COVID-19 से जिंदगी की जंग हार गया एक और पत्रकार

तेलंगाना के हैदराबाद में कोरोना से एक पत्रकार की मौत की खबर सामने आई है। पत्रकार कुछ दिनों से बीमार था और गांधी अस्पताल में भर्ती था

Last Modified:
Monday, 08 June, 2020
Covid595

तेलंगाना के हैदराबाद में कोरोना से एक पत्रकार की मौत की खबर सामने आई है। पत्रकार कुछ दिनों से बीमार था और गांधी अस्पताल में भर्ती था। उन्हें चार जून को किसी और अस्पताल से यहां लाया गया था।

मादन्नापेट के रहने वाले डी. मनोज कुमार ने कई टीवी चैनल्स में क्राइम रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। वर्तमान में वह तेलुगू न्यूज चैनल ‘टीवी-5’ में क्राइम रिपोर्टिंग के प्रभारी थे। मनोज की उम्र 36 वर्ष थी। गांधी अस्पताल में 4 जून को दोपहर 12.40 को भर्ती कराया गया था। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उन्हें फीवर अस्पताल से गांधी अस्पताल भेजा गया था, जहां उनका तुरंत ही उपचार शुरू किया गया। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान उन्हें सांस लेने तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते ही उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित किया गया, तब से वे आईसीयू में ही थे।

अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि जब उन्हें भर्ती कराया गया था तो उन्हें निमोनिया था और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके अलावा भी उन्हें कई दिक्कतें थीं।

गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर एम राजा राव ने कहा, 'वह आईसीयू में थे और डॉक्टरों की एक टीम चौबीसों घंटे उन पर नजर रखे हुए थी। मैंने भी कई बार उन्हें देखा, लेकिन आज सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ा और 9 बजकर 37 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मनोज पहले से ही म्यास्थेनिया ग्रेविस से पीड़ित थे जिसमें सभी मांसपेशियों में श्वसन की मांसपेशियों सहित कमजोरी होती है। इसके लिए पूर्व में उनकी सर्जरी भी की गई थी (उनकी थाइमस ग्रंथि को हटा दिया गया था), और वह उस समस्या के लिए स्टेरॉयड पर ही थे। स्वास्थ्य की इन समस्याओं के साथ वे कोविड पॉजिटिव पाए गए और उन्हें टाइप 1 श्वसन विफलता और एआरडीएस के साथ निमोनिया हो गया था।

 

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टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन ने मां की इन बातों को किया याद, दी श्रद्धांजलि

‘टाइम्स समूह’ की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन का निधन हो गया है

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
Indu Jain Vineet Jain

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। कोरोना के संक्रमण की चपेट में आकर गुरुवार की देर शाम ‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन का निधन हो गया है। 84 वर्षीय इंदु जैन कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं।

इंदु जैन के निधन पर उनके बेटे और ‘बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ (बीसीसीएल) के एमडी विनीत जैन ने श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें आजीवन आध्यात्मिक साधक, अग्रणी परोपकारी, कला की प्रतिष्ठित संरक्षक और महिला अधिकारों का जबदस्त समर्थक बताया है।

अपने ट्वीट में विनीत जैन का कहना है, ‘मेरी मां इंदु जैन का मानना था कि मृत्यु एक नई यात्रा शुरू करने के लिए आत्मा के कपड़े बदलने जैसा है। उन्होंने मुझे अपनी शर्तों पर और निरंतर आनंद की स्थिति में रहना सिखाया। मां के निर्वाण प्राप्त करने पर मैं उनकी इन भावनाओं की कद्र करता हूं।’

इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंदु जैन के निधन पर टाइम्स ग्रुप ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।

विनीत जैन द्वारा किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं। 

 

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गंभीर आरोपों में घिरे न्यूज एंकर को हाई कोर्ट से मिली राहत

युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपित मुंबई के न्यूज एंकर वरुण हिरेमथ (28) को दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को अग्रिम जमानत दे दी।

Last Modified:
Thursday, 13 May, 2021
Court

युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपित मुंबई के न्यूज एंकर वरुण हिरेमथ (28) को दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को अग्रिम जमानत दे दी। 22 वर्षीय एक युवती ने पत्रकार के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया है।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने पत्रकार वरुण हिरेमथ को राहत दी और अग्रिम जमानत के लिए उनकी याचिका का निस्तारण कर दिया।

पत्रकार ने 12 मार्च को यहां एक निचली अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LoC) भी जारी कर दिया था, जिसके तहत उन्हें देश छोड़ने से रोक दिया गया था। 

बता दें कि दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में दर्ज एफआईआर में एक युवती ने आरोप लगाया था कि 20 फरवरी को एक अंग्रेजी न्यूज चैनल में कार्यरत वरुण हिरेमथ ने उसे दोस्ती के नाम पर दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित एक पांच सितारा होटल में उसके साथ रेप किया।

वहीं, आरोपी के वकील ने निचली अदालत में दावा किया था कि शिकायतकर्ता और पत्रकार के बीच शारीरिक संबंध थे।

बता दें कि निचली अदलत ने पत्रकार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि जरूरी नहीं है कि आरोपी के साथ शिकायतकर्ता के पिछले अनुभवों का मतलब सहमति होता है और अगर कोई महिला अदालत में कहती है कि उसकी सहमति नहीं थी तो अदालत मान लेगी कि उसकी सहमति नहीं थी।

आरोपी के वकील ने निचली अदालत में शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम पर हुए संवाद दिखाए जिससे ‘उनके बीच प्यार दिखाई देता है।’

महिला की शिकायत के आधार पर यहां चाणक्यपुरी पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 342 और 509 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

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नहीं रहे दैनिक भास्कर में फीचर एडिटर चंडीदत्त शुक्ल

वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक भास्कर, मुंबई में फीचर एडिटर चंडीदत्त शुक्ल का मंगलवार को निधन हो गया है।

Last Modified:
Tuesday, 11 May, 2021
Chandi Dutt Shukla

वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक भास्कर, मुंबई में फीचर एडिटर चंडीदत्त शुक्ल का मंगलवार को निधन हो गया है। बताया जाता है कि लंबे समय से वह मधुमेह से पीड़ित थे। कुछ दिनों पूर्व ही उन्हें लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया था, लेकिन फिलहाल वह अपने गृह जनपद गोंडा में घर पर रहकर ही स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे।

चंडीदत्त शुक्ल लखनऊ और जालंधर में पंच परमेश्वर और अमर उजाला में नौकरी करने के साथ ही दैनिक जागरण, नोएडा में लंबे समय तक चीफ सब एडिटर रहे थे। इसके बाद उन्होंने फोकस टीवी में हिंदी आउटपुट पर प्रड्यूसर/एडिटर स्क्रिप्ट की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने दूरदर्शन-नेशनल के साप्ताहिक कार्यक्रम कला परिक्रमा के लिए लंबे अरसे तक लिखा। इसके साथ ही वह कई सीरियल्स के लिए स्क्रिप्ट भी लिख चुके थे। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्होंने कई सेलिब्रिटीज का इंटरव्यू भी किया था। उनके परिवार में पत्नी, बेटी और बेटा है।

चंडीदत्त शुक्ल के निधन पर तमाम पत्रकारों ने दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

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टीवी पत्रकार विपिन चंद का कोरोना से निधन, पत्रकारों के लिए फिर उठी ये मांग

टीवी पत्रकार और केरल में ‘मातृभूमि न्यूज’ के मुख्य संवाददाता विपिन चंद (42) का कोविड-19 संबंधित जटिलताओं के कारण शनिवार की देर रात निधन हो गया है।

Last Modified:
Monday, 10 May, 2021
Vipin Chand

टीवी पत्रकार विपिन चंद (42) का कोविड-19 संबंधित जटिलताओं के कारण शनिवार की देर रात निधन हो गया है। वह केरल में ‘मातृभूमि न्यूज’ के मुख्य संवाददाता के तौर पर कार्यरत थे और महामारी की दूसरी लहर के दौरान भी रिपोर्टिंग में खूब सक्रिय रहे थे। इसी दौरान वह कोरोना की चपेट में आ गए थे।  

करीब दो हफ्ते पहले जांच के दौरान कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद से वह होम क्वारंटाइन थे। बाद में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। निमोनिया के बाद हालत बिगड़ने पर विपिन को कोच्चि के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार की देर रात करीब दो बजे उनका निधन हो गया।

विपिन के परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे हैं। विपिन के निधन पर एर्नाकुलम जिले के अलंगाड़ के रहने वाले चंद ने 2005 में पत्रकारिता के करियर की शुरुआत की थी। वह 2012 में मातृभूमि न्यूज के साथ जुड़े। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनारई विजयन समेत तमाम नेताओं और पत्रकारों ने दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

विपिन चंद की मौत के बाद राज्य में पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है। वहीं, केरल में यह मांग लंबे समय से की जा रही है।

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कोरोना से जिंदगी की जंग हार गए वरिष्ठ पत्रकार संत शरण अवस्थी

कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर वरिष्ठ पत्रकार संत शरण अवस्थी का निधन हो गया है।

Last Modified:
Monday, 10 May, 2021
Sant Sharan Awasthi

कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर वरिष्ठ पत्रकार संत शरण अवस्थी का निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना के संक्रमण की चपेट में आने के कारण उन्हें कुछ दिनों पूर्व लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती कराया गया था, जहां पर उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली।

वह दैनिक जागरण, रांची, जमशेदपुर और लखनऊ में लंबे समय तक कार्यरत रहे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक पुत्र है। संतू भैया के नाम से मशहूर संत शरण अवस्थी ‘नई दुनिया’ के मप्र-छग के संपादक सदगुरु शरण अवस्थी और अयोध्या ब्यूरो प्रमुख रमा शरण अवस्थी के बड़े भाई थे।

संत शरण अवस्थी के निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ समेत तमाम राजनेताओं व पत्रकारों ने दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

 

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कोरोना ने निगल ली वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह की जिंदगी

कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह का निधन हो गया है।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
Shesh Narayan

वरिष्ठ पत्रकार, कॉलमिस्ट और देश-विदेश के राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ रखने वाले शेष नारायण सिंह का कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेष नारायण सिंह कई दिनों से कोविड-19 से जूझ रहे थे और उन्हें ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान शेष नारायण सिंह को प्लाज्मा भी दिया गया, लेकिन शुक्रवार को वह जिंदगी की ‘जंग’ हार गए और उनका निधन हो गया।   

शेष नारायण सिंह मूलत: सुल्तानपुर के रहने वाले थे। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम हस्तियों ने दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने शेष नारायण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है-

 

वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल ने शेष नारायण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि विद्वान पत्रकार श्री शेषनारायण सिंह का जाना स्तब्ध कर गया। वे हमारी पीढ़ी के सर्वाधिक विज्ञ पत्रकार थे।

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कोरोना को नहीं हरा सके वरिष्ठ पत्रकार बी रामकृष्ण, ली आखिरी सांस

वरिष्ठ पत्रकार बी रामकृष्ण का बुधवार को हैदराबाद के गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे। 

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
B Ramakrishna 57

वरिष्ठ पत्रकार बी रामकृष्ण का बुधवार को हैदराबाद के गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे। 

वरिष्ठ पत्रकार कोटा नीलिमा के मुताबिक, हैदराबाद के चार अस्पतालों ने उन्हें एडमिट करने से इनकार दिया, जिसके चलते समय पर उन्हें अस्पताल में बेड नहीं मिला सका और इस वजह से उनका निधन हो गया। 

बी रामकृष्ण आध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के बोब्बिली नगर के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी हैं।

उन्होंने ईनाडु, आंध्र ज्योति, ईटीवी, एनटीवी और डेक्कन क्रॉनिकल में काम किया था। 

पत्रकार बिरादरी और हैदराबाद प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने रामकृष्ण की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों को शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

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कोरोना को मात देने के बाद भी वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय नहीं जीत सके मौत से जंग

सहारा न्यूज नेटवर्क में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय का मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया।

Last Modified:
Wednesday, 05 May, 2021
ArunPandey454

सहारा न्यूज नेटवर्क में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय का मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वे कोरोना से संक्रमित थे और करीब 20 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। पांच दिन पहले ही उन्हें वेंटिलेटर से हटाया गया था और इस बीच उन्होंने कोरोना को भी मात दे दी थी, जिसकी वजह से उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गयी थी। लेकिन इसके बाद भी वे मौत से जिंदगी की जंग हार गए।

उन्होंने अपने अंतिम ट्वीट के जरिए, बीमार होने की जानकारी भी साझा की थी-

 

उनके निधन की खबर सुनकर मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा किए-

वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय ने सहारा न्यूज नेटवर्क के साथ बीते वर्ष जनवरी में दूसरी बार अपनी पारी की शुरुआत की थी। वे हिंदी में 'सहारा रिसर्च फाउंडेशन' के हेड के रूप में काम कर रहे थे। उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के मूल निवासी अरुण पांडेय को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का 30 वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव था। इस दौरान वह कई मीडिया संस्थानों में अहम जिम्मेदारी निभा चुके थे।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट अरुण पांडेय ने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत वर्ष 1991 में ‘सहारा मीडिया’ के अखबार ‘हस्तक्षेप’ से की थी। यहां उन्होंने लंबी पारी खेली थी। वर्ष 2003 में उन्होंने सहारा के टीवी चैनल का रुख कर लिया था और करीब चार साल यहां रहे थे।

इसके बाद वर्ष 2007 में अरुण पांडेय ने ‘सहारा’ को अलविदा कह दिया था और ‘न्यूज 24’ के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी थी। यहां एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर और असाइमेंट हेड के तौर पर लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वर्ष 2015 में बतौर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर (असाइनमेंट) वह ‘इंडिया टीवी’ के साथ जुड़ गए थे।  

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कोरोना ने छीन ली युवा पत्रकार संजीव कुमार गुप्ता की जिंदगी

कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर युवा पत्रकार संजीव कुमार गुप्ता का निधन हो गया है।

Last Modified:
Wednesday, 05 May, 2021
Sanjeev Kumar Gupta

कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आकर युवा पत्रकार संजीव कुमार गुप्ता का निधन हो गया है। करीब 39 वर्षीय संजीव कुमार गुप्ता लोकमत, दिल्ली के राष्ट्रीय ब्यूरो में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर कार्यरत थे।

कुछ दिनों पूर्व संजीव कुमार गुप्ता कोविड-19 की चपेट में आ गए थे और करीब पांच दिनों से दिल्ली स्थित आइटीबीपी कोविड अस्पताल में भर्ती थे, जहां पर उन्होंने आखिरी सांस ली। संजीव कुमार गुप्ता के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और बुजुर्ग माता-पिता है। उनकी बेटियां कक्षा प्रथम में पढ़ती हैं।

संजीव कुमार गुप्ता के निधन पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पीआईबी मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संस्था प्रेस एसोसिएशन के अलावा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया,  मैथिल पत्रकार ग्रुप, दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन, एनयूजे, दिल्ली सरकार प्रेस एक्रीडिटेशन कमेटी सहित कई संस्थाओं ने दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

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समाज को उसकी जिम्मेदारी का अहसास कराना भी मीडिया का ही दायित्व है: प्रो. के.जी सुरेश

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर ‘कोविड-19 महामारी में पत्रकारों की भूमिका’ पर एमसीयू में हुआ विशेष व्याख्यान का आयोजन

Last Modified:
Tuesday, 04 May, 2021
MCU

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर सोमवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश दुबे का कहना था कि पत्रकारों को फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स मानकर प्राथमिकता के साथ टीका लगवाना चाहिए। एडिटर्स गिल्ड भी यह मांग कर रहा है। अजरबेजान जैसे छोटे देश ने अपने यहां 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी पत्रकारों को अनिवार्य रूप से नि:शुल्क टीका लगाने का निर्णय लिया है।

 ‘कोविड-19 महामारी में पत्रकारों की भूमिका’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में प्रकाश दुबे का यह भी कहना था, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पत्रकारों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गईं। पत्रकार लगातार फील्ड रिपोर्टिंग कर रहे हैं, ऐसे में उनके लिए कोविड जांच की सुविधा नि:शुल्क या न्यूनतम दरों पर होनी चाहिए।’ दुबे ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के अनुसार 76 देशों में 1184 पत्रकार कोरोना के शिकार हुए हैं, जबकि भारत में अब तक 56 पत्रकार अपना काम करते हुए कोरोना से संक्रमित होकर अपनी जान दे चुके हैं। दुबे ने कहा कि पत्रकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। जब उन्हें लगे कि सरकारों से कहीं चूक हो रही है, तब पत्रकारों का दायित्व बन जाता है कि वे सरकारों को आईना दिखाएं।

वहीं, पत्रकार कोटा नीलिमा की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एक अप्रैल 2020 से 28 अप्रैल 2021 के बीच 101 से अधिक पत्रकारों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जानबूझकर भ्रम फैलाया गया कि समाचारपत्रों से वायरस फैलता है, जबकि सच यह है कि समाचारपत्र के माध्यम से कोविड का वायरस नहीं फैलता है। दुनिया में ऐसा कोई मामला नहीं है, जिससे यह पता चलता हो कि कोई व्यक्ति समाचारपत्र पढऩे से संक्रमित हुआ हो।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि हम (पत्रकार) जितनी आत्मालोचन करते हैं, उतना अपना मूल्यांकन किसी दूसरे पेशे के लोग नहीं कर पाते हैं। अन्य क्षेत्र के लोग भी अपना मूल्यांकन करें, तब देश की तस्वीर बदल सकती है। नई पीढ़ी को यह कतई नहीं सोचना चाहिए कि समूची पत्रकारिता बिक गई है। हमें अपने पेशे की प्रतिष्ठा स्वयं ही बनानी होगी। अपने पेशे के प्रति नकारात्मक सोच रखना ठीक नहीं है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की आलोचना करने के साथ ही समाज को आत्मावलोकन के लिए मजबूर करना भी मीडिया का काम है। समाज को उसकी जिम्मेदारी का अहसास कराना भी हमारा दायित्व है। लॉकडाउन सिर्फ सरकार ही क्यों करे, हमें आत्मानुशासन का पालन क्यों नहीं करना चाहिए? उन्होंने बताया कि सरकार के साथ संवाद करते हुए उन्होंने भी पत्रकारों को प्राथमिकता के साथ वैक्सीन लगाने की मांग की थी।

इससे पूर्व विषय प्रवर्तन करते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के विरुद्ध रणभूमि में भारतीय पत्रकारों ने फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स की भूमिका निभाते हुए अपना बलिदान तक दिया है। पत्रकारों ने अपने जीवन की चिंता न करते हुए आम लोगों तक जरूरी और आवश्यक सूचनाएं पहुंचाई हैं। कार्यक्रम का संचालन पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष डॉ. राखी तिवारी ने किया और आभार ज्ञापन प्रभारी कुलसचिव प्रो. पवित्र श्रीवास्तव ने किया।

यूनिसेफ के सहयोग के युवाओं के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम आज:

एमसीयू में 4 मई को सुबह 11:00 बजे से युवाओं में कोविड-19 के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में यूनिसेफ मध्यप्रदेश की प्रमुख और एम्स भोपाल के निदेशक सहित अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होंगे।

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