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पत्रकार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई के विरोध में आगे आया प्रेस क्लब, दिया ये स्टेटमेंट
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में पत्रकार और सोशल मीडिया एक्टिविस्टों को पुलिस द्वारा अर्धनग्न कर फोटो वायरल करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में पत्रकार और रंगकर्मियों को पुलिस स्टेशन में बंद कर उनके कपड़े उतरवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस द्वारा की गई इस अमानवीय कार्रवाई की मीडिया जगत में काफी आलोचना हो रही है। देश भर के तमाम पत्रकारों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उन्होंने इस घटना में लिप्त दोषी पुलिसवालों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग उठाई है।
वहीं, इस मामले के विरोध में ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ (PCI) भी आगे आया है। ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ ने इस मामले में स्टेटमेंट जारी कर इस घटना की कड़ी निंदा की है। अपने स्टेटमेंट में ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ का कहना है, ‘इस मामले में यह कहकर बचने का प्रयास किया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति पत्रकार नहीं थे। यदि वे पत्रकार नहीं थे तो भी आम आदमी के साथ भी इस तरह का कृत्य कहां तक जायज है?‘ प्रेस क्लब के अनुसार, ‘हम चाहते हैं कि इन पत्रकारों को तुरंत रिहा किया जाए और उन्होंने जो शारीरिक व मानसिक वेदना सही है, उसके लिए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।’ इसके साथ ही ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ ने पत्रकारों और आम नागरिकों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से स्वत: संज्ञान लेने की गुजारिश भी की है।
बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया पर एमपी के सीधी जिले की कोतवाली से एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में स्थानीय पत्रकार कनिष्क तिवारी और कुछ रंगकर्मी अर्धनग्न खड़े हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कनिष्क का कहना है कि स्थानीय भाजपा विधायक के कहने पर पुलिस ने उनके साथ ये इस तरह का अमानवीय सलूक किया है। कनिष्क के अनुसार, उन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ खबरें चलाई थीं। इस बात से विधायक नाराज थे और विधायक के कहने पर ही पुलिस ने उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया और उनकी अर्धनग्न तस्वीरें वायरल कर दीं। वहीं, पुलिस का कहना है कि ये लोग फर्जी आईडी से भाजपा सरकार और विधायकों के खिलाफ लिखते और खबरें दिखाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तनिष्क एक हिंदी न्यूज चैनल से जुड़े हैं और अपना यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। इसके साथ ही वह इंद्रावती नाट्य समिति से भी जुड़े हुए हैं। बताया जाता है कि मामले के तूल पकड़ने के बाद थाना प्रभारी और एक उपनिरीक्षक (एसआई) को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की ओर से जारी स्टेटमेंट की कॉपी आप यहां देख सकते हैं।
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