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चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल के 5वें एडिशन ने दी दस्तक, लॉन्च हुआ पोस्टर
हरियाणा के पंचकुला में अगले साल 23 से 25 फरवरी के बीच होगा आयोजन, प्रतिभागी एक सितंबर से 30 नवंबर, 2023 तक अपनी प्रविष्टियां भेज सकते हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
‘भारतीय चित्र साधना’ ने वर्ष 2024 में होने वाले ‘चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल’ (CBFF) के 5वें संस्करण की तारीखों व स्थान की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के अनुसार, इस बार यह कार्यक्रम 23 से 25 फरवरी, 2024 तक हरियाणा के पंचकुला में आयोजित किया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाले इस फिल्म फेस्टिवल में देश के सिनेमा जगत के तमाम दिग्गज शामिल होंगे।
‘भारतीय चित्र साधना’ की ओर से दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हॉल में गुरुवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी गई। इस मौके पर 5वें चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल का पोस्टर भी लॉन्च किया गया।
इस दौरान सिने जगत के जाने-माने निर्देशक व अभिनेता सतीश कौशिक, भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध गायक, अभिनेता व सांसद मनोज तिवारी, भारतीय चित्र साधना के अध्यक्ष ब्रजकिशोर कुठियाला और सचिव अतुल गंगवार भी उपस्थित रहे।
पोस्टर लॉन्च के दौरान भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप और न्यू कमर्स की चुनौतियों के बारे में सतीश कौशिक का कहना था, ‘मैंने देश-विदेश में बहुत फिल्म फेस्टिवल अटेंड किए हैं, लेकिन भारतीय चित्र साधना एकदम अलग है। यह सिर्फ फेस्टिवल का मंच नहीं बल्कि एक मकसद के साथ चल रहा है। यह एक साधना के साथ फिल्म जगत के नव निर्माण के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है।’ सतीश कौशिक का यह भी कहना था, ’सिनेमा का पटल सिर्फ पैसा कमाने का औजार नहीं बल्कि चलचित्र के माध्यम से अपनी सभ्यता और संस्कृति को दिखाने व देश की परम्पराओं, इतिहास और मूल्यों को बताने का अवसर है। आज पश्चिम के प्रभाव को स्क्रीन पर देख कर दर्शक थक चुके हैं। सिनेमा जगत में भारतीय मूल्यों के साथ बदलाव की जरूरत है। लेकिन रीजनल सिनेमा की पावर आज भी बहुत मजबूत है।
उन्होंने कहा कि रीजनल सिनेमा में आज भी भारतीयता देखने को मिलती है। उन्हें इस बात की खुशी है कि भारतीय चित्र साधना का पांचवां संस्करण उनके गृह राज्य हरियाणा में हो रहा है। इसके साथ ही सतीश कौशिक ने भारतीय चित्र साधना को धन्यवाद देते हुए कहा कि चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल फिल्म मेकर्स और इंडस्ट्री के हर क्षेत्र के न्यू कमर्स के लिए आने वाले समय में एंट्री गेट है, जो छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ ही उन्हें उपयुक्त मंच भी प्रदान करता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारतीय चित्र साधना के इस प्रयास में जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह उसे पूरी तरह निभाएंगे।
इस मौके पर अभिनेता, सांसद व गायक मनोज तिवारी ने चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल को प्रतिभाओं को सृजन करने वाला मंच बताया। उन्होंने कहा कि चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल बिलकुल हटकर है। इस बार चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल में भारतीय मूल्यों का मेला लगेगा जो सिनेमा के माध्यम से भारतीयता का संदेश देगा। पंचकुला में चित्र भारती के पटल पर फिल्म जगत की जागरूक हस्तियों का जमावड़ा होगा। सिनेमा के नए ट्रेंड की तरफ ध्यान खींचते हुए उन्होंने कहा कि सिनेमा को बनाने वाले और देखने वाले सिनेमा में क्या चाहते हैं, इसके लिए भी एक सिस्टम होना चाहिए, लेकिन इसको लेकर कोई मापदंड नहीं है।
तिवारी ने कहा कि सिनेमा में काम करने वाला हर व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होता, कई लोग 10 -10 हजार पर काम करते हैं और उनके काम का नाम कोई और ले जाता है, मगर वह कुछ नहीं बोलता क्योंकि इसी फिल्म इंडस्ट्री में उसे आगे भी काम करना है। यहीं पर चित्र भारती फिल्मोत्सव दूसरों से अलग हो जाता है, जो नई प्रतिभाओं को मौका देता है, साथ ही कुल 10 लाख तक का इनाम भी देता है जो नई प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
मनोज तिवारी के अनुसार, ‘बीते कुछ समय में रणनीति के तहत भारतीय मूल्यों को कमतर दिखा कर पश्चिमी सभ्यता के दबदबे के साथ सिनेमा की परिभाषा बदली गई। इस बात का अंदाजा तो सिनेमा में काम करने वाले लोगों को भी बाद में समझ आया।’ मनोज तिवारी ने फिल्म मेकर्स से अपील करते हुए कहा कि भारतीय चित्र साधना में जो भाग लेना चाहते है उनके लिए बड़ा अवसर है और आने वाले समय में भारतीय चित्र साधना बड़े निर्माताओं का मंच होगा। चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल दर्शकों और निर्माताओं में विश्वास जगाएगा कि भारतीय मूल्यों का सिनेमा भी खूब ट्रेंड में चलता है और पसंद किया जाता है।
इस बार फिल्म फेस्टिवल में बाल फिल्म श्रेणी को भी जोड़ा गया है। जिसके साथ कुल चार श्रेणियों (डॉक्युमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, बाल फिल्म और कैम्पस) में फिल्में आमंत्रित की जा रही हैं। फिल्म फेस्टिवल के 5वें संस्करण के विषय हैं– महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, समरसता, पर्यावरण, भविष्य का भारत, जनजातीय समाज, ग्राम विकास, वसुधैव कुटुंबकम। बाल फिल्म के विषय हैं– पराक्रमी बच्चे, बाल शिक्षा में नवाचार और नैतिक शिक्षा। फिल्मोत्सव में कुल 10 लाख तक के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 5वें फिल्म फेस्टिवल के लिए प्रतिभागी एक सितंबर से 30 नवंबर, 2023 तक अपनी प्रविष्टियां भेज सकते हैं। अधिक जानकारी चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल (CBFF) की वेबसाइट www.chitrabharati.org पर उपलब्ध है।
इस दौरान भारतीय चित्र साधना के अध्यक्ष बी. के. कुठियाला ने कहा कि भारत विश्व में सबसे ज़्यादा फ़िल्में बनाने, देखने और चर्चा करने वाला देश है। शुरुआती दौर में भारतीय फ़िल्मों में भारत और भारत के लोग दिखते थे, लेकिन धीरे- धीरे फिल्मों से भारतीयता ख़त्म होती गई और एक विमर्श खड़ा किया। इसी चिंतन और मंथन के साथ भारतीय सिनेमा में भारत को वापस लाने के उदेश्य से भारतीय चित्र साधना का उदय हुआ। इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद, भोपाल के बाद अब चित्र भारतीय फिल्म फेस्टिवल का यह पांचवा संस्करण है जो 2024 में पंचकुला में होगा। आज इस मंच से चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल की विस्तृत घोषणा के साथ पांचवें संस्करण का आगाज हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ साल में हमने 15 वर्क शॉप करवाए। 30 लोगों को सेलेक्ट किया और भारतीय चित्र साधना की तरफ से 27 लोगों को फ़िल्म मेकिंग का पूर्ण प्रशिक्षण दिया गया, जो आने वाले समय में भारत की फिल्मों में भारत की मिट्टी की महक के साथ एक नयी और दमदार शुरुआत करने वाले हैं।’
भारतीय चित्र साधना के सचिव अतुल गंगवार का कहना था कि यह मंच नई प्रतिभाओं का मंच है। मंच को वे अपना घर मानें, जहां उनकी प्रतिभा को खुल कर दिखाने का अवसर मिलता है। चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल के चतुर्थ संस्करण (2022) का आयोजन झीलों के शहर कहे जाने वाले भोपाल में हुआ था। जिसमें विवेक अग्निहोत्री, अक्षय कुमार, अभिनव कश्यप, योगेश सोमन जैसे जाने माने चेहरे मंच पर नजर आए थे।
उन्होंने बताया कि फिल्म फेस्टिवल (2022) में 21 राज्यों से 15 अलग-अलग भाषाओं की कुल 712 फिल्में प्राप्त हुई थीं। चार अलग –अलग श्रेणियों में 24 फिल्मों को पुरस्कृत किया गया था और 120 फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई थी। बता दें कि हर दो साल के अंतराल में होने वाले चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत वर्ष 2016 में इंदौर से हुई थी।
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