Blue Star के साथ 25 साल से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने मार्केटिंग, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, ई-कॉमर्स और नए बिजनेस तैयार करने जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कुछ मार्केटिंग करियर ऐसे होते हैं, जिनमें प्रोफेशनल लगातार अलग-अलग कंपनियों और भूमिकाओं में बदलाव करते हैं। वहीं कुछ करियर ऐसे होते हैं, जिनमें एक ही ब्रैंड को समय के साथ लगातार प्रासंगिक बनाने की क्षमता नजर आती है। Blue Star के साथ गिरीश हिंगोरानी का सफर इसी दूसरी तस्वीर को सामने रखता है।
आज गिरीश हिंगोरानी का जन्मदिन है। Blue Star के साथ 25 साल से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने मार्केटिंग, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, ई-कॉमर्स और नए बिजनेस तैयार करने जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है। उनका यह सफर ब्रैंड को समय के साथ बदलते कंज्यूमर और मार्केट के अनुरूप प्रासंगिक बनाए रखने पर केंद्रित रहा है।
गिरीश हिंगोरानी फिलहाल Blue Star Limited में वाइस प्रेजिडेंट (Marketing, Unitary Cooling Products Group & Corporate Communications) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी भूमिका केवल कैंपेन तैयार करने तक सीमित नहीं है। वह बिजनेस स्ट्रैटेजी, कंज्यूमर इनसाइट और कंपनी की प्रतिष्ठा को एक साथ जोड़कर काम करते हैं।
Blue Star लंबे समय से अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और संस्थागत मौजूदगी के लिए पहचाना जाता है। समय के साथ कंपनी ने खुद को एक आधुनिक कंज्यूमर ब्रैंड के तौर पर भी मजबूत किया है। हिंगोरानी की भूमिका इस बदलाव में Blue Star की इंजीनियरिंग विरासत को बनाए रखते हुए उसे आज के उपभोक्ताओं के लिए आधुनिक, महत्वाकांक्षी और प्रासंगिक रूप में पेश करने की रही है।
2016 में मिली नई कैटेगरी खड़ी करने की जिम्मेदारी: गिरीश हिंगोरानी के करियर में 2016 एक अहम पड़ाव रहा। उस साल उन्हें Blue Star के वॉटर प्यूरिफायर बिजनेस को स्थापित करने की जिम्मेदारी चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के तौर पर दी गई। एक नई कैटेगरी में उतरना केवल विज्ञापन करने तक सीमित नहीं था। इसके लिए उपभोक्ताओं की चिंताओं को समझना, प्रोडक्ट की पोजिशनिंग तय करना, भरोसा कायम करना और एक बेहद प्रतिस्पर्धी बाजार में अलग पहचान बनाना जरूरी था। यह जिम्मेदारी हिंगोरानी के काम करने के उस तरीके को भी दिखाती है, जिसमें वह एक स्थापित संगठन के अनुशासन और मजबूती को नए क्षेत्रों में काम करने के लिए जरूरी जिज्ञासा और तेजी के साथ जोड़ते हैं।
बदलते कंज्यूमर के साथ बदली मार्केटिंग: उनके कार्यकाल के दौरान एयर-कंडीशनिंग मार्केट में भी काफी बदलाव आया है। आज उपभोक्ता खरीदारी से पहले ऑनलाइन रिसर्च करते हैं, फीचर्स और एनर्जी रेटिंग की तुलना करते हैं, रिव्यू देखते हैं और अलग-अलग टचपॉइंट्स पर ब्रैंड की उपलब्धता की उम्मीद रखते हैं। स्मार्ट प्रोडक्ट्स, एनर्जी एफिशिएंसी और डिजिटल सुविधा भी कीमत और कूलिंग परफॉर्मेंस के साथ खरीदारी के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। इसी बदलते कंज्यूमर के साथ हिंगोरानी का मार्केटिंग अप्रोच भी विकसित हुआ है। ई-कॉमर्स को अब केवल बिक्री के चैनल के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि इसे पूरी खरीदारी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसमें प्रोडक्ट की खोज से लेकर उसके मूल्यांकन और फिर खरीदारी तक की प्रक्रिया शामिल है। इसके साथ ही वह बड़े स्तर पर जागरूकता और मांग तैयार करने में टेलीविजन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
2026 की समर स्ट्रैटेजी में डिजिटल पर जोर: Blue Star की 2026 की समर स्ट्रैटेजी में कंपनी ने IPL विज्ञापन से दूर रहने का फैसला किया। कंपनी ने अपने मीडिया निवेश का करीब आधा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रखा, जबकि रीच बनाने के लिए टेलीविजन, न्यूज और YouTube का इस्तेमाल जारी रखा। इस फैसले से यह संकेत मिला कि कंपनी हाई-विजिबिलिटी प्रॉपर्टीज से आगे जाकर अलग-अलग मीडिया की भूमिका के हिसाब से निवेश करने पर जोर दे रही है। कंपनी ने विराट कोहली के नेतृत्व वाले अपने क्रिएटिव एसेट्स का इस्तेमाल भी जारी रखा। इसके साथ ही सालभर चलने वाली परफॉर्मेंस मार्केटिंग में निवेश किया गया। हिंगोरानी ने परफॉर्मेंस मार्केटिंग में जनरेटिव AI के इस्तेमाल के बारे में भी बात की है। यह दिखाता है कि वह नई तकनीक को केवल एक इंडस्ट्री ट्रेंड के तौर पर नहीं, बल्कि व्यावहारिक बिजनेस नतीजों से जोड़कर देखते हैं।
डेटा-ड्रिवन मार्केटिंग के लिए मिला सम्मान: मार्केटिंग में डेटा के इस्तेमाल और उसके व्यावसायिक प्रभाव पर हिंगोरानी के जोर को Laqshya Pitch Best CMO Awards 2026 में भी पहचान मिली। यहां उन्हें CMO Data-Driven Marketing Award से सम्मानित किया गया। यह सम्मान क्रिएटिविटी को कंज्यूमर डेटा, मीडिया एफिशिएंसी और व्यावसायिक प्रभाव से जोड़ने की उनकी क्षमता को रेखांकित करता है।
कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस भी जिम्मेदारी का अहम हिस्सा: गिरीश हिंगोरानी की भूमिका केवल मार्केटिंग तक सीमित नहीं है। कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस की जिम्मेदारी भी उनके पास है। इसके चलते वह कर्मचारियों, उपभोक्ताओं, निवेशकों और अन्य हितधारकों के बीच Blue Star की कम्युनिकेशन से जुड़े महत्वपूर्ण काम में भूमिका निभाते हैं। ऐसे माहौल में जहां कॉरपोरेट प्रतिष्ठा तेजी से बदल सकती है, अलग-अलग ऑडियंस के बीच स्पष्ट और लगातार एक जैसी कम्युनिकेशन बनाए रखना प्रोडक्ट प्रेफरेंस बनाने जितना ही महत्वपूर्ण हो गया है।
Blue Star में गिरीश हिंगोरानी की 25 साल से ज्यादा लंबी पारी इसलिए भी खास है क्योंकि इंडस्ट्री में वरिष्ठ मार्केटिंग पदों पर कार्यकाल अक्सर छोटा होता है। इस लंबे सफर ने उन्हें कंपनी की संस्कृति और विरासत को गहराई से समझने का मौका दिया है। हालांकि, उनका करियर केवल अतीत को उसी रूप में बनाए रखने के बारे में नहीं रहा। इसके बजाय उन्होंने यह समझने पर जोर दिया कि ब्रैंड की कौन-सी पहचान कायम रखनी है और बदलते समय के साथ किन चीजों को विकसित करना जरूरी है।
केरल हाई कोर्ट ने एक मलयालम टीवी चैनल की पत्रकार अपर्णा कुरुप की जान और घर की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केरल हाई कोर्ट ने एक मलयालम टीवी चैनल की पत्रकार अपर्णा कुरुप की जान और घर की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर को यह आदेश दिया है।
जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने पुलिस कमिश्नर को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि अपर्णा कुरुप की याचिका पर अंतिम फैसला होने तक उनके घर के आसपास कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की बाधा या दखल न हो।
अपर्णा कुरुप ने एक टीवी कार्यक्रम को लेकर कथित साइबर हमलों और जान से मारने की धमकियों के बाद हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने अपने कार्यक्रम में महिलाओं को लेकर सुन्नी मुस्लिम विद्वान कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की टिप्पणियों पर बहस की थी।
अपनी याचिका में अपर्णा ने आरोप लगाया कि साइबर हमलों के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी तस्वीर के साथ उनके घर का पता भी साझा किया गया।
उन्होंने कथित हमलों को लेकर 7 सितंबर को कोच्चि सिटी साइबर पुलिस और कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई थी। अपर्णा का आरोप है कि SDPI समेत कुछ संगठनों के कार्यकर्ता उनकी निजी जानकारी साझा कर रहे थे और उनके घर के सामने प्रदर्शन करने तथा उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाने के लिए लोगों को उकसा रहे थे।
इस टीवी बहस के बाद अपर्णा कुरुप के खिलाफ भी कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। बाद में चैनल ने उस टीवी कार्यक्रम को हटा दिया था।
कोच्चि सिटी साइबर पुलिस ने कासरगोड के बी.एम. अब्दुल हकीम की शिकायत के आधार पर अपर्णा कुरुप के खिलाफ मामला दर्ज किया था। फिलहाल हाई कोर्ट ने उनकी याचिका के निस्तारण तक पुलिस को उनकी जान और आवास की सुरक्षा के साथ-साथ घर के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
कोटक महिंद्रा बैंक के ग्रुप प्रेसिडेंट मनीष कोठारी 30 सितंबर 2026 को करीब तीन दशक बाद बैंक से विदाई लेंगे और संभवतः उद्यमिता की दिशा में नई पारी शुरू करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के ग्रुप प्रेसिडेंट और कमर्शियल बैंकिंग (Commercial Banking) प्रमुख मनीष कोठारी (Manish Kothari) 30 सितंबर 2026 को बैंक से अलग होंगे। बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग (Regulatory Filing) में यह जानकारी दी है। कोठारी करीब तीन दशक से संगठन से जुड़े हुए हैं।
कमर्शियल बैंकिंग प्रमुख के तौर पर कोठारी एग्री बिजनेस (Agri Business), जिसमें एमएसएमई और कॉरपोरेट कारोबार शामिल है, रूरल फाइनेंस (Rural Finance), जिसमें ट्रैक्टर और क्रॉप लोन शामिल हैं, लॉजिस्टिक्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (Logistics and Infrastructure), जिसमें कमर्शियल व्हीकल, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट लोन और वर्किंग कैपिटल शामिल हैं, के साथ माइक्रोक्रेडिट और गोल्ड लोन कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
इससे पहले कोठारी ने कॉरपोरेट बैंकिंग (Corporate Banking) का नेतृत्व किया था। इस भूमिका में उन्होंने एडवांस, रेवेन्यू और कारोबार की पहुंच बढ़ाने पर काम किया। वह 15 वर्षों से अधिक समय तक कोटक की की लीडरशिप टीम (Key Leadership Team) का हिस्सा रहे हैं।
मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अशोक वासवानी (Ashok Vaswani) को भेजे अपने इस्तीफे में कोठारी ने कहा कि कुछ महीने पहले हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कोटक से बाहर नई यात्रा शुरू करने की इच्छा जाहिर की थी, जिसमें उद्यमिता की संभावना भी शामिल है।
बैंक ने बताया कि कोठारी की जिम्मेदारियों को लेकर ट्रांजिशन प्लान (Transition Plan) शुरू कर दिया गया है। कमर्शियल बैंक का उनके अधीन रहा पोर्टफोलियो अब बैंक के रिटेल (Retail) और इंस्टीट्यूशनल (Institutional) बिजनेस सेगमेंट्स में इंटीग्रेट कर दिया गया है।
देश में आज हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए देशवासियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश में आज यानी 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए देशवासियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने हिंदी को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और देश की पहचान से जोड़ते हुए इसके व्यापक इस्तेमाल पर जोर दिया।
योगी आदित्यनाथ ने हिंदी को बताया राष्ट्रीय एकता की अभिव्यक्ति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और भारतीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने सभी से हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन और व्यापक प्रयोग के लिए संकल्प लेने की अपील की।
'हिंदी दिवस' की सभी हिंदी प्रेमियों और प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 14, 2026
हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है। आइए, हम सब मिलकर हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन एवं व्यापक प्रयोग के लिए संकल्पित हों। pic.twitter.com/Ljj0UaFuAM
रेखा गुप्ता बोलीं- हिंदी हमें जोड़ती है
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हिंदी मन से मन को और जन से जन को जोड़ती है। उन्होंने हिंदी को परंपरा से तकनीक और भारत को दुनिया से जोड़ने वाली भाषा बताया।
उन्होंने कहा कि हिंदी आज तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के संवाद के साथ नए विस्तार की ओर बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने हिंदी को ज्ञान, शासन, तकनीक और नवाचार की भाषा के रूप में और मजबूत करने की बात कही।
हिंदी हमें जोड़ती है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 14, 2026
मन से मन को,
जन से जन को,
परंपरा को तकनीक से
और भारत को विश्व से
सभ्यता से लेकर साहित्य तक, स्वतंत्रता से संविधान सभा तक, हिंदी ने भारत की चेतना को स्वर दिया है। आज वही हिंदी तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के संवाद के साथ नए विस्तार की ओर बढ़ रही है।
हिंदी हमारी… pic.twitter.com/pZi2rHCV3S
भजनलाल शर्मा ने संरक्षण और प्रसार पर दिया जोर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हिंदी दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि हिंदी देश की विविधताओं को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों तक हिंदी की समृद्धि और गौरव पहुंचाने के लिए इसके संरक्षण, संवर्धन और प्रसार का संकल्प लेने की अपील की।
सभी प्रदेशवासियों को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) September 14, 2026
हिंदी भाषा हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह विविधताओं से भरे हमारे देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है।
आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार का… pic.twitter.com/oi7HjRXzmB
पेमा खांडू ने भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में हिंदी की भूमिका बताई
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि हिंदी ने भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने हिंदी के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को और मजबूत करने की अपील की।
हिंदी ने भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।हिंदी के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को और सशक्त बनाएं।
— Pema Khandu པདྨ་མཁའ་འགྲོ་། (@PemaKhanduBJP) September 14, 2026
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। #HindiDiwas pic.twitter.com/AiHSYIoEfe
विष्णु देव साय ने ज्ञान और तकनीक से जोड़ने की बात कही-
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हिंदी को संस्कृति, संस्कार और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की विभिन्न भाषाओं और बोलियों के बीच आत्मीयता का सेतु भी है। उन्होंने हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ाने और इसे ज्ञान, विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार के साथ विकसित भारत की सशक्त भाषा बनाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ...
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 14, 2026
हिंदी भाषा हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार और हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम है। यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ देश की विविध भाषाओं और बोलियों के बीच आत्मीयता का सेतु भी बनाती है।
आइए, हिंदी पर गर्व करें, इसके… pic.twitter.com/ptqzvhUluu
हिमंत बिस्व सरमा ने हिंदी की साहित्यिक विरासत को किया याद
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने हिंदी की खूबसूरती और इसकी साहित्यिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंदी में कबीर की निर्भीकता, तुलसी की भक्ति, प्रेमचंद की संवेदना और दिनकर की हुंकार दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ हिंदी ने भारत के बदलते समाज, विचार और जीवन को अपनी अभिव्यक्ति दी है।
हिंदी की खूबसूरती शायद इसी में है कि इसमें कबीर की निर्भीकता भी है, तुलसी की भक्ति भी, प्रेमचंद की संवेदना भी और दिनकर की हुंकार भी।
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) September 14, 2026
समय के साथ हिंदी ने भारत के बदलते समाज, विचार और जीवन को अपनी अभिव्यक्ति दी है।
हिंदी दिवस पर इस जीवंत परंपरा को नमन। pic.twitter.com/JRzqVgR8pO
ओम बिरला ने अटल बिहारी वाजपेयी के ऐतिहासिक भाषण को किया याद
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हिंदी दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हिंदी में दिए ऐतिहासिक भाषण को याद किया।
उन्होंने कहा कि अक्टूबर 1977 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 32वें सत्र में वाजपेयी ने हिंदी में भारत की आवाज दुनिया के सामने रखी थी। उनके भाषण में वसुधैव कुटुंबकम, परमाणु निरस्त्रीकरण, गुटनिरपेक्षता और आतंकवाद जैसे मुद्दे शामिल थे। बिरला ने इसे भारत के अपनी भाषा में दुनिया से संवाद करने के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।
केंद्रीय मंत्रियों ने भी दी हिंदी दिवस की शुभकामनाएं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल, हरदीप सिंह पुरी और पंकज चौधरी ने भी हिंदी दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
✒️📖 सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।💐#हिन्दी_दिवस pic.twitter.com/HZAe93W9EH
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) September 13, 2026
हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति है। यह हमारी संस्कृति, संस्कार और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है।..
— Manohar Lal (@mlkhattar) September 14, 2026
हिंदी सभी भाषाओं को साथ लेकर विकसित और भाषाई रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाती रहेगी।
सभी को 'हिन्दी दिवस' की हार्दिक बधाई व… pic.twitter.com/f6tULbRKDG
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) September 14, 2026
अनेक प्रांत, राज्य, बोलियाँ, भाषाएँ, लोक-परंपराएँ और संस्कृतियाँ भारत की सभ्यता को समृद्ध बनाती हैं। इसी विविधता के बीच हिंदी ने सदियों से संवाद, सहभागिता और आत्मीयता की एक कड़ी का कार्य किया है, और देश के अलग-अलग हिस्सों को एक-दूसरे से जोड़ा… pic.twitter.com/DE3TZ1qbYo
हिंदी हमारी पहचान है,
— Pankaj Chaudhary (@mppchaudhary) September 14, 2026
हिंदी हमारा स्वाभिमान है।
समस्त देशवासियों को 'हिंदी दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएं।#HindiDiwas#हिंदी_दिवस pic.twitter.com/JRh32XtH2r
हिंदी दिवस के मौके पर नेताओं के इन संदेशों में हिंदी के सम्मान के साथ-साथ उसे बदलते समय के अनुरूप आगे बढ़ाने पर भी जोर दिखाई दिया। खास तौर पर तकनीक, ज्ञान, विज्ञान, नवाचार और डिजिटल दौर में हिंदी के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर नेताओं ने अपनी बात रखी।
हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किए जाने की याद में मनाया जाता है।
आज राहुल कंवल अपना जन्मदिन मना रहे हैं। ऐसे में उनकी प्रोफेशनल जर्नी उस दौर की कहानी भी है, जब मीडिया इंडस्ट्री लगातार बदलती रही और उन्हें भी हर दौर के साथ खुद को बदलना पड़ा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय टेलीविजन न्यूज पिछले ढाई दशकों में काफी बदल गया है। न्यूज के फॉर्मेट बदले, दर्शक अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बंटे, डिजिटल प्लेटफॉर्म ने खबरों को देखने और पढ़ने का तरीका बदल दिया और टेलीविजन पत्रकार की भूमिका भी पहले जैसी नहीं रही। इस पूरे बदलाव के दौरान राहुल कंवल टेलीविजन न्यूज का एक जाना-पहचाना चेहरा बने रहे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के तौर पर की, फिर एंकर बने, न्यूजरूम की जिम्मेदारियां संभालीं और आज वह NDTV के CEO और एडिटर-इन-चीफ हैं।
आज राहुल कंवल अपना जन्मदिन मना रहे हैं। ऐसे में उनकी प्रोफेशनल जर्नी उस दौर की कहानी भी है, जब मीडिया इंडस्ट्री लगातार बदलती रही और उन्हें भी हर दौर के साथ खुद को बदलना पड़ा।
1999 में Zee News से शुरू हुआ सफर
राहुल कंवल ने टेलीविजन पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत 1999 में Zee News के साथ की थी। इसके बाद 2002 में वह Aaj Tak से जुड़े। यहां से उनका लंबा सफर India Today Group के साथ शुरू हुआ। समय के साथ उन्होंने रिपोर्टिंग से आगे बढ़ते हुए एंकरिंग और वरिष्ठ संपादकीय जिम्मेदारियां संभालीं। उनके काम के प्रमुख क्षेत्रों में राजनीति, चुनाव, राष्ट्रीय मुद्दे और खोजी पत्रकारिता शामिल रहे।
एंकर के तौर पर बनाई अलग पहचान
राहुल कंवल टेलीविजन न्यूज के चर्चित चेहरों में तब शामिल हुए, जब उन्होंने NewsTrack और इंटरव्यू आधारित कार्यक्रम Jab We Met जैसे शो किए। ऑन-एयर उनकी पहचान ऊर्जावान न्यूज प्रेजेंटेशन, राजनीतिक नेताओं से तीखे सवाल पूछने और बड़े राष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले एंकर के तौर पर बनी।
हालांकि, राहुल कंवल के करियर को सिर्फ कैमरे के सामने उनकी भूमिका तक सीमित करके देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। जैसे-जैसे उनकी जिम्मेदारियां बढ़ीं, वैसे-वैसे न्यूजरूम की रणनीति और नए प्रयोगों में भी उनकी भूमिका बढ़ती गई।
फेक न्यूज और तकनीक पर भी काम
इंडिया टुडे ग्रुप में राहुल कंवल Anti-Fake News War Room और Open Source Intelligence Desk जैसी पहलों से भी जुड़े रहे। इन पहलों ने न्यूज जुटाने के तरीके में एक अहम बदलाव को दिखाया। फैक्ट-चेकिंग, जानकारी की पुष्टि, ओपन-सोर्स जानकारी और तकनीक को न्यूजरूम के कामकाज में ज्यादा व्यवस्थित तरीके से शामिल किया गया। यह उस समय महत्वपूर्ण था, जब गलत जानकारी और फेक न्यूज पत्रकारिता के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभर रही थी।
पढ़ाई और मैनेजमेंट की भी समझ
राहुल कंवल ने Delhi University से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने Chevening Scholar के तौर पर Cardiff University से International Broadcast Journalism की पढ़ाई की। बाद में उन्होंने Harvard Business School के General Management Program में भी हिस्सा लिया। आज वह जिस नेतृत्व की भूमिका में हैं, उसे देखते हुए मैनेजमेंट से जुड़ा यह अनुभव खास महत्व रखता है।
2025 में करियर का सबसे बड़ा बदलाव
राहुल कंवल के करियर में सबसे बड़ा बदलाव 2025 में आया। दो दशक से ज्यादा समय तक India Today Group के साथ रहने के बाद वह NDTV में CEO और एडिटर-इन-चीफ के तौर पर शामिल हुए। यह सिर्फ एक न्यूजरूम से दूसरे न्यूजरूम में जाने का बदलाव नहीं था, बल्कि उनकी जिम्मेदारियों का दायरा भी काफी बढ़ गया।
एक पत्रकार के तौर पर जहां उनका काम खबरों के पीछे जाना, इंटरव्यू करना और संपादकीय टीम को संभालना रहा था, वहीं नई भूमिका में उन्हें एक बड़े न्यूज संगठन के संपादकीय और कारोबारी दोनों पक्षों की जिम्मेदारी मिली।
अब उनकी जिम्मेदारी सिर्फ यह तय करने तक सीमित नहीं है कि बुलेटिन में कौन-सी खबर सबसे ऊपर होगी। उन्हें दर्शकों, कमाई, तकनीक, प्रतिभा, प्रोडक्ट्स, अलग-अलग प्लेटफॉर्म और संस्थान की लंबी अवधि की दिशा पर भी ध्यान देना है।
बदलते मीडिया दौर की तस्वीर
राहुल कंवल का यह बदलाव मीडिया इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलाव को भी दिखाता है। आज न्यूज रूम के वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका पत्रकारिता, तकनीक और कारोबार के बीच काम करने की हो गई है।
संपादकीय विश्वसनीयता आज भी सबसे जरूरी है, लेकिन इसके साथ एक ऐसा टिकाऊ मीडिया संगठन बनाना भी जरूरी है, जो टेलीविजन, डिजिटल, सोशल मीडिया और नए फॉर्मेट में दर्शकों के लिए मुकाबला कर सके। ऐसे में NDTV राहुल कंवल के लिए उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी चुनौती और अवसरों में से एक है।
रिपोर्टर से मीडिया लीडर तक
राहुल कंवल के सफर को देखें तो यह एक तरह से पत्रकारिता के लगभग हर स्तर से गुजरने की कहानी है। 1990 के दशक के आखिर में टेलीविजन पत्रकारिता में कदम रखने वाले एक युवा रिपोर्टर से लेकर आज वह फील्ड रिपोर्टिंग, एंकरिंग, राजनीतिक पत्रकारिता, न्यूजरूम मैनेजमेंट और मीडिया संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुके हैं।
इस दौरान उन्हें कई सम्मान भी मिले। उनके करियर में एंकरिंग और पत्रकारिता के लिए मिले सम्मान शामिल हैं, जिनमें 'एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स' में मिली पहचान भी शामिल है। वहीं, उनकी रिपोर्टिंग से जुड़ी उपलब्धियों में Rory Peck Trust की ओर से खतरनाक परिस्थितियों में पत्रकारिता की ट्रेनिंग के लिए मिला अनुदान भी शामिल है।
हर पड़ाव पर खुद को बदला
हालांकि, राहुल कंवल के सफर को समझने का शायद सबसे दिलचस्प तरीका यह नहीं है कि उन्होंने कितनी भूमिकाएं निभाईं, बल्कि यह देखना है कि हर भूमिका पहले वाली से कितनी अलग थी। खबरों की रिपोर्टिंग करने से लेकर उन्हें पेश करने तक, पत्रकारों की टीम संभालने से लेकर एक पूरे मीडिया संगठन को चलाने तक, उनके करियर के हर पड़ाव में उन्हें खुद को नए तरीके से ढालना पड़ा।
आज जब राहुल कंवल अपना जन्मदिन मना रहे हैं, उनका सफर लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। वर्षों तक सत्ता और समाज के प्रभावशाली लोगों से बेबाक सवाल पूछने वाले एंकर अब मीडिया नेतृत्व की नई भूमिका में हैं, जहां उनका अनुभव विश्वास, बदलाव और भविष्य की पत्रकारिता को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकता है।
खबर है कि ओम आदित्य द्विवेदी कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पत्रकारों और उनके परिचितों में शोक की लहर है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कानपुर की पत्रकारिता से एक दुखद खबर सामने आई है। कई न्यूज चैनलों में एंकर की भूमिका निभा चुके ओम आदित्य द्विवेदी का शनिवार रात निधन हो गया। वह करीब 43 वर्ष के थे।
खबर है कि वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पत्रकारों और उनके परिचितों में शोक की लहर है।
ओम आदित्य द्विवेदी ने K News India, Live Today सहित कई न्यूज चैनलों में न्यूज एंकर के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी। उनके साथ काम कर चुके पूर्व सहकर्मियों और मित्रों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
साथियों ने ओम आदित्य को हंसमुख स्वभाव और शानदार व्यक्तित्व वाला इंसान बताते हुए उन्हें याद किया। उनके निधन पर कई पत्रकारों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाएं साझा कीं और कहा कि उनके असमय चले जाने की खबर बेहद पीड़ादायक है।
ओम आदित्य द्विवेदी के निधन पर पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
इंश्योरेंस-देखो ने मिन्नी जायसवाल को एवीपी-ग्रोथ एंड रिटेंशन मार्केटिंग के पद पर प्रमोट किया है। नई भूमिका में वह मारटेक और एआई आधारित समाधानों पर फोकस करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मिन्नी जायसवाल (Minnie Jaiswal) को इंश्योरेंस-देखो (InsuranceDekho) में एवीपी-ग्रोथ एंड रिटेंशन मार्केटिंग (AVP – Growth and Retention Marketing) के पद पर प्रमोट किया गया है। वह पिछले चार वर्षों से कंपनी से जुड़ी हुई हैं।
इस प्रमोशन से पहले जायसवाल इंश्योरेंस-देखो में सीनियर मैनेजर (Senior Manager) के तौर पर काम कर रही थीं। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
जायसवाल ने बताया कि इंश्योरेंस-देखो में चार साल तक बिजनेस स्ट्रैटेजी (Business Strategy) में काम करने और इसके बारीक पहलुओं को समझने से उन्हें नई जिम्मेदारी में एक होलिस्टिक नजरिया (Holistic Lens) अपनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि नई भूमिका शुरू करने के बाद का महीना काफी व्यस्त रहा है, जिसमें लर्निंग, डिलिवरेबल्स और स्टेकहोल्डर्स की संख्या कई गुना बढ़ी है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस भूमिका से उन्हें व्यापक एक्सपोजर (Wider Exposure) मिल रहा है और ब्रांड उनके लिए एक नया क्षेत्र है।
नई जिम्मेदारी में जायसवाल ग्रोथ और रिटेंशन मार्केटिंग (Growth and Retention Marketing) पर फोकस करेंगी। इसमें मारटेक (Martech) और एआई आधारित सॉल्यूशंस (AI-led Solutions) के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी उनकी भूमिका का अहम हिस्सा होगा।
अंबर ग्रुप ने सत्येंद्र सिंह को इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन का सीईओ नियुक्त किया है। इससे पहले वह सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी में सीनियर ऑपरेटिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अंबर ग्रुप (Amber Group) ने सत्येंद्र सिंह (Satendra Singh) को अपने इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन (Electronics Division) का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया है। इससे पहले वह सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी (Syrma SGS Technology) में सीनियर ऑपरेटिंग डायरेक्टर (Senior Operating Director) के तौर पर काम कर रहे थे।
सत्येंद्र सिंह के पास बिजनेस लीडरशिप (Business Leadership), ग्लोबल ऑपरेशंस (Global Operations) और स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट (Strategic Management) का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उनके प्रोफेशनल एक्सपीरियंस में जनरल मैनेजमेंट (General Management), ग्लोबल ऑपरेशंस, इंडस्ट्री 4.0 (Industry 4.0), स्ट्रैटेजी और मर्जर एंड एक्विजिशन (Mergers and Acquisitions) शामिल हैं।
अंबर ग्रुप से पहले सिंह ने सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी में सीनियर ऑपरेटिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह नोकिया (Nokia), फ्लेक्सट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजीज (Flextronics Technologies), एपीसी बाय श्नाइडर इलेक्ट्रिक (APC by Schneider Electric), सैमसंग इंडिया (Samsung India) और टेक्ट्रोनिक्स (Tektronix) समेत कई संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं।
उनके शुरुआती अनुभव में मिनिस्ट्री ऑफ आईटी (Ministry of IT) और सी-डॉट (C-DOT) से जुड़ी भूमिकाएं भी शामिल रही हैं। नई जिम्मेदारी में उनका अनुभव अंबर ग्रुप के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार की ऑपरेशनल और स्ट्रैटेजिक ग्रोथ में अहम भूमिका निभाएगा।
अनुराग गर्ग ने नुलॉजी में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उनके पास बी2बी सास, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, टीम बिल्डिंग और गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी का अनुभव है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अनुराग गर्ग (Anurag Garg) ने नुलॉजी (Nulogy) में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर (Chief Product Officer) के तौर पर नई पारी शुरू की है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नियुक्ति की जानकारी दी।
अपनी नई भूमिका को लेकर गर्ग ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) दुनिया के कामकाज का अहम हिस्सा है और नुलॉजी जिन इंडस्ट्रीज को सर्व करती है, उनमें फूड एंड बेवरेज (Food & Beverage) की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि उन्होंने अपना फोकस इस क्षेत्र पर रखने का फैसला किया है।
गर्ग के पास बी2बी सास (B2B SaaS) क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का एग्जीक्यूटिव अनुभव है। उनकी विशेषज्ञता प्रोडक्ट डेवलपमेंट (Product Development), टीम बिल्डिंग (Team Building) और गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी (Go-to-Market Strategy) जैसे क्षेत्रों में है।
वह रिलेस स्टूडियो (Relay Studio) के फाउंडर और सीईओ (Founder and CEO) भी हैं। इससे पहले अपने करियर में गर्ग सेफ्टीचेन सॉफ्टवेयर (SafetyChain Software) और प्लेक्स सिस्टम्स (Plex Systems) समेत कई कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं।
राष्ट्रपति 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को इस बार दिल्ली के बजाय गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम को दिल्ली से बाहर ले जाने की जरूरत क्या थी और गुजरात को ही आयोजन के लिए क्यों चुना गया।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन 22 सितंबर 2026 को एकता नगर, केवड़िया में किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, अब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के समारोह को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने का फैसला किया गया है। सरकार ने इसे देशभर की सिनेमाई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच से जोड़ने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा देने की पहल बताया है।
सुप्रिया सुले ने दिल्ली में आयोजन की पैरवी की
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने समारोह को गुजरात ले जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश के राष्ट्रीय पुरस्कार हैं और इन्हें देश की राजधानी नई दिल्ली में ही आयोजित किया जाना चाहिए।
सुले के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर ही होना चाहिए। उन्होंने इस फैसले पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कारों को दिल्ली में ही प्रदान किया जाना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने भी फैसले पर उठाए सवाल
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को गुजरात ले जाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर समारोह दिल्ली से बाहर ले जाना था तो इसे मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु या किसी अन्य राज्य की राजधानी में क्यों नहीं आयोजित किया गया।
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसले से गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच एक तरह की दीवार खड़ी करने की कोशिश हो रही है।
संजय राउत ने कलाकारों से की बहिष्कार की अपील
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी फैसले का विरोध किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को गुजरात में आयोजित करने का फैसला क्यों लिया गया।
संजय राउत ने यह भी आरोप लगाया कि समारोह का स्थान गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले बदला जा रहा है। उन्होंने कलाकारों से समारोह का बहिष्कार करने की अपील भी की। ये राउत के आरोप और अपील हैं, सरकार की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है।
राज ठाकरे ने पूछा- गुजरात ही क्यों?
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी समारोह को गुजरात में आयोजित करने पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि अगर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से बाहर करना था तो गुजरात को ही क्यों चुना गया।
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के उन राज्यों का भी जिक्र किया, जिनका भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा योगदान है। उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु या अन्य प्रमुख फिल्म केंद्रों में से किसी जगह को आयोजन के लिए क्यों नहीं चुना गया।
फिल्म निर्देशक राहुल ढोलकिया ने भी पूछा- गुजरात क्यों?
फिल्म निर्देशक और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता राहुल ढोलकिया ने भी इस फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से बाहर ले जाने पर विशेष आपत्ति नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि गुजरात को ही क्यों चुना गया।
राहुल ढोलकिया ने कहा कि अगर समारोह को किसी दूसरे राज्य में ले जाना था तो महाराष्ट्र, केरल या तमिलनाडु जैसे फिल्म निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राज्यों को भी मौका दिया जा सकता था। उन्होंने हैदराबाद का भी विकल्प के तौर पर उल्लेख किया।
सरकार ने क्या कहा?
केंद्र सरकार ने समारोह को गुजरात ले जाने को किसी राजनीतिक कदम के तौर पर पेश नहीं किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, अब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोहों को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की नीति अपनाई जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि एकता नगर में समारोह आयोजित करने से देशभर की सिनेमाई प्रतिभाएं एक मंच पर आएंगी और यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाएगा।
एकता नगर में होगा पुरस्कार समारोह
गुजरात के एकता नगर, जिसे पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था, में सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। 597 फुट ऊंची इस प्रतिमा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में किया था।
दिल्ली से बाहर आयोजन को लेकर क्या है तथ्य?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी और लंबे समय से इनके समारोह का आयोजन नई दिल्ली में होता रहा है। इस बार 72वें समारोह को दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया जा रहा है। इसे सात दशक से अधिक समय से चली आ रही दिल्ली की परंपरा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, इतिहास में दिल्ली के बाहर आयोजन का एक अपवाद भी रहा है- 17वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 1971 में चेन्नई में हुआ था। इसलिए इसे इतिहास में पहली बार दिल्ली से बाहर आयोजित समारोह कहना सही नहीं होगा।
इन फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अलग-अलग भाषाओं, विधाओं और सिनेमा के विभिन्न रूपों की फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म चुना गया है, जबकि ‘राम-नामी’ को जूरी ने सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना है।
अभिनय के क्षेत्र में ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेता का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं ‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेत्री का पुरस्कार मिलेगा। ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ के लिए रणदीप हुड्डा को सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार दिया जाएगा।
कई भाषाओं की फिल्मों को भी सम्मान
इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तुलु और गढ़वाली समेत कई भाषाओं की फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। ‘कल्कि 2898 ईस्वी’, ‘अमरन’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘स्त्री 2’ सहित कई फिल्मों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिलेंगे।
खास बात यह है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में पहली बार किसी संथाली फिल्म को सम्मानित किया जाएगा।
सिनेमा पर लेखन के लिए भी पुरस्कार
सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन की श्रेणी में संजीव श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। वहीं सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार डॉ. प्रदीप केंचनुरु की किताब ‘नानिरुवुदे निमगागी, नादिरुवुदे ननगागी: कन्नड सिनेमाद तात्विक मत्तु राजकीय’ को दिया जाएगा। इस पुस्तक का प्रकाशन मिरर बुक्स ने किया है। किताब का अंग्रेजी अर्थ ‘I Stand for You, The State Stands for Us: Political and Philosophical Dimensions of Kannada Cinema’ है।
इस तरह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा की अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और विधाओं की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट (Sharpline Broadcast) Limited ने Metropolitan Stock Exchange of India (MSEI) से अपने इक्विटी शेयरों को स्वैच्छिक रूप से डीलिस्ट करने का प्रस्ताव रखा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट (Sharpline Broadcast) Limited ने Metropolitan Stock Exchange of India (MSEI) से अपने इक्विटी शेयरों को स्वैच्छिक रूप से डीलिस्ट करने का प्रस्ताव रखा है। इस डीलिस्टिंग के तहत शेयरधारकों को शेयरों से बाहर निकलने के लिए कोई एग्जिट ऑफर नहीं दिया जाएगा। कंपनी के निदेशक मंडल ने इस प्रस्ताव को 9 सितंबर 2026 को मंजूरी दी है।
कंपनी के मुताबिक, MSEI पर उसके शेयरों में कारोबार की मात्रा कम है। इसके अलावा, लिस्टिंग फीस का अतिरिक्त खर्च भी कंपनी पर पड़ रहा है। कंपनी ने कहा है कि इन वजहों से MSEI पर लिस्टिंग जारी रखना उसके लिए संचालन और वित्तीय दोनों लिहाज से प्रभावी नहीं रह गया है। हालांकि, कंपनी अपने शेयरों की Bombay Stock Exchange (BSE) पर लिस्टिंग जारी रखेगी।
SEBI के नियमों के तहत होगा डीलिस्टिंग का काम
शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट का यह प्रस्ताव SEBI (Delisting of Equity Shares) Regulations, 2021 के Regulation 6 के तहत है। इस नियम के मुताबिक, अगर किसी कंपनी के शेयर देशभर में कारोबार वाले किसी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड रहते हैं, तो कंपनी किसी दूसरे स्टॉक एक्सचेंज से अपने शेयरों को बिना शेयरधारकों को एग्जिट प्राइस दिए डीलिस्ट कर सकती है।
इसका मतलब है कि MSEI पर शेयर रखने वाले शेयरधारकों की होल्डिंग डीलिस्टिंग प्रक्रिया के अनुसार ट्रांसफर या समायोजित की जाएगी। हालांकि, उन्हें कंपनी की ओर से शेयरों के बदले कोई नकद एग्जिट ऑफर नहीं दिया जाएगा।
कंपनी लागू नियमों के अनुसार MSEI में स्वैच्छिक डीलिस्टिंग के लिए आवेदन जमा करेगी। यह डीलिस्टिंग तभी प्रभावी होगी, जब MSEI से मंजूरी मिल जाएगी।
Financial Express और Jansatta में प्रकाशित हुआ नोटिस
कंपनी ने 10 सितंबर 2026 को Financial Express और Jansatta अखबारों में भी इस संबंध में नोटिस प्रकाशित किया है। यह नोटिस SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के Regulation 47 के तहत जारी किया गया है।
MSEI पर 2.86 करोड़ से ज्यादा शेयर लिस्टेड
फाइलिंग के अनुसार, इस प्रस्ताव में शामिल कंपनी के इक्विटी शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है। फिलहाल MSEI पर कंपनी के 2,86,34,916 इक्विटी शेयर लिस्टेड हैं। इन शेयरों का International Securities Identification Number (ISIN) INE647W01014 है। इस तरह कंपनी MSEI से अपनी लिस्टिंग हटाने की तैयारी कर रही है, जबकि BSE पर उसके शेयरों की लिस्टिंग जारी रहेगी।