भारतीय टेलीविजन के जाने-माने निर्माता और निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह, जिन्हें बीपी सिंह के नाम से जाना जाता था, का 27 अक्टूबर को निधन हो गया।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय टेलीविजन के जाने-माने निर्माता और निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह, जिन्हें बीपी सिंह के नाम से जाना जाता था, का 27 अक्टूबर को निधन हो गया। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी दी। बताया गया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। बीपी सिंह ने लोकप्रिय क्राइम सीरियल ‘CID’ बनाया था, जो भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले धारावाहिकों में शामिल रहा।
बीपी सिंह के निधन से टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उन्होंने अपने काम से भारतीय टेलीविजन पर क्राइम ड्रामा को एक अलग पहचान दिलाई। ‘CID’ के अलावा वह ‘आहट’ और ‘खाकी’ जैसे शो से भी जुड़े रहे।
‘CID’ से घर-घर में मिली पहचान
देहरादून में जन्मे बीपी सिंह ने ‘CID’ का निर्माण और निर्देशन किया। इस शो में अपराध की जांच, रहस्य और पुलिस की कार्रवाई को दिखाया जाता था। इसकी कहानी और यादगार किरदारों ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।
लंबे समय तक प्रसारित होने के कारण ‘CID’ भारतीय टेलीविजन के चर्चित क्राइम शो में शामिल हो गया। साल 2010 में इस शो के तहत ‘CID गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की भी शुरुआत हुई।
बीपी सिंह की पहचान सिर्फ एक सफल निर्माता और निर्देशक के तौर पर ही नहीं थी, बल्कि कैमरा वर्क और एक ही शॉट में लंबे दृश्यों को फिल्माने की उनकी खास शैली के लिए भी उन्हें जाना जाता था।
अशोक पंडित ने बताया करीबी दोस्त
फिल्ममेकर अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर बीपी सिंह को याद करते हुए उन्हें बेहतरीन निर्माता-निर्देशक, शानदार फिल्ममेकर और अपना प्रिय दोस्त बताया।
अशोक पंडित ने कहा कि इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान वह बीपी सिंह के करीब रहे। उन्होंने उनके निधन पर दुख जताते हुए भारतीय मनोरंजन जगत में उनके योगदान को याद किया।
बीपी सिंह के साथ 24 साल से ज्यादा समय तक ‘CID’, ‘आहट’ और ‘खाकी’ जैसे शो में काम करने वाले एक कलाकार ने उन्हें बेहतरीन शिक्षक, अनुशासित पेशेवर, दिग्गज निर्देशक और सबसे बढ़कर एक अच्छा इंसान बताया।
28 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार
अशोक पंडित की पोस्ट के मुताबिक, बीपी सिंह का अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर को किया जाएगा। परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों के लिए सुबह 9:30 बजे मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है। उनका आवास 802, नवकरण बिल्डिंग, लोखंडवाला मार्केट के अंतिम छोर पर, एनरिच सैलून के पास स्थित है।
इसके बाद सुबह 11:30 बजे ओशिवारा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बीपी सिंह ने अपने काम से भारतीय टेलीविजन पर क्राइम शो की दुनिया को नई पहचान दी। ‘CID’ और उनके दूसरे धारावाहिकों के जरिए दर्शकों के बीच बनाई गई उनकी जगह लंबे समय तक याद की जाएगी।
मेटा ने दलील दी थी कि इस विवाद की सुनवाई भारत के बजाय अमेरिका के कैलिफोर्निया की अदालतों में होनी चाहिए। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डिजिटल विज्ञापन एजेंसी ब्लिंक डिजिटल इंडिया (Blink Digital India) और मेटा (Meta) के बीच चल रहे कानूनी विवाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने मेटा की क्षेत्राधिकार संबंधी याचिका खारिज कर दी है। मेटा ने दलील दी थी कि इस विवाद की सुनवाई भारत के बजाय अमेरिका के कैलिफोर्निया की अदालतों में होनी चाहिए। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
यह मामला मेटा के प्लेटफॉर्म पर ब्लिंक डिजिटल के चार बिजनेस मैनेजर अकाउंट्स और संबंधित कॉरपोरेट पेजों को बंद किए जाने से जुड़ा है। ब्लिंक डिजिटल ने इन अकाउंट्स को बहाल करने और 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के हर्जाने की मांग की है। कंपनी का कहना है कि अकाउंट्स बंद होने से उसका कारोबार प्रभावित हुआ है।
\मेटा ने अदालत में अपने क्षेत्राधिकार को चुनौती देते हुए कहा था कि दोनों पक्षों के बीच लागू अनुबंध की शर्तों के अनुसार विवाद की सुनवाई कैलिफोर्निया की अदालतों में होनी चाहिए। इस आधार पर कंपनी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई पर आपत्ति जताई थी। अदालत ने मेटा की यह याचिका खारिज कर दी, जिससे मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप वी. मार्ने की अदालत में हुई। ब्लिंक डिजिटल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कुणाल द्वारकादास और सिद्धार्थ जोशी पेश हुए। वहीं, मेटा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जनक द्वारकादास ने पक्ष रखा। क्षेत्राधिकार संबंधी याचिका खारिज होने के बाद अब ब्लिंक डिजिटल की अंतरिम राहत की मांग पर सुनवाई होगी। इसके लिए अदालत ने 2 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे का समय तय किया है।
अदालत का यह फैसला केवल इस सवाल से संबंधित है कि मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट में हो सकती है या नहीं। अकाउंट्स की बहाली और हर्जाने की मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अंतरिम राहत पर होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने डीपीडीपी कानून के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली मीडिया संगठनों की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में खोजी पत्रकारिता और स्रोतों की गोपनीयता पर चिंता जताई गई।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (Digital Personal Data Protection) कानून, 2023 के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। यह याचिका कुछ पुराने और प्रमुख मीडिया संगठनों ने दायर की है।
मीडिया संगठनों का कहना है कि इन प्रावधानों को समाचार संगठनों पर लागू करने से खोजी पत्रकारिता प्रभावित हो सकती है, पत्रकारों के स्रोतों की गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है और न्यूज रूम के कामकाज पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मीडिया कंपनियों ने कानून के उन प्रावधानों को चुनौती दी है, जिनके तहत पत्रकारों को उन लोगों की सहमति लेने की जरूरत पड़ सकती है, जिनके बारे में वे जांच-पड़ताल कर रहे हैं। इसके अलावा निजी डेटा को सुरक्षित रखने और तय समय के बाद हटाने से जुड़े दायित्व भी समाचार रिपोर्टिंग को प्रभावित कर सकते हैं।
सुनवाई के दौरान मीडिया संगठनों की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पत्रकारों को अपनी जांच के लिए संबंधित लोगों की सहमति पर निर्भर रहना पड़ सकता है। इससे जनहित से जुड़े मामलों की पड़ताल करने की न्यूज रूम की क्षमता सीमित हो सकती है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता मीडिया संगठन इस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। वे केंद्र सरकार को कानून के संभावित दुरुपयोग की पहचान करने में मदद कर सकते हैं और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने डेटा प्रोटेक्शन और मीडिया के अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर भी ध्यान दिया। मीडिया संगठनों का कहना है कि यह कानून पत्रकारों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से नहीं बनाया गया था। उनके अनुसार, इसके प्रावधानों को समाचार संगठनों पर लागू करने से ऐसी व्यवस्था बन सकती है, जिसका रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले ही पत्रकारिता पर नियंत्रण जैसा प्रभाव हो।
इस चुनौती के जरिए भारत के डेटा प्रोटेक्शन ढांचे के खोजी पत्रकारिता, पत्रकारों के स्रोतों की गोपनीयता और न्यूज रूम के कामकाज पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का मुद्दा सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया संगठनों की ओर से उठाई गई चिंताओं पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
अर्चना मोहन को प्रोकोर टेक्नोलॉजीज में डायरेक्टर-इंटरनल कम्युनिकेशंस नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह कंपनी में एक साल से अधिक समय से काम कर रही थीं और डेल टेक्नोलॉजीज में 14 साल रहीं।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अर्चना मोहन (Archana Mohan) ने प्रोकोर टेक्नोलॉजीज (Procore Technologies) में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्हें कंपनी में डायरेक्टर-इंटरनल कम्युनिकेशंस (Director – Internal Communications) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए नई भूमिका की जानकारी साझा की।
नई जिम्मेदारी से पहले भी मोहन प्रोकोर टेक्नोलॉजीज के साथ काम कर रही थीं। कंपनी में एक साल से अधिक समय पूरा करने के बाद अब उन्हें आंतरिक संचार निदेशक की नई भूमिका सौंपी गई है।
मोहन के पास डेल टेक्नोलॉजीज (Dell Technologies) में 14 साल से अधिक काम करने का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर का सबसे लंबा कार्यकाल इसी कंपनी में बिताया है। उनके अनुभव में इंटरनल कम्युनिकेशंस, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, कर्मचारी जुड़ाव और संगठनात्मक संचार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दी है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दी है। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस कमिश्नर के अनुरोध पर उन्होंने यह कदम उठाया है।
राज ठाकरे के मुताबिक, हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया की ओर से बनाई गई इस डॉक्यूमेंट्री को एक्स पर पोस्ट किए जाने के बाद 48 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था। उन्होंने कहा कि इसका मकसद लोगों को जानकारी देना था।
ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस का हमेशा से सम्मान रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं मुंबई पुलिस के प्रमुख के अनुरोध का सम्मान कर रहा हूं।’
राज ठाकरे ने दावा किया कि वह जनवरी 2026 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी के करीबी संबंधों का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने यह मुद्दा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले भी उठाया था।
ठाकरे ने बताया कि सबीर भाटिया ने हाल ही में यह डॉक्यूमेंट्री बनाई है, लेकिन उन्होंने जनवरी 2026 में अपने आवास शिवतीर्थ पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी थी। उनके मुताबिक, इस प्रस्तुति में उन्होंने बताया था कि किस तरह अडानी समूह पूरे देश पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि उस प्रस्तुति को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी और उससे जुड़े वीडियो अब भी उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर उपलब्ध हैं। ठाकरे के अनुसार, उन वीडियो के कुछ हिस्सों को डॉक्यूमेंट्री में भी शामिल किया गया था।
इस बीच, डॉक्यूमेंट्री को सोशल मीडिया से हटाए जाने पर मनसे के कुछ नेता भी हैरान थे। इसकी वजह यह थी कि शनिवार को पार्टी की एक शाखा में इसकी स्क्रीनिंग भी की गई थी।
प्रणामी संप्रदाय के विद्वान पंडित श्याम बिहारी दुबे का 15 अक्टूबर को निधन हो गया था, मध्य प्रदेश के पन्ना में होगी प्रार्थना सभा
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार मेहराज दुबे के पिता एवं प्रणामी संप्रदाय के जाने-माने विद्वान पंडित श्याम बिहारी दुबे की तेरहवीं एवं पगड़ी रस्म 27 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के पन्ना में आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा और तेरहवीं भोज का भी आयोजन होगा।
परिवार की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, यह कार्यक्रम पन्ना स्थित श्री परमहंस जी की पुरानी शाला, धाम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा। शोकाकुल परिवार ने इस अवसर पर परिचितों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों से उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।
गौरतलब है कि पंडित श्याम बिहारी दुबे का 15 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया था। वह करीब 88 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी। वह दिल्ली में अपने बेटे एवं वरिष्ठ पत्रकार मेहराज दुबे के साथ रह रहे थे।
पंडित श्याम बिहारी दुबे प्रणामी संप्रदाय के जाने-माने विद्वान और धर्मोपदेशक थे। उन्होंने प्रणामी धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक कार्य किया और इस विषय पर कई पुस्तकें भी लिखीं। वर्ष 1970 के दशक में उन्होंने प्रणामी धर्म से जुड़े शास्त्रीय प्रमाणों को लेकर नेपाल में शास्त्रार्थ भी किया था। बनारस की ब्राह्मण सभा ने उन्हें ‘निजानंदाचार्य’ की उपाधि से सम्मानित किया था।
कार्यक्रम का विवरण
आफरीन के ने डेंट्सु इंडिया में हेड ऑफ वीडियो प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह वायरलिटी में क्रिएटिव प्रोड्यूसर थीं, जहां उन्होंने प्रोडक्शन टीम और वीडियो वर्कफ्लो का नेतृत्व किया।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आफरीन के (Afreen K) ने डेंट्सु इंडिया (Dentsu India) में हेड ऑफ वीडियो प्रोडक्शन के पद पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह वायरलिटी (Wirality) में क्रिएटिव प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रही थीं।
वायरलिटी में मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक काम करने के दौरान आफरीन ने इन-हाउस प्रोडक्शन टीम तैयार की और उसका नेतृत्व किया। इस टीम में वीडियोग्राफर, प्रोड्यूसर, एडिटर और मोशन ग्राफिक्स डिजाइनर शामिल थे।
उन्होंने प्रोडक्शन वर्कफ्लो को बेहतर बनाया और हर महीने 40 से ज्यादा यूजर जनरेटेड कंटेंट (UGC), परफॉर्मेंस और ब्रांडेड वीडियो तैयार करने की प्रक्रिया संभाली। इसके साथ ही कई ब्रांड अभियानों के लिए एंड-टू-एंड प्रोडक्शन की जिम्मेदारी भी निभाई।
उनके काम में मोबिक्विक (MobiKwik), फास्टट्रैक (Fastrack), सुपरटेल्स (Supertails) और एटोवियो (Atovio) जैसे ब्रांडों के लिए शूट और कंटेंट प्रोडक्शन शामिल रहा। उन्होंने ब्रांडेड कंटेंट तैयार करने के लिए रनवेएमएल (RunwayML), मिडजर्नी (Midjourney), क्लिंग (Kling) और वीओ 3 (Veo 3) जैसे एआई आधारित क्रिएटिव टूल्स को शामिल करने की योजना पर भी काम किया।
वायरलिटी से पहले आफरीन दिसंबर 2022 से जुलाई 2024 तक एएएफटी ऑनलाइन (AAFT Online) में एसोसिएट प्रोड्यूसर और टीम लीड के पद पर थीं। उन्होंने 10 सदस्यों वाली अलग-अलग विशेषज्ञताओं की टीम का नेतृत्व किया और ऑनलाइन कोर्स, प्रमोशनल वीडियो और सोशल मीडिया रील्स समेत 1,000 घंटे से ज्यादा मूल कंटेंट के प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली।
इस दौरान उन्होंने 17 शैक्षणिक कोर्स का एंड-टू-एंड प्रोडक्शन भी किया और एएएफटी के 2023 एडमिशन अभियान का नेतृत्व किया।
इससे पहले आफरीन मौलश्री स्टूडियोज (Maulsree Studios) में प्रोडक्शन रिसर्च और कोऑर्डिनेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। यहां उन्होंने जी के सुपरमून (Zee’s Supermoon) के इवेंट वर्टिकल के तहत बी प्राक (B Praak), इमरान खान (Imran Khan), रफ्तार (Raftaar) और अर्जुन कानूनगो (Arjun Kanungo) जैसे कलाकारों के शूट और लाइव परफॉर्मेंस के लिए समन्वय किया।
देविका शिवदासानी जियोस्टार के स्टार प्रवाह में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्रिएटिव एंड कंटेंट और हेड ऑफ प्रोग्रामिंग बनी हैं। इससे पहले वह पॉकेट एफएम में सीनियर क्रिएटिव डायरेक्टर थीं।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देविका शिवदासानी (Devika Shivdasani) जियोस्टार (JioStar) के स्टार प्रवाह (Star Pravah) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्रिएटिव एंड कंटेंट और हेड ऑफ प्रोग्रामिंग के पद पर शामिल हुई हैं। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर पोस्ट साझा कर अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी दी।
शिवदासानी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने जियोस्टार, स्टार प्रवाह में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट क्रिएटिव एंड कंटेंट और हेड ऑफ प्रोग्रामिंग के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।”
उन्होंने कहा कि वह अपने पेशेवर करियर की शुरुआत वाली जगह पर वापस लौटी हैं। स्टार टीवी नेटवर्क (StarTV Network) में उन्होंने करियर के शुरुआती दौर में काफी कुछ सीखा था और अब एक बार फिर वहां बहुत कुछ सीखने का मौका है।
शिवदासानी सितंबर में जियोस्टार से जुड़ी थीं। इससे पहले वह पॉकेट एफएम (Pocket FM) में सीनियर क्रिएटिव डायरेक्टर के पद पर काम कर रही थीं। वह करीब दो साल तक पॉकेट एफएम के साथ रहीं।
अपने करियर में शिवदासानी जी5 (Zee5) और सोनी (Sony) के साथ भी काम कर चुकी हैं।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने उनके कार्यालय के नाम पर चलाए जा रहे फर्जी WhatsApp चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने उनके कार्यालय के नाम पर चलाए जा रहे फर्जी WhatsApp चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इस चैनल का नाम ‘Deputy CMO, Andhra Pradesh’ है। उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ किया है कि यह उसका अधिकृत चैनल नहीं है और इसके जरिए भ्रामक जानकारी और असंबंधित सामग्री साझा की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस फर्जी चैनल के जरिए सरकारी कार्यालय की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यालय ने कहा कि किसी सरकारी पद या कार्यालय के नाम का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर जारी बयान में लोगों से अपील की है कि वे इस फर्जी WhatsApp चैनल पर भरोसा न करें, इसे फॉलो न करें और इससे मिलने वाली सामग्री को आगे साझा न करें।
कार्यालय ने लोगों से कहा है कि वे सही और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल उपमुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल और सत्यापित WhatsApp चैनल का ही इस्तेमाल करें। बयान में यह भी कहा गया है कि सरकारी कार्यालय की पहचान का गलत इस्तेमाल करने वालों को कानून के मुताबिक जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अमित शाह को जन्मदिन की बधाई दी
इस बीच, पवन कल्याण ने केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की बधाई भी दी। उन्होंने अमित शाह के अच्छे स्वास्थ्य, शक्ति और लंबी उम्र की कामना करते हुए कहा कि वे समर्पण के साथ देश की सेवा करते रहें। उन्होंने सुरक्षित, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में अमित शाह के योगदान की भी कामना की।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और एकता के लिए अमित शाह का समर्पण, नेतृत्व और लगातार किए जा रहे प्रयास सभी को प्रेरित करते हैं। नायडू ने उनके अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और देश की सेवा में लंबे समय तक योगदान देने की कामना की।
वहीं, आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने भी अमित शाह को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश को सुरक्षित रखने का उनका संकल्प और विकसित भारत के लिए उनके प्रयास लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं। लोकेश ने आंध्र प्रदेश के लोगों को लगातार सहयोग देने के लिए अमित शाह का आभार जताया और उनके अच्छे स्वास्थ्य व खुशहाली की कामना की।
मीडिया और बिजनेस जगत की जानी-मानी हस्ती डॉ. अनुराग बत्रा ने 21 अक्टूबर को सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, दुबई में मीडिया और बिजनेस के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया और बिजनेस जगत की जानी-मानी हस्ती डॉ. अनुराग बत्रा ने 21 अक्टूबर को सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, दुबई में मीडिया और बिजनेस के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस सत्र में उन्होंने उद्यमिता, करियर की तैयारी और अपने पेशेवर अनुभवों से जुड़ी बातें साझा कीं।
BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया के फाउंडर डॉ. बत्रा ने इस दौरान अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतरता और कड़ी मेहनत के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को अपने तीन सी के सिद्धांत—कंटेंट, कनेक्ट और कॉन्टेक्स्ट (Content, Connect and Context)—से भी परिचित कराया। उन्होंने बताया कि संवाद, पेशेवर संबंधों और ऑडियंस को समझने के लिहाज से ये तीनों बातें महत्वपूर्ण हैं।
डॉ. बत्रा के संबोधन के बाद एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसका संचालन मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग की प्रमुख डॉ. पूजा महेश ने किया। इस बातचीत में डॉ. बत्रा के उद्यमिता के सफर, उनके मीडिया उपक्रमों के विकास और बिजनेस जगत के दिग्गजों से बातचीत के दौरान मिले अनुभवों पर चर्चा हुई।
डॉ. बत्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अवसरों को पहचानना, कारोबारी विचारों में बदलाव के साथ खुद को ढालना और मजबूत पेशेवर संबंध बनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
सिम्बायोसिस दुबई की ओर से इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों की कक्षा में होने वाली पढ़ाई को पेशेवर दुनिया के अनुभवों से जोड़ना था। इससे विद्यार्थियों को अपने करियर के लक्ष्यों पर विचार करने और मीडिया एवं बिजनेस जगत के अनुभवों को समझने का अवसर मिला।
सुमित प्रियाणी ने हिताची डिजिटल और संयुक्त हिताची डिजिटल सर्विसेज तथा ग्लोबललॉजिक संगठन के सीआईओ की जिम्मेदारी संभाली है। उनके पास वैश्विक टेक्नोलॉजी नेतृत्व का 25 वर्षों से अधिक अनुभव है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सुमित प्रियाणी ने हिताची (Hitachi) में हिताची डिजिटल (Hitachi Digital) और संयुक्त हिताची डिजिटल सर्विसेज तथा ग्लोबललॉजिक (Hitachi Digital Services and GlobalLogic) संगठन के चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर यानी सीआईओ (CIO) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।
सुमित के पास वैश्विक स्तर पर नेतृत्व का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड मॉडर्नाइजेशन, डेटा और एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म, गवर्नेंस, कंप्लायंस, साइबर रेजिलिएंस और ग्लोबल टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस में विशेषज्ञता हासिल है।
उनके काम का मुख्य फोकस टेक्नोलॉजी निवेश को कारोबारी प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी सिस्टम को आधुनिक बनाना और कारोबार के लिए मापने योग्य परिणाम हासिल करना रहा है।
हिताची से जुड़ने से पहले सुमित अमेरिका में ईएक्सएल (EXL) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2026 तक यह जिम्मेदारी संभाली। वह कंपनी की ग्लोबल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य भी रहे।
सीआईओ बनने से पहले सुमित ने जून 2014 से अक्टूबर 2022 तक ईएक्सएल में वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल हेड ऑफ टेक्नोलॉजी की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले जुलाई 2012 से जून 2014 तक वह वाइस प्रेसिडेंट – टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज और आईटी सर्विस मैनेजमेंट के पद पर कार्यरत रहे।
सुमित इससे पहले कैपजेमिनी (Capgemini), जिसे पहले आईगेट पटनी (iGATE Patni) के नाम से जाना जाता था, में एक दशक से अधिक समय तक रहे। उन्होंने जुलाई 2002 से जुलाई 2012 तक यहां हेड ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में काम किया। इस भूमिका में उन्होंने कई देशों में ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस और सर्विस डिलीवरी का नेतृत्व किया।