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देहरादून में हुआ 'जागरण संवादी' का आयोजन, हिंदी और उत्तराखंड के विकास पर रहा फोकस
दो दिवसीय यह आयोजन एक वैचारिक उत्सव की तरह सामने आया, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, भाषा, संस्कृति, पर्यावरण और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर विविध दृष्टिकोणों से चर्चा की गई।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
देहरादून में 28-29 जून को ‘जागरण संवादी 2025’ का आयोजन किया गया। ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के तहत मसूरी रोड स्थित फेयरफील्ड बाय मैरियट होटल में इस कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी और प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने दैनिक जागरण के संस्थापक स्व. पूर्णचंद गुप्त, पूर्व प्रधान संपादक स्व. नरेंद्र मोहन व मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया।
दो दिवसीय यह आयोजन एक वैचारिक उत्सव की तरह सामने आया, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, भाषा, संस्कृति, पर्यावरण और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर विविध दृष्टिकोणों से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में हिंदी और उत्तराखंड के विकास पर फोकस रहा।
मुख्यमंत्री धामी ने ‘जागरण संवादी’ को दैनिक जागरण की एक अभिनव और सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच समाज और राष्ट्र की दिशा तय करने में सहायक बनते हैं। उन्होंने ‘एक संहिता नारी के लिए’ नामक पुस्तक के कवर का विमोचन किया, जो समान नागरिक संहिता विषय पर केंद्रित है। साथ ही जागरण की नई ‘कॉफी टेबल बुक’ का भी अनावरण किया गया।
कार्यक्रम के पहले दिन छह अहम सत्रों में संवाद हुआ। रचनात्मकता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर प्रह्लाद कक्कड़ और प्रसून जोशी ने विचार रखे, ‘जाति गणना और राजनीति’ विषय पर विमर्श को आगे बढ़ाते हुए भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान और कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने दैनिक जागरण के राज्य संपादक मनोज कुमार झा के साथ हर पक्ष पर विस्तार से चर्चा की। एवरेस्ट विजेता मेघा परमार, पार्श्वगायिका हेमलता, और गीतकार समीर जैसे नामों ने अपने जीवन और अनुभवों की कहानियों से लोगों को प्रेरित किया।
पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने उत्तराखंड में GEP (ग्रॉस इकोलॉजिकल प्रोडक्ट) लागू करने को राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की मिट्टी, पानी और हवा को लेकर सरकार की गंभीर सोच आने वाले समय में उदाहरण बनेगी।
कार्यक्रम में दैनिक जागरण के एसोसिएट एडिटर अनंत विजय ने जागरण संवादी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और हिंदी हैं हम अभियान के तहत जागरण के विभिन्न आयोजनों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह मंच हिंदी, विचार और संवाद की साझा ताकत को सामने लाने का काम करता है। कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों, रचनात्मक हस्तियों और आम नागरिकों की सहभागिता इसे एक समृद्ध अनुभव बनाती है।
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