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प्रशासन के इस कदम से नाराज हुए पत्रकार, जमीन पर लेटकर किया प्रदर्शन
पत्रकारों को अपना काम करने के दौरान तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
पत्रकारों को अपना काम करने के दौरान तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ड्यूटी निभाने के दौरान कई बार उनके साथ मारपीट की जाती है तो कई बार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का आया है। बताया जाता है कि यहां के जिला अस्पताल में एक बच्ची द्वारा लगाए जा रहे पोछे का वीडियो रिकॉर्ड कर खबर को वायरल करने पर पत्रकार अमिताभ रावत के खिलाफ प्रशासन ने विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। उन पर बच्ची को उकसाकर पोछा लगवाते हुए वीडियो बनाने का आरोप है।
प्रशासन की इस कार्रवाई का जिले भर के पत्रकार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस क्रम में जिले के तमाम पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया और अमिताभ रावत के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। यही नहीं, इस दौरान प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में पत्रकारों ने लेटकर प्रदर्शन भी किया। पत्रकारों ने अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार पटेल के द्वारा राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में अमिताभ रावत का कहना है, ’25 जुलाई को जिला अस्पताल में एक बच्ची पोछा लगाते दिखी थी तो मैंने उसका वीडियो बना लिया था और इस पर खबर लिखी, जिसके बाद मुझ पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।’
पत्रकार निशि कांत त्रिवेदी ने पत्रकारों के इस विरोध प्रदर्शन को अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।
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