BIG FM की न्यूज नेटवर्क को बड़ा करने की तैयारी, छह नए चैनलों के लिए MIB से मांगी मंजूरी

इस पहल के जरिए कंपनी BIG News Network को मजबूत करने और देश में एक बड़ा न्यूज नेटवर्क बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Last Modified:
Tuesday, 27 October, 2026
BIG FM


जानी-मानी रेडियो कंपनी BIG FM ने न्यूज ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में विस्तार की तैयारी की है। कंपनी ने छह नए डिजिटल-फर्स्ट ब्रॉडकास्ट न्यूज चैनल शुरू करने की अनुमति के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) में आवेदन किया है। इस पहल के जरिए कंपनी BIG News Network को मजबूत करने और देश में एक बड़ा न्यूज नेटवर्क बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

'इंडिया डेली 24x7' सहित 'सैफायर मीडिया' के मौजूदा न्यूज़ बिज़नेस के अधिग्रहण के साथ-साथ, यह प्रस्तावित विस्तार 'बिग एफएम' (BIG FM) की उस योजना में एक अहम कदम है, जिसका मकसद न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग में अपनी मौजूदगी को मज़बूत करना और 'बिग न्यूज़ नेटवर्क' (BIG News Network) के तहत एक राष्ट्रीय न्यूज नेटवर्क तैयार करना है।

BIG News Network की योजना ब्रॉडकास्ट की पहुंच को डिजिटल प्लेटफॉर्म की व्यापकता और सुलभता के साथ जोड़ने की है। प्रस्तावित चैनलों पर समय पर और सटीक खबरों के साथ विश्वसनीय रिपोर्टिंग पर ध्यान दिया जाएगा। कंपनी हाइपरलोकल यानी स्थानीय स्तर की खबरों, क्षेत्रीय भाषाओं की न्यूज, क्षेत्रीय नजरिये और डिजिटल दर्शकों के लिए छोटे कंटेंट फॉर्मेट पर भी फोकस करेगी। कंपनी का लक्ष्य भारत के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क में से एक बनना है।

यह पहल BIG FM के व्यापक विजन ‘ONE BIG WORLD’ का हिस्सा है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एकीकृत मीडिया इकोसिस्टम है, जिसमें रेडियो, न्यूज, डिजिटल प्लेटफॉर्म, डिजिटल आउट ऑफ होम (DOOH) मीडिया और लाइव एक्सपीरियंस को एक साथ जोड़ने की परिकल्पना की गई है। प्रस्तावित विस्तार के जरिए इस इकोसिस्टम में न्यूज कारोबार की भूमिका मजबूत करने और विभिन्न प्लेटफॉर्म व बाजारों तक इसकी पहुंच बढ़ाने की योजना है।

BIG FM के सीईओ अशित कुकियन (Ashit Kukian) ने कहा कि कंपनी अपनी मौजूदा क्षमताओं को नए डिजिटल-फर्स्ट फॉर्मेट के साथ जोड़कर न्यूज ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। दर्शकों की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए कंपनी अलग-अलग प्लेटफॉर्म, भाषाओं और क्षेत्रीय बाजारों में न्यूज को अधिक सुलभ, प्रासंगिक और आकर्षक बनाने पर ध्यान दे रही है।

कंपनी की यह पहल राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने तथा अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रीय बाजारों में विस्तार की संभावनाएं तलाशने की रणनीति का हिस्सा है। छह नए चैनलों के लिए फिलहाल मंत्रालय की मंजूरी मिलना बाकी है।

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'रेडियो सिटी' को दूसरी तिमाही में 6.68 करोड़ रुपये का मुनाफा, पिछले साल हुआ था घाटा

रेडियो सिटी का संचालन करने वाली कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं।

Last Modified:
Tuesday, 27 October, 2026
radioCity547

रेडियो सिटी का संचालन करने वाली कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 6.68 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 6.88 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।

कंपनी ने 26 अक्टूबर को शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में बताया कि दूसरी तिमाही में उसका परिचालन से राजस्व 40.96 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 37.84 करोड़ रुपये से करीब 8.2% अधिक है।

कुल आय 48.43 करोड़ रुपये रही

सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय 48.43 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी अवधि में यह 44.68 करोड़ रुपये थी। इस तरह कुल आय में करीब 8.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंपनी का तिमाही खर्च घटकर 39.49 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 53.44 करोड़ रुपये था। खर्च में कमी और आय में बढ़ोतरी के चलते कंपनी घाटे से मुनाफे में लौट आई।

पहली छमाही में भी मुनाफा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड ने 15.91 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी को 9.05 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।

पहली छमाही में कंपनी का परिचालन से राजस्व 85.50 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 87.17 करोड़ रुपये था। यानी परिचालन से राजस्व में करीब 1.9% की गिरावट आई। इसके बावजूद कंपनी का कुल खर्च घटने से उसके नतीजों में सुधार देखने को मिला।

खर्च में कमी से नतीजों को सहारा

कंपनी के नतीजों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में कर्मचारियों पर होने वाला खर्च 12.84 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 15.73 करोड़ रुपये था। वहीं, मूल्यह्रास और अमूर्त संपत्तियों से जुड़ा खर्च 4.06 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 7.05 करोड़ रुपये से कम है।

कंपनी के ये नतीजे बताते हैं कि इस तिमाही में राजस्व बढ़ने के साथ खर्च में कमी भी मुनाफे में लौटने की एक अहम वजह रही।

म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड ने बताया कि उसके वित्तीय नतीजों की ऑडिट समिति ने समीक्षा की और 26 अक्टूबर 2026 को बोर्ड ने इन्हें मंजूरी दी। कंपनी के वैधानिक ऑडिटर एस.एन. धवन एंड कंपनी एलएलपी ने इन नतीजों की सीमित समीक्षा रिपोर्ट भी जारी की है।

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रेडियो विज्ञापन की नई भूमिका: घटती कमाई के बीच स्थानीय ब्रैंड्स के लिए FM कितने काम का?

भारत में रेडियो को डूबता माध्यम माना जाता है, लेकिन विज्ञापनों की मात्रा में हल्की बढ़त और स्थानीय कारोबारियों की दिलचस्पी बताती है कि इसकी भूमिका अब भी बनी हुई है।

Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2026
Radio4521

भारत में रेडियो को अक्सर डूबता माध्यम कहा जाता है। आंकड़े देखें तो तस्वीर इतनी सीधी नहीं है। कमाई दबाव में है, पर विज्ञापनों की मात्रा हल्की रफ्तार से बढ़ रही है और शहर-आधारित कारोबारी अब भी रेडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं। सवाल यह है कि रेडियो अब किस भूमिका में बचा है।

कमाई: दबाव साफ है

FICCI-EY की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में रेडियो सेगमेंट की आय 7% गिरकर 23 अरब रुपये रह गई, जिसकी मुख्य वजह विज्ञापन दरों में कमी रही। इससे पहले 2024 में यह आय 9% बढ़कर 25 अरब रुपये हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार रेडियो के विज्ञापन राजस्व में आगे भी करीब 2% सालाना गिरावट आ सकती है।

ताजा तिमाही भी राहत नहीं देती। TRAI की 12 अक्टूबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-जून 2026 में निजी FM का विज्ञापन राजस्व 376.16 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 414.03 करोड़ रुपये था। यह करीब 9.1% की तिमाही गिरावट है। तुलना के लिए जून 2025 की तिमाही देखें। तब 388 चैनलों का विज्ञापन राजस्व 383.14 करोड़ रुपये था। मेरी गणना में सालाना गिरावट लगभग 1.8% बैठती है। यानी कमाई लगभग ठहरी हुई है।

बड़ी तस्वीर में रेडियो की हिस्सेदारी भी छोटी है। पिच-मैडिसन रिपोर्ट के अनुसार 2025 में रेडियो का विज्ञापन खर्च 2% बढ़कर 2,515 करोड़ रुपये रहा, पर कुल विज्ञापन खर्च में हिस्सेदारी 2.3% से घटकर 2.2% हो गई। एजेंसियों के अनुमान आपस में मेल नहीं खाते। डेंड्सू-एक्सचेंज4मीडिया रिपोर्ट रेडियो का AdEx (विज्ञापन खर्च) 2025 में 1,501 करोड़ रुपये और बाजार हिस्सेदारी 1% बताती है। दिशा सबमें एक है, पर स्तर पद्धति के साथ बदलता है।

स्थानीय पहुंच: कौन सी श्रेणियां रेडियो पर टिकी हैं

विज्ञापन मात्रा में हल्की लेकिन लगातार बढ़त दिख रही है। TAM AdEx के अनुसार जनवरी-जुलाई 2026 में रेडियो विज्ञापन की मात्रा पिछले साल की इसी अवधि से 1.2% बढ़ी, और यह जनवरी-जुलाई 2024 से 5% अधिक है। 2025 के पूरे साल में मात्रा में 2% की मामूली बढ़त दर्ज हुई थी।

बढ़त का बड़ा हिस्सा स्थानीय और सेवा-आधारित श्रेणियों से आता है:

  • रियल एस्टेट: 2026 में यह 17% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी श्रेणी रहा और इसके विज्ञापन 20% बढ़े। 2025 के पूरे साल में इसकी हिस्सेदारी 15% थी।
  • अन्य तेज बढ़त वाली श्रेणियां: जीवन बीमा में 79%, NBFC में 64%, इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्यूरेबल्स की दुकानों में 27% और ज्वेलर्स में 16% की बढ़त रही।
  • विविधता: 140 से ज्यादा श्रेणियों में विज्ञापन बढ़े और 7,500 से अधिक ब्रैंड्स ने रेडियो का इस्तेमाल किया।

2025 की रुपये-आधारित तस्वीर भी ऐसी ही है। रियल एस्टेट 4% बढ़कर 393 करोड़ रुपये और ऑटो 13% बढ़कर 299 करोड़ रुपये हुआ, जबकि FMCG का खर्च 11% घटकर 254 करोड़ रुपये रह गया।

शहर और श्रोताओं की आदतें

विज्ञापन का भूगोल रेडियो के स्थानीय चरित्र को दिखाता है। शहरों में जयपुर सबसे आगे है, उसके बाद नागपुर और इंदौर। नई दिल्ली, सूरत, हैदराबाद, अहमदाबाद, बेंगलुरु, लखनऊ और भोपाल बाकी शीर्ष दस में हैं। राज्यों में गुजरात का हिस्सा 17% और महाराष्ट्र का 15% है, और शीर्ष पांच राज्य मिलकर 61% मात्रा संभालते हैं। शीर्ष 10 शहर 63% विज्ञापन मात्रा के हिस्सेदार हैं, जो जनवरी-सितंबर 2025 में भी 63% ही था। ढांचा स्थिर है, और रेडियो की पहुंच व्यापक होने के बावजूद विज्ञापन मांग बड़े शहरों में सिमटी है।

समय के हिसाब से देखें तो शाम में 38%, सुबह में 32%, दोपहर में 28% और रात में 2% विज्ञापन मात्रा रही। सुबह और शाम मिलाकर 70% है। विज्ञापनदाता इन्हीं पट्टियों पर दांव लगाते हैं।

एक सावधानी जरूरी है। श्रोताओं की संख्या पर नवीनतम स्वतंत्र राष्ट्रीय आंकड़े मुझे नहीं मिले। इंडस्ट्री का दावा है कि AIR, निजी FM और सामुदायिक रेडियो मिलाकर 40 करोड़ से अधिक दैनिक श्रोता हैं। यह Red FM की COO का कथन है और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है। इसलिए श्रोताओं की आदतों पर निष्कर्ष विज्ञापन-मात्रा के आंकड़ों से ही निकल सकते हैं।

नेटवर्क की स्थिति भी बदली है। TRAI के अनुसार जून 2026 के अंत में निजी FM के 386 चैनल 121 शहरों में 30 कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे थे और 578 सामुदायिक रेडियो स्टेशन चालू थे। जून 2025 में 388 चैनल 113 शहरों में और 540 सामुदायिक स्टेशन चालू थे। निजी FM के शहर बढ़े हैं पर चैनल घटे हैं, जबकि सामुदायिक रेडियो फैल रहा है।

विज्ञापन की कीमत: सस्ता सौदा, पर कमजोरी का संकेत भी

रेडियो की दरें सार्वजनिक रेट कार्ड पर आधारित नहीं हैं। एजेंसियों की वेबसाइटें अलग-अलग और परस्पर विरोधी दर-सीमाएं बताती हैं, इसलिए मैंने उन्हें शामिल नहीं किया। भरोसेमंद संकेत ये हैं:

  • FICCI-EY ने 2025 में राजस्व गिरने का मुख्य कारण घटी हुई विज्ञापन दरों को बताया है।
  • रिपोर्ट महानगरों के घटते बाजार से क्षेत्रीय केंद्रों की ओर कम-आय वाली इन्वेंटरी के बढ़ते अनुपात को 2028 तक की गिरावट का एक कारण मानती है।
  • मात्रा में 1.2% बढ़त और तिमाही कमाई में लगभग 1.8% सालाना गिरावट साथ दिखती है। अवधियां अलग हैं (TAM जनवरी-जुलाई, TRAI अप्रैल-जून), इसलिए यह केवल संकेत है, पर इसका अर्थ है कि प्रति विज्ञापन कमाई पर दबाव है।

स्थानीय ब्रैंड्स के लिए इसका मतलब मोलभाव की गुंजाइश है। इंडस्ट्री के लिए यही चिंता है। Radio City के CEO के अनुसार इंडस्ट्री ने स्थानीय विज्ञापन बूम के भरोसे आक्रामक विस्तार किया था, पर वह बूम उम्मीद से धीमा रहा। प्रारूप भी बदल रहा है। 20-40 सेकंड के विज्ञापन 66% मात्रा रखते हैं, जो 2025 की इसी अवधि में 65% था, और 20 सेकंड से छोटे विज्ञापन 28% हैं।

आयोजन और नॉन-FCT: नई कमाई की जमीन

रेडियो कंपनियां अब केवल स्पॉट नहीं बेचतीं। FICCI-EY के अनुसार रेडियो की कुल आय में गैर-विज्ञापन हिस्सा अब 25% है, जबकि 2024 में औसतन करीब 20% रेडियो आय आयोजनों, कंटेंट निर्माण और अन्य स्रोतों से आती थी। रिपोर्ट का अनुमान है कि नॉन-FCT आय 2028 तक 14% सालाना बढ़कर कुल राजस्व का लगभग 39% हो जाएगी।

पर यह रास्ता जोखिम-मुक्त नहीं है। रेडियो मिर्ची चलाने वाली ENIL की अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में नॉन-FCT सेगमेंट आयोजनों के रद्द होने और कलाकारों की यात्रा में बाधा से प्रभावित हुआ, और प्रबंधन के अनुसार आयोजन आमतौर पर साल की दूसरी छमाही में ज्यादा होते हैं। यह अगस्त के नतीजों का आंकड़ा है, इसलिए संदर्भ की तरह पढ़ें। स्थानीय ब्रैंड्स के लिए सीख यह है कि RJ-आधारित आयोजन और ऑन-ग्राउंड एक्टिवेशन को स्पॉट के साथ जोड़कर खरीदें, पर आयोजनों की बुकिंग में लचीलापन रखें।

डिजिटल ऑडियो: प्रतिस्पर्धी भी, साझेदार भी

कुछ रेडियो कंपनियां डिजिटल ऑडियो को विस्तार का रास्ता बना रही हैं। ENIL का डिजिटल राजस्व अप्रैल-जून 2026 में 43.3% बढ़ा और कुल राजस्व में उसका हिस्सा 30.2% हो गया, जो पिछले साल 23% था। रेडियो के शीर्ष पांच ब्रैंड्स में Gaana.com भी शामिल है। ध्यान रहे कि Gaana और रेडियो मिर्ची एक ही कंपनी के हैं, इसलिए इसे समूह के भीतर क्रॉस-प्रमोशन का संकेत मानना चाहिए, स्वतंत्र प्रमाण नहीं।

बाजार का संदर्भ यह है:

  • जून 2026 में भारत में इंटरनेट ग्राहक 1,114.17 मिलियन थे और प्रति ग्राहक औसत मासिक डेटा खपत 28.39 GB रही। जून 2025 में इंटरनेट ग्राहक 1,002.85 मिलियन थे। यानी सालाना बढ़त लगभग 11% है (मेरी गणना)।
  • संगीत स्ट्रीमिंग के अनुमान एकमत नहीं हैं। FICCI-EY ने 2025 में करीब 17.8 करोड़ ऑनलाइन संगीत श्रोता और 1.44 करोड़ सशुल्क ग्राहक बताए, जबकि IPRS के आंकड़े 23.3 करोड़ श्रोता और 1.6 करोड़ सशुल्क ग्राहक के हैं। दोनों में 10% से कम श्रोता भुगतान करते हैं।
  • EY-IMI सर्वे (मार्च-अप्रैल 2026) के अनुसार संगीत के लिए YouTube का इस्तेमाल 32% स्मार्टफोन यूजर करते हैं और Spotify का 31%।

सार यह है कि श्रोता मुफ्त, मोबाइल-आधारित ऑडियो की ओर बढ़ रहे हैं।

नीति की अड़चनें

इंडस्ट्री की चार मांगें हैं: निजी FM को न्यूज प्रसारण की अनुमति, GST 18% से घटाकर 5%, स्मार्टफोन में FM रिसीवर अनलॉक करना, और लाइसेंस शुल्क को वास्तविक आय के प्रतिशत से जोड़ना। इंडस्ट्री का अनुमान है कि सकल राजस्व का करीब 40% GST, लाइसेंस और स्पेक्ट्रम शुल्क में चला जाता है। 12 जून 2026 के मसौदा नियमों में निजी रेडियो के लिए कम से कम 20% हाइपरलोकल सामग्री का प्रस्ताव है, जबकि न्यूज पर मौजूदा प्रतिबंध जारी है। यानी रेडियो को स्थानीय दिशा में धकेला जा रहा है, पर कमाई के बड़े रास्ते अभी नहीं खुले।

स्थानीय ब्रैंड्स के लिए क्या सबक

  1. रेडियो अब सहायक माध्यम है। हिस्सेदारी 1-2% के आसपास है, पर रियल एस्टेट, बीमा, ज्वेलरी और ऑटो जैसी शहर-केंद्रित श्रेणियों में यह अब भी काम करता है।
  2. दरों का दबाव खरीदार के पक्ष में है, पर यह इंडस्ट्री की कमजोरी भी दिखाता है।
  3. मिश्रित रणनीति बेहतर है। FM स्पॉट के साथ RJ-कंटेंट, स्थानीय आयोजन और डिजिटल ऑडियो जोड़ें।
  4. जोखिम बना है। HT Media के पांच स्टेशन जून में बंद हुए और मौजूदा लाइसेंसों का नवीनीकरण 2030 में है, जिसकी रूपरेखा अभी साफ नहीं।

रेडियो अब बड़े राष्ट्रीय अभियानों का केंद्र नहीं, बल्कि शहर के भीतर बार-बार दोहराई जाने वाली आवाज है। जिस ब्रैंड का ग्राहक उसी शहर में रहता है, उसके लिए यह अब भी किफायती और सीधा माध्यम है।  

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B.A.G. Films ने बनाई नई कंपनी, FM रेडियो कारोबार को मिलेगा विस्तार

मीडिया कंपनी B.A.G. Films and Media Limited ने एफएम रेडियो कारोबार के लिए एक नई कंपनी बनाई है।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
BAG9854

मीडिया कंपनी B.A.G. Films and Media Limited ने एफएम रेडियो कारोबार के लिए एक नई कंपनी बनाई है। कंपनी ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि उसकी सहायक कंपनी स्काईलाइन रेडियो नेटवर्क (Skyline Radio Network Limited) ने स्काईलाइन एफएम रेडियो नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड (Skyline FM Radio Network Private Limited) नाम से एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बनाई है। इसके साथ ही नई कंपनी B.A.G. Films and Media की स्टेप-डाउन पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है।

कंपनी के मुताबिक, Skyline FM Radio Network Private Limited दिल्ली में कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत नई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में 3 अक्टूबर 2026 को गठित हुई है।

एफएम रेडियो प्रसारण के लिए बनाई गई कंपनी

नई कंपनी का कारोबार एफएम रेडियो प्रसारण उद्योग से जुड़ा होगा। इसका उद्देश्य एफएम रेडियो प्रसारण केंद्रों को स्थापित करना, उनका स्वामित्व रखना, प्रबंधन करना, उनका अधिग्रहण करना और उनका संचालन करना है।

स्काईलाइन रेडियो नेटवर्क के पास 100% हिस्सेदारी

Skyline FM Radio Network Private Limited में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी Skyline Radio Network Limited के पास है। Skyline Radio Network Limited, B.A.G. Films and Media की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। इसी वजह से नई कंपनी B.A.G. Films and Media की स्टेप-डाउन सहायक कंपनी बन गई है।

कंपनी ने बताया कि यह एक नई गठित कंपनी है, इसलिए इसके पिछले तीन वर्षों के कारोबार का विवरण लागू नहीं होता। इसी तरह इसके लिए किसी सरकारी या नियामकीय मंजूरी की जरूरत नहीं बताई गई है। नई कंपनी में शुरुआती शेयर पूंजी का निवेश नकद के जरिए और मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन की प्रारंभिक शेयर सदस्यता के तहत अंकित मूल्य पर किया गया है।

B.A.G. Films and Media ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई कंपनी उसके लिए संबंधित पक्ष यानी रिलेटेड पार्टी होगी।

 

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म्यूजिक ब्रॉडकास्ट को GST अथॉरिटी की ओर से 11.57 करोड़ रुपये का शो कॉज नोटिस

म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड को उत्तर प्रदेश जीएसटी अथॉरिटी की ओर से करीब 11.57 करोड़ रुपये का शो कॉज नोटिस मिला है।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 23 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 23 September, 2026
RadioCity58421

एफएम 'रेडियो सिटी' की ऑपरेटर कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड को उत्तर प्रदेश गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) अथॉरिटी की ओर से करीब 11.57 करोड़ रुपये का शो कॉज नोटिस मिला है। कंपनी ने 22 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी।

कंपनी के मुताबिक, यह नोटिस लखनऊ स्थित स्टेट जीएसटी अथॉरिटी के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की ओर से भेजा गया है। नोटिस 21 सितंबर 2026 को जारी हुआ और उसी दिन कंपनी को मिल गया। इस नोटिस में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कम टैक्स जमा करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत या ज्यादा लाभ लेने का आरोप लगाया गया है।

कंपनी ने बताया कि नोटिस में कुल करीब 11,57,81,759 रुपये की मांग बताई गई है। इसमें करीब 10,52,56,145 रुपये टैक्स और 1,05,25,614 रुपये पेनल्टी शामिल है।

नोटिस में GSTR-7/GSTR-8 और GSTR-3B में दिखाई गई टैक्स देनदारी में अंतर का जिक्र किया गया है। इसके आधार पर करीब 5,723.81 लाख रुपये के आउटपुट टैक्स के कम भुगतान का आरोप लगाया गया है, जिस पर 18 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाया गया है।

इसके अलावा, कुछ वेंडरों से ली गई सप्लाई पर कंपनी की ओर से करीब 6,72,923 रुपये IGST और 7,76,682 रुपये-7,76,682 रुपये CGST और SGST का इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने पर भी सवाल उठाया गया है। जीएसटी अथॉरिटी के अनुसार, ये खर्च कारोबार से जुड़े नहीं थे और इसलिए इन पर ITC का लाभ नहीं मिलना चाहिए था।

इसके साथ ही रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत 639 रुपये CGST और 639 रुपये SGST कम जमा करने की बात भी नोटिस में कही गई है। इस पर लागू ब्याज भी शामिल है। हालांकि, म्यूजिक ब्रॉडकास्ट ने इन आरोपों से असहमति जताई है। कंपनी ने कहा है कि वह तय समय के भीतर जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेजों के साथ विस्तृत जवाब देगी।

कंपनी ने यह भी कहा है कि यह फिलहाल शो कॉज नोटिस है और इसे अंतिम मांग या आदेश नहीं माना जा सकता। कंपनी इस मामले में अपना पक्ष रखेगी और फिलहाल उसे किसी बड़े वित्तीय असर की उम्मीद नहीं है।  

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रेडियो विज्ञापन में धीरे-धीरे लौट रही रफ्तार, जनवरी-जुलाई में 1.2% बढ़े विज्ञापन

पारंपरिक ऑडियो माध्यम रेडियो के लिए विज्ञापन बाजार में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं। जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान रेडियो पर विज्ञापन की मात्रा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 1.2% बढ़ी है

Last Modified:
Thursday, 17 September, 2026
Radio541

पारंपरिक ऑडियो माध्यम रेडियो के लिए विज्ञापन बाजार में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं। जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान रेडियो पर विज्ञापन की मात्रा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 1.2% बढ़ी है। इससे संकेत मिलता है कि रेडियो पर विज्ञापन की मांग धीरे-धीरे वापस आ रही है। हालांकि, विज्ञापन का बड़ा हिस्सा अभी भी कुछ चुनिंदा क्षेत्रों और बाजारों तक ही सीमित है।

TAM AdEx के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-जुलाई 2026 में रेडियो विज्ञापन की मात्रा जनवरी-जुलाई 2024 की तुलना में 5% ज्यादा रही। इस अध्ययन में आरसीएस इंडिया से जुड़े 122 से ज्यादा रेडियो स्टेशनों को शामिल किया गया है और विज्ञापन को प्रसारण के सेकंड के आधार पर मापा गया है।

10 प्रमुख क्षेत्रों का 92% हिस्सा

आंकड़ों के मुताबिक, रेडियो विज्ञापन का बाजार कुछ खास क्षेत्रों पर काफी निर्भर है। जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान टॉप 10 क्षेत्रों की कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा में करीब 92% हिस्सेदारी रही।

इस दौरान सेवा क्षेत्र सबसे आगे रहा। अलग-अलग श्रेणियों की बात करें तो संपत्ति और रियल एस्टेट सबसे ज्यादा विज्ञापन देने वाली श्रेणी रही। इसका कुल रेडियो विज्ञापन में 17% हिस्सा रहा। इस श्रेणी ने जनवरी-जुलाई 2025 की तरह इस साल भी पहला स्थान बनाए रखा।

रियल एस्टेट रेडियो पर तेजी से बढ़ने वाली श्रेणियों में भी शामिल रहा। जनवरी-जुलाई 2026 में इसके विज्ञापन में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 20% बढ़ोतरी हुई।

बीमा और NBFC के विज्ञापन में तेज बढ़ोतरी

वित्तीय सेवाओं से जुड़ी श्रेणियों ने भी रेडियो विज्ञापन को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। जीवन बीमा के विज्ञापन में 79%, जबकि कॉरपोरेट-NBFC के विज्ञापन में 64% की बढ़ोतरी हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स और टिकाऊ सामान की खुदरा दुकानों के विज्ञापन में 27%, आभूषण की खुदरा दुकानों में 16% और कारों के विज्ञापन में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टॉप 10 तेजी से बढ़ने वाली श्रेणियों में कहीं से भी बैंकिंग श्रेणी की विज्ञापन मात्रा छह गुना बढ़ी। वहीं, पाचन से जुड़े उत्पादों के विज्ञापन में 82%, खाद्य तेल में 92% और बिना डॉक्टर की पर्ची मिलने वाले उत्पादों की श्रेणी में 66% की बढ़ोतरी हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान 140 से ज्यादा श्रेणियों में रेडियो विज्ञापन बढ़ा, यानी यह बढ़ोतरी सिर्फ कुछ चुनिंदा श्रेणियों तक सीमित नहीं रही।

मारुति सुजुकी सबसे बड़ा विज्ञापनदाता

विज्ञापनदाताओं की बात करें तो मारुति सुजुकी इंडिया ने जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान रेडियो पर अपना पहला स्थान बरकरार रखा। हालांकि, टॉप 10 विज्ञापनदाताओं की सूची में बदलाव भी देखने को मिला। इस सूची में शामिल 10 में से तीन विज्ञापनदाता नए थे।

ब्रैंड के स्तर पर विमल पान मसाला रेडियो पर सबसे ज्यादा विज्ञापन करने वाला ब्रैंड रहा। इसके बाद मुथूट फाइनेंशियल एंटरप्राइजेज और मारुति सुजुकी अरेना का स्थान रहा। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक, Gaana.com और पेट सफा शीर्ष ब्रैंडों में शामिल रहे। मारुति सुजुकी के ई विटारा और ग्रैंड विटारा भी टॉप 10 ब्रैंडों में रहे। सूची में एलआईसी बीमा लक्ष्मी और डॉ. ऑर्थो रेंज ऑफ प्रोडक्ट्स भी शामिल रहे।

जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान 7,500 से ज्यादा ब्रैंडों ने रेडियो पर विज्ञापन दिया। हालांकि, टॉप 10 ब्रैंडों की कुल हिस्सेदारी सिर्फ 11% रही। इससे पता चलता है कि रेडियो पर विज्ञापन देने वाले ब्रैंडों का आधार काफी व्यापक है।

टॉप 10 ब्रैंडों में भी तीन नए नाम शामिल हुए। वहीं, पान मसाला भी इस दौरान टॉप 10 विज्ञापन श्रेणियों में पहुंच गया, जबकि 2025 की समान अवधि में यह इस सूची में शामिल नहीं था।

गुजरात और महाराष्ट्र सबसे आगे

राज्यों के स्तर पर रेडियो विज्ञापन में गुजरात और महाराष्ट्र पहले और दूसरे स्थान पर रहे। गुजरात की कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा में 17%, जबकि महाराष्ट्र की 15% हिस्सेदारी रही। शीर्ष पांच राज्यों की कुल हिस्सेदारी 61% रही।

शहरों की बात करें तो जयपुर सबसे आगे रहा। इसके बाद नागपुर और इंदौर का स्थान रहा। टॉप 10 शहरों में नई दिल्ली, सूरत, हैदराबाद, अहमदाबाद, बेंगलुरु, लखनऊ और भोपाल भी शामिल रहे। टॉप 10 शहरों की कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा में 63% हिस्सेदारी रही। यानी रेडियो की पहुंच देशभर में होने के बावजूद विज्ञापन की मांग का बड़ा हिस्सा अभी भी प्रमुख शहरों में केंद्रित है।

शाम का समय विज्ञापनदाताओं की पहली पसंद

रेडियो पर विज्ञापन देने वालों की पसंद में शाम का समय सबसे आगे रहा। इसके बाद सुबह और दोपहर का स्थान रहा। जनवरी-जुलाई 2026 में कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा में शाम के समय की हिस्सेदारी 38%, सुबह की 32% और दोपहर की 28% रही। रात के समय विज्ञापन की हिस्सेदारी सिर्फ 2% रही। इस तरह सुबह और शाम के समय को मिलाकर रेडियो के कुल विज्ञापनों में 70% हिस्सेदारी रही।

20 से 40 सेकंड के विज्ञापन सबसे ज्यादा

विज्ञापन की अवधि की बात करें तो छोटे विज्ञापन अब भी रेडियो पर सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। 20 से 40 सेकंड वाले विज्ञापनों की कुल विज्ञापन मात्रा में 66% हिस्सेदारी रही, जो 2025 की समान अवधि में 65% थी।

20 सेकंड से छोटे विज्ञापनों की हिस्सेदारी 28% रही। यानी 40 सेकंड से कम अवधि वाले विज्ञापनों की कुल हिस्सेदारी रिपोर्ट के आंकड़ों के आधार पर 94% रही। रिपोर्ट में अलग से 20-40 सेकंड और 20 सेकंड से छोटे विज्ञापनों को मिलाकर 93% हिस्सेदारी बताई गई है। वहीं, 45 से 60 सेकंड वाले विज्ञापनों की हिस्सेदारी 4% और 60 सेकंड से ज्यादा अवधि वाले विज्ञापनों की हिस्सेदारी 2% रही।

कुल मिलाकर, जनवरी-जुलाई 2026 के आंकड़े बताते हैं कि रेडियो विज्ञापन बाजार में मामूली सुधार जारी है। बीमा, NBFC, खाद्य तेल, पाचन से जुड़े उत्पाद और बिना डॉक्टर की पर्ची मिलने वाले उत्पादों जैसी श्रेणियों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। साथ ही, 140 से ज्यादा श्रेणियों और 7,500 से ज्यादा ब्रैंडों की भागीदारी बताती है कि रेडियो अब भी कई तरह के कारोबारों के लिए विज्ञापन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है। 

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TIPS Music ने 488 शेयरों का किया Buyback, ₹649 रही औसत खरीद कीमत

म्यूजिक कंपनी TIPS Music Limited ने शेयर बायबैक (Buyback) के तहत 9 सितंबर 2026 को कुल 488 इक्विटी शेयरों की वापस खरीदारी (Buyback) की है।

Last Modified:
Thursday, 10 September, 2026
Tips854

म्यूजिक कंपनी TIPS Music Limited ने शेयर बायबैक (Buyback) के तहत 9 सितंबर 2026 को कुल 488 इक्विटी शेयरों की वापस खरीदारी (Buyback) की है। कंपनी ने यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में साझा की है।

कंपनी के मुताबिक, ITI Securities Broking Limited को बायबैक के लिए ब्रोकर नियुक्त किया गया है। इसके जरिए 9 सितंबर को BSE से 100 शेयर और NSE से 388 शेयर खरीदे गए। कंपनी ने इस दौरान कुल 488 शेयरों की खरीदारी की। इन शेयरों को खरीदने की औसत कीमत ₹649 प्रति शेयर रही। यह कीमत ट्रांजेक्शन कॉस्ट को छोड़कर है।

कंपनी ने बताया कि 9 सितंबर को बायबैक के तहत खरीदे गए कुल शेयरों की संख्या 488 रही। वहीं, इस दिन किसी भी शेयर को Closed Out नहीं किया गया। कंपनी के मुताबिक, पिछले दिन तक भी Closed Out की मात्रा शून्य थी।

यह बायबैक SEBI (Buyback of Securities) Regulations, 2018 के प्रावधानों के तहत खुले बाजार (Open Market) में स्टॉक एक्सचेंज के जरिए किया जा रहा है। कंपनी ने इसके तहत रेगुलेशन 18(i) के अनुसार 9 सितंबर की बायबैक गतिविधि की डेली रिपोर्ट दाखिल की है।

TIPS Music ने बताया कि बायबैक से जुड़ी जानकारी कंपनी की वेबसाइट के साथ-साथ BSE और NSE की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध रहेगी। गौरतलब है कि TIPS Music Limited का पहले नाम Tips Industries Limited था। कंपनी म्यूजिक कंटेंट और उससे जुड़े कारोबार में सक्रिय है।

बायबैक का मतलब क्या है?

बायबैक का मतलब है कि कंपनी अपने ही जारी किए गए शेयरों को बाजार से वापस खरीदती है। इससे बाजार में मौजूद कंपनी के शेयरों की संख्या कम हो सकती है। कंपनियां आमतौर पर बायबैक का इस्तेमाल शेयरधारकों को पैसा लौटाने और अपनी पूंजी संरचना को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए करती हैं।

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Radio City की AGM में सभी 4 प्रस्ताव पास, शेयरधारकों ने राहुल गुप्ता को फिर बनाया निदेशक

'रेडियो सिटी' ब्रैंड के तहत रेडियो सेवा चलाने वाली कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (Music Broadcast Limited) की 27वीं सालाना आम बैठक यानी AGM 2 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।

Last Modified:
Thursday, 03 September, 2026
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'रेडियो सिटी' ब्रैंड के तहत रेडियो सेवा चलाने वाली कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (Music Broadcast Limited) की 27वीं सालाना आम बैठक यानी AGM 2 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक में शेयरधारकों के सामने रखे गए सभी चार प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी मिल गई।

कंपनी ने 2 सितंबर को शेयर बाजारों को दी जानकारी में AGM की कार्यवाही और वोटिंग के नतीजों का ब्यौरा साझा किया है। बैठक दोपहर 1 बजे शुरू हुई और 2:01 बजे खत्म हुई।

अंतरिम लाभांश के भुगतान को मंजूरी

AGM में शेयरधारकों ने नॉन-कम्युलेटिव रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर (NCRPS) धारकों को अंतरिम लाभांश के भुगतान की पुष्टि करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 25,62,20,744 वोट पड़े, जबकि सिर्फ 1,257 वोट इसके खिलाफ रहे। यानी कुल पड़े वोटों में 99.9995% वोट प्रस्ताव के पक्ष में रहे।

राहुल गुप्ता की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी

बैठक में राहुल गुप्ता को रोटेशन के आधार पर दोबारा निदेशक नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई। राहुल गुप्ता रोटेशन के आधार पर पद से रिटायर हो रहे थे और दोबारा नियुक्ति के लिए पात्र होने के कारण उन्होंने फिर से पद संभालने की पेशकश की थी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 25,62,20,734 वोट पड़े, जबकि 1,267 वोट इसके खिलाफ रहे। प्रस्ताव को भी 99.9995% वोट के साथ मंजूरी मिली।

वित्तीय विवरणों को भी शेयरधारकों की मंजूरी

पहले प्रस्ताव में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण, निदेशक मंडल की रिपोर्ट और वैधानिक ऑडिटर की रिपोर्ट को अपनाने की बात थी। शेयरधारकों ने इसे भारी बहुमत से मंजूरी दी। प्रस्ताव के पक्ष में 25,62,20,744 वोट पड़े और सिर्फ 1,257 वोट विरोध में रहे। यानी 99.9995% वोट प्रस्ताव के पक्ष में रहे।

कॉस्ट ऑडिटर के पारिश्रमिक को भी मंजूरी

चौथे प्रस्ताव में 31 मार्च 2027 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए कॉस्ट ऑडिटर के पारिश्रमिक को मंजूरी देने की बात थी। इस प्रस्ताव को भी शेयरधारकों ने भारी बहुमत से पास कर दिया। इसके पक्ष में 25,62,20,734 वोट पड़े, जबकि 1,267 वोट इसके खिलाफ रहे। इस तरह करीब 99.9995% वोट प्रस्ताव के समर्थन में रहे।

AGM में 44 शेयरधारक हुए शामिल

कंपनी के मुताबिक, AGM में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 44 शेयरधारक शामिल हुए। इनमें 1 प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप से और 43 सार्वजनिक शेयरधारक थे।

कंपनी ने बताया कि रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा 30 अगस्त 2026 सुबह 9 बजे से 1 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक उपलब्ध थी। जिन शेयरधारकों ने रिमोट ई-वोटिंग के जरिए वोट नहीं किया था, उन्हें AGM के दौरान Insta-Poll के जरिए वोट करने का मौका दिया गया।

सभी प्रस्तावों को मिली मंजूरी

कंपनी की ओर से नियुक्त स्क्रूटिनाइजर दीपक राणे, प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी, की रिपोर्ट के आधार पर AGM में रखे गए चारों प्रस्तावों को जरूरी बहुमत से पास घोषित किया गया। कंपनी ने यह भी बताया कि AGM के दौरान शेयरधारकों ने कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और अन्य संबंधित मुद्दों पर सवाल पूछे। इन सवालों का जवाब कंपनी के CEO अब्राहम थॉमस और CFO राजीव शाह ने दिया।

कंपनी के अनुसार, वैधानिक ऑडिटर और सेक्रेटेरियल ऑडिटर की रिपोर्ट में कोई प्रतिकूल टिप्पणी या आपत्ति नहीं थी। 

 

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Saregama India ने जारी की FY2025-26 की BRSR रिपोर्ट, दी कई अहम जानकारियां

म्यूजिक और एंटरटेनमेंट कंपनी Saregama India Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) जारी कर दी है।

Last Modified:
Tuesday, 25 August, 2026
Saregama5421

म्यूजिक और एंटरटेनमेंट कंपनी Saregama India Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) जारी कर दी है। कंपनी ने यह रिपोर्ट SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के तहत जारी की है। रिपोर्ट में कंपनी के कारोबार, कर्मचारियों, ग्राहक शिकायतों, पर्यावरण, कॉरपोरेट गवर्नेंस और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी गई हैं।

कंपनी ने बताया कि उसकी कुल गतिविधियों में म्यूजिक लाइसेंसिंग सबसे बड़ा कारोबार है। FY2025-26 में कुल टर्नओवर में म्यूजिक लाइसेंसिंग की हिस्सेदारी 74.47% रही। इसके अलावा फिल्मों और सीरीज से 10.94%, म्यूजिक रिटेल यानी Carvaan से 8.39% और इवेंट्स से 6.20% टर्नओवर आया।

42.75% टर्नओवर एक्सपोर्ट से

रिपोर्ट के मुताबिक Saregama का कारोबार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कुल टर्नओवर का 42.75% हिस्सा एक्सपोर्ट से आया। कंपनी की सब्सिडियरीज के जरिए दुबई, यूके, अमेरिका और मॉरीशस में भी मौजूदगी है, जबकि म्यूजिक लाइसेंसिंग का कारोबार दुनिया भर में किया जाता है।

कंपनी के B2B ग्राहकों में ऑडियो-वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, टीवी चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल हैं। वहीं B2C कारोबार के तहत कंपनी मुख्य रूप से Carvaan जैसे प्रोडक्ट अपनी वेबसाइट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे ग्राहकों को बेचती है।

कंपनी में 383 कर्मचारी

FY2025-26 के अंत में Saregama में कुल 383 कर्मचारी थे। इनमें 279 स्थायी कर्मचारी और 104 अन्य श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। कुल कर्मचारियों में 269 पुरुष और 114 महिलाएं हैं।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में 8 सदस्य हैं, जिनमें 3 महिलाएं यानी 37.5% हिस्सेदारी रखती हैं। वहीं कंपनी ने बताया कि उसके यहां दिव्यांग कर्मचारियों की संख्या शून्य है।

कंपनी के मुताबिक स्थायी कर्मचारियों के लिए PF और ग्रेच्युटी की कवरेज 100% है। साथ ही स्थायी कर्मचारियों को हेल्थ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस की सुविधा भी दी जाती है।

कर्मचारी कल्याण पर भी खर्च

Saregama ने बताया कि कर्मचारियों के कल्याण पर किया गया खर्च FY2025-26 में कंपनी के कुल रेवेन्यू का 0.38% रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 0.29% से अधिक है। 

कंपनी ने स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रेनिंग और कर्मचारी विकास के लिए कई कार्यक्रम चलाने की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, FY2025-26 में कंपनी में कोई घातक कार्यस्थल दुर्घटना, रिकॉर्डेबल वर्क-रिलेटेड इंजरी या Lost Time Injury नहीं हुई।

ग्राहक शिकायतों में बड़ी संख्या, लेकिन सभी का निपटारा

Saregama के सामने FY2025-26 में ग्राहकों की ओर से 50,363 शिकायतें आईं। कंपनी के अनुसार इनमें ज्यादातर शिकायतें प्रोडक्ट से जुड़ी थीं और सभी का समाधान कर दिया गया। शिकायतों के समाधान के लिए कंपनी ने रिप्लेसमेंट और रिफंड जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल किया। इसके मुकाबले FY2024-25 में ग्राहकों की शिकायतों की संख्या 69,839 थी। यानी एक साल में शिकायतों की संख्या में करीब 28% की कमी आई।

कंपनी ग्राहकों को टोल-फ्री नंबर 1800 102 7799, ईमेल, वेबसाइट, Business WhatsApp और IVR जैसे माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्राहकों की शिकायतों को ट्रैक करने के लिए टिकट या रेफरेंस आईडी भी दी जाती है।

डेटा ब्रीच का कोई मामला नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक FY2025-26 में कंपनी ने डेटा ब्रीच का कोई मामला दर्ज नहीं किया। ग्राहकों की निजी जानकारी से जुड़े डेटा ब्रीच की संख्या भी शून्य रही। कंपनी ने साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी से जुड़ी नीति होने की जानकारी दी है। इसके अलावा Saregama के पास ISO 27001 सर्टिफिकेशन भी है, जो सूचना सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन से जुड़ा है।

IP और पाइरेसी को बड़ा बिजनेस रिस्क माना

Saregama के लिए Intellectual Property यानी म्यूजिक, फिल्म और कंटेंट राइट्स की सुरक्षा एक अहम मुद्दा है। कंपनी ने IP infringement यानी कंटेंट के अनधिकृत इस्तेमाल और पाइरेसी को अपने कारोबार के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बताया है।

कंपनी के मुताबिक पाइरेसी से सीधे तौर पर रेवेन्यू प्रभावित हो सकता है और एक्सक्लूसिव कंटेंट की वैल्यू कम हो सकती है। इसके लिए कंपनी ने एक समर्पित टीम बनाई है, जो IP उल्लंघनों पर नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक और कानूनी कार्रवाई करती है।

डिजिटलाइजेशन को बड़ा अवसर मानती है कंपनी

कंपनी ने डिजिटलाइजेशन को अपने कारोबार के लिए बड़े अवसर के रूप में देखा है। म्यूजिक स्ट्रीमिंग, डाउनलोड, इंटरनेट रेडियो और सब्सक्रिप्शन आधारित म्यूजिक सेवाओं ने कंटेंट के डिस्ट्रीब्यूशन और कमाई के तरीके को बदल दिया है।

Saregama के मुताबिक डिजिटल माध्यमों ने उसके लिए कमाई के नए रास्ते खोले हैं और आने वाले समय में भी डिजिटल बिजनेस उसके लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

पर्यावरण के मोर्चे पर कंपनी का फोकस

BRSR रिपोर्ट में Saregama ने पर्यावरण से जुड़े कई आंकड़े भी साझा किए हैं। FY2025-26 में कंपनी ने कुल 30.1 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होने की जानकारी दी है। इसमें 3.9 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट, 1.6 मीट्रिक टन ई-वेस्ट, 0.8 मीट्रिक टन बैटरी वेस्ट और 23.8 मीट्रिक टन पैकेजिंग पेपर वेस्ट शामिल है।

कंपनी के अनुसार इस कचरे में से 6.9 मीट्रिक टन रिसाइकिल किया गया, जबकि 23.8 मीट्रिक टन अन्य रिकवरी ऑपरेशन के तहत संभाला गया।

कंपनी ने बताया कि वह प्लास्टिक, बैटरी और ई-वेस्ट के लिए Extended Producer Responsibility यानी EPR नियमों का पालन करती है। इसके लिए कंपनी Central Pollution Control Board (CPCB) के साथ रजिस्टर्ड है और अधिकृत वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसियों के साथ काम करती है।

Scope 1 और Scope 2 उत्सर्जन 764.8 MTCO₂e

FY2025-26 में Saregama का कुल Scope 1 और Scope 2 ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 764.8 मीट्रिक टन CO₂ equivalent रहा। इसमें Scope 1 उत्सर्जन 150.2 MTCO₂e और Scope 2 उत्सर्जन 614.6 MTCO₂e रहा।

वहीं Scope 3 उत्सर्जन 2,114 MTCO₂e रहा। कंपनी ने बताया कि इस साल Scope 3 की गणना का दायरा बढ़ाकर सात कैटेगरी तक किया गया, जिसमें खरीदी गई वस्तुएं और सेवाएं, कैपिटल गुड्स, अपस्ट्रीम ट्रांसपोर्टेशन, वेस्ट, बिजनेस ट्रैवल, कर्मचारी कम्यूट और डाउनस्ट्रीम ट्रांसपोर्टेशन शामिल हैं।

2070 तक नेट जीरो लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही कंपनी

Saregama ने बताया कि वह RPSG Group की व्यापक सस्टेनेबिलिटी रणनीति के अनुरूप काम कर रही है। कंपनी ने 2070 तक नेट जीरो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लंबे समय के लक्ष्य के साथ खुद को जोड़ने की बात कही है।

इसके अलावा कंपनी 2040 तक Zero Waste to Landfill के लक्ष्य की दिशा में भी काम करने की बात कहती है। इसके लिए कचरा कम करने, दोबारा इस्तेमाल और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

कॉरपोरेट गवर्नेंस और एंटी-करप्शन पर जोर

Saregama ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उसके पास एंटी-करप्शन और एंटी-ब्राइबरी पॉलिसी है। FY2025-26 में कंपनी के डायरेक्टर्स, KMPs या कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत या भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है।

कंपनी के अनुसार डायरेक्टर्स और KMPs से जुड़े Conflict of Interest की भी कोई शिकायत FY2025-26 में नहीं मिली।

CSR के तहत शिक्षा पर फोकस

Saregama ने CSR के तहत शिक्षा और कम्युनिटी डेवलपमेंट पर भी जोर दिया है। कंपनी के मुताबिक RPSG Group के हिस्से के तौर पर कोलकाता में एक स्कूल स्थापित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के जरिए बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

कंपनी ने कहा है कि इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति

रिपोर्ट में Saregama India Limited का टर्नओवर ₹8,206.35 करोड़ और नेट वर्थ करीब ₹16,918.02 करोड़ बताई गई है। कंपनी का पेड-अप कैपिटल ₹19.28 करोड़ से अधिक है।

कुल मिलाकर BRSR रिपोर्ट से साफ है कि Saregama का कारोबार मुख्य रूप से म्यूजिक लाइसेंसिंग और डिजिटल कंटेंट पर आधारित है। कंपनी ने एक तरफ डिजिटलाइजेशन और ग्लोबल म्यूजिक लाइसेंसिंग को कारोबार बढ़ाने का अवसर बताया है, वहीं दूसरी तरफ IP सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, कर्मचारी कल्याण और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को अपनी ESG रणनीति का अहम हिस्सा बताया है।

 

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FM रेडियो की तीसरे बैच की नीलामी आगे बढ़ी, MIB ने तय की भुगतान की समयसीमा

प्राइवेट एफएम रेडियो फेज-III की तीसरी बैच के ई-ऑक्शन में सफल बोलीदाताओं के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भुगतान को लेकर जरूरी अपडेट जारी किया है।

Last Modified:
Monday, 17 August, 2026
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प्राइवेट एफएम रेडियो फेज-III की तीसरी बैच के ई-ऑक्शन में सफल बोलीदाताओं के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भुगतान को लेकर जरूरी अपडेट जारी किया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि सफल बोलीदाताओं को अपनी बोली की रकम का भुगतान Bharat Kosh के जरिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से करना होगा।

मंत्रालय ने 13 अगस्त 2025 को जारी अपने आदेश में कहा कि सभी सफल बोलीदाताओं को भुगतान Bharat Kosh के जरिए करना होगा। इसके लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, RTGS और NEFT जैसे इलेक्ट्रॉनिक विकल्प उपलब्ध रहेंगे।

भुगतान Ministry of Information & Broadcasting, New Delhi के Pay and Accounts Officer के नाम से किया जाना है। मंत्रालय ने इसके लिए Bharat Kosh पर “Receipt From Auction of FM Channels” के नाम से संबंधित हेड ऑफ अकाउंट भी बताया है।

25% रकम जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त

मंत्रालय के मुताबिक, सफल बोली की रकम यानी Non-refundable One Time Entry Fee (NOTEF) का 25% Bid Deposit के तौर पर जमा करना होगा।

इस 25% रकम को जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त 2025 है। वहीं, सफल बोली की रकम में से Bid Deposit घटाने के बाद बची बाकी रकम 28 अगस्त 2025 तक जमा करनी होगी।

यानी सफल बोलीदाताओं को पहले कुल सफल बोली राशि का एक चौथाई हिस्सा जमा करना होगा और उसके बाद बाकी रकम तय समयसीमा के भीतर जमा करनी होगी।

समय पर भुगतान नहीं किया तो EMD हो जाएगा जब्त

मंत्रालय ने सफल बोलीदाताओं को भुगतान की समयसीमा का पालन करने की चेतावनी भी दी है। अगर 18 अगस्त 2025 तक Bid Deposit जमा नहीं किया जाता है, तो संबंधित बोलीदाता की Earnest Money Deposit (EMD) जब्त कर ली जाएगी।

इसी तरह, अगर 28 अगस्त 2025 तक बाकी सफल बोली राशि जमा नहीं की जाती है, तो EMD के साथ Bid Deposit भी जब्त कर लिया जाएगा।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि रकम समय पर जमा नहीं होने की स्थिति में EMD और Bid Deposit जब्त करने के अलावा मंत्रालय की ओर से अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।

तीसरी बैच के ई-ऑक्शन से जुड़ा है फैसला

यह भुगतान प्रक्रिया प्राइवेट एफएम रेडियो फेज-III के तीसरे बैच के चैनलों की ई-नीलामी से जुड़ी है। मंत्रालय ने इससे पहले 13 अगस्त 2025 को सफल बोलीदाताओं और उनकी सफल बोली राशि यानी NOTEF की जानकारी दी थी।

अब मंत्रालय ने सफल बोलीदाताओं को रकम जमा करने की प्रक्रिया और अंतिम तारीखों के बारे में स्पष्ट कर दिया है। इस तरह FM रेडियो के तीसरे बैच की नीलामी प्रक्रिया में अब सफल बोलीदाताओं के लिए भुगतान का चरण अहम हो गया है।

मंत्रालय ने सभी सफल बोलीदाताओं को निर्देश दिया है कि वे तय समयसीमा के भीतर निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भुगतान पूरा करें, ताकि उनकी बोली से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

 

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Tips Films के CFO हरेश सेधानी का इस्तीफा, सौरभ राठी संभालेंगे जिम्मेदारी

Tips Films Limited के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) हरेश सेधानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

Last Modified:
Saturday, 15 August, 2026
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Tips Films Limited के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) हरेश सेधानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा निजी कारणों से है और वह 22 सितंबर 2026 को कारोबारी समय खत्म होने के साथ CFO के पद से हट जाएंगे। कंपनी के बोर्ड ने उनकी जगह सौरभ राठी को नया CFO नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। सौरभ राठी 23 सितंबर 2026 से CFO की जिम्मेदारी संभालेंगे।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 14 अगस्त 2026 को हुई। इस बैठक में CFO में बदलाव के साथ-साथ 30 जून 2026 को खत्म हुई पहली तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों को भी मंजूरी दी गई।

पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर

Tips Films के वित्तीय नतीजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी की कुल आय 48.24 करोड़ रुपये रही। इसमें ऑपरेशंस से 47.96 करोड़ रुपये की आय और अन्य आय के तौर पर करीब 28 लाख रुपये शामिल हैं।

हालांकि, इस दौरान कंपनी के खर्च काफी ज्यादा रहे। कंपनी का कुल खर्च करीब 77.65 करोड़ रुपये रहा। इसमें फिल्मों के प्रोडक्शन की लागत सबसे बड़ी रही, जो करीब 74.24 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा कर्मचारी लाभ पर 1.51 करोड़ रुपये, फाइनेंस कॉस्ट पर 20 लाख रुपये और डेप्रिसिएशन एवं अमॉर्टाइजेशन पर करीब 1.71 करोड़ रुपये खर्च हुए।

इन खर्चों के चलते कंपनी को जून 2026 तिमाही में करीब 29.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।

इसके मुकाबले जून 2025 की पहली तिमाही में कंपनी को करीब 4.76 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। यानी एक साल पहले की समान तिमाही की तुलना में कंपनी के प्रदर्शन में काफी गिरावट आई है।

आय में भी आई बड़ी गिरावट

कंपनी की कुल आय भी सालाना आधार पर काफी कम हुई है। जून 2025 तिमाही में Tips Films की कुल आय करीब 95.59 करोड़ रुपये थी, जो जून 2026 तिमाही में घटकर 48.24 करोड़ रुपये रह गई।

इस तरह कंपनी की कुल आय में करीब 47.35 करोड़ रुपये की कमी आई है। वहीं, फिल्मों के प्रोडक्शन पर खर्च जून 2025 की 85.11 करोड़ रुपये की तुलना में जून 2026 में घटकर 74.24 करोड़ रुपये रहा।

मार्च 2026 को खत्म हुई पिछली तिमाही में कंपनी की कुल आय करीब 2.70 करोड़ रुपये थी और उस दौरान कंपनी को करीब 3.55 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि, कंपनी ने यह भी बताया है कि उसके कारोबार की प्रकृति ऐसी है कि आय पूरे साल एक समान तरीके से नहीं आती। इसलिए किसी एक तिमाही के नतीजे को पूरे साल के प्रदर्शन का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता।

कौन हैं नए CFO सौरभ राठी?

Tips Films के नए CFO बनने जा रहे सौरभ राठी एक अनुभवी चार्टेड अकाउंटेंट हैं और उन्हें मीडिया एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 14 साल से ज्यादा का अनुभव है।

उन्होंने Finance, Accounts, Taxation, Financial Planning और Business Finance जैसे क्षेत्रों में काम किया है। उनका अनुभव फिल्म प्रोडक्शन, फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन, टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग, फिल्म और म्यूजिक लाइसेंसिंग, इंटरनेशनल फिल्म रॉयल्टी मैनेजमेंट, आर्टिस्ट मैनेजमेंट, ब्रांड पार्टनरशिप और इन-फिल्म ब्रांड इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में भी रहा है।

सौरभ राठी अपने करियर में The Walt Disney Company, UTV, Star India, Fox Corporation Group और Yash Raj Films जैसी बड़ी मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनियों में महत्वपूर्ण वित्तीय जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

कंपनी के मुताबिक, अपने करियर के दौरान उन्होंने फाइनेंशियल गवर्नेंस मजबूत करने, रेगुलेटरी कंप्लायंस, बिजनेस प्रोसेस को बेहतर बनाने, टैक्सेशन, स्टैच्यूटरी रिपोर्टिंग और बिजनेस ग्रोथ के लिए रणनीतिक वित्तीय सलाह देने जैसे क्षेत्रों में काम किया है।

सौरभ राठी ICAI से Chartered Accountant हैं।

हरेश सेधानी ने बोर्ड का जताया आभार

अपने इस्तीफे पत्र में हरेश सेधानी ने कहा कि उन्होंने निजी कारणों की वजह से CFO का पद छोड़ने का फैसला किया है। वह 22 सितंबर 2026 को कारोबारी समय खत्म होने के बाद कंपनी से अलग हो जाएंगे।

उन्होंने कंपनी के चेयरमैन, मैनेजमेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का उनके कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन, सहयोग और भरोसे के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि कंपनी के साथ जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात रही और इस दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण अनुभव और अवसर मिले।

हरेश सेधानी ने Tips Films, उसके मैनेजमेंट और पूरी टीम के भविष्य के लिए सफलता की शुभकामनाएं भी दी हैं।

बोर्ड मीटिंग करीब एक घंटे चली

Tips Films की बोर्ड मीटिंग 14 अगस्त को सुबह 11:45 बजे शुरू हुई और दोपहर 12:50 बजे समाप्त हुई। बैठक में वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने के साथ CFO के इस्तीफे को रिकॉर्ड पर लिया गया और नए CFO की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।

कंपनी ने कहा है कि बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए वित्तीय नतीजे और CFO से जुड़े बदलाव की जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को नियमों के मुताबिक दे दी गई है।

 

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