कम उम्र में बड़ी पहचान, अमिश देवगन को मिली अब टाइम्स नाउ नवभारत की कमान

बड़ी जिम्मेदारियां और खास पहचान, एंकरिंग से एडिटोरियल लीडरशिप तक ऐसे चमका अमिश देवगन का 25 साल से ज्यादा का सफर

Last Modified:
Saturday, 26 September, 2026
Amish Devgan TNN


जाने-माने पत्रकार और न्यूज एंकर अमिश देवगन ने ‘टाइम्स नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में बतौर मैनेजिंग एडिटर नई पारी शुरू की है। 25 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मिली यह भूमिका उनके अब तक के सफर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

अमिश देवगन की खासियत यह रही है कि उन्होंने अपने करियर को कभी सिर्फ एंकरिंग तक सीमित नहीं रखा। रिपोर्टिंग से शुरुआत करने के बाद उन्होंने बिजनेस जर्नलिज्म, प्राइम टाइम एंकरिंग, कंटेंट और एडिटोरियल मैनेजमेंट जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया। यही विविध अनुभव आज उन्हें एक ऐसे संपादकीय प्रोफेशनल के तौर पर स्थापित करता है, जो स्क्रीन के साथ-साथ न्यूजरूम की जरूरतों और कामकाज को भी करीब से समझते हैं।

रिपोर्टिंग से शुरू हुआ सफर: अमिश देवगन ने वर्ष 2002 में ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन की ओर रुख किया और ‘जी मीडिया’ से जुड़े। वर्ष 2005 में वह ‘जी बिजनेस’ का हिस्सा बने, जहां उनके करियर का एक लंबा और महत्वपूर्ण अध्याय शुरू हुआ।

‘जी बिजनेस’ में उन्होंने डिप्टी एडिटर, एडिटर (आउटपुट) और एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। मई 2015 में वह चैनल के चीफ एडिटर बने। एक रिपोर्टर के तौर पर शुरू हुआ यह सफर कुछ ही वर्षों में एडिटोरियल लीडरशिप तक पहुंच चुका था।

बिजनेस जर्नलिज्म के दौर में उन्होंने कमोडिटी, एग्रीकल्चर, बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर काम किया। ‘Mandi Live’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने कमोडिटी मार्केट से जुड़े विषयों को दर्शकों तक पहुंचाया। वहीं ‘Big Story Big Debate’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए उनका दायरा बिजनेस न्यूज से आगे बढ़कर राजनीति, अर्थव्यवस्था, वित्तीय बाजार और देश-दुनिया के बड़े मुद्दों तक पहुंचा।

रिपोर्टिंग से प्राइम टाइम तक: अमिश देवगन के करियर की एक खास बात यह भी रही कि उनकी पहचान सिर्फ स्टूडियो एंकर के रूप में नहीं बनी। उनके करियर में रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। कोयला घोटाले, ओडिशा के माइनिंग मामले और कारोबारी मोईन कुरैशी से जुड़े मामलों पर उनकी रिपोर्टिंग का उल्लेख उनके पुराने प्रोफाइल्स में मिलता है।

रिपोर्टिंग का यह अनुभव बाद में उनकी एंकरिंग का आधार बना। अलग-अलग विषयों पर काम करने और जटिल मुद्दों को समझने का अनुभव उनके प्राइम टाइम कार्यक्रमों में भी दिखाई दिया। समय के साथ उन्होंने खुद को सिर्फ बिजनेस जर्नलिज्म तक सीमित नहीं रखा और राष्ट्रीय राजनीति तथा समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी पहचान बनाई।

नेटवर्क18 में नई जिम्मेदारियों का दौर: ‘जी मीडिया’ में लंबी पारी के बाद वर्ष 2016 में अमिश देवगन ने नेटवर्क18 का रुख किया। वह IBN7, जो बाद में ‘न्यूज18 इंडिया’ बना, में एग्जिक्यूटिव एडिटर और एंकर के तौर पर जुड़े। उस समय उन्हें चैनल की हिंदी न्यूज स्ट्रैटेजी से जुड़ी जिम्मेदारियां भी दी गई थीं।

नेटवर्क18 में उनके करियर का सबसे चर्चित अध्याय ‘आर-पार’ के साथ जुड़ा। इस शो के जरिए उन्होंने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समसामयिक मुद्दों को प्राइम टाइम बहस का हिस्सा बनाया। समय के साथ ‘आर-पार’ उनकी ऑन-स्क्रीन पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।

लेकिन अमिश देवगन की भूमिका सिर्फ कैमरे के सामने तक सीमित नहीं रही। नेटवर्क18 में रहते हुए उन्होंने एडिटोरियल और न्यूज ऑपरेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं। वर्ष 2019 में उन्हें न्यूज18 के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान ऑपरेशंस का मैनेजिंग एडिटर बनाया गया। इस जिम्मेदारी के साथ उनका दायरा प्राइम टाइम एंकरिंग से आगे बढ़कर क्षेत्रीय न्यूज ऑपरेशंस और एडिटोरियल मैनेजमेंट तक पहुंचा।

यानी जिस सफर की शुरुआत एक रिपोर्टर के तौर पर हुई थी, वह धीरे-धीरे ऐसे मुकाम तक पहुंचा जहां कैमरे के सामने एंकरिंग के साथ-साथ न्यूजरूम के भीतर नेतृत्व की जिम्मेदारी भी अमिश देवगन के कंधों पर थी।

कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारियों तक पहुंचने का सफर: अमिश देवगन के करियर को देखें तो इसकी खास बात उनकी जिम्मेदारियों का लगातार बढ़ना रहा है। वर्ष 2002 में पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने कुछ ही वर्षों में बिजनेस जर्नलिज्म और टेलीविजन एंकरिंग में अपनी जगह बनाई। इसके बाद एडिटोरियल पदों पर आगे बढ़ते हुए उन्होंने चीफ एडिटर और फिर मैनेजिंग एडिटर जैसी जिम्मेदारियां संभालीं।

उनकी यात्रा यह भी दिखाती है कि टेलीविजन पत्रकारिता में एक लंबा करियर केवल स्क्रीन पर दिखाई देने वाली पहचान तक सीमित नहीं होता। रिपोर्टिंग, रिसर्च, कंटेंट प्लानिंग, एंकरिंग और न्यूजरूम मैनेजमेंट—इन अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव किसी पत्रकार को व्यापक संपादकीय भूमिका के लिए तैयार करता है। अमिश देवगन के करियर में इन सभी चरणों को देखा जा सकता है।

‘आर-पार’ ने बनाई अलग पहचान: अमिश देवगन के करियर की बात ‘आर-पार’ के बिना पूरी नहीं होती। यह कार्यक्रम उनके नेटवर्क18 कार्यकाल के दौरान उनकी प्रमुख ऑन-स्क्रीन पहचान बना और इसके साथ उनका नाम हिंदी न्यूज टेलीविजन के प्राइम टाइम से मजबूती से जुड़ा।

कार्यक्रम के जरिए उन्होंने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समसामयिक घटनाओं से जुड़े मुद्दों पर बहस और चर्चा को आगे बढ़ाया। उनकी ऑन-स्क्रीन शैली और लगातार दिखाई देने वाली मौजूदगी ने उन्हें हिंदी न्यूज टेलीविजन के पहचाने जाने वाले चेहरों में शामिल किया।

कई सम्मान भी मिले: 25 साल से ज्यादा के पत्रकारिता सफर में अमिश देवगन को अलग-अलग मंचों पर सम्मान भी मिला है। उनके नाम IMF Young Emerging Editors Award 2015, Srishti Award for Business Journalism और Power Brand Trendsetter Award 2016 जैसे सम्मान दर्ज हैं। उनके करियर के दौरान उन्हें ENBA से भी सम्मान मिला।

अब टाइम्स नाउ नवभारत में नई पारी: करीब एक दशक तक नेटवर्क18 से जुड़े रहने के बाद अमिश देवगन ने हाल ही में संस्थान को अलविदा कहा। उनके जाने के साथ ‘आर-पार’ से जुड़ा एक लंबा अध्याय समाप्त हुआ, लेकिन इसके साथ ही उनके करियर का नया अध्याय भी शुरू हो गया।

अब ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका उनके इसी अनुभव को एक नए मंच पर आगे बढ़ाने का अवसर है। वह नोएडा से अपना कामकाज संभालेंगे और ‘टाइम्स टीवी नेटवर्क’ के सीईओ व Times Media & Entertainment के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।

कई भूमिकाओं में खुद को साबित किया: अमिश देवगन के अब तक के सफर को देखें तो उनकी पहचान किसी एक भूमिका तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने रिपोर्टर, बिजनेस पत्रकार, एंकर, एडिटर, चीफ एडिटर और मैनेजिंग एडिटर के तौर पर काम किया है।

25 साल से ज्यादा पहले रिपोर्टिंग से शुरू हुआ यह सफर आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है जहां पत्रकारिता के अलग-अलग अनुभव उनके संपादकीय नेतृत्व का आधार बन रहे हैं। रिपोर्टिंग ने उन्हें खबर की जमीन से जोड़ा, बिजनेस जर्नलिज्म ने विषयों की गहराई समझने का अनुभव दिया, एंकरिंग ने उन्हें दर्शकों से सीधे जुड़ने का मंच दिया और एडिटोरियल लीडरशिप ने उन्हें न्यूजरूम के बड़े फैसलों की जिम्मेदारी दी।

अब टाइम्स नाउ नवभारत के साथ उनकी नई पारी इसी लंबे अनुभव का अगला पड़ाव है। समाचार4मीडिया की ओर से अमिश देवगन को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

महिला पत्रकार से यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस के ACP का प्रमोशन

एक महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को सोमवार को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के पद पर प्रमोट किया गया है।

Last Modified:
Tuesday, 06 October, 2026
DelhiPolice985

दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को सोमवार को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Additional Deputy Commissioner) के पद पर प्रमोट किया गया है। उनके साथ 11 अन्य पुलिस अधिकारियों को भी प्रमोशन दिया गया है।

एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में डॉ. विकास श्योकंद, ए. वेंकटेश, गुरसेवक सिंह, रेणु लता, विदुषी कौशिक, मनु हिमांशु, सकारिया मिहिर प्रवीनभाई, गरिमा तिवारी, विवेक भगत, आशीष कुमार, मनीष लडला और रोहित गुप्ता शामिल हैं।

पुलिस ने प्रमोशन को बताया नियमित प्रक्रिया

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये प्रमोशन नियमित प्रक्रिया के तहत किए गए हैं और प्रमोशन के लिए अनुरोध काफी पहले ही भेजा गया था।

तीन महिला पत्रकारों ने लगाए थे आरोप

यह मामला 3 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस को इन मामलों में शिकायतें मिली थीं और आगे की जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने रविवार को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बताया था कि 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी थी। इसी दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। पुलिस के मुताबिक, निष्पक्ष और उचित जांच के लिए शिकायतों को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया है। इन आरोपों के बाद कई स्वतंत्र पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन भी किया और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

SEBI ने चंडीगढ़ में खोला स्थानीय कार्यालय, पंजाब-हरियाणा के निवेशकों को मिलेगी सुविधा

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने चंडीगढ़ में अपना स्थानीय कार्यालय शुरू किया है।

Last Modified:
Tuesday, 06 October, 2026
SEBI98

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने चंडीगढ़ में अपना स्थानीय कार्यालय शुरू किया है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने सोमवार को चंडीगढ़ में इस स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन किया।

SEBI का चंडीगढ़ स्थानीय कार्यालय SCO नंबर 20-25, दूसरी मंजिल, जीवन प्रकाश बिल्डिंग, सेक्टर 17B, चंडीगढ़-160017 में स्थित है।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए काम करेगा

चंडीगढ़ स्थित यह स्थानीय कार्यालय पंजाब और हरियाणा राज्यों तथा चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश को कवर करेगा। यह कार्यालय SEBI के नई दिल्ली स्थित नॉर्दर्न रीजनल ऑफिस के प्रशासनिक नियंत्रण और अधिकार क्षेत्र के तहत काम करेगा।

निवेशकों की शिकायतों के निपटारे में मदद करेगा

चंडीगढ़ स्थानीय कार्यालय के प्रमुख कामों में सूचीबद्ध कंपनियों और बाजार से जुड़े बिचौलियों के खिलाफ निवेशकों की शिकायतों के निपटारे में मदद करना शामिल होगा।

इसके अलावा, कार्यालय के जरिए निवेशकों के बीच निवेशक शिक्षा और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को निवेश और वित्तीय मामलों से जुड़ी जानकारी देने और उनकी समझ बढ़ाने में मदद करना है।

SME और दूसरे बाजार से जुड़े क्षेत्रों पर भी रहेगा फोकस

SEBI का यह स्थानीय कार्यालय अपने अधिकार क्षेत्र में जारीकर्ता मंच (Issuers Forum), छोटे और मध्यम उद्यम (SMEs), सोशल स्टॉक एक्सचेंज, म्युनिसिपल बॉन्ड और कॉरपोरेट बॉन्ड जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों और संस्थाओं के साथ भी संपर्क करेगा। इसके अलावा, स्थानीय कार्यालयों को समय-समय पर सौंपे जाने वाले दूसरे काम भी यह कार्यालय करेगा।

SEBI के मुताबिक, चंडीगढ़ में स्थानीय कार्यालय खुलने से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में निवेशकों से जुड़े मामलों और पूंजी बाजार से संबंधित गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क और सुविधा उपलब्ध होगी।

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

टीम पंपकिन ने स्वाति नाथानी को नियुक्त किया नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर

टीम पंपकिन ने को-फाउंडर स्वाति नाथानी को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है। वह बिजनेस स्ट्रैटेजी और ग्रोथ का नेतृत्व करते हुए एजेंसी की इंटीग्रेटेड क्षमताओं को मजबूत करेंगी।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
swati

टीम पंपकिन (Team Pumpkin) ने अपनी को-फाउंडर स्वाति नाथानी (Swati Nathani) को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (Chief Executive Officer) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह एजेंसी की बिजनेस स्ट्रैटेजी और ग्रोथ का नेतृत्व करेंगी।

स्वाति ने 2012 में टीम पंपकिन की सह-स्थापना की थी और डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस से एक इंटीग्रेटेड मार्केटिंग पार्टनर के तौर पर एजेंसी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नई जिम्मेदारी में उनका फोकस क्रिएटिव, परफॉर्मेंस, टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशंस और कॉमर्स को करीब लाने पर रहेगा।

स्वाति ने कहा कि एजेंसी बिजनेस में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में तेजी से बदलाव हो रहा है। एआई (AI) एक्सीक्यूशन के तरीके बदल रहा है, जबकि प्लेटफॉर्म ब्रांड्स की खोज के तरीके को प्रभावित कर रहे हैं। क्लाइंट्स अब आइडिया से बिजनेस रिजल्ट तक कम से कम साइलो चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि टीम पंपकिन का लक्ष्य हर नई टेक्नोलॉजी के पीछे भागना नहीं, बल्कि ऐसी एजेंसी तैयार करना है जो यह समझ सके कि टेक्नोलॉजी कहां वैल्यू जोड़ती है और कहां ह्यूमन जजमेंट सबसे ज्यादा जरूरी है।

स्वाति के नेतृत्व में टीम पंपकिन ब्रांड स्ट्रैटेजी, क्रिएटिव, डिजिटल, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, सोशल मीडिया, पीआर, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी और मार्केटप्लेस सर्विसेज में अपनी इंटीग्रेटेड पेशकश को मजबूत करेगी। एजेंसी एआई-आधारित क्षमताओं को भी आगे बढ़ाएगी।

स्वाति के अनुभव में ब्रांडिंग, डिजिटल स्ट्रैटेजी, एनालिटिक्स, एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी शामिल हैं। उनका अनुभव क्रिएटिव और बिजनेस सोच के बीच संतुलित नजरिया बनाने में मदद करता है।

टीम पंपकिन के अगले चरण में इंटीग्रेटेड क्षमताओं को मजबूत करने, टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं का विस्तार करने, लीडरशिप टीम को मजबूत करने, ग्लोबल विस्तार बढ़ाने और कम्युनिकेशन को मापने योग्य बिजनेस ग्रोथ से जोड़ने पर जोर रहेगा।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मोहित चेरियन बने डियाजियो इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट- कस्टमर मार्केटिंग

मोहित चेरियन को डियाजियो इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट – कस्टमर मार्केटिंग बनाया गया है। वह भारत में कस्टमर मार्केटिंग एजेंडा का नेतृत्व करते हुए ब्रांड्स और कैटेगरी को मजबूत बनाने पर काम करेंगे।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
brandmarketing

मोहित चेरियन (Mohit Cherian) को डियाजियो इंडिया (Diageo India) में वाइस प्रेसिडेंट – कस्टमर मार्केटिंग (Vice President – Customer Marketing) के पद पर पदोन्नत किया गया है। अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा की। इस भूमिका में वह भारत में कस्टमर मार्केटिंग एजेंडा का नेतृत्व करेंगे और डियाजियो के ब्रांड्स व कैटेगरी को आकार देने और मजबूत बनाने पर काम करेंगे।

इससे पहले चेरियन डियाजियो इंडिया में कैटेगरी डायरेक्टर (Category Director) के तौर पर काम कर रहे थे। उससे पहले वह सीनियर जनरल मैनेजर, ब्रांड मार्केटिंग (Senior General Manager, Brand Marketing) की भूमिका में थे, जहां उन्होंने कंपनी के बीआईआई स्कॉचेज (BII Scotches) पोर्टफोलियो की मार्केटिंग संभाली।

चेरियन 2020 में डियाजियो इंडिया से जुड़े थे। उन्होंने कंपनी की इनोवेशन टीम (Innovation Team) से अपना सफर शुरू किया और बाद में ब्रांड मार्केटिंग में आए। इस दौरान उन्होंने रॉयल चैलेंज (Royal Challenge) और मैकडॉवेल्स नंबर 1 (McDowell’s No.1) जैसे ब्रांड्स पर काम किया।

रॉयल चैलेंज के साथ उन्होंने ब्रांड की री-पोजिशनिंग और विराट कोहली (Virat Kohli) के साथ ‘नया शेर’ (Naya Sher) कैंपेन पर काम किया। वहीं, मैकडॉवेल्स नंबर 1 के विकास और पोर्टफोलियो से जुड़ी पहलों में भी उनकी भूमिका रही, जिसमें एक्स-सीरीज (X-Series) और सिंगल माल्ट (Single Malt) पेशकश शामिल है।

डियाजियो इंडिया से पहले चेरियन आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल (Aditya Birla Fashion and Retail) में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट और एलन सॉली (Allen Solly) के हेड ऑफ मार्केटिंग रह चुके हैं। उन्होंने ओगिल्वी (Ogilvy) और मैनेजमेंट कंसल्टिंग के क्षेत्र में भी काम किया है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मेटा में आदित्य सुनीलकुमार की एंट्री : बने क्रिएटिव डायरेक्टर

आदित्य सुनीलकुमार ने मेटा में क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह हवास इंडिया में एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ डिजिटल की भूमिका में थे।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
meta

आदित्य सुनीलकुमार (Aditya Sunilkumar) ने मेटा (Meta) में क्रिएटिव डायरेक्टर (Creative Director) के तौर पर नई भूमिका संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर पोस्ट के जरिए अपने नए पद की जानकारी साझा की।

सुनीलकुमार ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह मेटा में क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर नई शुरुआत को लेकर खुश हैं। मेटा जॉइन करने से पहले वह हवास इंडिया (Havas India) से जुड़े थे, जहां उन्होंने एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर एंड हेड ऑफ डिजिटल (Executive Creative Director & Head of Digital) की जिम्मेदारी संभाली।

मेटा में उनकी नई भूमिका कंपनी के क्रिएटिव काम और डिजिटल इकोसिस्टम (Digital Ecosystem) से जुड़े प्रयासों के साथ होगी।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जंतर-मंतर पर पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार पर PCI नाराज, कही ये बात

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 और 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई है।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
Press Club

पत्रकारों के प्रमुख संगठन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 और 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई है। प्रेस क्लब ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ पुलिस का रवैया कथित तौर पर आक्रामक रहा।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने 4 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि एक एसीपी ने उनके साथ छेड़छाड़ और गलत तरीके से छूने की कोशिश की। महिला पत्रकार शनिवार रात संसद मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची थीं।

प्रेस क्लब के अनुसार, विभिन्न स्वतंत्र संगठनों और न्यूज पोर्टलों से जुड़े पत्रकारों ने बताया कि उनके पास प्रेस कार्ड थे और उन्होंने बार-बार पुलिस को बताया कि वे मीडिया से हैं। इसके बावजूद पुलिस ने उनके साथ कथित तौर पर हिंसक और आक्रामक व्यवहार किया। प्रेस क्लब ने कहा कि कुछ पत्रकारों को प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में भी लिया गया।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं बनाया जा सकता। उसके मुताबिक पत्रकारों को बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से काम करने और विभिन्न मुद्दों को लेकर जुटे लोगों की कवरेज करने की अनुमति मिलनी चाहिए। प्रेस क्लब ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में भी ऐसा नहीं हो पाना देश में मीडिया की स्वतंत्रता की दिशा के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

प्रेस क्लब ने दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार की शिकायत पर उचित कार्रवाई करने और मीडियाकर्मियों को अपना काम करने के लिए आवश्यक जगह देने की मांग की है, ताकि उन्हें आक्रामकता और धमकियों का सामना न करना पड़े।

इंटरनेट सेवा बंद करने पर भी जताई आपत्ति: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जंतर-मंतर और उसके आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के आदेश दिए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, दूरसंचार कंपनियों को जंतर-मंतर के आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।

प्रेस क्लब के मुताबिक, इंटरनेट बंद होने से सूचनाओं का प्रवाह प्रभावित होता है और पत्रकारों के काम में बड़ी बाधा आती है। उसने कहा कि इस तरह की मनमानी इंटरनेट बंदी की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि पत्रकारों को बिना डर और दबाव के अपना काम करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग के दौरान उन्हें आवश्यक सुरक्षा और काम करने की जगह उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच भेजा: इस बीच, दिल्ली पुलिस ने 4 अक्टूबर को बताया कि 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली जिला पुलिस को इनकी शिकायतें मिली हैं और उन्हें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेज दिया गया है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

चित्रा त्रिपाठी को KIIT भुवनेश्वर ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से किया सम्मानित

एबीपी न्यूज की प्राइम टाइम एंकर और वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी को KIIT भुवनेश्वर ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए KIIT परिवार का आभार जताया।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
chitra

एबीपी न्यूज (ABP News) की प्राइम टाइम एंकर और वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी (Chitra Tripathi) को भुवनेश्वर स्थित केआईआईटी (KIIT) ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया है। चित्रा ने एक्स (X) पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।

चित्रा ने इस सम्मान को अपने लिए गौरव और भावुकता का क्षण बताया। उन्होंने केआईआईटी परिवार और संस्थान के फाउंडर अच्युत सामंत (Achyuta Samanta) का आभार जताया। उन्होंने कहा कि करीब 40 हजार छात्रों वाले संस्थान ने उन्हें इस सम्मान के योग्य समझा, जिसके लिए वह हमेशा कृतज्ञ रहेंगी।

चित्रा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए उपलब्धि के साथ एक नई जिम्मेदारी भी है। उन्होंने अपनी कलम, आवाज और कर्म के जरिए समाज और देश के प्रति अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाते रहने की बात कही।

समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (U.S. House of Representatives) के सदस्य और वॉशिंगटन के 5वें डिस्ट्रिक्ट से कांग्रेसमैन माइकल जेम्स बॉमगार्टनर (Michael James Baumgartner) और मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी (Montana State University), अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉ. ब्रॉक टेस्मैन (Dr. Brock Tessman) भी मौजूद रहे।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

यूपी बीजेपी ने नई मीडिया टीम का किया ऐलान, 31 प्रवक्ता और 25 मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त

उत्तर प्रदेश बीजेपी ने शनिवार को अपनी नई मीडिया टीम का ऐलान कर दिया। पार्टी ने राज्य स्तर पर 31 प्रवक्ताओं और 25 मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति की है।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
BJP652

उत्तर प्रदेश बीजेपी ने शनिवार को अपनी नई मीडिया टीम का ऐलान कर दिया। पार्टी ने राज्य स्तर पर 31 प्रवक्ताओं और 25 मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति की है। नई टीम की सूची प्रदेश मीडिया संयोजक मनीष दीक्षित ने जारी की।

नई टीम में डॉ. समीर सिंह, अभिषेक कृष्ण दुबे, अवनीश त्यागी, मनीष शुक्ला, नवीन श्रीवास्तव, अंकुश त्रिपाठी, आनंद दुबे, हीरो वाजपेयी और डॉ. ऋचा सिंह समेत कई नेताओं को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से कई नेता पिछली मीडिया टीम में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

अभिषेक कृष्ण दुबे को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी

एटा निवासी अभिषेक कृष्ण दुबे को प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया है। वह इससे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और फिलहाल युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। अभिषेक कृष्ण दुबे पार्टी के युवा मोर्चा में राजस्थान के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

मीडिया विभाग में भी नियुक्तियां

बीजेपी ने हिमांशु दुबे और दीपक बघेल को मीडिया विभाग का सह-संयोजक नियुक्त किया है। वहीं दिवस चतुर्वेदी और मनोज त्रिवेदी को मीडिया वॉच टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों के लिए भी मीडिया संयोजक और सह-संयोजकों की घोषणा की है।

प्रदेश मीडिया सह संयोजक

  • हिमांशु दुबे
  • दीपक बघेल

प्रदेश प्रवक्ता

  • डॉ. समीर सिंह
  • कौशलेन्द्र पटेल
  • मनीष शुक्ला
  • हीरो बाजपेयी
  • जुगल किशोर
  • राकेश त्रिपाठी
  • लालजी निर्मल
  • आनंद दुबे
  • अवनीश त्यागी
  • आलोक वर्मा
  • अनिला सिंह
  • साक्षी दिवाकर
  • संजय चौधरी
  • अशोक पाण्डेय
  • एस.एन. सिंह
  • मनोज पोसवाल
  • डॉ. ऋचा सिंह
  • प्रशान्त उमराव
  • दिलीप श्रीवास्तव
  • डॉ. अमित कुशवाहा
  • प्रियंक पाण्डेय
  • नवीन श्रीवास्तव
  • रामनिवास यादव
  • अनुभव चक
  • डॉ. रजनीश त्यागी
  • ब्रह्मप्रकाश पाल
  • आशीष कुमार गुप्ता
  • डॉ. अंकुश त्रिपाठी
  • अभिषेक कृष्ण दुबे
  • प्रताप सिंह नागर
  • शैलेन्द्र शर्मा अटल

प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट

  • अमित वाल्मीकी
  • डॉ. कौशल कान्त
  • राघवेन्द्र सिंह
  • शरतेन्दु त्रिवेदी 'शरद'
  • रवि सोनकर
  • अभय प्रताप सिंह
  • गौरव महेश्वरी
  • चन्द्रमोहन चौबे
  • पल्लवी सिंह
  • अपर्णा दीक्षित
  • राज कुमार राजू
  • ओ.पी. मिश्रा
  • डॉ. अशोक नागर
  • गौरव गर्ग
  • जेबा यासमीन
  • अमील शम्सी
  • पवन गोयल
  • बाल कृष्ण पाण्डेय
  • धनंजय शुक्ला
  • डॉ. विजय रत्ना तोमर
  • मनीष शर्मा
  • बृजेश यादव
  • प्रशांत सिंह राठौर
  • सूरज श्रीवास्तव
  • मणीन्द्र पाण्डेय

मीडिया वॉच

  • दिवस चतुर्वेदी
  • मनोज त्रिवेदी

पश्चिम मीडिया संयोजक

  • गजेंद्र शर्मा

पश्चिम सह मीडिया संयोजक

  • संजय महेश्वरी
  • निमित जायसवाल
  • नितिन शर्मा

बृज मीडिया संयोजक

  • अंकित महेश्वरी

बृज सह मीडिया संयोजक

  • अमित गुप्ता
  • शशि भूषण गुप्ता
  • श्याम सुंदर पराशर
  • नीशित शर्मा

कानपुर मीडिया संयोजक

  • अनूप अवस्थी

कानपुर सह मीडिया संयोजक

  • संजय सिंह

अवध मीडिया संयोजक

  • आकाश मिश्रा

अवध सह मीडिया संयोजक

  • अमित वर्मा
  • सिद्धार्थ तिवारी
  • हिमालय वर्मा
  • दीपक तिवारी

काशी मीडिया संयोजक

  • मधुकर चित्रांश

काशी सह मीडिया संयोजक

  • संतोष सोलारपुरकर
  • शैलेंद्र मिश्रा

गोरखपुर मीडिया संयोजक

  • राहुल तिवारी

गोरखपुर सह मीडिया संयोजक

  • चंदन आर्य
  • समरेंद्र विक्रम सिंह

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जंतर-मंतर पर 3 महिला पत्रकारों ने पुलिस पर लगाया बदसलूकी का आरोप, क्राइम ब्रांच करेगी जांच

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।

Last Modified:
Sunday, 04 October, 2026
Parliament87474

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने शिकायतों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। अब क्राइम ब्रांच महिला पत्रकारों के बयान दर्ज करेगी और पूरे मामले की जांच करेगी।

एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि 3 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे, लेकिन मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। उनका दावा है कि जब वह इस कार्रवाई की कवरेज कर रही थीं और इस बारे में एसीपी विवेक भगत से सवाल किया, तो उन्होंने कथित तौर पर उनके साथ गलत तरीके से व्यवहार किया और उन्हें धक्का दिया।

इस मामले को लेकर पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर भी प्रदर्शन किया और आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। फिलहाल पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को जांच के लिए भेज दिया है।

CJP ने भी FIR की मांग की

मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने भी एसीपी विवेक भगत के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। CJP के प्रतिनिधिमंडल ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचकर इस मामले में शिकायत दी।

राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब

इस मामले पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है और महिला प्रदर्शनकारियों व पत्रकारों के साथ बदसलूकी के आरोपों पर गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है। 2 और 3 अक्टूबर को यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे थे। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

प्रदर्शनकारियों और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

मामले में अब क्राइम ब्रांच की जांच के बाद यह साफ होगा कि महिला पत्रकारों की शिकायतों में लगाए गए आरोपों को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TV9 के पूर्व सीनियर ग्राफिक डिजाइनर उज्ज्वल कुमार सिंह का निधन

मीडिया जगत में करीब 10-12 साल तक काम करने वाले ग्राफिक और मोशन ग्राफिक डिजाइनर उज्ज्वल कुमार सिंह का निधन हो गया।

Last Modified:
Saturday, 03 October, 2026
UjjawalSingh5421

मीडिया जगत में करीब 10-12 साल तक काम करने वाले ग्राफिक और मोशन ग्राफिक डिजाइनर उज्ज्वल कुमार सिंह का निधन हो गया। उन्होंने 1 अक्टूबर की रात धनबाद के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। बताया गया है कि वह पिछले दो दिनों से वेंटिलेशन पर थे।

उज्ज्वल झारखंड के बोकारो स्टील सिटी के रहने वाले थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन न्यूज से की थी। इसके बाद उन्होंने IndiaReport, Bluekraft Digital Foundation और LearnApp जैसे संस्थानों में काम किया।

जनवरी 2021 में उज्ज्वल TV9 से जुड़े थे, जहां उन्होंने सीनियर ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर काम किया। करीब छह साल तक TV9 को अपनी सेवाएं देने के बाद उनकी नौकरी चली गई थी।

उज्ज्वल को ग्राफिक और मोशन ग्राफिक्स के क्षेत्र में काम करने का अनुभव था। मीडिया संस्थानों में ग्राफिक डिजाइनर की भूमिका खबरों को विजुअल रूप देने और ब्रेकिंग न्यूज व दूसरी स्टोरीज के लिए क्रिएटिव तैयार करने में अहम होती है।

उज्ज्वल के निधन की खबर के बाद मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके निधन को असमय और दुखद बताया जा रहा है। 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए