अडानी मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर को गुजरात कोर्ट से जमानत

गुजरात के गांधीनगर की सत्र अदालत ने गुरुवार को अडानी समूह की ओर से पत्रकार रवि नायर के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में उन्हें जमानत दे दी।

Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
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गुजरात के गांधीनगर की सत्र अदालत ने गुरुवार को अडानी समूह की ओर से पत्रकार रवि नायर के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में उन्हें जमानत दे दी। नायर को इस मामले में इस साल की शुरुआत में दोषी ठहराया गया था।

अपील लंबित रहने के दौरान उन्हें पहले जमानत पर रिहा किया गया था, लेकिन 17 सितंबर को फिर से हिरासत में ले लिया गया। दरअसल, अपीलीय अदालत में कथित तौर पर पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

गांधीनगर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष जेएस मल्होत्रा ने गुरुवार को नायर की जमानत याचिका मंजूर कर ली। उनकी ओर से अधिवक्ता अभीक चिमनी पेश हुए।

इससे एक दिन पहले बुधवार को गुजरात हाई कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट को चुनौती देने वाली नायर की याचिका पर उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने नियमित जमानत के लिए सत्र अदालत का रुख किया था।

किस मामले में हुई थी सजा?

फरवरी में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने अडानी समूह की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में नायर को दोषी ठहराया था। यह मामला उनके कई ट्वीट और ऑनलाइन लेखों से जुड़ा था, जिनमें अडानी समूह पर कई तरह की कथित अनैतिक गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे।

अदालत ने माना था कि इन लेखों और पोस्ट में की गई बातें निष्पक्ष आलोचना की सीमा से आगे चली गईं और आपराधिक मानहानि की श्रेणी में आती हैं। अडानी समूह ने सितंबर 2021 में नायर के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की थी।

कंपनी समूह का आरोप था कि अक्टूबर 2020 से जुलाई 2021 के बीच नायर ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल से कई ट्वीट किए और ‘adaniwatch.org’ नाम की वेबसाइट पर लेख प्रकाशित किए। इनमें अडानी समूह पर भ्रष्टाचार, क्रोनी कैपिटलिज्म, पर्यावरण कानूनों में हेरफेर, सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग और अनैतिक कारोबारी गतिविधियों जैसे आरोप लगाए गए थे।

दोषी ठहराए जाने के बाद नायर ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देते हुए सत्र अदालत में अपील दायर की थी। अपील लंबित रहने के दौरान अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।

हालांकि, इसी महीने अदालत में पेश नहीं होने के बाद उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद नायर सत्र अदालत में पेश हुए और गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने को चुनौती दी। अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी और 17 सितंबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब गांधीनगर की सत्र अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर दी है। 

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वैभव गुप्ता बने 'BrandPipal' के सीनियर मार्केटिंग मैनेजर

वैभव गुप्ता ने BrandPipal में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर-Account Based Marketing के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह Daten Technology Solutions में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।

Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
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वैभव गुप्ता (Vaibhav Gupta) ने ब्रांडपिपल (BrandPipal) में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर- अकाउंट बेस्ड मार्केटिंग (Senior Marketing Manager - Account Based Marketing) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।

इससे पहले गुप्ता डेटन टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस (Daten Technology Solutions) में मार्केटिंग मैनेजर (Marketing Manager) के पद पर कार्यरत थे। वहां वह लीडरशिप (Leadership) और बिजनेस टीम्स (Business Teams) के साथ मिलकर कम्युनिकेशन प्रायोरिटीज (Communication Priorities) तय करने और स्पष्ट व एकरूप ऑर्गनाइजेशनल नैरेटिव्स (Organisational Narratives) तैयार करने पर काम कर रहे थे।

गुप्ता के पास बी2बी मार्केटिंग (B2B Marketing) में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने आईटी सॉफ्टवेयर कंसल्टिंग सर्विसेज (IT Software Consulting Services), सास (SaaS) और प्रोडक्ट आधारित संगठनों (Product-based Organisations) के साथ काम किया है।

उनके अनुभव में अमेरिका, ब्रिटेन, एशिया-प्रशांत, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका, भारत और ग्लोबल मार्केट्स के लिए गो-टू-मार्केट रणनीति (Go-to-Market Strategy) पर काम करना भी शामिल है।

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इस हेडलाइन मामले में आनंदबाजार पत्रिका के पत्रकारों को राहत, 15 दिसंबर तक कार्रवाई पर रोक

कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अखबार में ‘गेरुआ गुंडागिरी’ (Gerua Gundagiri) हेडलाइन के इस्तेमाल से जुड़ी एफआईआर के मामले में 15 दिसंबर तक पत्रकारों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए।

Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
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कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाली अखबार आनंदबाजार पत्रिका के पत्रकारों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अखबार में ‘गेरुआ गुंडागिरी’ (Gerua Gundagiri) हेडलाइन के इस्तेमाल से जुड़ी एफआईआर के मामले में 15 दिसंबर तक पत्रकारों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए।

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पत्रकारों की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया, जिसमें उन्होंने आपराधिक मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की थी।

यह एफआईआर जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की खबरों के दौरान ‘गेरुआ गुंडागिरी’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर दर्ज की गई थीं। आरोप है कि इस हिंसा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और फेडरेशन ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्निकल स्टूडेंट्स यूनियन्स (FETSU) से जुड़े छात्र शामिल थे। इस हेडलाइन पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी आपत्ति जताई थी।

इस मामले में पहले भी हाई कोर्ट में तत्काल दखल की मांग की गई थी। वरिष्ठ वकील एस.एन. मुखर्जी ने तत्काल सुनवाई और राहत की मांग करते हुए कहा था कि पत्रकारों पर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने तीन घटनाओं का भी जिक्र किया और कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी।

याचिका को शुरुआत में मुख्य न्यायाधीश की पीठ के सामने विशेष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया था। कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के कई मामले पहले से लंबित हैं, इसलिए मामले को सामान्य प्रक्रिया के तहत दाखिल किया जाए। हालांकि, जरूरत पड़ने पर वकील को बाद में इसका जिक्र करने की छूट दी गई थी।

इसके बाद जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के सामने हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि जांच अधिकारियों की ओर से जारी नोटिस में पत्रकारों के सहयोग करने की शर्त पर उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।

पत्रकारों की ओर से वरिष्ठ वकील एस.एन. मुखर्जी और संदीपन गांगुली पेश हुए। उनके साथ वकील अरुणाभ देब और आशिका डागा ने पैरवी में सहयोग किया।

याचिकाकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की रिपोर्टिंग के दौरान इस्तेमाल की गई हेडलाइन को लेकर पत्रकारों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्रवाई को चुनौती दी है।

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तोमोजीत भट्टाचार्जी बने DMRC के एडिशनल जनरल मैनेजर

उनके करियर में एनटीपीसी (NTPC) में असिस्टेंट पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (Assistant Public Relations Officer) के तौर पर काम करने का अनुभव भी शामिल है।

Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
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तोमोजीत भट्टाचार्जी (Tomojit Bhattacharjee) को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (Delhi Metro Rail Corporation) में एडिशनल जनरल मैनेजर-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Additional General Manager – Corporate Communications) के पद पर पदोन्नत किया गया है। वह नई दिल्ली में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

भट्टाचार्जी के पास कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications), पब्लिक रिलेशंस (Public Relations), डिजिटल मीडिया (Digital Media), कंटेंट मैनेजमेंट (Content Management), पत्रकारिता और रिपोर्टिंग का अनुभव है।

पदोन्नति से पहले वह डीएमआरसी में ज्वाइंट जनरल मैनेजर (Joint General Manager) और सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (Senior Deputy General Manager) के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वह इसी संगठन में डिप्टी जनरल मैनेजर (Deputy General Manager), मैनेजर (Manager) और असिस्टेंट मैनेजर (Assistant Manager) की भूमिकाएं भी निभा चुके हैं।

उनके करियर में एनटीपीसी (NTPC) में असिस्टेंट पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (Assistant Public Relations Officer) के तौर पर काम करने का अनुभव भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने इंडो एशियन न्यूज सर्विस (Indo Asian News Service) और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (Press Trust of India) में पत्रकारिता की भूमिकाओं में भी काम किया है।

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शरद जोशी बने 'Citi' के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर

शरद जोशी को 'Citi' में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।

Last Modified:
Thursday, 24 September, 2026
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शरद जोशी (Sharad Joshi) को सिटी (Citi) में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस (Managing Director and Chief Auditor, Artificial Intelligence Assurance) के पद पर प्रमोट किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।

जोशी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि मैंने सिटी में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑडिटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एश्योरेंस के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।”

शरद जोशी पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से सिटी के साथ जुड़े हुए हैं। उन्हें फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services), प्रोडक्ट डेवलपमेंट (Product Development), इंजीनियरिंग (Engineering) और रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) के क्षेत्र में 31 वर्षों का अनुभव है।

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कम्युनिकेशन एक्सपर्ट भास्कर मजूमदार का निधन

कम्युनिकेशन क्षेत्र के अनुभवी प्रोफेशनल भास्कर मजूमदार का गुरुवार सुबह लंबे समय से बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने 25 वर्षों के करियर में प्रमुख भारतीय और वैश्विक संस्थानों के साथ काम किया।

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Thursday, 24 September, 2026
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कम्युनिकेशन जगत के अनुभवी प्रोफेशनल भास्कर मजूमदार (Bhaskar Majumdar) का गुरुवार सुबह लंबे समय से बीमारी के बाद निधन हो गया। वह कम्युनिकेशन कंसल्टिंग (Communication Consulting) और रेप्युटेशन मैनेजमेंट (Reputation Management) के क्षेत्र में करीब 25 वर्षों का अनुभव रखते थे।

मजूमदार ने कई प्रमुख भारतीय और ग्लोबल ऑर्गनाइजेशंस (Global Organisations) के साथ काम किया था। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) में जनरल मैनेजर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (General Manager, Corporate Communications) और ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स (ESPN Star Sports) में मैनेजर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Manager, Corporate Communications) रह चुके थे।

उन्होंने एपीसीओ वर्ल्डवाइड (APCO Worldwide), जेनेसिस पीआर (Genesis PR), वैष्णवी कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Vaishnavi Corporate Communications) और एडफैक्टर्स पीआर (Adfactors PR) जैसी रणनीतिक कम्युनिकेशन एजेंसियों (Strategic Communication Agencies) के साथ भी काम किया था।

मजूमदार कई मैनेजमेंट फोरम्स (Management Forums) की एडवाइजरी कमेटियों से जुड़े रहे। इसके अलावा वह कई इंडस्ट्री अवॉर्ड प्लेटफॉर्म्स (Industry Award Platforms) और जूरी का भी हिस्सा रहे। उनके काम को डावोस डिजिटल पीआर अवॉर्ड्स (Davos Digital PR Awards), कैंपेन एशिया अवॉर्ड्स (Campaign Asia Awards), सेबर एशिया (SABRE Asia) और ईलेट्स इंडिया ब्रांड अवॉर्ड्स (eLets India Brand Awards) सहित कई इंडस्ट्री मंचों पर पहचान मिली।

उन्हें एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) की पीआर और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (PR & Corporate Communications) कैटेगरी में 2020 से 2024 तक लगातार पांच वर्षों के लिए टॉप 100 इन्फ्लुएंशियल गेम चेंजर्स (Top 100 Influential Game Changers) में भी शामिल किया गया था।

कॉरपोरेट लीडरशिप के अलावा मजूमदार उभरते प्रोफेशनल्स (Emerging Professionals) के मेंटर के तौर पर भी सक्रिय रहे। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (Indian Institute of Mass Communication), इंडिया टुडे इंस्टीट्यूट (India Today Institute), जीजीएसआईपी यूनिवर्सिटी (GGSIP University) और दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन (Delhi School of Communication) जैसे संस्थानों में नियमित रूप से लेक्चर भी देते थे।

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हिना लुल्ला बनीं Creator18 की बिजनेस हेड

हिना लुल्ला को Creator18 ने बिजनेस हेड नियुक्त किया है। वह सेल्स, मार्केटिंग, डिजिटल, कंटेंट और आईपी में दो दशक से अधिक अनुभव के साथ नई भूमिका संभालेंगी।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 23 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 23 September, 2026
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क्रिएटर18 (Creator18) ने हिना लुल्ला (Heena Lulla) को बिजनेस हेड (Business Head) नियुक्त किया है। लुल्ला के पास सेल्स, मार्केटिंग, डिजिटल, कंटेंट और आईपी (IPs) के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है।

उन्होंने जी एंटरटेनमेंट (ZEE Entertainment) में वाइस प्रेसिडेंट (Vice President) और रेडियो सिटी (Radio City) में डिजिटल एंड न्यू मीडिया की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (Associate Vice President - Digital and New Media) के तौर पर नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं। इसके अलावा, उन्होंने पेरेंट-इन्फ्लुएंसर प्लेटफॉर्म (Parent-Influencer Platform) वीआईपेरेंट्स (VIParents) की सह-स्थापना भी की है।

लुल्ला ने भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) में क्रिएटर बिजनेस (Creator Businesses) को तैयार करने और विस्तार देने पर काम किया है। इस दौरान उन्होंने ब्रांड्स (Brands), क्रिएटर्स (Creators) और प्लेटफॉर्म्स (Platforms) के साथ मिलकर काम किया।

क्रिएटर18 के सीईओ (CEO) अनुराग अय्यर (Anurag Iyer) ने कहा कि भारत में क्रिएटर्स के बिजनेस बनाने का दौर महत्वपूर्ण मोड़ पर है और ऐसे समय में सही नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने कहा कि हीना के पास गहरी विशेषज्ञता, मजबूत कमर्शियल समझ और ब्रांड्स, क्रिएटर्स व प्लेटफॉर्म्स को साथ लाकर वैल्यू तैयार करने की समझ है।

हिना लुल्ला ने कहा कि वह ऐसे समय में Creator18 से जुड़कर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर ब्रांड्स, क्रिएटर्स और ऑडियंस (Audiences) के बीच सार्थक पार्टनरशिप बनाना उनके पूरे करियर का हिस्सा रहा है और अब वह इसी अनुभव को Creator18 में आगे बढ़ाना चाहती हैं।

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ग्रैब ने अभिषेक शेट्टी को दी प्रोडक्ट मार्केटिंग की बड़ी जिम्मेदारी

अभिषेक शेट्टी को ग्रैब में रीजनल डायरेक्टर एंड हेड ऑफ प्रोडक्ट मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह स्विगी में मार्केटिंग हेड के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

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Published - Wednesday, 23 September, 2026
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Wednesday, 23 September, 2026
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अभिषेक शेट्टी (Abhishek Shetty) को ग्रैब (Grab) में रीजनल डायरेक्टर एंड हेड ऑफ प्रोडक्ट मार्केटिंग (Regional Director & Head of Product Marketing) नियुक्त किया गया है। अपनी नई भूमिका में वह ग्रैब के अलग-अलग मार्केट्स और बिजनेस में प्रोडक्ट मार्केटिंग (Product Marketing) की जिम्मेदारी संभालेंगे।

शेट्टी कंज्यूमर इनसाइट (Consumer Insight) को प्रोडक्ट रोडमैप (Product Roadmap) में शामिल करने के साथ वैल्यू प्रपोजिशन (Value Proposition), गो-टू-मार्केट (Go-to-Market), एडॉप्शन और ग्रोथ से जुड़े कामों का नेतृत्व करेंगे। उनकी जिम्मेदारी मोबिलिटी (Mobility), डिलीवरीज (Deliveries), फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services), कॉमर्स (Commerce) और एआई-पावर्ड एक्सपीरियंस (AI-powered Experiences) तक होगी।

अपनी लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट में शेट्टी ने लिखा कि ग्रैब जैसे कम कंज्यूमर प्लेटफॉर्म रोजमर्रा की जिंदगी के इतने हिस्सों को कवर करते हैं, जहां लोग दक्षिण-पूर्व एशिया में यात्रा करते हैं, खाना खाते हैं, खरीदारी करते हैं और भुगतान करते हैं। उन्होंने बताया कि अब वह ग्रैब में रीजनल डायरेक्टर एंड हेड ऑफ प्रोडक्ट मार्केटिंग के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

ग्रैब से पहले शेट्टी स्विगी (Swiggy) में मार्केटिंग हेड-स्विगी इंस्टामार्ट, नॉइस एंड प्राइवेट ब्रांड्स (Marketing Head - Swiggy Instamart, Noice & Pvt Brands) के पद पर कार्यरत थे।

शेट्टी को 18 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने कंज्यूमर टेक्नोलॉजी (Consumer Technology), क्विक कॉमर्स (Quick Commerce), स्ट्रीमिंग (Streaming), ई-कॉमर्स (E-commerce), रिटेल और मीडिया जैसे क्षेत्रों में काम किया है। उनके अनुभव में ग्रैब, स्विगी इंस्टामार्ट, सोनीलिव (SonyLIV) और सेलियो (Celio) में लीडरशिप भूमिकाएं शामिल हैं।

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TV9 ने खास अंदाज में सेलिब्रेट किया सिद्धार्थ त्रिपाठी का जन्मदिन, यहां देखें झलकियां

सिद्धार्थ त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “दफ़्तर से जन्मदिन की मीठी तस्वीरें!” उन्होंने आगे कहा कि “हेमंत सर के स्नेह से छोटे-छोटे पल उत्सव बन जाते हैं!”

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Published - Wednesday, 23 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 23 September, 2026
Siddharth Tripathi Birthday

वरिष्ठ पत्रकार और ‘टीवी9’ (TV9) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर (Creative Content Strategy) सिद्धार्थ त्रिपाठी ने 21 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया। इस मौके पर TV9 के दफ्तर में उनका जन्मदिन खास अंदाज में सेलिब्रेट किया गया।

दफ्तर में हुए इस सेलिब्रेशन की कुछ तस्वीरें सिद्धार्थ त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जिनमें उनके साथियों के बीच जन्मदिन की खुशियां और उत्सव के पल नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने अपने सहयोगियों और खास तौर पर टीवी9 के न्यूज डायरेक्टर हेमंत शर्मा के प्रति आभार भी जताया है।

सिद्धार्थ त्रिपाठी ने तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “दफ़्तर से जन्मदिन की मीठी तस्वीरें!” उन्होंने आगे कहा कि “हेमंत सर के स्नेह से छोटे-छोटे पल उत्सव बन जाते हैं!” साथ ही उन्होंने लिखा, “उनसे ये उत्सवधर्मिता सीख रहा हूँ” और इसके लिए हेमंत शर्मा का धन्यवाद किया।

मीडिया में 26 से ज्यादा वर्षों का अनुभव रखने वाले सिद्धार्थ त्रिपाठी पत्रकारिता के साथ-साथ क्रिएटिव कंटेंट और नए फॉर्मेट्स को लेकर भी सक्रिय रहे हैं। वह ‘आजतक’ और ‘जी न्यूज’ जैसे प्रमुख न्यूज संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।

इस सेलिब्रेशन की खास झलकियां आप यहां देख सकते हैं।

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पार्टी के हर सोशल मीडिया पोस्ट के लिए मुझे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता: एमके स्टालिन

डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मद्रास हाई कोर्ट में कहा कि पार्टी के हर सोशल मीडिया पोस्ट के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

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Published - Wednesday, 23 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 23 September, 2026
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डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मद्रास हाई कोर्ट में कहा है कि पार्टी के अलग-अलग विंग या पदाधिकारियों के सोशल मीडिया अकाउंट से किए गए हर पोस्ट के लिए उन्हें कानूनी तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

स्टालिन ने यह बात तमिलनाडु के मंत्री और टीवीके नेता आधव अर्जुन की ओर से दायर 1 करोड़ रुपये की मानहानि की याचिका के जवाब में दाखिल किए गए अपने काउंटर-अफिडेविट में कही है। यह मामला डीएमके आईटी विंग के एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें आधव अर्जुन को एक 258 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी मामले में आरोपी जॉन ब्रिटो का रिश्तेदार बताया गया था।

स्टालिन ने अदालत से कहा कि वह पार्टी के प्रमुख हैं और अलग-अलग विंग के पदाधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी के किसी सदस्य या विंग की हर व्यक्तिगत कार्रवाई के लिए उन्हें कानूनी रूप से जिम्मेदार माना जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा कोई पोस्ट किया भी गया था, तो पहले यह साबित करना होगा कि वह पोस्ट उनकी जानकारी, सहमति या मंजूरी से किया गया था और वह मानहानिकारक भी था।

स्टालिन ने अपने जवाब में यह भी दावा किया कि आधव अर्जुन ने अपनी याचिका में इस बात से इनकार नहीं किया है कि जॉन ब्रिटो नाम का उनका कोई रिश्तेदार है और उस व्यक्ति के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आपराधिक मामला चल रहा है। यह स्टालिन की ओर से अदालत में रखी गई दलील है।

वहीं, आधव अर्जुन ने अपनी याचिका में कहा है कि डीएमके के पोस्ट में उन्हें ड्रग तस्करी मामले से जोड़ना गलत और मानहानिकारक है। उन्होंने स्टालिन और डीएमके आईटी विंग से 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।

स्टालिन ने आगे कहा कि आधव अर्जुन ने सार्वजनिक तौर पर उन्हें दो बार ‘मूर्ख मुख्यमंत्री’ कहा था। स्टालिन ने इसे किसी सरकारी नीति की आलोचना के बजाय उन पर व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणी बताया। उन्होंने इसी आधार पर दावा किया कि अर्जुन अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के लिए मुआवजे की मांग नहीं कर सकते। यह भी स्टालिन की ओर से अदालत में दी गई दलील है।

मद्रास हाई कोर्ट में इस मामले की आगे सुनवाई होनी है। डीएमके आईटी विंग ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है और अदालत ने आगे की सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 तक टाल दी है।

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भावना सिंह बनीं 'EssilorLuxottica India' में हेड-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस

ग्रेटर इंडिया के प्रेसिडेंट वेंनू अंबाती (Venu Ambati) के नेतृत्व में भावना भारत में संगठन की रेप्युटेशन मैनेजमेंट (Reputation Management) की जिम्मेदारी संभालेंगी।

Last Modified:
Monday, 21 September, 2026
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भावना सिंह (Bhavna Singh) ने आज एसिलोरलक्सोटिका इंडिया (EssilorLuxottica India) में हेड-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस-ग्रेटर इंडिया (Head - Corporate Communications - Greater India) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। वह भारत में कंपनी के कम्युनिकेशंस मैंडेट (Communications Mandate) को लीड करेंगी और ग्लोबल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी (Global Communication Strategy) के अनुरूप देश में एसिलोरलक्सोटिका की कॉरपोरेट नैरेटिव (Corporate Narrative) को मजबूत करेंगी।

ग्रेटर इंडिया के प्रेसिडेंट वेंनू अंबाती (Venu Ambati) के नेतृत्व में भावना भारत में संगठन की रेप्युटेशन मैनेजमेंट (Reputation Management) की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनका फोकस कम्युनिकेशंस, पब्लिक अफेयर्स (Public Affairs) और स्ट्रैटेजिक एडवोकेसी (Strategic Advocacy) पर रहेगा।

इससे पहले भावना सिंह बीएसवी (BSV), जो मैनकाइंड ग्रुप (Mankind Group) की कंपनी है, में वाइस प्रेसिडेंट-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Vice President, Corporate Communications) के पद पर कार्यरत थीं।

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