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आईआईएमसी प्रोफेसर डॉ. सौमित्र को हाईकोर्ट से राहत : एससी-एसटी केस खारिज
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने आईआईएमसी प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार सौमित्र के खिलाफ दर्ज एससी-एसटी कानून का मामला खारिज किया। अदालत ने कहा, यह प्रशासनिक विवाद था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 hours ago
भारतीय जन संचार संस्थान के प्रोफेसर और पूर्व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल कुमार सौमित्र को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कानून के तहत दर्ज आपराधिक मामले को खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति प्रवीण एस पाटील ने अपने आदेश में कहा कि यह कानून कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, लेकिन हर प्रशासनिक या कार्यालयी विवाद में इसका उपयोग नहीं किया जा सकता। जब तक यह स्पष्ट न हो कि किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर जानबूझकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया है, तब तक इसे अपराध नहीं माना जा सकता।
मामला आईआईएमसी के अमरावती क्षेत्रीय केंद्र से जुड़ा है, जहां डॉ. सौमित्र क्षेत्रीय निदेशक के पद पर कार्यरत थे। शिकायतकर्ता संविदा पर सहायक व्याख्याता था। उसने आरोप लगाया था कि उसे जाति के आधार पर अपमानित और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
इन आरोपों के आधार पर फरवरी 2022 में प्राथमिकी दर्ज हुई और बाद में आरोपपत्र भी दाखिल किया गया। हाईकोर्ट में डॉ. सौमित्र ने कहा कि शिकायतकर्ता काम में लापरवाही बरत रहा था और उसे सुधार के अवसर दिए गए थे। अदालत ने गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए पाया कि जाति के आधार पर अपमान का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। इसके बाद अदालत ने प्राथमिकी, आरोपपत्र और निचली अदालत में चल रही पूरी कार्यवाही रद्द कर दी।
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