कम उम्र में बड़ी पहचान, अमिश देवगन को मिली अब टाइम्स नाउ नवभारत की कमान

बड़ी जिम्मेदारियां और खास पहचान, एंकरिंग से एडिटोरियल लीडरशिप तक ऐसे चमका अमिश देवगन का 25 साल से ज्यादा का सफर

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Saturday, 26 September, 2026
Amish Devgan TNN


जाने-माने पत्रकार और न्यूज एंकर अमिश देवगन ने ‘टाइम्स नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में बतौर मैनेजिंग एडिटर नई पारी शुरू की है। 25 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मिली यह भूमिका उनके अब तक के सफर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

अमिश देवगन की खासियत यह रही है कि उन्होंने अपने करियर को कभी सिर्फ एंकरिंग तक सीमित नहीं रखा। रिपोर्टिंग से शुरुआत करने के बाद उन्होंने बिजनेस जर्नलिज्म, प्राइम टाइम एंकरिंग, कंटेंट और एडिटोरियल मैनेजमेंट जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया। यही विविध अनुभव आज उन्हें एक ऐसे संपादकीय प्रोफेशनल के तौर पर स्थापित करता है, जो स्क्रीन के साथ-साथ न्यूजरूम की जरूरतों और कामकाज को भी करीब से समझते हैं।

रिपोर्टिंग से शुरू हुआ सफर: अमिश देवगन ने वर्ष 2002 में ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन की ओर रुख किया और ‘जी मीडिया’ से जुड़े। वर्ष 2005 में वह ‘जी बिजनेस’ का हिस्सा बने, जहां उनके करियर का एक लंबा और महत्वपूर्ण अध्याय शुरू हुआ।

‘जी बिजनेस’ में उन्होंने डिप्टी एडिटर, एडिटर (आउटपुट) और एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। मई 2015 में वह चैनल के चीफ एडिटर बने। एक रिपोर्टर के तौर पर शुरू हुआ यह सफर कुछ ही वर्षों में एडिटोरियल लीडरशिप तक पहुंच चुका था।

बिजनेस जर्नलिज्म के दौर में उन्होंने कमोडिटी, एग्रीकल्चर, बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर काम किया। ‘Mandi Live’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने कमोडिटी मार्केट से जुड़े विषयों को दर्शकों तक पहुंचाया। वहीं ‘Big Story Big Debate’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए उनका दायरा बिजनेस न्यूज से आगे बढ़कर राजनीति, अर्थव्यवस्था, वित्तीय बाजार और देश-दुनिया के बड़े मुद्दों तक पहुंचा।

रिपोर्टिंग से प्राइम टाइम तक: अमिश देवगन के करियर की एक खास बात यह भी रही कि उनकी पहचान सिर्फ स्टूडियो एंकर के रूप में नहीं बनी। उनके करियर में रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। कोयला घोटाले, ओडिशा के माइनिंग मामले और कारोबारी मोईन कुरैशी से जुड़े मामलों पर उनकी रिपोर्टिंग का उल्लेख उनके पुराने प्रोफाइल्स में मिलता है।

रिपोर्टिंग का यह अनुभव बाद में उनकी एंकरिंग का आधार बना। अलग-अलग विषयों पर काम करने और जटिल मुद्दों को समझने का अनुभव उनके प्राइम टाइम कार्यक्रमों में भी दिखाई दिया। समय के साथ उन्होंने खुद को सिर्फ बिजनेस जर्नलिज्म तक सीमित नहीं रखा और राष्ट्रीय राजनीति तथा समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी पहचान बनाई।

नेटवर्क18 में नई जिम्मेदारियों का दौर: ‘जी मीडिया’ में लंबी पारी के बाद वर्ष 2016 में अमिश देवगन ने नेटवर्क18 का रुख किया। वह IBN7, जो बाद में ‘न्यूज18 इंडिया’ बना, में एग्जिक्यूटिव एडिटर और एंकर के तौर पर जुड़े। उस समय उन्हें चैनल की हिंदी न्यूज स्ट्रैटेजी से जुड़ी जिम्मेदारियां भी दी गई थीं।

नेटवर्क18 में उनके करियर का सबसे चर्चित अध्याय ‘आर-पार’ के साथ जुड़ा। इस शो के जरिए उन्होंने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समसामयिक मुद्दों को प्राइम टाइम बहस का हिस्सा बनाया। समय के साथ ‘आर-पार’ उनकी ऑन-स्क्रीन पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।

लेकिन अमिश देवगन की भूमिका सिर्फ कैमरे के सामने तक सीमित नहीं रही। नेटवर्क18 में रहते हुए उन्होंने एडिटोरियल और न्यूज ऑपरेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं। वर्ष 2019 में उन्हें न्यूज18 के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान ऑपरेशंस का मैनेजिंग एडिटर बनाया गया। इस जिम्मेदारी के साथ उनका दायरा प्राइम टाइम एंकरिंग से आगे बढ़कर क्षेत्रीय न्यूज ऑपरेशंस और एडिटोरियल मैनेजमेंट तक पहुंचा।

यानी जिस सफर की शुरुआत एक रिपोर्टर के तौर पर हुई थी, वह धीरे-धीरे ऐसे मुकाम तक पहुंचा जहां कैमरे के सामने एंकरिंग के साथ-साथ न्यूजरूम के भीतर नेतृत्व की जिम्मेदारी भी अमिश देवगन के कंधों पर थी।

कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारियों तक पहुंचने का सफर: अमिश देवगन के करियर को देखें तो इसकी खास बात उनकी जिम्मेदारियों का लगातार बढ़ना रहा है। वर्ष 2002 में पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने कुछ ही वर्षों में बिजनेस जर्नलिज्म और टेलीविजन एंकरिंग में अपनी जगह बनाई। इसके बाद एडिटोरियल पदों पर आगे बढ़ते हुए उन्होंने चीफ एडिटर और फिर मैनेजिंग एडिटर जैसी जिम्मेदारियां संभालीं।

उनकी यात्रा यह भी दिखाती है कि टेलीविजन पत्रकारिता में एक लंबा करियर केवल स्क्रीन पर दिखाई देने वाली पहचान तक सीमित नहीं होता। रिपोर्टिंग, रिसर्च, कंटेंट प्लानिंग, एंकरिंग और न्यूजरूम मैनेजमेंट—इन अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव किसी पत्रकार को व्यापक संपादकीय भूमिका के लिए तैयार करता है। अमिश देवगन के करियर में इन सभी चरणों को देखा जा सकता है।

‘आर-पार’ ने बनाई अलग पहचान: अमिश देवगन के करियर की बात ‘आर-पार’ के बिना पूरी नहीं होती। यह कार्यक्रम उनके नेटवर्क18 कार्यकाल के दौरान उनकी प्रमुख ऑन-स्क्रीन पहचान बना और इसके साथ उनका नाम हिंदी न्यूज टेलीविजन के प्राइम टाइम से मजबूती से जुड़ा।

कार्यक्रम के जरिए उन्होंने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समसामयिक घटनाओं से जुड़े मुद्दों पर बहस और चर्चा को आगे बढ़ाया। उनकी ऑन-स्क्रीन शैली और लगातार दिखाई देने वाली मौजूदगी ने उन्हें हिंदी न्यूज टेलीविजन के पहचाने जाने वाले चेहरों में शामिल किया।

कई सम्मान भी मिले: 25 साल से ज्यादा के पत्रकारिता सफर में अमिश देवगन को अलग-अलग मंचों पर सम्मान भी मिला है। उनके नाम IMF Young Emerging Editors Award 2015, Srishti Award for Business Journalism और Power Brand Trendsetter Award 2016 जैसे सम्मान दर्ज हैं। उनके करियर के दौरान उन्हें ENBA से भी सम्मान मिला।

अब टाइम्स नाउ नवभारत में नई पारी: करीब एक दशक तक नेटवर्क18 से जुड़े रहने के बाद अमिश देवगन ने हाल ही में संस्थान को अलविदा कहा। उनके जाने के साथ ‘आर-पार’ से जुड़ा एक लंबा अध्याय समाप्त हुआ, लेकिन इसके साथ ही उनके करियर का नया अध्याय भी शुरू हो गया।

अब ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका उनके इसी अनुभव को एक नए मंच पर आगे बढ़ाने का अवसर है। वह नोएडा से अपना कामकाज संभालेंगे और ‘टाइम्स टीवी नेटवर्क’ के सीईओ व Times Media & Entertainment के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।

कई भूमिकाओं में खुद को साबित किया: अमिश देवगन के अब तक के सफर को देखें तो उनकी पहचान किसी एक भूमिका तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने रिपोर्टर, बिजनेस पत्रकार, एंकर, एडिटर, चीफ एडिटर और मैनेजिंग एडिटर के तौर पर काम किया है।

25 साल से ज्यादा पहले रिपोर्टिंग से शुरू हुआ यह सफर आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है जहां पत्रकारिता के अलग-अलग अनुभव उनके संपादकीय नेतृत्व का आधार बन रहे हैं। रिपोर्टिंग ने उन्हें खबर की जमीन से जोड़ा, बिजनेस जर्नलिज्म ने विषयों की गहराई समझने का अनुभव दिया, एंकरिंग ने उन्हें दर्शकों से सीधे जुड़ने का मंच दिया और एडिटोरियल लीडरशिप ने उन्हें न्यूजरूम के बड़े फैसलों की जिम्मेदारी दी।

अब टाइम्स नाउ नवभारत के साथ उनकी नई पारी इसी लंबे अनुभव का अगला पड़ाव है। समाचार4मीडिया की ओर से अमिश देवगन को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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राम बहादुर राय के 80वें जन्मदिवस पर ‘अस्सी के राय साहब’ पुस्तक का विमोचन

वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा द्वारा संपादित ‘अस्सी के राय साहब’ में दर्ज है राम बहादुर राय के जीवन और पत्रकारिता का सफर

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Saturday, 26 September, 2026
Ram Bahadur Rai Book

वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय के 80वें वर्ष पर केंद्रित पुस्तक ‘अस्सी के राय साहब’ का शुक्रवार को नई दिल्ली में विमोचन हुआ। वरिष्ठ पत्रकार और टीवी9 के न्यूज डायरेक्टर हेमंत शर्मा द्वारा संपादित इस पुस्तक का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन ने किया है। पुस्तक में राम बहादुर राय के व्यक्तित्व, पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े 100 से अधिक लेख, संस्मरण और अनुभव शामिल किए गए हैं।

विमोचन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राम बहादुर राय के पत्रकारीय जीवन को मूल्यों और समर्पण की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके पत्रकारिता जीवन से सीखने की जरूरत है। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा और उसके मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने केवल भाषा को गढ़ने का काम नहीं किया, बल्कि आधुनिक, व्यावहारिक, सरल, सहज, समावेशी और लोकतांत्रिक समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि पत्रकारिता ने शिक्षा और साक्षरता के साथ समाज को मानवता, बराबरी, ईमानदारी, लोकतंत्र, अधिकारों और कर्तव्यों का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की ताकत सच को सामने रखने में है। मौजूदा दौर की पत्रकारिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कभी-कभी यह सवाल उठता है कि कहीं पत्रकारिता अपने शुरुआती मूल्यों, आदर्शों और प्रतिबद्धता से दूर तो नहीं जा रही है। ऐसे समय में राम बहादुर राय का व्यक्तित्व उनके सामने एक उदाहरण के रूप में खड़ा होता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि 80 वर्षीय राम बहादुर राय ने संन्यासी की तरह पत्रकारिता के व्रत को निभाया है। उन्होंने समाज से सीखा और स्वयं समाज के लिए एक उदाहरण बने। राजनाथ सिंह ने राय की पत्रकारिता की तुलना भारतीय परंपरा के कई महान व्यक्तित्वों से करते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता की चादर को कबीर की तरह निभाया, कहने के कौशल को तुलसी की तरह बरता और सच्चाई तथा समाचार को हरिश्चंद्र की तरह थामे रखा।

उन्होंने कहा कि राम बहादुर राय की नजर अर्जुन की तरह खबर पर रही और किसी तरह की सजावट या प्रभाव उन्हें अपने पत्रकारीय धर्म से डिगा नहीं सका। उनके लिए पत्रकारिता कभी केवल पेशा नहीं रही। राजनाथ सिंह ने इसे एक मिशन बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि राम बहादुर राय के पत्रकारीय जीवन को देखकर मूल्यों को लेकर उठने वाले संदेह दूर हो जाते हैं। उन्होंने राय के व्यक्तित्व को एक विशाल पर्वत के समान बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

इस अवसर पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि राम बहादुर राय हिंदी पत्रकारिता के बड़े हस्ताक्षर हैं। उन्होंने धरातल के संघर्षों को लिखा और ईमानदारी के साथ सत्य के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक राम बहादुर राय के जीवन के कई पहलुओं से लोगों को रूबरू कराएगी।

वरिष्ठ पत्रकार बनवारी ने हेमंत शर्मा को इस पुस्तक के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राम बहादुर राय को अपनी प्रशंसा सुनना पसंद नहीं है और वे इस किताब के पक्ष में भी नहीं थे, लेकिन गुणी लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरस्वती वाणी की देवी हैं और सच न बोलना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उनकी पूरी असहमति थी, लेकिन हेमंत शर्मा और केंद्रीय मंत्री के आग्रह के कारण उन्हें सहमत होना पड़ा। राम बहादुर राय ने केंद्रीय मंत्रियों से सत्ता के विकेंद्रीकरण से जुड़े भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संशोधन अधिनियम की समीक्षा का आग्रह भी किया।

‘अस्सी के राय साहब’ राम बहादुर राय के 80वें वर्ष के अवसर पर उनके जीवन और पत्रकारिता के सफर को रेखांकित करती है। पुस्तक का संपादन हेमंत शर्मा के साथ मनोज मिश्रा, संदीप जोशी और संजीव कुमार ने किया है। इसमें देश के जाने-माने पत्रकारों, राजनेताओं और विचारकों के संस्मरण, अनुभव तथा राम बहादुर राय से जुड़े प्रसंग शामिल हैं।

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पाकिस्तानी पत्रकार ने आतंकवाद पर पूछा सवाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिया करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के दौरान शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से एक पाकिस्तानी पत्रकार ने आतंकवाद को लेकर सवाल किया।

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Saturday, 26 September, 2026
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संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के दौरान शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से एक पाकिस्तानी पत्रकार ने आतंकवाद को लेकर सवाल किया। इस पर जयशंकर ने तीखा जवाब देते हुए कहा, “एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है।”  

जयशंकर इन दिनों न्यूयॉर्क में हैं और यूएनजीए के हाई-लेवल वीक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह सवाल उस समय पूछा गया, जब जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेयसोলোव न्यांती प्रेस को संबोधित कर रहे थे।

क्या पूछा पाकिस्तानी पत्रकार ने?

कार्यक्रम शुरू होने से पहले इसे सिर्फ बयानों के लिए रखा गया था। दोनों मंत्रियों के अपनी बात पूरी करने के बाद एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से सवाल किया, “आपकी सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देना कब बंद करेगी?”

इसके जवाब में जयशंकर ने कहा, “एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है। कम ऑन।” इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हर्षवर्धन श्रृंगला ने पत्रकार से कहा कि उसने जवाब सुन लिया है और जवाब साफ तौर पर दिया जा चुका है।  

यह बातचीत भारत और लाइबेरिया की ओर से समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर शुरू किए गए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ से जुड़ी प्रेस बातचीत के दौरान हुई थी।  

यूएनजीए में जयशंकर की मौजूदगी

जयशंकर न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 81वें सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। वह शनिवार को हाई-लेवल सेशन को संबोधित करने वाले हैं। अपने दौरे के दौरान उन्होंने कई बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लिया है।

सीमा पार आतंकवाद पर भारत का रुख

भारत लगातार पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ‘विश्वसनीय कार्रवाई’ करने की मांग करता रहा है। भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी संगठनों और आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग को लेकर भी अपनी चिंताएं उठाई हैं। भारत का कहना है कि पाकिस्तान में मौजूद या वहां से गतिविधियां चलाने वाले आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है।  

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भास्कर मजूमदार की याद में 27 सितंबर को IIC में होगी प्रार्थना सभा

कम्युनिकेशन इंडस्ट्री के दिग्गज भास्कर मजूमदार की याद में 27 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) में प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी।

Last Modified:
Saturday, 26 September, 2026
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कम्युनिकेशन इंडस्ट्री के दिग्गज भास्कर मजूमदार की याद में 27 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) में प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी।

54 साल की उम्र में 24 सितंबर को निधन हुए भास्कर मजूमदार को याद करने के लिए उनके दोस्त, सहकर्मी और इंडस्ट्री से जुड़े लोग इस सभा में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आईआईसी के मैक्स म्यूलर मार्ग स्थित मल्टीपर्पज हॉल 40 में होगा।

‘इन लविंग मेमोरी – भास्कर मजूमदार’ नाम से होने वाली इस प्रार्थना सभा में उनके जीवन और योगदान को याद किया जाएगा। परिवार, दोस्तों और इंडस्ट्री के सहयोगी इस मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

कार्यक्रम के निमंत्रण में भास्कर मजूमदार को ऐसे व्यक्ति के तौर पर याद किया गया है, जो दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उनके गर्मजोशी भरे स्वभाव और अपने आसपास के लोगों के जीवन में खुशी लाने की क्षमता को भी याद किया गया है। लोगों से उनके जीवन को उस “खुशी, उद्देश्य और कृतज्ञता की भावना” के साथ याद करने की अपील की गई है, जिसके साथ उन्होंने अपना जीवन जिया।

भास्कर मजूमदार की जीवंत और खुशमिजाज शख्सियत को सम्मान देने के लिए कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से चमकीले रंग के कपड़े पहनकर आने का भी अनुरोध किया गया है।

भास्कर मजूमदार को कम्युनिकेशन और प्रतिष्ठा प्रबंधन के क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव था। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज और ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स समेत कई प्रमुख भारतीय और वैश्विक संस्थानों के साथ काम किया था। 

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वैभव गुप्ता बने 'BrandPipal' के सीनियर मार्केटिंग मैनेजर

वैभव गुप्ता ने BrandPipal में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर-Account Based Marketing के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह Daten Technology Solutions में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।

Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
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वैभव गुप्ता (Vaibhav Gupta) ने ब्रांडपिपल (BrandPipal) में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर- अकाउंट बेस्ड मार्केटिंग (Senior Marketing Manager - Account Based Marketing) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।

इससे पहले गुप्ता डेटन टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस (Daten Technology Solutions) में मार्केटिंग मैनेजर (Marketing Manager) के पद पर कार्यरत थे। वहां वह लीडरशिप (Leadership) और बिजनेस टीम्स (Business Teams) के साथ मिलकर कम्युनिकेशन प्रायोरिटीज (Communication Priorities) तय करने और स्पष्ट व एकरूप ऑर्गनाइजेशनल नैरेटिव्स (Organisational Narratives) तैयार करने पर काम कर रहे थे।

गुप्ता के पास बी2बी मार्केटिंग (B2B Marketing) में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने आईटी सॉफ्टवेयर कंसल्टिंग सर्विसेज (IT Software Consulting Services), सास (SaaS) और प्रोडक्ट आधारित संगठनों (Product-based Organisations) के साथ काम किया है।

उनके अनुभव में अमेरिका, ब्रिटेन, एशिया-प्रशांत, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका, भारत और ग्लोबल मार्केट्स के लिए गो-टू-मार्केट रणनीति (Go-to-Market Strategy) पर काम करना भी शामिल है।

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अडानी मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर को गुजरात कोर्ट से जमानत

गुजरात के गांधीनगर की सत्र अदालत ने गुरुवार को अडानी समूह की ओर से पत्रकार रवि नायर के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में उन्हें जमानत दे दी।

Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
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गुजरात के गांधीनगर की सत्र अदालत ने गुरुवार को अडानी समूह की ओर से पत्रकार रवि नायर के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में उन्हें जमानत दे दी। नायर को इस मामले में इस साल की शुरुआत में दोषी ठहराया गया था।

अपील लंबित रहने के दौरान उन्हें पहले जमानत पर रिहा किया गया था, लेकिन 17 सितंबर को फिर से हिरासत में ले लिया गया। दरअसल, अपीलीय अदालत में कथित तौर पर पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

गांधीनगर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष जेएस मल्होत्रा ने गुरुवार को नायर की जमानत याचिका मंजूर कर ली। उनकी ओर से अधिवक्ता अभीक चिमनी पेश हुए।

इससे एक दिन पहले बुधवार को गुजरात हाई कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट को चुनौती देने वाली नायर की याचिका पर उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने नियमित जमानत के लिए सत्र अदालत का रुख किया था।

किस मामले में हुई थी सजा?

फरवरी में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने अडानी समूह की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में नायर को दोषी ठहराया था। यह मामला उनके कई ट्वीट और ऑनलाइन लेखों से जुड़ा था, जिनमें अडानी समूह पर कई तरह की कथित अनैतिक गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे।

अदालत ने माना था कि इन लेखों और पोस्ट में की गई बातें निष्पक्ष आलोचना की सीमा से आगे चली गईं और आपराधिक मानहानि की श्रेणी में आती हैं। अडानी समूह ने सितंबर 2021 में नायर के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की थी।

कंपनी समूह का आरोप था कि अक्टूबर 2020 से जुलाई 2021 के बीच नायर ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल से कई ट्वीट किए और ‘adaniwatch.org’ नाम की वेबसाइट पर लेख प्रकाशित किए। इनमें अडानी समूह पर भ्रष्टाचार, क्रोनी कैपिटलिज्म, पर्यावरण कानूनों में हेरफेर, सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग और अनैतिक कारोबारी गतिविधियों जैसे आरोप लगाए गए थे।

दोषी ठहराए जाने के बाद नायर ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देते हुए सत्र अदालत में अपील दायर की थी। अपील लंबित रहने के दौरान अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।

हालांकि, इसी महीने अदालत में पेश नहीं होने के बाद उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद नायर सत्र अदालत में पेश हुए और गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने को चुनौती दी। अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी और 17 सितंबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब गांधीनगर की सत्र अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर दी है। 

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इस हेडलाइन मामले में आनंदबाजार पत्रिका के पत्रकारों को राहत, 15 दिसंबर तक कार्रवाई पर रोक

कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अखबार में ‘गेरुआ गुंडागिरी’ (Gerua Gundagiri) हेडलाइन के इस्तेमाल से जुड़ी एफआईआर के मामले में 15 दिसंबर तक पत्रकारों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए।

Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
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कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाली अखबार आनंदबाजार पत्रिका के पत्रकारों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अखबार में ‘गेरुआ गुंडागिरी’ (Gerua Gundagiri) हेडलाइन के इस्तेमाल से जुड़ी एफआईआर के मामले में 15 दिसंबर तक पत्रकारों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए।

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पत्रकारों की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया, जिसमें उन्होंने आपराधिक मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की थी।

यह एफआईआर जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की खबरों के दौरान ‘गेरुआ गुंडागिरी’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर दर्ज की गई थीं। आरोप है कि इस हिंसा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और फेडरेशन ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्निकल स्टूडेंट्स यूनियन्स (FETSU) से जुड़े छात्र शामिल थे। इस हेडलाइन पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी आपत्ति जताई थी।

इस मामले में पहले भी हाई कोर्ट में तत्काल दखल की मांग की गई थी। वरिष्ठ वकील एस.एन. मुखर्जी ने तत्काल सुनवाई और राहत की मांग करते हुए कहा था कि पत्रकारों पर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने तीन घटनाओं का भी जिक्र किया और कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी।

याचिका को शुरुआत में मुख्य न्यायाधीश की पीठ के सामने विशेष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया था। कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के कई मामले पहले से लंबित हैं, इसलिए मामले को सामान्य प्रक्रिया के तहत दाखिल किया जाए। हालांकि, जरूरत पड़ने पर वकील को बाद में इसका जिक्र करने की छूट दी गई थी।

इसके बाद जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के सामने हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि जांच अधिकारियों की ओर से जारी नोटिस में पत्रकारों के सहयोग करने की शर्त पर उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।

पत्रकारों की ओर से वरिष्ठ वकील एस.एन. मुखर्जी और संदीपन गांगुली पेश हुए। उनके साथ वकील अरुणाभ देब और आशिका डागा ने पैरवी में सहयोग किया।

याचिकाकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की रिपोर्टिंग के दौरान इस्तेमाल की गई हेडलाइन को लेकर पत्रकारों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्रवाई को चुनौती दी है।

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तोमोजीत भट्टाचार्जी बने DMRC के एडिशनल जनरल मैनेजर

उनके करियर में एनटीपीसी (NTPC) में असिस्टेंट पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (Assistant Public Relations Officer) के तौर पर काम करने का अनुभव भी शामिल है।

Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
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तोमोजीत भट्टाचार्जी (Tomojit Bhattacharjee) को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (Delhi Metro Rail Corporation) में एडिशनल जनरल मैनेजर-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Additional General Manager – Corporate Communications) के पद पर पदोन्नत किया गया है। वह नई दिल्ली में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

भट्टाचार्जी के पास कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications), पब्लिक रिलेशंस (Public Relations), डिजिटल मीडिया (Digital Media), कंटेंट मैनेजमेंट (Content Management), पत्रकारिता और रिपोर्टिंग का अनुभव है।

पदोन्नति से पहले वह डीएमआरसी में ज्वाइंट जनरल मैनेजर (Joint General Manager) और सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (Senior Deputy General Manager) के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वह इसी संगठन में डिप्टी जनरल मैनेजर (Deputy General Manager), मैनेजर (Manager) और असिस्टेंट मैनेजर (Assistant Manager) की भूमिकाएं भी निभा चुके हैं।

उनके करियर में एनटीपीसी (NTPC) में असिस्टेंट पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (Assistant Public Relations Officer) के तौर पर काम करने का अनुभव भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने इंडो एशियन न्यूज सर्विस (Indo Asian News Service) और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (Press Trust of India) में पत्रकारिता की भूमिकाओं में भी काम किया है।

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शरद जोशी बने 'Citi' के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर

शरद जोशी को 'Citi' में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।

Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
sharadjoshi

शरद जोशी (Sharad Joshi) को सिटी (Citi) में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस (Managing Director and Chief Auditor, Artificial Intelligence Assurance) के पद पर प्रमोट किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।

जोशी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि मैंने सिटी में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।”

शरद जोशी पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से सिटी के साथ जुड़े हुए हैं। उन्हें फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services), प्रोडक्ट डेवलपमेंट (Product Development), इंजीनियरिंग (Engineering) और रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) के क्षेत्र में 31 वर्षों का अनुभव है।

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कम्युनिकेशन एक्सपर्ट भास्कर मजूमदार का निधन

कम्युनिकेशन क्षेत्र के अनुभवी प्रोफेशनल भास्कर मजूमदार का गुरुवार सुबह लंबे समय से बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने 25 वर्षों के करियर में प्रमुख भारतीय और वैश्विक संस्थानों के साथ काम किया।

Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
bhaskar

कम्युनिकेशन जगत के अनुभवी प्रोफेशनल भास्कर मजूमदार (Bhaskar Majumdar) का गुरुवार सुबह लंबे समय से बीमारी के बाद निधन हो गया। वह कम्युनिकेशन कंसल्टिंग (Communication Consulting) और रेप्युटेशन मैनेजमेंट (Reputation Management) के क्षेत्र में करीब 25 वर्षों का अनुभव रखते थे।

मजूमदार ने कई प्रमुख भारतीय और ग्लोबल ऑर्गनाइजेशंस (Global Organisations) के साथ काम किया था। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) में जनरल मैनेजर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (General Manager, Corporate Communications) और ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स (ESPN Star Sports) में मैनेजर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Manager, Corporate Communications) रह चुके थे।

उन्होंने एपीसीओ वर्ल्डवाइड (APCO Worldwide), जेनेसिस पीआर (Genesis PR), वैष्णवी कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Vaishnavi Corporate Communications) और एडफैक्टर्स पीआर (Adfactors PR) जैसी रणनीतिक कम्युनिकेशन एजेंसियों (Strategic Communication Agencies) के साथ भी काम किया था।

मजूमदार कई मैनेजमेंट फोरम्स (Management Forums) की एडवाइजरी कमेटियों से जुड़े रहे। इसके अलावा वह कई इंडस्ट्री अवॉर्ड प्लेटफॉर्म्स (Industry Award Platforms) और जूरी का भी हिस्सा रहे। उनके काम को डावोस डिजिटल पीआर अवॉर्ड्स (Davos Digital PR Awards), कैंपेन एशिया अवॉर्ड्स (Campaign Asia Awards), सेबर एशिया (SABRE Asia) और ईलेट्स इंडिया ब्रांड अवॉर्ड्स (eLets India Brand Awards) सहित कई इंडस्ट्री मंचों पर पहचान मिली।

उन्हें एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) की पीआर और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (PR & Corporate Communications) कैटेगरी में 2020 से 2024 तक लगातार पांच वर्षों के लिए टॉप 100 इन्फ्लुएंशियल गेम चेंजर्स (Top 100 Influential Game Changers) में भी शामिल किया गया था।

कॉरपोरेट लीडरशिप के अलावा मजूमदार उभरते प्रोफेशनल्स (Emerging Professionals) के मेंटर के तौर पर भी सक्रिय रहे। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (Indian Institute of Mass Communication), इंडिया टुडे इंस्टीट्यूट (India Today Institute), जीजीएसआईपी यूनिवर्सिटी (GGSIP University) और दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन (Delhi School of Communication) जैसे संस्थानों में नियमित रूप से लेक्चर भी देते थे।

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हिना लुल्ला बनीं Creator18 की बिजनेस हेड

हिना लुल्ला को Creator18 ने बिजनेस हेड नियुक्त किया है। वह सेल्स, मार्केटिंग, डिजिटल, कंटेंट और आईपी में दो दशक से अधिक अनुभव के साथ नई भूमिका संभालेंगी।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 23 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 23 September, 2026
heenalulla

क्रिएटर18 (Creator18) ने हिना लुल्ला (Heena Lulla) को बिजनेस हेड (Business Head) नियुक्त किया है। लुल्ला के पास सेल्स, मार्केटिंग, डिजिटल, कंटेंट और आईपी (IPs) के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है।

उन्होंने जी एंटरटेनमेंट (ZEE Entertainment) में वाइस प्रेसिडेंट (Vice President) और रेडियो सिटी (Radio City) में डिजिटल एंड न्यू मीडिया की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (Associate Vice President - Digital and New Media) के तौर पर नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं। इसके अलावा, उन्होंने पेरेंट-इन्फ्लुएंसर प्लेटफॉर्म (Parent-Influencer Platform) वीआईपेरेंट्स (VIParents) की सह-स्थापना भी की है।

लुल्ला ने भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) में क्रिएटर बिजनेस (Creator Businesses) को तैयार करने और विस्तार देने पर काम किया है। इस दौरान उन्होंने ब्रांड्स (Brands), क्रिएटर्स (Creators) और प्लेटफॉर्म्स (Platforms) के साथ मिलकर काम किया।

क्रिएटर18 के सीईओ (CEO) अनुराग अय्यर (Anurag Iyer) ने कहा कि भारत में क्रिएटर्स के बिजनेस बनाने का दौर महत्वपूर्ण मोड़ पर है और ऐसे समय में सही नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने कहा कि हीना के पास गहरी विशेषज्ञता, मजबूत कमर्शियल समझ और ब्रांड्स, क्रिएटर्स व प्लेटफॉर्म्स को साथ लाकर वैल्यू तैयार करने की समझ है।

हिना लुल्ला ने कहा कि वह ऐसे समय में Creator18 से जुड़कर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर ब्रांड्स, क्रिएटर्स और ऑडियंस (Audiences) के बीच सार्थक पार्टनरशिप बनाना उनके पूरे करियर का हिस्सा रहा है और अब वह इसी अनुभव को Creator18 में आगे बढ़ाना चाहती हैं।

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