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मीडिया को तकनीक के अलावा कंटेंट के बारे में भी सोचना होगा: प्रो. के जी सुरेश
‘बदलते परिदृश्य में मीडिया: चुनौतियां और संभावनाएं’ विषय पर आयोजित ‘मीडिया संवाद 2023’ को बतौर प्रमुख वक्ता संबोधित कर रहे थे ‘माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी' के कुलपति ’प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
‘माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय’ (MCU) के कुलपति प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश का कहना है कि मीडिया को तकनीक के अलावा कंटेंट के बारे में भी सोचना होगा। उनका कहना है कि आजकल टेक्नोलॉजी पर फोकस किया जा रहा है, लेकिन यह भी देखना होगा कि कंटेंट कहां है? आजकल कंटेंट, क्रिएटिविटी, समाज और संवेदनशीलता की बात नहीं की जा रही है। जर्नलिज्म तो कंटेंट है, रही बात टेक्नोलॉजी की तो वह सिर्फ डिलीवरी का माध्यम है।
प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश ‘बदलते परिदृश्य में मीडिया: चुनौतियां और संभावनाएं’ विषय पर समाचार4मीडिया की ओर से आयोजित ‘मीडिया संवाद 2023’ को बतौर प्रमुख वक्ता संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश का कहना था कि अधिकांश लोग सुने बगैर बोलते हैं और पढ़े बगैर लिखते हैं, यह सबसे बड़ा संकट है। मैं भी मीडियाकर्मी रहा हूं और अपने आप को आज भी मीडियाकर्मी समझता हूं। लेकिन पहले ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ में महानिदेशक और अब ‘माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय’ में कुलपति के तौर पर जुड़ा हुआ हूं। इसलिए मैं एक मीडियाकर्मी के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि मीडिया शिक्षक के दृष्टिकोण से जो अगली पीढ़ी का मीडियाकर्मी तैयार कर रहा है, अपनी बात रखना चाहूंगा।
प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश के अनुसार, ‘कोई भी व्यक्ति जो आपको यूट्यूब में कुछ भी परोस रहा है, वह पत्रकार नहीं होता है। आजकल जो सिटीजन जर्नलिज्म का कॉन्सैप्ट आया है, उसे मैं बहुत बड़ी चुनौती मानता हूं। हमने कभी सिटीजन डॉक्टर नहीं सुना, कभी सिटीजन इंजीनियर नहीं सुना, सिटीजन सीए नहीं सुना तो फिर सिटीजन जर्नलिज्म शब्द कहां से आ गया। जो सामने दिख रहा है, वही दिखाना जर्नलिज्म नहीं होता है, जर्नलिज्म में बहुत कुछ सीखना होता है। यदि ऐसा नहीं होता तो तमाम पत्रकारिता कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद हो जाते।’
इसके साथ ही प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश का यह भी कहना था, ‘जर्नलिज्म और कम्युनिकेशन में फर्क होता है। हम नागरिक संचारक बन सकते हैं, लेकिन नागरिक पत्रकार नहीं बन सकते।’ इसके अलावा भी प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश ने मीडिया को लेकर तमाम चुनौतियों और संभावनाओं पर अपनी बात रखी।
बता दें कि एक्सचेंज4मीडिया (।exchange4media) समूह की हिंदी वेबसाइट 'समाचार4मीडिया' (samachar4media.com) द्वारा तैयार की गई 'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40’ (40 Under 40)' की लिस्ट से एक सितंबर 2023 को पर्दा उठ गया। राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह के मुख्य आतिथ्य में दिल्ली स्थित ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ (IIC) के सेमिनार हॉल- 1, 2 और 3 में आयोजित एक कार्यक्रम में इस लिस्ट में शामिल प्रतिभाशाली पत्रकारों के नामों की घोषणा की गई और उन्हें सम्मानित किया गया। इससे पहले सुबह नौ बजे से ‘मीडिया संवाद 2023’ का आयोजन किया गया, जिसके तहत विभिन्न पैनल चर्चा और वक्ताओं का संबोधन शामिल था।
यह इस कार्यक्रम का दूसरा एडिशन था। अपने दूसरे साल में ही हमें प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल से जुड़े युवा पत्रकारों की ओर से तमाम एंट्रीज प्राप्त हुई थीं। विभिन्न मापदंडों के आधार पर इनमें से करीब 94 पत्रकारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। इसके बाद 20 मई 2023 को हुई वर्चुअल ‘जूरी मीट’ में हमारे प्रतिष्ठित जूरी सदस्यों ने तमाम स्तरों पर मूल्यांकन के बाद समाचार4मीडिया ‘पत्रकारिता 40 अंडर 40’ सूची के लिए इनमें से 40 पत्रकारों का चयन किया था, जिनके नामों की घोषणा एक सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में की गई।
पिछले एडिशन की तरह इस बार भी जूरी की अध्यक्षता ‘हिन्दुस्तान’ के एडिटर-इन-चीफ शशि शेखर ने की थी। इसके साथ ही जूरी में बतौर सदस्य ‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, ‘बीएजी फिल्म्स एंड मीडिया लिमिटेड’ की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराधा प्रसाद, ‘टाइम्स नेटवर्क’ की ग्रुप एडिटर व ‘टाइम्स नाउ नवभारत‘ की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार, ‘एबीपी न्यूज’ के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (न्यूज और प्रॉडक्शन) संत प्रसाद राय, ‘जी न्यूज’ में एडिटर रजनीश आहूजा, ‘आजतक’, ‘गुड न्यूज टुडे’ और ‘इंडिया टुडे’ चैनल के न्यूज डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद, ‘न्यूज18 इंडिया’ के मैनेजिंग एडिटर किशोर अजवाणी, 'प्रभात खबर' के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी, 'माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय' भोपाल के कुलपति प्रो. केजी सुरेश, ‘दूरदर्शन’ के हेड ऑफ कंटेंट ऑपरेशंस राहुल महाजन, ‘आजतक’ में सलाहकार संपादक सुधीर चौधरी और ‘एनडीटीवी इंडिया’ के कंसल्टिंग एडिटर सुमित अवस्थी शामिल रहे। वहीं, नेटवर्क18 के कन्वर्जेंस के ग्रुप एडिटर ब्रजेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय और एनडीटीवी के एग्जिक्यूटिव एडिटर अखिलेश शर्मा ने भी जूरी सदस्यों की भूमिका निभाई।
पिछली बार की तरह इस लिस्ट में मीडिया जगत से जुड़े 40 साल से कम उम्र वाले ऐसे पत्रकारों को शामिल किया गया, जिन्होंने अपने काम के जरिये इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई है और शिखर पर पहुंचे हैं। इसमें प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों को शामिल किया गया है।
प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश का पूरा वक्तव्य आप नीचे दिए वीडियो में देख सकते हैं:
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