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'मदर्स डे' पर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश, बांटे हेलमेट
रोड सेफ्टी को लेकर हीरो मोटो कॉर्प और न्यूजनशा ने आयोजित किया ‘सेफ राइड विद मॉम’ कार्यक्रम
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
देश में तेजी से बढ़ रहे दुर्घटनाओं के मामलों में कमी लाने के लिए लोगों को जागरूक करने के तहत हीरो मोटो कॉर्प और न्यूज नशा की तरफ से 12 मई को ‘सेफ राइट विद मॉम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ली मेरिडियन, नई दिल्ली में 12 मई की सुबह 11:00 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में हीरो मोटो कॉर्प ने 40 माताओं और 40 बच्चों को हेलमेट बांटे। इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस की डीसीपी तनु शर्मा भी मौजूद रहीं, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से जनता को बचाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे दिल्ली पुलिस इस पर काम कर रही है और महिलाएं सड़क सुरक्षा के बारे में किस तरह से अधिक जागरूकता फैला सकती हैं।
हीरो मोटो कॉर्प के सीओओ ने हेलमेट के महत्व पर चर्चा की। भारत सरकार के लिए काम कर चुके रमेश शर्मा ने भी सड़क सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एक मां अपने बच्चे को जीवन बचाना कैसे सिखा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व हीरो मोटो कॉर्प कॉम के प्रमुख द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में बात की। सड़क सुरक्षा के पैनल का मॉडरेशन प्रियंका तंवर ने किया। न्यूज नशा की संस्थापक विनीता यादव ने भी एक्सीडेंट के डेटा पर चर्चा, जो भारत में तेजी से बढ़ रहा है।
हीरो मोटो कॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिस्टर माईक क्लार्क ने इस कार्यक्रम के प्रति अपना उत्साह जताते हुए कहा, ‘हम न्यूज नशा के साथ सहयोग करके सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है, खासकर मां और उनके बच्चों के लिए, जब वे सड़कों पर सफर करते हैं।’
आपको बता दें कि रोजाना सड़क दुर्घटनाओं में देश में कई लोगों की मौत हो जाती है। अगर इनके आंकड़ों की बात की जाए तो भारत में ही हर साल लगभग 80 हजार लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं, जो पूरी दुनिया में होने वाली कुल मौतों का 13 प्रतिशत है। दुनिया भर में 13 लाख लोगों की एक साल में सड़क दुर्घटनाओं में जान जाती है।
सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के 2022 के रोड एक्सीडेंट डाटा के अनुसार भारत में रोज 1263 सड़क दुर्घटनाओं में 462 मौतें होती हैं यानी हर घंटे भारत में 53 सड़क दुर्घटनाओं में 19 लोगों की मौत होती है। एक अनुमान के मुताबिक 2024 तक ये आंकड़ा और बढ़ गया है यानी करीब 50 मौतें रोज और ज्यादा होती है।
अगर इन दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के उम्र की बात की जाए तो 15 साल से 65 साल की उम्र रहती है। वहीं भारत में सड़क दुर्घटनाओं में मौत का सबसे बड़ा कारण ओवर स्पीडिंग यानी सीमा से अधिक तेज गति से वाहन चलाना है, 2022 में 71.2 प्रतिशत मौतों की वजह ओवरस्पीडिंग ही थी।
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