लैंगिक समानता और मानवाधिकार अविभाज्य, आधारभूत और बिना शर्त हैं, यह कहना है संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक, डॉ. त्लालेंग मोफ़ोकेंग का।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
शोभा शुक्ला, सिटीजन न्यूज़ सर्विस।।
लैंगिक समानता और मानवाधिकार अविभाज्य, आधारभूत और बिना शर्त हैं, यह कहना है संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक, डॉ. त्लालेंग मोफ़ोकेंग का। यदि सतत विकास लक्ष्यों पर सबके लिए खरा उतरना है तो हमें सभी लक्ष्यों पर खरा उतरना होगा। यदि सरकारें चंद लक्ष्यों की ओर कार्य करेंगी और बाक़ी को नज़रअंदाज़ करेंगी, तो हम सभी लक्ष्यों पर असफल होंगे क्योंकि सतत विकास लक्ष्य तो एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
आईपीपीएफ की डॉ. हरज्योत खोसा ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान, समाज के हाशिए पर रह रहे समुदाय के लोगों ने सबसे अधिक त्रासदी झेली क्योंकि वह स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और जेंडर न्याय संबंधित सभी तरह की सेवाओं से वंचित हो गए थे। कोविड के दौरान महिला हिंसा बढ़ रही थी। यदि हम समाज के हाशिए पर रह रहे लोगों को स्वास्थ्य व्यवस्था को परिवर्तित और सुधारने में शामिल करेंगे तो ही वह जेंडर न्याय और मानवाधिकार के मापदंडों ने अनुकूल बन सकेगी। वह 78वें विश्व स्वास्थ्य असेंबली के दौरान जिनेवा में आयोजित एक विशेष सत्र को संबोधित कर रही थीं। इस सत्र को आयोजित करने में ग्लोबल सेंटर फॉर हेल्थ डिप्लोमेसी एंड इंक्लूज़न, सीएनएस, आईपीपीएफ, आदि संगठनों का योगदान रहा।
क्या स्वास्थ्य प्रणाली जेंडर संवेदनशील है? डॉ. हरज्योत खोसा ने कहा कि यह विवेचना करनी चाहिए कि क्या हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था जेंडर संवेदनशील है? क्या वह सिर्फ़ 'पारंपरिक रूप से सही' शादीशुदा महिला और पुरुष के लिए संवेदनशील है और बाक़ी विभिन्न जेंडर के लोगों के लिए या जिन्होंने शादी या बच्चे न करने का निर्णय लिए है, उनके लिए भी संवेदनशील है? स्वास्थ्य व्यवस्था में भी पित्तरात्मकता व्याप्त है इसीलिए इसका ईमानदारी से मूल्यांकन कर के इसको सुधारने की ज़रूरत है जिससे कि कोई भी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
डोमिनिकन रिपब्लिक के डॉ. एलिज़र लपोट्स एब्रो जो हेल्थ हॉरिज़न्स से जुड़े हैं, ने कहा कि उनके मरीज़ों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था इसलिए मना कर दी जाती है क्योंकि या तो वह स्थानीय भाषा नहीं बोलतीं या फिर उनके पास नागरिकता के पूरे दस्तावेज़ नहीं हैं। डॉ. एलिज़र के एक महिला मरीज़ को सर्वाइकल कैंसर का इलाज सरकारी अस्पताल में मना हो गया क्योंकि उसको स्थानीय भाषा नहीं आती थी। जब, अनुवादक साथ गया तो सरकारी अस्पताल ने कहा कि नागरिकता के दस्तावेज़ के बिना कैंसर का इलाज नहीं मिलेगा।
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज या यूएचसी का क्या मायने हैं यदि हम भेदभाव करेंगे और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को नहीं देंगे?
पब्लिक सर्विसेज इंटरनेशनल के बाबा आए ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान होने वाली मृत्यु में से 13% सिर्फ़ असुरक्षित गर्भपात के कारण होती हैं। दो-तिहाई स्वास्थ्य-कर्मी महिला हैं पर कई देशों की कानून और व्यवस्था ने सुरक्षित गर्भपात पर प्रतिबंध लगा रखा है।
लेप्रोसी (कुष्ठ रोग), जेंडर न्याय, मानवाधिकार और सतत विकास: लेप्रोसी या कुष्ठ रोग, जिसे "हैनसेन रोग" के नाम से भी जाना जाता है, एक पुरानी बीमारी है जो सदियों से मानव इतिहास का हिस्सा रही है और कलंक तथा गलत धारणाओं में लिपटी हुई है। यह एक दीर्घकालिक संक्रामक रोग है जो माइको-बैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु के कारण होता है।
कुष्ठ रोग का इलाज मल्टी-ड्रग थेरेपी (बहु-औषधि चिकित्सा) से संभव है। रोग की गंभीरता को देखते हुए यह इलाज 1 से लेकर 2 वर्षों तक चल सकता है। लेकिन अगर इस रोग का शुरुआती चरण में पता नहीं लगाया जाता और इलाज नहीं किया जाता है, तो प्रभावित व्यक्ति में स्थायी विकलांगता और विकृति हो सकती है, जिनके चलते समुदाय में ऐसे व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति भेदभाव व्याप्त होता है। यदि कुष्ठ रोग की जल्दी जांच हो, सही इलाज बिना-विलंब मिले, तो शारीरिक विकृति भी नहीं होती और सही इलाज शुरू होने के 72 घंटे बाद से रोग फैलना भी बंद हो जाता है।
तब क्यों कुष्ठ रोगियों को भेदभाव और शोषण झेलना पड़ता है? कुष्ठ रोग का इलाज पूरा कर चुकी सुश्री माया रनवाड़े जो एसोसिएशन फॉर पीपल अफेक्टेड बाय लेप्रोसी की अध्यक्ष हैं, ने कहा कि कुष्ठ रोग से गुज़र चुकी लड़कियों और महिलाओं को अनेक गुणा अधिक शोषण और भेदभाव झेलना पड़ता है। इसी शोषण और भेदभाव के कारण लोग स्वास्थ्य सेवा से लाभान्वित नहीं हो पाते।
माया रनवाड़े का कहना है कि कुष्ठ रोग से प्रभावित महिलाओं को अनेक संघर्ष करने पड़ते हैं। पित्तरात्मक सामाजिक व्यवस्था के कारण उनको अधिक झेलना पड़ता है। कार्यस्थल तक पर पुरुषों की तुलना में उनको कम दिहाड़ी या दैनिक आय मिलती है। यदि कुष्ठ रोग से प्रभावित महिलाओं की ज़िंदगी सुधारनी है तो जेंडर-आधारिक अन्याय भी समाप्त करने होंगे।
भारत में एचआईवी के साथ जीवित लोगों के संगठन (नेशनल कोएलिशन ऑफ़ पीपल लिविंग विथ एचआईवी इन इंडिया) की सह-संस्थापिका और पूर्व अध्यक्ष दक्षा पटेल ने सराहा कि भारत सरकार ने एचआईवी के साथ जीवित लाखों लोगों को जीवनरक्षक एंटीरेट्रोवायरल दवाएं मुहैया करवायी हैं, अनेक सरकारी एचआईवी स्वास्थ्य सेवा केंद्रों के कारण लोग स्वस्थ और भरपूर जीवन जी पा रहे हैं। परंतु उनकी अपील है कि एचआईवी के साथ जीवित लोगों को भी सरकारी सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज योजनाओं के तहत लाभार्थी बनाया जाये जिससे कि एचआईवी के अलावा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उन्हें सम्मान और अधिकार स्वरूप समय से मिल सकें।
अफगानिस्तान में मानवाधिकार और मानवीय संकट के खतरे सभी के लिए गहरा रहे हैं, लेकिन महिलाओं समेत जेंडर विविध लोगों की स्थिति और भी गंभीर है। उन्हें तालिबान अधिकारियों से हिंसा, और यहां तक कि मौत, का भी गंभीर खतरा है।
अफ़ग़ानी महिलाओं की स्थिति भी बहुत दयनीय है। अफ़गानिस्तान की एक समलैंगिक महिला परवीन ने अपनी हृदय विदारक कहानी सुनाते हुए कहा कि उन्हें लगातार उत्पीड़न और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
वह मार्च 2025 का एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन था जब परवीन और उनकी प्रेमिका मरियम ने एक ट्रांसजेंडर दोस्त मावे के साथ अफ़ग़ानिस्तान छोड़ के ईरान जाने की कोशिश की। लेकिन मामला उलट गया। तालिबान ने मरियम और मावे को पकड़ कर हिरासत में ले लिया और तब से वे कैद में हैं। सौभाग्य से परवीन हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच से गुजरने में सफल रही क्योंकि उसका भाई उसके पुरुष संरक्षक के रूप में उसे अनुमति देने हेतु हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गया। जब तक तालिबान परवीन की तलाश में हवाई अड्डे पर पहुंचे, तब तक उसका विमान उड़ान भर चुका था।
तालिबान परवीन की तलाश कर रहे हैं। लेकिन वह अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए दृढ़ संकल्प है क्योंकि वह नहीं चाहती कि भविष्य में किसी अन्य जेंडर विविध व्यक्ति को तकलीफ़ उठानी पड़े।
परवीन के सहयोगी नेमत सादत हैं, जो रोशनिया (जेंडर विविध अफ़गानों की सहायता के लिए समर्पित एक नेटवर्क है) के अध्यक्ष हैं। नेमत उन पहले अफ़गानों में से एक हैं जिन्होंने 2013 में खुले तौर पर अपने समलैंगिक होने की बात स्वीकार की थी और जेंडर विविध लोगों के अधिकारों के लिए अभियान चलाया।
नेमत ने बताया "हमारे पास 1,000 से ज़्यादा जेंडर विविध लोगों की सूची है जो अभी भी अफ़गानिस्तान में रह रहे हैं। आज तक हमने 265 लोगों को पश्चिमी देशों और ओमान में सुरक्षित पहुचाने में मदद की है और हमें उम्मीद है कि परवीन भी सुरक्षित जगह पर पहुँच जाएँगी, हालाँकि अभी उनका भविष्य बहुत अनिश्चित लग रहा है।"
दक्षिण सूडान में चल रही लड़ाई और कलह ने जेंडर विविध समुदाय, एचआईवी के साथ जीवित लोगों, यौनकर्मी, और विकलांग व्यक्ति जैसे हाशिए पर रह रहे लोगों को आघात पहुंचाया है। उन्हें शारीरिक हिंसा, घरेलू हिंसा और यौन शोषण का सामना करना पड़ रहा है।
दक्षिण सूडान में महिला अधिकारों पर कार्यरत और डबल्यूईसीएसएस की अध्यक्ष रेचल अडाऊ के अनुसार साउथ सूडान की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली टूट रही है। मातृ और बाल स्वास्थ्य सेवाएं बहुत बुरी स्थिति में हैं। संक्रामक रोगों का जोखिम भी बढ़ गया है। अभी दक्षिण सूडान में नदी के दूषित पानी के कारण हैजा का प्रकोप फैला हुआ है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। संघर्ष के कारण खाद्य असुरक्षा होने से युवतियों तथा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और पाँच साल से कम उम्र के बच्चों में कुपोषण और एनीमिया अधिक है। लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर भी बहुत अधिक है। इन सबके परिणामस्वरूप मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी पैदा हो रही हैं।
दक्षिण सूडान में दो न्यायिक प्रणालियाँ हैं - संविधान और प्रथागत पारंपरिक कानून। परंपरा के अनुसार, पुरुष ही कमाते हैं। महिलाओं के पास संसाधनों तक पहुंच नहीं है, निर्णय लेने की पहुंच नहीं है, नेतृत्व में उनकी कोई आवाज़ नहीं है क्योंकि उन्हें अल्पसंख्यक माना जाता है। संविधान के अनुसार दक्षिण सूडान में सभी महिलाओं को समान अधिकार हैं, लेकिन वे कानूनों के खराब क्रियान्वयन के कारण उनका प्रयोग करने में असमर्थ हैं। उदाहरण के लिए, भले ही उनके पास संपत्ति रखने का कानूनी अधिकार है , लेकिन अक्सर उन्हें इस अधिकार से वंचित कर दिया जाता है। साथ ही महिला हिंसा के अपराधियों को सज़ा नहीं मिलती।
क्या सरकारें अगले माह जेंडर न्याय और स्वास्थ्य अधिकार पर ठोस निर्णय लेंगी? जुलाई 2025 में भारत समेत दुनिया के सभी देश, संयुक्त राष्ट्र उच्च-स्तरीय राजनीतिक फोरम में सतत विकास लक्ष्यों पर हुई प्रगति का मूल्यांकन करेंगे - इनमें जेंडर और स्वास्थ्य से संबंधित लक्ष्य प्रमुख हैं। आशा है कि सभी सरकारें, मानवाधिकार के पक्ष्य में ठोस निर्णय लेंगी।
(शोभा शुक्ला, सीएनएस (सिटीज़न न्यूज़ सर्विस) की संस्थापिका-संपादिका हैं और लखनऊ-स्थित लोरेटो कॉलेज की भौतिकी विज्ञान की सेवानिवृत्त वरिष्ठ शिक्षिका हैं। उनको ‘एक्स’ पर पढ़ें: @Shobha1Shukla)
उनके करियर में एनटीपीसी (NTPC) में असिस्टेंट पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (Assistant Public Relations Officer) के तौर पर काम करने का अनुभव भी शामिल है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
तोमोजीत भट्टाचार्जी (Tomojit Bhattacharjee) को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (Delhi Metro Rail Corporation) में एडिशनल जनरल मैनेजर-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Additional General Manager – Corporate Communications) के पद पर पदोन्नत किया गया है। वह नई दिल्ली में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
भट्टाचार्जी के पास कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications), पब्लिक रिलेशंस (Public Relations), डिजिटल मीडिया (Digital Media), कंटेंट मैनेजमेंट (Content Management), पत्रकारिता और रिपोर्टिंग का अनुभव है।
पदोन्नति से पहले वह डीएमआरसी में ज्वाइंट जनरल मैनेजर (Joint General Manager) और सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (Senior Deputy General Manager) के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वह इसी संगठन में डिप्टी जनरल मैनेजर (Deputy General Manager), मैनेजर (Manager) और असिस्टेंट मैनेजर (Assistant Manager) की भूमिकाएं भी निभा चुके हैं।
उनके करियर में एनटीपीसी (NTPC) में असिस्टेंट पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (Assistant Public Relations Officer) के तौर पर काम करने का अनुभव भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने इंडो एशियन न्यूज सर्विस (Indo Asian News Service) और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (Press Trust of India) में पत्रकारिता की भूमिकाओं में भी काम किया है।
शरद जोशी को 'Citi' में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
शरद जोशी (Sharad Joshi) को सिटी (Citi) में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस (Managing Director and Chief Auditor, Artificial Intelligence Assurance) के पद पर प्रमोट किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
जोशी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि मैंने सिटी में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।”
शरद जोशी पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से सिटी के साथ जुड़े हुए हैं। उन्हें फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services), प्रोडक्ट डेवलपमेंट (Product Development), इंजीनियरिंग (Engineering) और रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) के क्षेत्र में 31 वर्षों का अनुभव है।
कम्युनिकेशन क्षेत्र के अनुभवी प्रोफेशनल भास्कर मजूमदार का गुरुवार सुबह लंबे समय से बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने 25 वर्षों के करियर में प्रमुख भारतीय और वैश्विक संस्थानों के साथ काम किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कम्युनिकेशन जगत के अनुभवी प्रोफेशनल भास्कर मजूमदार (Bhaskar Majumdar) का गुरुवार सुबह लंबे समय से बीमारी के बाद निधन हो गया। वह कम्युनिकेशन कंसल्टिंग (Communication Consulting) और रेप्युटेशन मैनेजमेंट (Reputation Management) के क्षेत्र में करीब 25 वर्षों का अनुभव रखते थे।
मजूमदार ने कई प्रमुख भारतीय और ग्लोबल ऑर्गनाइजेशंस (Global Organisations) के साथ काम किया था। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) में जनरल मैनेजर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (General Manager, Corporate Communications) और ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स (ESPN Star Sports) में मैनेजर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Manager, Corporate Communications) रह चुके थे।
उन्होंने एपीसीओ वर्ल्डवाइड (APCO Worldwide), जेनेसिस पीआर (Genesis PR), वैष्णवी कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Vaishnavi Corporate Communications) और एडफैक्टर्स पीआर (Adfactors PR) जैसी रणनीतिक कम्युनिकेशन एजेंसियों (Strategic Communication Agencies) के साथ भी काम किया था।
मजूमदार कई मैनेजमेंट फोरम्स (Management Forums) की एडवाइजरी कमेटियों से जुड़े रहे। इसके अलावा वह कई इंडस्ट्री अवॉर्ड प्लेटफॉर्म्स (Industry Award Platforms) और जूरी का भी हिस्सा रहे। उनके काम को डावोस डिजिटल पीआर अवॉर्ड्स (Davos Digital PR Awards), कैंपेन एशिया अवॉर्ड्स (Campaign Asia Awards), सेबर एशिया (SABRE Asia) और ईलेट्स इंडिया ब्रांड अवॉर्ड्स (eLets India Brand Awards) सहित कई इंडस्ट्री मंचों पर पहचान मिली।
उन्हें एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) की पीआर और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (PR & Corporate Communications) कैटेगरी में 2020 से 2024 तक लगातार पांच वर्षों के लिए टॉप 100 इन्फ्लुएंशियल गेम चेंजर्स (Top 100 Influential Game Changers) में भी शामिल किया गया था।
कॉरपोरेट लीडरशिप के अलावा मजूमदार उभरते प्रोफेशनल्स (Emerging Professionals) के मेंटर के तौर पर भी सक्रिय रहे। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (Indian Institute of Mass Communication), इंडिया टुडे इंस्टीट्यूट (India Today Institute), जीजीएसआईपी यूनिवर्सिटी (GGSIP University) और दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन (Delhi School of Communication) जैसे संस्थानों में नियमित रूप से लेक्चर भी देते थे।
हिना लुल्ला को Creator18 ने बिजनेस हेड नियुक्त किया है। वह सेल्स, मार्केटिंग, डिजिटल, कंटेंट और आईपी में दो दशक से अधिक अनुभव के साथ नई भूमिका संभालेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
क्रिएटर18 (Creator18) ने हिना लुल्ला (Heena Lulla) को बिजनेस हेड (Business Head) नियुक्त किया है। लुल्ला के पास सेल्स, मार्केटिंग, डिजिटल, कंटेंट और आईपी (IPs) के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है।
उन्होंने जी एंटरटेनमेंट (ZEE Entertainment) में वाइस प्रेसिडेंट (Vice President) और रेडियो सिटी (Radio City) में डिजिटल एंड न्यू मीडिया की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (Associate Vice President - Digital and New Media) के तौर पर नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं। इसके अलावा, उन्होंने पेरेंट-इन्फ्लुएंसर प्लेटफॉर्म (Parent-Influencer Platform) वीआईपेरेंट्स (VIParents) की सह-स्थापना भी की है।
लुल्ला ने भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) में क्रिएटर बिजनेस (Creator Businesses) को तैयार करने और विस्तार देने पर काम किया है। इस दौरान उन्होंने ब्रांड्स (Brands), क्रिएटर्स (Creators) और प्लेटफॉर्म्स (Platforms) के साथ मिलकर काम किया।
क्रिएटर18 के सीईओ (CEO) अनुराग अय्यर (Anurag Iyer) ने कहा कि भारत में क्रिएटर्स के बिजनेस बनाने का दौर महत्वपूर्ण मोड़ पर है और ऐसे समय में सही नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने कहा कि हीना के पास गहरी विशेषज्ञता, मजबूत कमर्शियल समझ और ब्रांड्स, क्रिएटर्स व प्लेटफॉर्म्स को साथ लाकर वैल्यू तैयार करने की समझ है।
हिना लुल्ला ने कहा कि वह ऐसे समय में Creator18 से जुड़कर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर ब्रांड्स, क्रिएटर्स और ऑडियंस (Audiences) के बीच सार्थक पार्टनरशिप बनाना उनके पूरे करियर का हिस्सा रहा है और अब वह इसी अनुभव को Creator18 में आगे बढ़ाना चाहती हैं।
अभिषेक शेट्टी को ग्रैब में रीजनल डायरेक्टर एंड हेड ऑफ प्रोडक्ट मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह स्विगी में मार्केटिंग हेड के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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अभिषेक शेट्टी (Abhishek Shetty) को ग्रैब (Grab) में रीजनल डायरेक्टर एंड हेड ऑफ प्रोडक्ट मार्केटिंग (Regional Director & Head of Product Marketing) नियुक्त किया गया है। अपनी नई भूमिका में वह ग्रैब के अलग-अलग मार्केट्स और बिजनेस में प्रोडक्ट मार्केटिंग (Product Marketing) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
शेट्टी कंज्यूमर इनसाइट (Consumer Insight) को प्रोडक्ट रोडमैप (Product Roadmap) में शामिल करने के साथ वैल्यू प्रपोजिशन (Value Proposition), गो-टू-मार्केट (Go-to-Market), एडॉप्शन और ग्रोथ से जुड़े कामों का नेतृत्व करेंगे। उनकी जिम्मेदारी मोबिलिटी (Mobility), डिलीवरीज (Deliveries), फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services), कॉमर्स (Commerce) और एआई-पावर्ड एक्सपीरियंस (AI-powered Experiences) तक होगी।
अपनी लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट में शेट्टी ने लिखा कि ग्रैब जैसे कम कंज्यूमर प्लेटफॉर्म रोजमर्रा की जिंदगी के इतने हिस्सों को कवर करते हैं, जहां लोग दक्षिण-पूर्व एशिया में यात्रा करते हैं, खाना खाते हैं, खरीदारी करते हैं और भुगतान करते हैं। उन्होंने बताया कि अब वह ग्रैब में रीजनल डायरेक्टर एंड हेड ऑफ प्रोडक्ट मार्केटिंग के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
ग्रैब से पहले शेट्टी स्विगी (Swiggy) में मार्केटिंग हेड-स्विगी इंस्टामार्ट, नॉइस एंड प्राइवेट ब्रांड्स (Marketing Head - Swiggy Instamart, Noice & Pvt Brands) के पद पर कार्यरत थे।
शेट्टी को 18 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने कंज्यूमर टेक्नोलॉजी (Consumer Technology), क्विक कॉमर्स (Quick Commerce), स्ट्रीमिंग (Streaming), ई-कॉमर्स (E-commerce), रिटेल और मीडिया जैसे क्षेत्रों में काम किया है। उनके अनुभव में ग्रैब, स्विगी इंस्टामार्ट, सोनीलिव (SonyLIV) और सेलियो (Celio) में लीडरशिप भूमिकाएं शामिल हैं।
सिद्धार्थ त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “दफ़्तर से जन्मदिन की मीठी तस्वीरें!” उन्होंने आगे कहा कि “हेमंत सर के स्नेह से छोटे-छोटे पल उत्सव बन जाते हैं!”
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार और ‘टीवी9’ (TV9) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर (Creative Content Strategy) सिद्धार्थ त्रिपाठी ने 21 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया। इस मौके पर TV9 के दफ्तर में उनका जन्मदिन खास अंदाज में सेलिब्रेट किया गया।
दफ्तर में हुए इस सेलिब्रेशन की कुछ तस्वीरें सिद्धार्थ त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जिनमें उनके साथियों के बीच जन्मदिन की खुशियां और उत्सव के पल नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने अपने सहयोगियों और खास तौर पर टीवी9 के न्यूज डायरेक्टर हेमंत शर्मा के प्रति आभार भी जताया है।
सिद्धार्थ त्रिपाठी ने तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “दफ़्तर से जन्मदिन की मीठी तस्वीरें!” उन्होंने आगे कहा कि “हेमंत सर के स्नेह से छोटे-छोटे पल उत्सव बन जाते हैं!” साथ ही उन्होंने लिखा, “उनसे ये उत्सवधर्मिता सीख रहा हूँ” और इसके लिए हेमंत शर्मा का धन्यवाद किया।
मीडिया में 26 से ज्यादा वर्षों का अनुभव रखने वाले सिद्धार्थ त्रिपाठी पत्रकारिता के साथ-साथ क्रिएटिव कंटेंट और नए फॉर्मेट्स को लेकर भी सक्रिय रहे हैं। वह ‘आजतक’ और ‘जी न्यूज’ जैसे प्रमुख न्यूज संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।
इस सेलिब्रेशन की खास झलकियां आप यहां देख सकते हैं।





डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मद्रास हाई कोर्ट में कहा कि पार्टी के हर सोशल मीडिया पोस्ट के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मद्रास हाई कोर्ट में कहा है कि पार्टी के अलग-अलग विंग या पदाधिकारियों के सोशल मीडिया अकाउंट से किए गए हर पोस्ट के लिए उन्हें कानूनी तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
स्टालिन ने यह बात तमिलनाडु के मंत्री और टीवीके नेता आधव अर्जुन की ओर से दायर 1 करोड़ रुपये की मानहानि की याचिका के जवाब में दाखिल किए गए अपने काउंटर-अफिडेविट में कही है। यह मामला डीएमके आईटी विंग के एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें आधव अर्जुन को एक 258 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी मामले में आरोपी जॉन ब्रिटो का रिश्तेदार बताया गया था।
स्टालिन ने अदालत से कहा कि वह पार्टी के प्रमुख हैं और अलग-अलग विंग के पदाधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी के किसी सदस्य या विंग की हर व्यक्तिगत कार्रवाई के लिए उन्हें कानूनी रूप से जिम्मेदार माना जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा कोई पोस्ट किया भी गया था, तो पहले यह साबित करना होगा कि वह पोस्ट उनकी जानकारी, सहमति या मंजूरी से किया गया था और वह मानहानिकारक भी था।
स्टालिन ने अपने जवाब में यह भी दावा किया कि आधव अर्जुन ने अपनी याचिका में इस बात से इनकार नहीं किया है कि जॉन ब्रिटो नाम का उनका कोई रिश्तेदार है और उस व्यक्ति के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आपराधिक मामला चल रहा है। यह स्टालिन की ओर से अदालत में रखी गई दलील है।
वहीं, आधव अर्जुन ने अपनी याचिका में कहा है कि डीएमके के पोस्ट में उन्हें ड्रग तस्करी मामले से जोड़ना गलत और मानहानिकारक है। उन्होंने स्टालिन और डीएमके आईटी विंग से 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
स्टालिन ने आगे कहा कि आधव अर्जुन ने सार्वजनिक तौर पर उन्हें दो बार ‘मूर्ख मुख्यमंत्री’ कहा था। स्टालिन ने इसे किसी सरकारी नीति की आलोचना के बजाय उन पर व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणी बताया। उन्होंने इसी आधार पर दावा किया कि अर्जुन अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के लिए मुआवजे की मांग नहीं कर सकते। यह भी स्टालिन की ओर से अदालत में दी गई दलील है।
मद्रास हाई कोर्ट में इस मामले की आगे सुनवाई होनी है। डीएमके आईटी विंग ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है और अदालत ने आगे की सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 तक टाल दी है।
ग्रेटर इंडिया के प्रेसिडेंट वेंनू अंबाती (Venu Ambati) के नेतृत्व में भावना भारत में संगठन की रेप्युटेशन मैनेजमेंट (Reputation Management) की जिम्मेदारी संभालेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भावना सिंह (Bhavna Singh) ने आज एसिलोरलक्सोटिका इंडिया (EssilorLuxottica India) में हेड-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस-ग्रेटर इंडिया (Head - Corporate Communications - Greater India) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। वह भारत में कंपनी के कम्युनिकेशंस मैंडेट (Communications Mandate) को लीड करेंगी और ग्लोबल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी (Global Communication Strategy) के अनुरूप देश में एसिलोरलक्सोटिका की कॉरपोरेट नैरेटिव (Corporate Narrative) को मजबूत करेंगी।
ग्रेटर इंडिया के प्रेसिडेंट वेंनू अंबाती (Venu Ambati) के नेतृत्व में भावना भारत में संगठन की रेप्युटेशन मैनेजमेंट (Reputation Management) की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनका फोकस कम्युनिकेशंस, पब्लिक अफेयर्स (Public Affairs) और स्ट्रैटेजिक एडवोकेसी (Strategic Advocacy) पर रहेगा।
इससे पहले भावना सिंह बीएसवी (BSV), जो मैनकाइंड ग्रुप (Mankind Group) की कंपनी है, में वाइस प्रेसिडेंट-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Vice President, Corporate Communications) के पद पर कार्यरत थीं।
राजस्थान पत्रिका में नेशनल कॉरपोरेट हेड राकेश गोपाल ने पूर्व में इंडिया टुडे ग्रुप, एचटी मीडिया, BW बिजनेसवर्ल्ड, आईटीवी नेटवर्क व भारत एक्सप्रेस जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सीनियर मीडिया प्रोफेशनल राकेश गोपाल का आज जन्मदिन है। उनके जन्मदिन के मौके पर मीडिया जगत से जुड़े लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में करीब तीन दशक का अनुभव रखने वाले राकेश गोपाल का करियर भारत के बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ आगे बढ़ा है। उन्होंने विज्ञापन सेल्स, रेवेन्यू, बिजनेस डेवलपमेंट और कॉरपोरेट अफेयर्स जैसे क्षेत्रों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
वर्तमान में राजस्थान पत्रिका में नेशनल कॉरपोरेट हेड राकेश गोपाल ने अपने अब तक के करियर में इंडिया टुडे ग्रुप, एचटी मीडिया, बीडब्ल्यू बिजनेसवर्ल्ड, आईटीवी नेटवर्क और भारत एक्सप्रेस जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। अपनी पेशेवर यात्रा में उन्होंने विज्ञापन, कॉरपोरेट और राजस्व से जुड़े कई अहम पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं।
राकेश गोपाल की राजस्थान पत्रिका के साथ यह दूसरी पारी है। जुलाई 2025 में भारत एक्सप्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने एक बार फिर राजस्थान पत्रिका का रुख किया था। इससे पहले भी वे राजस्थान पत्रिका में नेशनल कॉरपोरेट हेड के तौर पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
राजस्थान पत्रिका में अपनी दूसरी पारी शुरू करने से पहले राकेश गोपाल ने भारत एक्सप्रेस में चीफ रेवेन्यू ऑफिसर के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। वहां वे चैनल की लीडरशिप टीम का हिस्सा रहे और रेवेन्यू से जुड़े काम के साथ विज्ञापनदाताओं के साथ संबंध विकसित करने तथा नए न्यूज नेटवर्क के लिए मोनेटाइजेशन के अवसर तैयार करने में भूमिका निभाई।
इंडिया टुडे ग्रुप के साथ अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रिंट और ब्रॉडकास्ट बिजनेस के लिए विज्ञापन साझेदारी और रेवेन्यू स्ट्रैटेजी से जुड़े काम किए। वहीं, एचटी मीडिया में उन्होंने क्रॉस-प्लेटफॉर्म मोनेटाइजेशन और विज्ञापनदाताओं के साथ जुड़ाव से जुड़े काम किए।
बीडब्ल्यू बिजनेसवर्ल्ड में उन्होंने कॉरपोरेट अफेयर्स और रेवेन्यू से जुड़ी नेतृत्वकारी जिम्मेदारियां संभालीं। इसके अलावा आईटीवी नेटवर्क के साथ अपने कार्यकाल में उन्होंने टेलीविजन और प्रिंट ऑपरेशंस के लिए विज्ञापन सेल्स और कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं।
स्थापित मीडिया संस्थानों से लेकर नए न्यूज वेंचर तक राकेश गोपाल का पेशेवर सफर विज्ञापन साझेदारी, रेवेन्यू मॉडल और कमर्शियल ऑपरेशंस से जुड़े व्यापक अनुभव को दर्शाता है। उनका करियर भारतीय मीडिया इंडस्ट्री में आए बदलावों के साथ भी जुड़ा रहा है, जहां बदलते मीडिया कंजम्पशन, डिजिटल विस्तार और विज्ञापनदाताओं की बदलती अपेक्षाओं ने न्यूज और कंटेंट के बिजनेस को प्रभावित किया है।
मीडिया इंडस्ट्री में अपनी लंबी पेशेवर पारी के दौरान राकेश गोपाल ने विज्ञापन, कॉरपोरेट और रेवेन्यू से जुड़े क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। समाचार4मीडिया की ओर से राकेश गोपाल को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।
डब्ल्यूपीपी मीडिया इंडिया ने अनिश कोहली को टैलेंट हेड-वेस्ट नियुक्त किया है। प्रमोशन से पहले वह लीड-एचआर बिजनेस पार्टनर की भूमिका संभाल रहे थे और संगठन से जुड़े हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डब्ल्यूपीपी मीडिया इंडिया (WPP Media India) ने अनिश कोहली (Anish Kohli) को टैलेंट हेड-वेस्ट (Talent Head - West) के पद पर पदोन्नत किया है। कोहली ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर बताया कि वह पिछले 12.5 वर्षों से संगठन से जुड़े हुए हैं।
नई जिम्मेदारी से पहले वह लीड-एचआर बिजनेस पार्टनर (Lead - HR Business Partner) के तौर पर कार्यरत थे। कोहली एक एचआर प्रोफेशनल (HR Professional) हैं और उन्हें 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह सी-सूट (C-suite) और सीनियर लीडरशिप के साथ पीपल स्ट्रैटेजी (People Strategy) पर काम करते हैं।
उनकी विशेषज्ञता में स्ट्रैटेजिक वर्कफोर्स प्लानिंग (Strategic Workforce Planning), ऑर्गनाइजेशनल डिजाइन (Organisational Design), चेंज मैनेजमेंट (Change Management) और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट (Performance Management) शामिल हैं।
डब्ल्यूपीपी मीडिया इंडिया से जुड़ने से पहले अनिश कोहली ग्रैटिट्यूड इंडिया (Gratitude India) के साथ काम कर चुके हैं।