश्योरेंस पॉलिसी और अन्य चल संपत्तियों को फ्रीज किया गया था।
बाद की रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने इस मामले में करीब ₹23.7 करोड़ की चल संपत्तियां अटैच/फ्रीज की थीं और कोलकाता की विशेष PMLA अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल की जा चुकी है। मामले में जांच अभी जारी है।
सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं अनुराग
अनुराग द्विवेदी क्रिकेट और क्रिकेटर्स से जुड़ा कंटेंट बनाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स और गेमिंग से जुड़े रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपना 26वां जन्मदिन भी मनाया और सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्नाव और नवाबगंज के कुछ रेस्टोरेंट्स में अपने फॉलोअर्स के लिए खाने का इंतजाम करने की जानकारी दी थी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ED की ओर से लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं; मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि मौत से पहले मीडिया को दिया गया कथित बयान अपने आप ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ नहीं माना जा सकता और इसके आधार पर FIR दर्ज कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि मौत से कुछ समय पहले किसी व्यक्ति की ओर से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को दिया गया कथित बयान, जिसमें उसने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया हो, इस स्तर पर अपने आप ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ यानी मृत्यु पूर्व बयान नहीं माना जा सकता। ऐसे बयान के आधार पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
जस्टिस हिमांशु जोशी ने यह टिप्पणी दिवंगत बंशीलाल कुशवाहा की पत्नी की याचिका खारिज करते हुए की। पत्नी का आरोप था कि अप्रैल 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके पति के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
कोर्ट ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने दिवंगत व्यक्ति की ओर से दिया गया कथित बयान इस स्तर पर निर्णायक रूप से डाइंग डिक्लेरेशन नहीं माना जा सकता, जिससे एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देना जरूरी हो जाए।
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि मीडिया के सामने दिए गए कथित बयान की वास्तविकता और उसकी कानूनी अहमियत को कानून के मुताबिक साबित करना होगा। कोर्ट के अनुसार, ये ऐसे मामले हैं जिनमें सबूत की जरूरत होगी।
क्या है मामला
मामला 16 अप्रैल 2020 का है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, बंशीलाल गाय को चारा खिलाकर खेत से लौट रहे थे। इसी दौरान जबलपुर के गोरा बाजार थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। उन्हें चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार दिन बाद उनकी मौत हो गई।
बंशीलाल की पत्नी का कहना था कि मौत से पहले उनके पति ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बात की थी और कथित तौर पर उन पुलिसकर्मियों के नाम भी बताए थे, जिन्हें वह मारपीट के लिए जिम्मेदार मानते थे। पत्नी ने इस बयान को डाइंग डिक्लेरेशन की प्रकृति वाला सबूत बताते हुए इसके अलावा तस्वीरें, अखबारों की कटिंग, मर्ग सूचना, पंचनामा, अस्पताल के रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अधिकारियों के सामने रखी।
जिला प्रशासन ने परिवार को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि भी दी थी। याचिकाकर्ता ने 12 जून और 25 जून 2020 को पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत की, लेकिन उसके मुताबिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
इसके बाद उन्होंने जबलपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत का रुख किया और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की। मजिस्ट्रेट ने पुलिस रिपोर्ट मंगाने और मर्ग जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों पर विचार करने के बाद 13 सितंबर 2021 को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। इसके बजाय अदालत ने मामले को सीआरपीसी की धारा 200 के तहत शिकायत के रूप में आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
इस आदेश के खिलाफ दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को भी जबलपुर के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 17 फरवरी 2022 को खारिज कर दिया।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने दोनों आदेशों को हाई कोर्ट में चुनौती दी। उनकी ओर से वकील अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने दलील दी कि निचली अदालतों ने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री, खासकर दिवंगत के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने दिए गए बयान को सही तरीके से नहीं देखा।
याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर की गई थी। उनका कहना था कि तस्वीरें, मेडिकल दस्तावेज और जिला प्रशासन की ओर से दी गई अनुग्रह राशि पुलिस की ओर से मारपीट के आरोपों का समर्थन करते हैं।
वहीं, जवाब देने वाले पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने हाई कोर्ट को बताया कि मामले की कई स्तरों पर जांच हो चुकी है। उनके मुताबिक मर्ग जांच के दौरान जांच की गई, संबंधित लोगों के बयान लिए गए, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सामग्री की जांच हुई और मेडिकल व फोरेंसिक रिपोर्ट भी हासिल की गईं।
जवाब देने वाले पक्ष ने यह भी बताया कि मामले में मजिस्ट्रेट जांच और विभागीय जांच भी हुई थी। दोनों जांच में पुलिसकर्मियों की ओर से मारपीट के आरोप की पुष्टि नहीं हुई।
‘बीमारी की वजह से भी हो सकता है खून’
जवाब देने वाले पक्ष ने मेडिकल सबूतों का भी हवाला दिया। कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद एनएससीबी मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की राय का उल्लेख किया। इसमें कहा गया था कि कोई चोट नहीं थी और खून आना किडनी, फेफड़ों या लिवर की बीमारी के कारण भी हो सकता है।
जवाब देने वाले पक्ष के अनुसार, फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में किसी रासायनिक जहर की मौजूदगी नहीं मिली। हाई कोर्ट ने अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मामले में मौजूद अलग-अलग सामग्री का नए सिरे से आकलन करने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से दी गई 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि को आरोपों के समर्थन में सबूत मानने की दलील को भी स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि केवल इस भुगतान से यह साबित नहीं होता कि मौत हत्या की वजह से हुई या इसमें पुलिसकर्मियों की भूमिका थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर के आरोप पर भी हाई कोर्ट ने कहा कि यह एक विवादित तथ्य है और इसके समर्थन में कोई ठोस सामग्री पेश नहीं की गई है। वहीं, कोर्ट ने यह भी नोट किया कि जवाब देने वाले पक्ष ने मेडिकल राय, FSL रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखी थीं।
हालांकि, हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज होने का मतलब यह नहीं है कि याचिकाकर्ता के पास कोई कानूनी रास्ता नहीं बचा है।
Blue Star के साथ 25 साल से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने मार्केटिंग, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, ई-कॉमर्स और नए बिजनेस तैयार करने जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है।
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Samachar4media Bureau
कुछ मार्केटिंग करियर ऐसे होते हैं, जिनमें प्रोफेशनल लगातार अलग-अलग कंपनियों और भूमिकाओं में बदलाव करते हैं। वहीं कुछ करियर ऐसे होते हैं, जिनमें एक ही ब्रैंड को समय के साथ लगातार प्रासंगिक बनाने की क्षमता नजर आती है। Blue Star के साथ गिरीश हिंगोरानी का सफर इसी दूसरी तस्वीर को सामने रखता है।
आज गिरीश हिंगोरानी का जन्मदिन है। Blue Star के साथ 25 साल से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने मार्केटिंग, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, ई-कॉमर्स और नए बिजनेस तैयार करने जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है। उनका यह सफर ब्रैंड को समय के साथ बदलते कंज्यूमर और मार्केट के अनुरूप प्रासंगिक बनाए रखने पर केंद्रित रहा है।
गिरीश हिंगोरानी फिलहाल Blue Star Limited में वाइस प्रेजिडेंट (Marketing, Unitary Cooling Products Group & Corporate Communications) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी भूमिका केवल कैंपेन तैयार करने तक सीमित नहीं है। वह बिजनेस स्ट्रैटेजी, कंज्यूमर इनसाइट और कंपनी की प्रतिष्ठा को एक साथ जोड़कर काम करते हैं।
Blue Star लंबे समय से अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और संस्थागत मौजूदगी के लिए पहचाना जाता है। समय के साथ कंपनी ने खुद को एक आधुनिक कंज्यूमर ब्रैंड के तौर पर भी मजबूत किया है। हिंगोरानी की भूमिका इस बदलाव में Blue Star की इंजीनियरिंग विरासत को बनाए रखते हुए उसे आज के उपभोक्ताओं के लिए आधुनिक, महत्वाकांक्षी और प्रासंगिक रूप में पेश करने की रही है।
2016 में मिली नई कैटेगरी खड़ी करने की जिम्मेदारी: गिरीश हिंगोरानी के करियर में 2016 एक अहम पड़ाव रहा। उस साल उन्हें Blue Star के वॉटर प्यूरिफायर बिजनेस को स्थापित करने की जिम्मेदारी चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के तौर पर दी गई। एक नई कैटेगरी में उतरना केवल विज्ञापन करने तक सीमित नहीं था। इसके लिए उपभोक्ताओं की चिंताओं को समझना, प्रोडक्ट की पोजिशनिंग तय करना, भरोसा कायम करना और एक बेहद प्रतिस्पर्धी बाजार में अलग पहचान बनाना जरूरी था। यह जिम्मेदारी हिंगोरानी के काम करने के उस तरीके को भी दिखाती है, जिसमें वह एक स्थापित संगठन के अनुशासन और मजबूती को नए क्षेत्रों में काम करने के लिए जरूरी जिज्ञासा और तेजी के साथ जोड़ते हैं।
बदलते कंज्यूमर के साथ बदली मार्केटिंग: उनके कार्यकाल के दौरान एयर-कंडीशनिंग मार्केट में भी काफी बदलाव आया है। आज उपभोक्ता खरीदारी से पहले ऑनलाइन रिसर्च करते हैं, फीचर्स और एनर्जी रेटिंग की तुलना करते हैं, रिव्यू देखते हैं और अलग-अलग टचपॉइंट्स पर ब्रैंड की उपलब्धता की उम्मीद रखते हैं। स्मार्ट प्रोडक्ट्स, एनर्जी एफिशिएंसी और डिजिटल सुविधा भी कीमत और कूलिंग परफॉर्मेंस के साथ खरीदारी के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। इसी बदलते कंज्यूमर के साथ हिंगोरानी का मार्केटिंग अप्रोच भी विकसित हुआ है। ई-कॉमर्स को अब केवल बिक्री के चैनल के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि इसे पूरी खरीदारी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसमें प्रोडक्ट की खोज से लेकर उसके मूल्यांकन और फिर खरीदारी तक की प्रक्रिया शामिल है। इसके साथ ही वह बड़े स्तर पर जागरूकता और मांग तैयार करने में टेलीविजन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
2026 की समर स्ट्रैटेजी में डिजिटल पर जोर: Blue Star की 2026 की समर स्ट्रैटेजी में कंपनी ने IPL विज्ञापन से दूर रहने का फैसला किया। कंपनी ने अपने मीडिया निवेश का करीब आधा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रखा, जबकि रीच बनाने के लिए टेलीविजन, न्यूज और YouTube का इस्तेमाल जारी रखा। इस फैसले से यह संकेत मिला कि कंपनी हाई-विजिबिलिटी प्रॉपर्टीज से आगे जाकर अलग-अलग मीडिया की भूमिका के हिसाब से निवेश करने पर जोर दे रही है। कंपनी ने विराट कोहली के नेतृत्व वाले अपने क्रिएटिव एसेट्स का इस्तेमाल भी जारी रखा। इसके साथ ही सालभर चलने वाली परफॉर्मेंस मार्केटिंग में निवेश किया गया। हिंगोरानी ने परफॉर्मेंस मार्केटिंग में जनरेटिव AI के इस्तेमाल के बारे में भी बात की है। यह दिखाता है कि वह नई तकनीक को केवल एक इंडस्ट्री ट्रेंड के तौर पर नहीं, बल्कि व्यावहारिक बिजनेस नतीजों से जोड़कर देखते हैं।
डेटा-ड्रिवन मार्केटिंग के लिए मिला सम्मान: मार्केटिंग में डेटा के इस्तेमाल और उसके व्यावसायिक प्रभाव पर हिंगोरानी के जोर को Laqshya Pitch Best CMO Awards 2026 में भी पहचान मिली। यहां उन्हें CMO Data-Driven Marketing Award से सम्मानित किया गया। यह सम्मान क्रिएटिविटी को कंज्यूमर डेटा, मीडिया एफिशिएंसी और व्यावसायिक प्रभाव से जोड़ने की उनकी क्षमता को रेखांकित करता है।
कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस भी जिम्मेदारी का अहम हिस्सा: गिरीश हिंगोरानी की भूमिका केवल मार्केटिंग तक सीमित नहीं है। कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस की जिम्मेदारी भी उनके पास है। इसके चलते वह कर्मचारियों, उपभोक्ताओं, निवेशकों और अन्य हितधारकों के बीच Blue Star की कम्युनिकेशन से जुड़े महत्वपूर्ण काम में भूमिका निभाते हैं। ऐसे माहौल में जहां कॉरपोरेट प्रतिष्ठा तेजी से बदल सकती है, अलग-अलग ऑडियंस के बीच स्पष्ट और लगातार एक जैसी कम्युनिकेशन बनाए रखना प्रोडक्ट प्रेफरेंस बनाने जितना ही महत्वपूर्ण हो गया है।
Blue Star में गिरीश हिंगोरानी की 25 साल से ज्यादा लंबी पारी इसलिए भी खास है क्योंकि इंडस्ट्री में वरिष्ठ मार्केटिंग पदों पर कार्यकाल अक्सर छोटा होता है। इस लंबे सफर ने उन्हें कंपनी की संस्कृति और विरासत को गहराई से समझने का मौका दिया है। हालांकि, उनका करियर केवल अतीत को उसी रूप में बनाए रखने के बारे में नहीं रहा। इसके बजाय उन्होंने यह समझने पर जोर दिया कि ब्रैंड की कौन-सी पहचान कायम रखनी है और बदलते समय के साथ किन चीजों को विकसित करना जरूरी है।
केरल हाई कोर्ट ने एक मलयालम टीवी चैनल की पत्रकार अपर्णा कुरुप की जान और घर की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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केरल हाई कोर्ट ने एक मलयालम टीवी चैनल की पत्रकार अपर्णा कुरुप की जान और घर की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर को यह आदेश दिया है।
जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने पुलिस कमिश्नर को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि अपर्णा कुरुप की याचिका पर अंतिम फैसला होने तक उनके घर के आसपास कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की बाधा या दखल न हो।
अपर्णा कुरुप ने एक टीवी कार्यक्रम को लेकर कथित साइबर हमलों और जान से मारने की धमकियों के बाद हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने अपने कार्यक्रम में महिलाओं को लेकर सुन्नी मुस्लिम विद्वान कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की टिप्पणियों पर बहस की थी।
अपनी याचिका में अपर्णा ने आरोप लगाया कि साइबर हमलों के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी तस्वीर के साथ उनके घर का पता भी साझा किया गया।
उन्होंने कथित हमलों को लेकर 7 सितंबर को कोच्चि सिटी साइबर पुलिस और कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई थी। अपर्णा का आरोप है कि SDPI समेत कुछ संगठनों के कार्यकर्ता उनकी निजी जानकारी साझा कर रहे थे और उनके घर के सामने प्रदर्शन करने तथा उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाने के लिए लोगों को उकसा रहे थे।
इस टीवी बहस के बाद अपर्णा कुरुप के खिलाफ भी कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। बाद में चैनल ने उस टीवी कार्यक्रम को हटा दिया था।
कोच्चि सिटी साइबर पुलिस ने कासरगोड के बी.एम. अब्दुल हकीम की शिकायत के आधार पर अपर्णा कुरुप के खिलाफ मामला दर्ज किया था। फिलहाल हाई कोर्ट ने उनकी याचिका के निस्तारण तक पुलिस को उनकी जान और आवास की सुरक्षा के साथ-साथ घर के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
कोटक महिंद्रा बैंक के ग्रुप प्रेसिडेंट मनीष कोठारी 30 सितंबर 2026 को करीब तीन दशक बाद बैंक से विदाई लेंगे और संभवतः उद्यमिता की दिशा में नई पारी शुरू करेंगे।
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कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के ग्रुप प्रेसिडेंट और कमर्शियल बैंकिंग (Commercial Banking) प्रमुख मनीष कोठारी (Manish Kothari) 30 सितंबर 2026 को बैंक से अलग होंगे। बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग (Regulatory Filing) में यह जानकारी दी है। कोठारी करीब तीन दशक से संगठन से जुड़े हुए हैं।
कमर्शियल बैंकिंग प्रमुख के तौर पर कोठारी एग्री बिजनेस (Agri Business), जिसमें एमएसएमई और कॉरपोरेट कारोबार शामिल है, रूरल फाइनेंस (Rural Finance), जिसमें ट्रैक्टर और क्रॉप लोन शामिल हैं, लॉजिस्टिक्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (Logistics and Infrastructure), जिसमें कमर्शियल व्हीकल, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट लोन और वर्किंग कैपिटल शामिल हैं, के साथ माइक्रोक्रेडिट और गोल्ड लोन कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
इससे पहले कोठारी ने कॉरपोरेट बैंकिंग (Corporate Banking) का नेतृत्व किया था। इस भूमिका में उन्होंने एडवांस, रेवेन्यू और कारोबार की पहुंच बढ़ाने पर काम किया। वह 15 वर्षों से अधिक समय तक कोटक की की लीडरशिप टीम (Key Leadership Team) का हिस्सा रहे हैं।
मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अशोक वासवानी (Ashok Vaswani) को भेजे अपने इस्तीफे में कोठारी ने कहा कि कुछ महीने पहले हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कोटक से बाहर नई यात्रा शुरू करने की इच्छा जाहिर की थी, जिसमें उद्यमिता की संभावना भी शामिल है।
बैंक ने बताया कि कोठारी की जिम्मेदारियों को लेकर ट्रांजिशन प्लान (Transition Plan) शुरू कर दिया गया है। कमर्शियल बैंक का उनके अधीन रहा पोर्टफोलियो अब बैंक के रिटेल (Retail) और इंस्टीट्यूशनल (Institutional) बिजनेस सेगमेंट्स में इंटीग्रेट कर दिया गया है।
देश में आज हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए देशवासियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं।
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Samachar4media Bureau
देश में आज यानी 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए देशवासियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने हिंदी को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और देश की पहचान से जोड़ते हुए इसके व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया।
योगी आदित्यनाथ ने हिंदी को बताया राष्ट्रीय एकता की अभिव्यक्ति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और भारतीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने सभी से हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के लिए संकल्प लेने की अपील की।
'हिंदी दिवस' की सभी हिंदी प्रेमियों और प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 14, 2026
हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है। आइए, हम सब मिलकर हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन एवं व्यापक प्रयोग के लिए संकल्पित हों। pic.twitter.com/Ljj0UaFuAM
रेखा गुप्ता बोलीं- हिंदी हमें जोड़ती है
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हिंदी मन से मन को और जन से जन को जोड़ती है। उन्होंने हिंदी को परंपरा से तकनीक और भारत को दुनिया से जोड़ने वाली भाषा बताया।
उन्होंने कहा कि हिंदी आज तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के संवाद के साथ नए विस्तार की ओर बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने हिंदी को ज्ञान, शासन, तकनीक और नवाचार की भाषा के रूप में और मजबूत करने की बात कही।
हिंदी हमें जोड़ती है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 14, 2026
मन से मन को,
जन से जन को,
परंपरा को तकनीक से
और भारत को विश्व से
सभ्यता से लेकर साहित्य तक, स्वतंत्रता से संविधान सभा तक, हिंदी ने भारत की चेतना को स्वर दिया है। आज वही हिंदी तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के संवाद के साथ नए विस्तार की ओर बढ़ रही है।
हिंदी हमारी… pic.twitter.com/pZi2rHCV3S
भजनलाल शर्मा ने संरक्षण और प्रसार पर दिया जोर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हिंदी दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि हिंदी देश की विविधताओं को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों तक हिंदी की समृद्धि और गौरव पहुंचाने के लिए इसके संरक्षण, संवर्धन और प्रसार का संकल्प लेने की अपील की।
सभी प्रदेशवासियों को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) September 14, 2026
हिंदी भाषा हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह विविधताओं से भरे हमारे देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है।
आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार का… pic.twitter.com/oi7HjRXzmB
पेमा खांडू ने भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में हिंदी की भूमिका बताई
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि हिंदी ने भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने हिंदी के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को और मजबूत करने की अपील की।
हिंदी ने भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।हिंदी के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को और सशक्त बनाएं।
— Pema Khandu པདྨ་མཁའ་འགྲོ་། (@PemaKhanduBJP) September 14, 2026
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। #HindiDiwas pic.twitter.com/AiHSYIoEfe
विष्णु देव साय ने ज्ञान और तकनीक से जोड़ने की बात कही-
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हिंदी को संस्कृति, संस्कार और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की विभिन्न भाषाओं और बोलियों के बीच आत्मीयता का सेतु भी है। उन्होंने हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ाने और इसे ज्ञान, विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार के साथ विकसित भारत की सशक्त भाषा बनाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ...
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 14, 2026
हिंदी भाषा हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार और हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम है। यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ देश की विविध भाषाओं और बोलियों के बीच आत्मीयता का सेतु भी बनाती है।
आइए, हिंदी पर गर्व करें, इसके… pic.twitter.com/ptqzvhUluu
हिमंत बिस्व सरमा ने हिंदी की साहित्यिक विरासत को किया याद
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने हिंदी की खूबसूरती और इसकी साहित्यिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंदी में कबीर की निर्भीकता, तुलसी की भक्ति, प्रेमचंद की संवेदना और दिनकर की हुंकार दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ हिंदी ने भारत के बदलते समाज, विचार और जीवन को अपनी अभिव्यक्ति दी है।
हिंदी की खूबसूरती शायद इसी में है कि इसमें कबीर की निर्भीकता भी है, तुलसी की भक्ति भी, प्रेमचंद की संवेदना भी और दिनकर की हुंकार भी।
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) September 14, 2026
समय के साथ हिंदी ने भारत के बदलते समाज, विचार और जीवन को अपनी अभिव्यक्ति दी है।
हिंदी दिवस पर इस जीवंत परंपरा को नमन। pic.twitter.com/JRzqVgR8pO
ओम बिरला ने अटल बिहारी वाजपेयी के ऐतिहासिक भाषण को किया याद
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हिंदी दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हिंदी में दिए ऐतिहासिक भाषण को याद किया।
उन्होंने कहा कि अक्टूबर 1977 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 32वें सत्र में वाजपेयी ने हिंदी में भारत की आवाज दुनिया के सामने रखी थी। उनके भाषण में वसुधैव कुटुंबकम, परमाणु निरस्त्रीकरण, गुटनिरपेक्षता और आतंकवाद जैसे मुद्दे शामिल थे। बिरला ने इसे भारत के अपनी भाषा में दुनिया से संवाद करने के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।
केंद्रीय मंत्रियों ने भी दी हिंदी दिवस की शुभकामनाएं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल, हरदीप सिंह पुरी और पंकज चौधरी ने भी हिंदी दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
✒️📖 सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।💐#हिन्दी_दिवस pic.twitter.com/HZAe93W9EH
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) September 13, 2026
हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति है। यह हमारी संस्कृति, संस्कार और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है।..
— Manohar Lal (@mlkhattar) September 14, 2026
हिंदी सभी भाषाओं को साथ लेकर विकसित और भाषाई रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाती रहेगी।
सभी को 'हिन्दी दिवस' की हार्दिक बधाई व… pic.twitter.com/f6tULbRKDG
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) September 14, 2026
अनेक प्रांत, राज्य, बोलियाँ, भाषाएँ, लोक-परंपराएँ और संस्कृतियाँ भारत की सभ्यता को समृद्ध बनाती हैं। इसी विविधता के बीच हिंदी ने सदियों से संवाद, सहभागिता और आत्मीयता की एक कड़ी का कार्य किया है, और देश के अलग-अलग हिस्सों को एक-दूसरे से जोड़ा… pic.twitter.com/DE3TZ1qbYo
हिंदी हमारी पहचान है,
— Pankaj Chaudhary (@mppchaudhary) September 14, 2026
हिंदी हमारा स्वाभिमान है।
समस्त देशवासियों को 'हिंदी दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएं।#HindiDiwas#हिंदी_दिवस pic.twitter.com/JRh32XtH2r
हिंदी दिवस के मौके पर नेताओं के इन संदेशों में हिंदी के सम्मान के साथ-साथ उसे बदलते समय के अनुरूप आगे बढ़ाने पर भी जोर दिखाई दिया। खास तौर पर तकनीक, ज्ञान, विज्ञान, नवाचार और डिजिटल दौर में हिंदी के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर नेताओं ने अपनी बात रखी।
हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किए जाने की याद में मनाया जाता है।