Mukta Arts के ₹107.69 करोड़ के लेनदेन पर शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार

Mukta Arts Limited ने अपनी सहायक कंपनी Mukta A2 Cinemas Private Limited के साथ वित्त वर्ष 2026-27 में 107.69 करोड़ रुपये तक के संबंधित पक्ष के लेनदेन के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है।

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Friday, 16 October, 2026
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फिल्म निर्माता सुभाष घई की कंपनी Mukta Arts Limited ने अपनी सहायक कंपनी Mukta A2 Cinemas Private Limited के साथ वित्त वर्ष 2026-27 में 107.69 करोड़ रुपये तक के संबंधित पक्ष के लेनदेन के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। कंपनी ने इसके लिए डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) जारी किया है। शेयरधारक 19 अक्टूबर से 17 नवंबर, 2026 तक ऑनलाइन मतदान के जरिए अपनी राय दे सकेंगे।

कंपनी ने 15 अक्टूबर, 2026 को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी साधारण प्रस्ताव के जरिए ली जाएगी। Mukta Arts के मुताबिक, Mukta A2 Cinemas उसकी सहायक कंपनी है और उसमें उसकी 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

₹100.15 करोड़ का कर्ज शेयरों में बदलने का प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा हिस्सा Mukta Arts की ओर से Mukta A2 Cinemas को दिए गए बिना गारंटी वाले कर्ज और उस पर जमा ब्याज को शेयरों में बदलने से जुड़ा है। दोनों कंपनियों के बीच 23 सितंबर, 2026 को हुए समझौतों के तहत 100.15 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज को अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय वरीयता शेयरों (CCPS) में बदलने का प्रस्ताव है।

इसके तहत Mukta A2 Cinemas 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 1,00,15,440 CCPS जारी करेगी। प्रत्येक शेयर पर 90 रुपये का प्रीमियम होगा। इस तरह इन शेयरों का कुल मूल्य 100.15 करोड़ रुपये होगा।

कंपनी के अनुसार, इस व्यवस्था का मकसद Mukta A2 Cinemas के कारोबार को आगे बढ़ाना और उसकी नकदी की स्थिति में सुधार करना है। Mukta Arts का कहना है कि इससे सहायक कंपनी में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाने और भविष्य में उसके कारोबार की संभावनाओं का लाभ उठाने में मदद मिल सकती है।

कुल लेनदेन में ये मदें भी शामिल

Mukta Arts ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए Mukta A2 Cinemas के साथ कुल 107.69 करोड़ रुपये तक के लेनदेन की मंजूरी मांगी है। इसमें कर्ज को शेयरों में बदलने के अलावा तीन अन्य मदें शामिल हैं।

  • किराये और रखरखाव से होने वाली आय: 34 लाख रुपये
  • जमा राशि पर ब्याज से आय: 7 करोड़ रुपये
  • खर्चों की भरपाई या वसूली: 20 लाख रुपये
  • बकाया कर्ज और जमा ब्याज को CCPS में बदलना: 100.15 करोड़ रुपये

इन सभी मदों को मिलाकर प्रस्तावित लेनदेन की कुल सीमा 107,69,44,000 रुपये यानी करीब 107.69 करोड़ रुपये है।

कंपनी के दस्तावेज के मुताबिक, प्रस्तावित लेनदेन का मूल्य Mukta Arts के 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के समेकित कारोबार का 61.93 प्रतिशत है। इसी वजह से इसे महत्वपूर्ण संबंधित पक्ष का लेनदेन माना गया है और शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।

Mukta A2 Cinemas के वित्तीय आंकड़े

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में Mukta A2 Cinemas का कारोबार 85.81 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान कंपनी को 9.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। वहीं, उसका नेटवर्थ यानी कुल संपत्ति से देनदारियां घटाने के बाद बची रकम नकारात्मक 105.92 करोड़ रुपये थी।

Mukta Arts ने बताया कि संबंधित पक्ष के इन लेनदेन को ऑडिट समिति ने मंजूरी दी है। समिति ने माना है कि ये लेनदेन सामान्य कारोबारी गतिविधियों के तहत और बाजार की उचित शर्तों पर किए जा रहे हैं। कंपनी के बोर्ड ने भी शेयरधारकों के सामने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखने की सिफारिश की है।

19 अक्टूबर से शुरू होगा ऑनलाइन मतदान

Mukta Arts के शेयरधारक 19 अक्टूबर, 2026 को सुबह 9 बजे से 17 नवंबर, 2026 को शाम 5 बजे तक ऑनलाइन मतदान कर सकेंगे। इसके लिए कंपनी ने नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) की ई-वोटिंग सुविधा का इस्तेमाल किया है।

मतदान के लिए 12 अक्टूबर, 2026 को शेयरधारक सूची में शामिल लोगों को पात्र माना जाएगा। कंपनी ने बताया कि मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतों की जांच की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। यदि जरूरी बहुमत से प्रस्ताव मंजूर होता है, तो इसे 17 नवंबर, 2026 को पारित माना जाएगा।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित पक्षों को इस प्रस्ताव पर मतदान करने की अनुमति नहीं होगी। 

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Blive के सह-संस्थापक सूरज सिंह जी स्टूडियोज में संभालेंगे नई भूमिका

ब्लाइव प्रोडक्शंस एंड म्यूजिक के सह-संस्थापक सूरज सिंह जी स्टूडियोज से जुड़ने जा रहे हैं। उनके पास फिल्म और टेलीविजन प्रोडक्शन में दो दशक से अधिक का अनुभव है।

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Friday, 16 October, 2026
suraj

ब्लाइव प्रोडक्शंस एंड म्यूजिक (Blive Productions & Music) के सह-संस्थापक सूरज सिंह (Suraj Singh) जी स्टूडियोज (Zee Studios) से जुड़ने जा रहे हैं। उनके पास फिल्म और टेलीविजन प्रोडक्शन के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है।

सूरज सिंह का जी स्टूडियोज से जुड़ना कंपनी के वरिष्ठ स्तर पर हुए बदलावों के बीच हो रहा है। उमेश बंसल (Umesh Bansal) जी स्टूडियोज से अलग होकर बी4यू/आईवीवाई (B4U/IVY) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बन चुके हैं। वहीं, जून 2024 में जी स्टूडियोज में सभी वर्टिकल्स के लिए कंटेंट प्रमुख नियुक्त की गईं प्रगति देशमुख (Pragati Deshmukh) भी कंपनी छोड़ चुकी हैं और अब स्पेलबाउंड लैब्स (Spellbound Labs) में निर्माता हैं।

जी स्टूडियोज की हिंदी फिल्म टीम में रैदिता टंडन (Raedita Tandan) भी शामिल हैं। वह अप्रैल 2026 में सह-निर्माता-हिंदी फिल्म्स बनी थीं। इससे पहले सितंबर 2025 में उन्होंने क्रिएटिव प्रोड्यूसर के तौर पर कंपनी में शुरुआत की थी। टंडन इससे पहले जंगली पिक्चर्स (Junglee Pictures), लव फिल्म्स (Luv Films) और अबुंडंतिया एंटरटेनमेंट (Abundantia Entertainment) में काम कर चुकी हैं।

उनके अनुभव में क्रिएटिव डेवलपमेंट, फिल्मों और सीरीज का निर्माण, मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस शामिल हैं। प्रोडक्शन में आने से पहले वह फिल्मफेयर (Filmfare) जैसी मनोरंजन पत्रिकाओं में संपादकीय भूमिकाओं में भी काम कर चुकी हैं।

सूरज सिंह के करियर में क्रिएटिव डेवलपमेंट के साथ प्रोडक्शन मैनेजमेंट, बजट तैयार करना और नए कारोबारी अवसर हासिल करना शामिल रहा है। उन्होंने जनवरी 2017 में ब्लाइव प्रोडक्शंस एंड म्यूजिक की सह-स्थापना की। यहां उन्होंने स्क्रिप्टिंग, कास्टिंग, प्रोडक्शन प्लानिंग, वेंडर से बातचीत और शूटिंग व पोस्ट-प्रोडक्शन शेड्यूल के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली।

इससे पहले सूरज सिंह बालाजी टेलीफिल्म्स (Balaji Telefilms) में वरिष्ठ पदों पर रहे। उन्होंने यहां उपाध्यक्ष और टेलीविजन प्रोडक्शन एंड ऑपरेशंस के उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया। उनकी जिम्मेदारियों में प्रोडक्शन की निगरानी, प्रसारकों के साथ बजट और क्रिएटिव जरूरतों पर काम करना तथा नए प्रोग्रामिंग प्रोजेक्ट हासिल करना शामिल था।

बालाजी टेलीफिल्म्स में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘क्या सुपर कूल हैं हम’, ‘एक थी डायन’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘लुटेरा’, ‘रागिनी एमएमएस 2’ और ‘एक विलेन’ जैसी परियोजनाओं पर काम किया।

टेलीविजन के क्षेत्र में उन्होंने स्फीयर ओरिजिन्स मल्टीविजन (Sphere Origins Multivision) में क्रिएटिव प्रोड्यूसर के तौर पर भी काम किया। यहां उन्होंने कहानी, पटकथा, कास्टिंग और प्रसारकों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।

सूरज सिंह ने बालाजी के दुबई स्थित विदेशी प्रोजेक्ट फ्री जोन एंटरप्राइजेज (Free Zone Enterprises) का नेतृत्व भी किया। उन्होंने कंपनी का कार्यालय और संचालन स्थापित करने में भूमिका निभाई तथा बजट, कारोबार विकास और प्रोग्रामिंग अधिग्रहण का काम संभाला।

सूरज सिंह, भंसाली प्रोडक्शंस (Bhansali Productions) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहीं प्रेरणा सिंह (Prerna Singh) के भाई हैं। सूरज सिंह ने वर्ष 2001 में बालाजी टेलीफिल्म्स से अपने करियर की शुरुआत की थी। यहां उन्होंने प्रोडक्शन और क्रिएटिव से जुड़ी विभिन्न भूमिकाओं में काम करते हुए आगे चलकर व्यापक प्रबंधन जिम्मेदारियां संभालीं।

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विरोध प्रदर्शनों की कवरेज के लिए प्रेस काउंसिल ने जारी कीं नई गाइडलाइंस

पत्रकारों की सुरक्षा, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और पुलिस के साथ बेहतर तालमेल पर जोर, पहचान पत्र साथ रखने से लेकर आंसू गैस के बीच सुरक्षित निकलने तक के लिए दिए दिशा-निर्देश

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Friday, 16 October, 2026
Press Council Of India

भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) ने विरोध प्रदर्शनों और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य पत्रकारों को अपने काम को प्रभावी ढंग से करने में मदद देना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना, जिम्मेदार रिपोर्टिंग को बढ़ावा देना और पत्रकारों, मीडिया संगठनों तथा कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।

भारतीय प्रेस परिषद ने 14 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में ‘विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश’ अपनाए। परिषद ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। इसमें पत्रकारों को छह प्रमुख क्षेत्रों में सावधानी बरतने और पेशेवर आचरण बनाए रखने की सलाह दी गई है।

पहचान पत्र साथ रखना और पेशेवर व्यवहार जरूरी

दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पत्रकारों को अपने मीडिया संगठन या समाचार पत्र की ओर से जारी वैध पहचान पत्र और, जहां लागू हो, वैध पीआईबी (PIB) या डीआईपी (DIP) मान्यता पत्र साथ रखना चाहिए। प्रेस पहचान पत्र को हर समय स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली जगह पर रखना चाहिए।

यदि पहचान पत्र गले में डोरी यानी लैनयार्ड से पहना गया है, तो उसे इस तरह सुरक्षित रखना चाहिए कि भीड़ की आवाजाही या टकराव के दौरान उसके उलझने का खतरा कम हो। पुलिसकर्मियों की ओर से पूछे जाने पर पत्रकारों को शांतिपूर्वक अपनी पहचान बतानी चाहिए।

पत्रकारों को तटस्थ और पेशेवर बने रहना चाहिए। उन्हें प्रदर्शन में भाग नहीं लेना चाहिए, किसी पक्ष का समर्थन नहीं करना चाहिए, टकराव भड़काने से बचना चाहिए और प्रदर्शनकारियों, विरोधी प्रदर्शनकारियों या पुलिस के काम में बाधा नहीं डालनी चाहिए। तनावपूर्ण स्थिति में बहस करने से बचने, सम्मानजनक व्यवहार करने और पुलिस के वैध निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। खासतौर पर तत्काल सुरक्षा के लिए दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए जरूरत पड़ने पर अपनी पत्रकारिता संबंधी पहचान शांतिपूर्वक स्पष्ट करनी चाहिए।

भीड़ और टकराव से सुरक्षित दूरी बनाए रखें

प्रेस काउंसिल ने पत्रकारों को टकराव वाली जगहों से उचित और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। खासकर उस समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, जब तनाव बढ़ रहा हो या पुलिस कार्रवाई की आशंका हो। पत्रकारों को अपने कैमरे या रिकॉर्डिंग उपकरण पुलिस की बैरिकेडिंग, वाहनों या अन्य उपकरणों से इस तरह नहीं जोड़ने चाहिए कि आवाजाही में बाधा आए या संपत्ति को नुकसान पहुंचे।

भीड़ के बीच चलते समय सावधानी बरतनी चाहिए और छोटे कदमों से आगे बढ़ना चाहिए, ताकि गिरने या भीड़ के पैरों तले कुचले जाने का खतरा कम हो। पत्रकारों को प्रदर्शनकारियों, विरोधी प्रदर्शनकारियों, पुलिस और खतरे के अन्य संभावित स्रोतों के संबंध में अपनी स्थिति का लगातार आकलन करते रहना चाहिए।

आसपास की स्थिति पर नजर रखें, बाहर निकलने का रास्ता पहले से पहचानें

दिशा-निर्देशों में पत्रकारों को अपने आसपास की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है। उन्हें भीड़ के व्यवहार में बदलाव, पास आते लोगों, संभावित टकराव, भीड़ के शोर में बदलाव और उभरते खतरों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

पत्रकारों को पहले से सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता ध्यान में रखना चाहिए और हालात बदलने पर उसे अपडेट करना चाहिए। आसपास के निकास द्वार, खुली सड़कें, फुटपाथ और सुरक्षित स्थानों की पहचान पहले से कर लेनी चाहिए। यदि धुआं या आंसू गैस फैल जाए, तो पत्रकारों को दिखाई देने वाले स्थलों और सुरक्षित रास्तों की मदद से प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकलना चाहिए। इस दौरान उन्हें भीड़ के और भीतर जाने से बचना चाहिए।

इमरजेंसी किट में रखें ये जरूरी सामान

प्राथमिक उपचार की बुनियादी किट और जरूरी व्यक्तिगत दवाएं, पीने का पानी और प्रोटीन से भरपूर स्नैक्स, टॉर्च, कपड़ा या हाथ पोंछने के लिए छोटा तौलिया, आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा या गॉगल्स।

खतरे के आकलन के आधार पर पत्रकारों को उपयुक्त सुरक्षा हेलमेट और शरीर की सुरक्षा के लिए कवच पहनने पर भी विचार करना चाहिए। हालांकि, सुरक्षा उपकरणों की मौजूदगी पत्रकारों को अनावश्यक जोखिम लेने के लिए प्रोत्साहित नहीं करनी चाहिए।

पत्रकारों को प्राथमिक उपचार की बुनियादी जानकारी हासिल करनी चाहिए और काम पर जाने से पहले सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करने का अभ्यास करना चाहिए।

दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पत्रकार आंसू गैस के गोले, फ्लैश-बैंग उपकरण या धुआं पैदा करने वाले ग्रेनेड को कभी न छुएं, न उठाएं और न ही उन्हें हटाने की कोशिश करें। ये उपकरण गर्म हो सकते हैं, इनमें विस्फोट हो सकता है या इन पर खतरनाक अवशेष मौजूद हो सकते हैं।

न्यूजरूम के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें

प्रेस काउंसिल ने रिपोर्टिंग के दौरान न्यूजरूम के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया है। मीडिया संगठनों को एक ऐसे व्यक्ति को संपर्क अधिकारी के रूप में नामित करना चाहिए, जो पत्रकारों की लोकेशन पर नजर रख सके और आपातकालीन स्थिति में जरूरी कार्रवाई कर सके।

फ्रीलांस पत्रकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके किसी भरोसेमंद संपादक या संपर्क व्यक्ति को उनकी लोकेशन, असाइनमेंट की योजना और वापस लौटने के संभावित समय की जानकारी हो। पत्रकारों को अपने साथी पत्रकारों का भी ध्यान रखना चाहिए, खासकर तब जब वे अकेले काम कर रहे हों। जहां तक संभव हो, उन्हें अपने सहकर्मियों के साथ संपर्क बनाए रखना चाहिए।

पहले से तय प्रदर्शनों के मामले में मीडिया संगठनों को, जहां संभव हो, संबंधित पुलिस अधिकारियों, जन सूचना अधिकारियों या प्रेस संपर्क अधिकारियों के साथ समन्वय करना चाहिए। इससे संपर्क की प्रक्रिया स्पष्ट करने और मीडिया के लिए निर्धारित स्थानों की जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी।

खबरों की पुष्टि और निष्पक्षता पर विशेष जोर

प्रेस काउंसिल ने पत्रकारों को घटनाओं की सटीक, वस्तुनिष्ठ और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने की सलाह दी है। खबरों में सत्यापित तथ्यों, आरोपों, विचारों और अपुष्ट दावों के बीच स्पष्ट अंतर रखा जाना चाहिए। पत्रकारों को सटीकता और निष्पक्षता से संबंधित पत्रकारिता आचरण के लागू मानदंडों का पालन करना चाहिए।

जहां तक संभव हो, जानकारी की पुष्टि कई स्रोतों से की जानी चाहिए। किसी गवाह से जानकारी लेते समय यह भी समझना चाहिए कि उसे जानकारी कहां से मिली, वह घटना के कितने करीब था, उसे घटना कितनी स्पष्ट दिखाई दी और उसकी जानकारी कितनी भरोसेमंद है। गवाह के संभावित पूर्वाग्रहों का भी आकलन किया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों, कार्यक्रम के आयोजकों, पुलिस और सरकारी अधिकारियों के बयानों की समान रूप से पत्रकारिता के मानकों पर जांच की जानी चाहिए। दावों को संबंधित व्यक्ति या संस्था के नाम से स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना चाहिए और उनकी पुष्टि के लिए अन्य स्रोतों से जानकारी जुटानी चाहिए।

दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि पुलिस की वास्तविक समय की तैनाती, उसकी रणनीतिक गतिविधियों या सुरक्षित निकलने के रास्तों का प्रसारण या प्रकाशन करने से सुरक्षा अथवा अभियान की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है, तो ऐसी जानकारी प्रसारित या प्रकाशित नहीं करनी चाहिए।

पत्रकारों को लोगों की मंशा, इरादों या भावनाओं के बारे में अनुमान लगाने के बजाय वही बताना चाहिए, जो घटनास्थल पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

नाबालिगों और संकट में फंसे लोगों की पहचान उजागर करने में सावधानी

प्रेस काउंसिल ने नाबालिगों, असुरक्षित परिस्थितियों में मौजूद लोगों, घायलों और संकट में फंसे आम नागरिकों की तस्वीरें लेने या उनकी पहचान उजागर करने में विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

पत्रकारों को यह विचार करना चाहिए कि किसी व्यक्ति की तस्वीर या पहचान प्रकाशित करने से उसे बदले की कार्रवाई, उत्पीड़न या किसी अन्य तरह के नुकसान का सामना तो नहीं करना पड़ेगा और क्या इससे उसकी निजता के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है।

दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को उपकरणों, लाइव प्रसारण की प्रतिबद्धताओं या विशेष फुटेज हासिल करने के दबाव को अपनी सुरक्षा पर हावी नहीं होने देना चाहिए।

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शिवानी पाल ने Equirus में संभाली पीआर और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस की जिम्मेदारी

शिवानी पाल ने Equirus में Group PR और Strategic Communications की जिम्मेदारी संभाली है। वह कंपनी के कम्युनिकेशन नैरेटिव को मजबूत करने और Equirus की कहानी ऑडियंस तक पहुंचाने पर काम करेंगी।

Last Modified:
Friday, 16 October, 2026
shivani

शिवानी पाल (Shivani Pal) ने इक्विरस (Equirus) में ग्रुप के लिए पीआर और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस (PR and Strategic Communications) की जिम्मेदारी संभाल ली है। नई भूमिका में वह ग्रुप की पीआर और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस का नेतृत्व करेंगी।

उनका फोकस कंपनी के कम्युनिकेशन नैरेटिव को मजबूत करने और इक्विरस की कहानी को संबंधित ऑडियंस तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहेगा।

अपनी नियुक्ति की जानकारी साझा करते हुए शिवानी पाल ने कहा कि इक्विरस के साथ शुरुआत काफी उत्साहजनक रही है। उन्होंने बताया कि वह बिजनेस को समझने, ग्रुप की अलग-अलग टीमों के साथ काम करने और इक्विरस की कहानी को नए तरीकों से सामने लाने पर काम कर रही हैं।

इक्विरस से जुड़ने से पहले शिवानी पाल एम्बिट प्राइवेट लिमिटेड (Ambit Private Limited) में मैनेजर-ग्रुप ब्रांड एंड कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Manager-Group Brand & Corporate Communications) के पद पर कार्यरत थीं।

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वरिष्ठ पत्रकार मेहराज दुबे के पिता पंडित श्याम बिहारी दुबे का निधन

मेहराज दुबे ने बताया कि वह पार्थिव देह को मूल निवास मध्यप्रदेश स्थित पन्ना ले जा रहे हैं। अंतिम यात्रा शुक्रवार शाम 4:00 बजे अपने निवास धाम मोहल्ला पन्ना से मुक्तिधाम के लिए रवाना होगी।।

Last Modified:
Friday, 16 October, 2026
Shyam Bihari

वरिष्ठ पत्रकार मेहराज दुबे के पिता और प्रणामी संप्रदाय के जाने-माने विद्वान पंडित श्याम बिहारी दुबे जी का निधन हो गया है। वह दिल्ली में मेहराज दुबे के साथ निवास कर रहे थे। करीब 88 वर्षीय पंडित श्याम बिहारी दुबे जाने-माने धर्मोपदेशक थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। दिल्ली स्थित आर्युविज्ञान संस्थान (AIIMS) में उनका उपचार चल रहा था, जहां पर 15 अक्टूबर की शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।  

समाचार4मीडिया से बातचीत में मेहराज दुबे ने बताया कि वह पार्थिव देह को मूल निवास मध्यप्रदेश स्थित पन्ना ले जा रहे हैं। पंडित श्याम बिहारी दुबे की अंतिम यात्रा शुक्रवार शाम 4:00 बजे अपने निवास धाम मोहल्ला पन्ना से मुक्तिधाम के लिए रवाना होगी।।

श्याम बिहारी शर्मा ने प्रणामी संप्रदाय को पूरी दुनिया में आगे बढ़ाने के लिए काफी कार्य किया था। उन्होंने धर्म का प्रचार प्रसार तो किया ही कई पुस्तके भी लिखी हैं। उन्होंने 1970 दशक मे प्रणामी धर्म के साक्ष्य साबित करने के लिए नेपाल में शास्त्रार्थ किया। बनारस की ब्राह्मण सभा ने उन्हें निजानंदाचार्य की उपाधि से सम्मानित किया था।

पंडित श्याम बिहारी दुबे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पांच संताने हैं। पंडित श्याम बिहारी दुबे के निधन पर उनके परिचितों और पन्ना के लोगों ने दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

समाचार4मीडिया की ओर से पंडित श्याम बिहारी दुबे को भावभीनी श्रद्धांजलि। 

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Saregama India की बोर्ड बैठक 4 नवंबर को, इस मामले पर होगा फैसला

म्यूजिक व एंटरटेनमेंट कंपनी Saregama India Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजों पर विचार करने के लिए 4 नवंबर, 2026 को बोर्ड बैठक बुलाई है।

Last Modified:
Friday, 16 October, 2026
Saregama965

म्यूजिक व एंटरटेनमेंट कंपनी Saregama India Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजों पर विचार करने के लिए 4 नवंबर, 2026 को बोर्ड बैठक बुलाई है। कंपनी ने 15 अक्टूबर को शेयर बाजार को इसकी जानकारी दी।

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बुधवार, 4 नवंबर को होने वाली इस बैठक में 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और छह महीने की अवधि के लिए कंपनी के बिना ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा।  

ये वित्तीय नतीजे कंपनी के अलग-अलग (स्टैंडअलोन) और समूह के संयुक्त (कंसोलिडेटेड) आधार पर होंगे। कंपनी ने यह जानकारी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के लिस्टिंग नियमों के तहत शेयर बाजारों को दी है।

ट्रेडिंग विंडो रहेगी बंद

Saregama India ने यह भी बताया कि कंपनी के अंदरूनी कारोबार से जुड़े नियमों के तहत ट्रेडिंग विंडो पहले से बंद है। कंपनी ने 28 सितंबर, 2026 को शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी थी।

यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी के वित्तीय नतीजों की घोषणा के बाद 48 घंटे पूरे होने तक बंद रहेगी। इस दौरान कंपनी के तय अधिकारियों और कर्मचारियों (डेजिग्नेटेड पर्सन्स) के साथ उनके करीबी रिश्तेदारों पर भी यह पाबंदी लागू रहेगी। 

 

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आशीष बेहरा बने बजाज ऑटो के ब्रांड मैनेजर-ईबीयू

आशीष बेहरा बजाज ऑटो में ब्रांड मैनेजर-ईबीयू नियुक्त हुए हैं। इससे पहले वह बर्जर पेंट्स इंडिया में 11 साल से ज्यादा समय तक सीनियर ब्रांड मैनेजर की भूमिका में काम कर चुके हैं।

Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
bajajautro

आशीष बेहरा (Ashish Behera) बजाज ऑटो लिमिटेड (Bajaj Auto Ltd) से ब्रांड मैनेजर-ईबीयू (Brand Manager-EBU) के तौर पर जुड़े हैं।

बजाज ऑटो में शामिल होने से पहले बेहरा बर्जर पेंट्स इंडिया (Berger Paints India) के साथ 11 साल से ज्यादा समय तक काम कर चुके हैं। उनकी आखिरी जिम्मेदारी सीनियर ब्रांड मैनेजर (Senior Brand Manager) की थी।

अपने करियर की शुरुआत में आशीष बेहरा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) से जुड़े थे, जहां उन्होंने असिस्टेंट सिस्टम्स इंजीनियर (Assistant Systems Engineer) के रूप में काम किया।

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हवास क्रिएटिव इंडिया ने मोंटू सांघा को बनाया बेंगलुरु प्रमुख

हवास क्रिएटिव इंडिया ने मोंटू सांघा को बेंगलुरु प्रमुख नियुक्त किया है। वह दक्षिण भारत में एजेंसी संचालन, कारोबार विस्तार, क्लाइंट पार्टनरशिप, टैलेंट विकास और इंटीग्रेटेड क्रिएटिव पेशकश मजबूत करेंगी।

Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
montu

हवास क्रिएटिव इंडिया (Havas Creative India) ने मोंटू सांघा (Montu Sangha) को बेंगलुरु प्रमुख (Bengaluru Head) नियुक्त किया है। वह बेंगलुरु से काम करेंगी और दक्षिण भारत में क्रिएटिव एजेंसी के संचालन और विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगी।

मोंटू सांघा सीधे हवास क्रिएटिव इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ क्रिएटिव ऑफिसर अनुपमा रामास्वामी (Anupama Ramaswamy) को रिपोर्ट करेंगी। उनकी जिम्मेदारियों में क्षेत्रीय कारोबार बढ़ाना, क्लाइंट पार्टनरशिप (Client Partnerships) मजबूत करना, टैलेंट विकसित करना और दक्षिण भारत में हवास क्रिएटिव इंडिया की इंटीग्रेटेड क्रिएटिव पेशकश को मजबूत करना शामिल है।

नियुक्ति पर अनुपमा रामास्वामी ने कहा कि कारोबार के बदलते स्वरूप और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कंपनी ऐसी लीडरशिप टीम तैयार कर रही है, जो चुस्त, सशक्त और प्रभावी तरीके से काम कर सके। उन्होंने कहा कि मोंटू के पास रणनीतिक सोच, कारोबारी समझ, संचालन क्षमता और क्लाइंट लीडरशिप का बेहतर संयोजन है।

अनुपमा रामास्वामी के मुताबिक, कंसल्टिंग, विज्ञापन और ब्रांड निर्माण के क्षेत्र में मोंटू का अनुभव उन्हें बेंगलुरु के संचालन का नेतृत्व करने और कारोबार के अगले चरण की ग्रोथ को गति देने के लिए उपयुक्त बनाता है। उन्होंने हवास परिवार में मोंटू का स्वागत भी किया।

मोंटू सांघा ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि हवास ने क्रिएटिविटी, इंटीग्रेशन और मजबूत क्लाइंट पार्टनरशिप के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उनके मुताबिक, बेंगलुरु इनोवेशन और कारोबारी विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। वह टीम और क्लाइंट्स के साथ मिलकर प्रभावी समाधान तैयार करने, रिश्ते मजबूत करने और क्षेत्र में हवास क्रिएटिव इंडिया की अगली विकास यात्रा को आगे बढ़ाने पर काम करेंगी।

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Aero Nomad Airlines में अब यात्री अपने मोबाइल पर देख सकेंगे फिल्में

Aero Nomad Airlines ने यात्रियों के लिए वायरलेस इन-फ्लाइट मनोरंजन सेवा शुरू करने के लिए AeroHub और Aeroplay Entertainment के साथ साझेदारी की है।

Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
AeroHub845

Aero Nomad Airlines ने यात्रियों के लिए वायरलेस इन-फ्लाइट मनोरंजन सेवा शुरू करने के लिए AeroHub और Aeroplay Entertainment के साथ साझेदारी की है। इस सुविधा के तहत यात्री हवाई सफर के दौरान अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप पर फिल्में, टीवी कार्यक्रम और गेम का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने डिवाइस का इस्तेमाल करना होगा। विमान में मनोरंजन के लिए अलग से स्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं होगी।

अक्टूबर 2026 में शुरू की गई इस सुविधा के तहत AeroHub विमान में वायरलेस मनोरंजन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा, जबकि Aeroplay Entertainment यात्रियों के लिए मनोरंजन से जुड़ी कंटेंट उपलब्ध कराएगा। यात्री विमान में उपलब्ध वाई-फाई नेटवर्क के जरिए अपने निजी डिवाइस पर कंटेंट देख सकेंगे। इस सेवा तक पहुंचने के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था भी दी जाएगी।

इस प्लेटफॉर्म पर हॉलीवुड और दूसरे देशों की फिल्में, टीवी कार्यक्रम और गेम उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही यात्रियों को उनके गंतव्य से जुड़ी जानकारी और उनसे जुड़ाव बढ़ाने वाली दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी।

यात्रियों को अपने डिवाइस पर मिलेगा मनोरंजन

इस सेवा की खास बात यह है कि यात्रियों को मनोरंजन के लिए विमान की सीट के पीछे लगी स्क्रीन पर निर्भर नहीं रहना होगा। वे अपने मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप पर अपनी पसंद की कंटेंट देख सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, यह व्यवस्था कम हार्डवेयर के साथ तैयार की गई है, जिससे इसे लागू करना और जरूरत के अनुसार बढ़ाना आसान होगा।

AeroHub के उपाध्यक्ष समीर सिरदेशमुख ने कहा कि Aero Nomad Airlines के साथ साझेदारी करके उन्हें खुशी है। एयरलाइन अब विमान में मनोरंजन की ऐसी व्यवस्था अपना रही है, जिसे जरूरत के अनुसार आसानी से बदला और बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और तेजी से बढ़ रही एयरलाइंस के लिए वायरलेस इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का अवसर है। इसके जरिए पारंपरिक मनोरंजन प्रणालियों में इस्तेमाल होने वाले भारी उपकरणों, उनके रखरखाव और उनसे जुड़ी दूसरी जरूरतों से बचा जा सकता है।

समीर सिरदेशमुख के मुताबिक, AeroHub का प्लेटफॉर्म एयरलाइंस को अपने नेटवर्क के विस्तार और यात्रियों की बदलती अपेक्षाओं के हिसाब से मनोरंजन की सुविधाएं बढ़ाने की आजादी देता है।

यात्रियों की पसंद के अनुसार बदलेगा कंटेंट

Aeroplay Entertainment के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुबीर अरोड़ा ने कहा कि विमान में मनोरंजन का भविष्य ऐसी सुविधाओं पर निर्भर करेगा, जिन्हें आसानी से बदला जा सके और जो यात्रियों की पसंद के मुताबिक हों। सामग्री को समय-समय पर अपडेट करना भी जरूरी होगा।

उन्होंने कहा कि Aero Nomad Airlines और AeroHub के साथ यह साझेदारी इन जरूरतों को एक साथ पूरा करने की दिशा में कदम है। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों के यात्रियों की पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। मनोरंजन सामग्री की सूची को भी लगातार नया किया जाएगा।

सुबीर अरोड़ा के अनुसार, इससे एयरलाइंस यात्रियों को बेहतर मनोरंजन सुविधा दे सकेंगी और उनकी बदलती पसंद के हिसाब से अपनी सेवाओं में बदलाव कर सकेंगी।

विमानन क्षेत्र में बढ़ रहा है वायरलेस मनोरंजन का चलन

कंपनी के मुताबिक, यह पहल विमानन क्षेत्र में हो रहे उस बदलाव का हिस्सा है, जिसमें खासकर क्षेत्रीय और उभरती हुई एयरलाइंस वायरलेस मनोरंजन प्रणालियों की ओर बढ़ रही हैं। एयरलाइंस यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के साथ-साथ परिचालन खर्च और तकनीकी जरूरतों को भी नियंत्रित रखना चाहती हैं।

पारंपरिक इन-फ्लाइट मनोरंजन प्रणालियों में सीटों के पीछे स्क्रीन और उनसे जुड़े उपकरणों की जरूरत होती है। इसके उलट, वायरलेस व्यवस्था में यात्री अपने निजी डिवाइस पर सामग्री देख सकते हैं। इससे विमान में भारी उपकरणों पर निर्भरता और उनके रखरखाव की जरूरत कम हो सकती है।

ऐसी प्रणालियां एयरलाइंस को नई मनोरंजन सुविधा शुरू करने या मौजूदा सुविधा का विस्तार करने में लचीलापन देती हैं। साथ ही, विमान के वजन, सेवा लागू करने में लगने वाले समय और लंबे समय में आने वाली लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।

क्या है AeroHub?

AeroHub विमान में मनोरंजन के लिए नई पीढ़ी की पोर्टेबल वायरलेस सेवाएं उपलब्ध कराता है। कंपनी पारंपरिक सीट के पीछे लगी स्क्रीन वाली व्यवस्था के विकल्प के तौर पर ऐसी तकनीक देती है, जिसे कम लागत में लागू किया जा सकता है।

कंपनी के मुताबिक, इसका उपकरण बैटरी से चलता है और इसे लगाने के लिए विमान में बदलाव करने की जरूरत नहीं होती। इस प्लेटफॉर्म के जरिए यात्री अपने निजी डिवाइस पर वीडियो, ऑडियो, गेम और डिजिटल पत्रिकाएं देख सकते हैं। इसमें विमान की स्थिति दिखाने और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के साथ तालमेल जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

 क्या करती है Aeroplay Entertainment?

Aeroplay Entertainment विमान में मनोरंजन और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने से जुड़ी सेवाएं देती है। कंपनी का जोर केवल मनोरंजन सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों के लिए जुड़ी हुई और उनकी पसंद के अनुसार तैयार की गई सुविधाएं विकसित करने पर भी है।

कंपनी सीट के पीछे लगी स्क्रीन और वाई-फाई आधारित प्लेटफॉर्म, दोनों के जरिए दुनिया भर की मनोरंजन सामग्री उपलब्ध कराती है।

 यह जानकारी Maxposure Limited ने 14 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में साझा की। कंपनी की ओर से यह सूचना कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी प्रिया केसरी ने जारी की। 

 

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OpenAI के एम्प्लॉयी पर गोपनीय बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए डिवाइस लगाने का आरोप

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI के एक कर्मचारी पर कंपनी के कार्यालय में रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपाकर लगाने का आरोप लगा है।

Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
OpenAI854

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI के एक एम्प्लॉयी पर कंपनी के कार्यालय में रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपाकर लगाने का आरोप लगा है। अधिकारियों के मुताबिक, इसका मकसद कंपनी की तकनीक से जुड़ी गोपनीय बातचीत को रिकॉर्ड करना हो सकता था। इस मामले में 35 वर्षीय सऊदी नागरिक अब्दुलरहमान अलफोजान को गिरफ्तार किया गया है।

अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में दाखिल आपराधिक शिकायत के अनुसार, OpenAI को 30 सितंबर को अपने एक कॉन्फ्रेंस रूम में छिपा हुआ रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला था। इसके बाद कंपनी ने मामले की जानकारी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) को दी और संबंधित एम्प्लॉयी को नौकरी से हटा दिया।

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उसे अपने एक कार्यालय में बेहद जटिल तरीके से छिपाया गया रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला था। कंपनी ने अपने AI मॉडल की मदद से डिवाइस और उसके स्रोत को समझने की कोशिश की। इसके बाद पता चला कि एक खास एम्प्लॉयी ने इसे कुछ दिन पहले वहां लगाया था। OpenAI ने कहा कि उसने मामले को FBI के हवाले कर दिया और गिरफ्तारी के लिए जांच एजेंसी तथा अभियोजकों का आभार जताया। कंपनी ने यह भी कहा कि वह जांच में सहयोग करती रहेगी।

टीवी के पीछे USB पोर्ट में छिपाया गया था डिवाइस

अदालत में दाखिल शिकायत के मुताबिक, रिकॉर्डिंग डिवाइस को टॉयलेट पेपर में छिपाकर कॉन्फ्रेंस रूम में लगे टीवी के पीछे USB पोर्ट में लगाया गया था। जब यह डिवाइस लगाया गया था, उस समय कमरे में कैमरा नहीं था। हालांकि, कंपनी के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में अलफोजान को पिछले महीने करीब छह बार कॉन्फ्रेंस रूम के आसपास देखा गया। शिकायत के अनुसार, उसे उस जगह तक पहुंचने की अनुमति नहीं थी।

इसके बाद कंपनी ने उस कमरे में कैमरा लगाया। FBI के मुताबिक, पिछले सप्ताह कैमरे में अलफोजान को कमरे में प्रवेश करते और टीवी के पीछे उस जगह को जांचते हुए देखा गया, जहां रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया गया था।

कंपनी के डेटा तक गलत तरीके से पहुंचने का सबूत नहीं

OpenAI ने कहा कि फिलहाल उसके पास ऐसा कोई संकेत नहीं है कि संबंधित एम्प्लॉयी ने कंपनी के AI मॉडल के मूल डेटा (मॉडल वेट्स), सोर्स कोड या ग्राहकों के डेटा तक अनुचित तरीके से पहुंच बनाई या उन्हें बाहर भेजा हो। कंपनी ने स्पष्ट किया कि एम्प्लॉयी को नौकरी से हटा दिया गया है।

हालांकि, अदालत में दाखिल शिकायत में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अलफोजान रिकॉर्ड की गई बातचीत का इस्तेमाल किस उद्देश्य से करना चाहता था।

शिकायत के अनुसार, अलफोजान ने कंपनी की इमारतों के पते, बैठक कक्षों, उनकी क्षमता और कैलेंडर से जुड़ी कई जानकारियां हासिल करने के लिए एक उत्पादकता टूल का भी इस्तेमाल किया था। गिरफ्तारी से पहले उसने इमारत के एक दूसरे कमरे में एक बैग भी छोड़ दिया था। उस बैग में उसका बटुआ, पहचान से जुड़े दस्तावेज और एक अन्य रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला।

अलफोजान ने मंगलवार को पहली बार अदालत में पेशी दी। उस पर मौखिक बातचीत को रिकॉर्ड या बीच में पकड़ने के लिए इलेक्ट्रॉनिक, यांत्रिक या किसी अन्य डिवाइस का इस्तेमाल करने या ऐसा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि अदालत में उसकी ओर से पैरवी करने के लिए कोई वकील उपलब्ध था या नहीं। FBI की जांच जारी है।

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आर.एस. श्रीनिवास जैन को मिली एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में बड़ी जिम्मेदारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने आर.एस. श्रीनिवास जैन को संयुक्त सीईओ नियुक्त किया है। 13 अक्टूबर से प्रभावी नियुक्ति के साथ उन्हें प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारी की जिम्मेदारी भी मिली है।

Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2026
sbi

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड (SBIFML) ने आर.एस. श्रीनिवास जैन (R.S. Srinivasa Jain) को संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Joint CEO) और प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारी (Key Managerial Personnel) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 13 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है।

नियामकीय जानकारी के अनुसार, कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 13 अक्टूबर को हुई बैठक में नियुक्ति को मंजूरी दी। यह फैसला नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) की सिफारिश के बाद लिया गया।

इससे पहले श्रीनिवास जैन एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में कार्यकारी अध्यक्ष (Executive President) के पद पर थे। इस भूमिका के साथ वह रणनीति, डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग और निवेशक संबंध (Investor Relations) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

उन्होंने 7 मई 2001 को कंपनी के साथ अपना सफर शुरू किया था। लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने रणनीति, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल, मार्केटिंग, निवेशक संबंध, उत्पाद, अंतरराष्ट्रीय कारोबार और बिक्री समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है।

श्रीनिवास जैन को बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI) क्षेत्र में 34 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसमें करीब 27 साल का अनुभव म्यूचुअल फंड उद्योग का है। संयुक्त सीईओ के रूप में नई जिम्मेदारी के साथ कंपनी के नेतृत्व में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

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