होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / बहुत कर ली पत्रकारिता !! आपका जीवन वैसे भी गणितविहीन रहा...

बहुत कर ली पत्रकारिता !! आपका जीवन वैसे भी गणितविहीन रहा...

वरिष्ठ महिला पत्रकार और बिंदिया मैगजीन की पूर्व संपादक गीताश्री जब लिखती है, तो मन से लिखती है। जीवन की बातों को खरे-खरे अंदाज में कहना उनकी खासियत है। हाल ही में फेसबुक पर उन्होंने अपने एक पुराने सीनियर के बारे में संस्मरण लिखा है....आप चाहे तो नीचे पढ़ सकते हैं उनका वो संस्मरण...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

वरिष्ठ महिला पत्रकार और बिंदिया मैगजीन की पूर्व संपादक गीताश्री जब लिखती है, तो मन से लिखती है। जीवन की बातों को खरे-खरे अंदाज में कहना उनकी खासियत है। हाल ही में फेसबुक पर उन्होंने अपने एक पुराने सीनियर के बारे में संस्मरण लिखा है....आप चाहे तो नीचे पढ़ सकते हैं उनका वो संस्मरण... उनसे मिलना , बीते हुए एक युग से मिलने जैसा है. उनसे मिलना जैसे समंदर से कहना- "सुन समंदर, तेरे नमक में हमारे कितने दुख सुख का सत्व मिला हुआ है?" उनसे मिलना - वक़्त की शाख़ पे अटके लम्हों को कुछ पल के लिए झकझोर देना. वह पत्रकार थे, संपादक थे, बहुत से नौसिखिए पत्रकारों के मार्गदर्शक थे, अपने चाक पर कुछ पत्रकारों को गढ़ रहे थे. कुछ को मांज रहे थे, कुछ को खिलने का मौक़ा दे रहे थे. एक छोटे से केबिन में बैठे वे कितने सपने देखते और दिखवाते थे. उनके पास सपनों का बाइस्कोप था. उसके छोटे झरोखे से चिपक कर हम नए पत्रकार भविष्य की धुँधली तस्वीरें देखा करते और उम्मीद की आहटें सुना करते. वे सबकुछ थे, कवि भी थे , यह नहीं मालूम. यह नई खोज है मेरे लिए कि हमारे समय का एक बड़ा पत्रकार अपनी कविताओं को ख़बरों के नीचे दबा कर रखता था. वह अपने समय को, अपने दुख दर्द को कविताओं में , गीतों में, शेरों में दर्ज कर रहा था. सालों यह सिलसिला चलता रहा... आईएनएस बिल्डिंग, रफ़ी मार्ग की पत्रकारिता के दिन थे वे और अपने भीतर समंदर समेटे व्यक्तित्व था- और हैं- सत्य प्रकाश असीम. हमारे बीच असीम जी के नाम से चर्चित और फेसबुक पर असीम भाई के नाम से लोग पहचानते हैं उन्हें. "आज" अखबार के दिल्ली ब्यूरो में बैठते थे असीम जी. हम भी वही पहले फ्रीलांसिग करते रहे, बाद में उसी बिल्डिंग में नौकरी लग गई. रोज़ का मिलना जुलना हो गया. बहुत कुछ सीखा, जाना समझा. पोलिटिकल रिपोर्टिंग के दौरान मेरे भीतर फ़ीचर की लय बची रही तो वह सिर्फ असीम जी की वजह से जो बिना लिखवाए मानते नहीं थे. अगाध भरोसा हमारे लेखन पर. बहुत स्नेह बरसता था जब चाय समोसे की तलब लगी हो. केबिन में कोई बैठा हो, अगर हम जैसा कोई पहुँच जाए तो झट बुलवा लेना और चाय समोसा खिला कर ही जान छोड़ना. जितनी देर बैठे रहे, आपकी ख़ूबियाँ याद दिलाते रहना....तुम ये लिख सकती हो, तुम वो कर सकती हो, तुम ज़मीन खोद सकती हो, आकाश झुका सकती हो, नदी की धार मोड़ सकती हो...टाइप बातें जो हमारे भीतर आत्म विश्वास का संचार करती थीं. बहुत बलशाली होकर केबिन से निकलते. ख़ुद पर भरोसा लेकर.वे हमारे फ़ेवरेट हो गए थे. यह सब सुनना अच्छा लगता था. हमारी कॉपी जिस तरह वे एडिट करते और उसकी हेडिंग लगाते, मैं उस पर मुग्ध हो जाती. आज तक कुछ लयात्मक हेडिंग्स याद है. अब समझ में आ रहा कि उनके भीतर का कवि हमारे लेखों की हेडिंग बनाया करता था. सारी कटिंग्स संभाल कर रखी है. उनके पटना प्रवास की कई कथाएँ थीं. तब हम पढ़ाई कर रहे थे. असीम जी इतने स्पष्ट, आधुनिक और बेबाक़ कि कुछ भी छिपा नहीं, उनकी ज़िंदगी खुली किताब थी. आप जैसे चाहे पाठ करें, ग़लत या सही, उन्हें फ़र्क़ नहीं पड़ता था, वे मुस्कुराते और लाजवाब कर देते. ज़िंदगी का यह पाठ भी सीखाया उन्होंने. पिछले दिनों उनसे मिलने गई. उनकी किताब सुन समंदर उनके हाथों से लेना चाहती थी. मिल कर पुरानी बातें याद करना चाहती थी. मिल कर दुख से भर गई. वो फेसबुक पर बहुत सक्रिय हैं मगर उनकी आवाज साथ नहीं देती. उनकी प्रेरक बातें सुन नहीं पाई. उनकी आवाज ही तो थी जो कहीं भी देखती तो पुकार उठती थी. अक्सर कहते- "देखना एक दिन हम साथ काम करेंगे." उनके साथ काम करने की तमन्ना अधूरी. जिन लोगो ने काम किया, वे आज बहुत अच्छी पोज़ीशन में हैं. असीम जी पर लंबा लेख लिखा जा सकता है. फ़िलहाल उनकी कविताएँ पढ रही और सोच रही कि उस दौर में यही बात उन्होंने नहीं बताई. क्यों ? उनसे पूछूँ कैसे? वो अस्पष्ट-सी आवाज में कहेंगे और मैं ठीक से सुन नहीं पाऊंगी. इतने एक्टिव इन्सान को इतना सिमटा हुआ देखना मुझे अच्छा नहीं लगा. चेहरे पर अस्वस्थता के कोई निशान नहीं. चेहरा वैसा ही है, ताज़ा दम. मानों अभी कह देंगे कि "जाओ वो असाइनमेंट करके ले आओ, वो सिर्फ तुम ही कर सकती हो." मैने पूछा -आप शारीरिक रुप से अस्वस्थ होने के वाबजूद इतने एक्टिव ? खूब घूम फिर लेते हैं. जवाब- विल पावर से. कभी कभी आवाज बहुत स्पष्ट निकल आती है. जैसे आवाज़ें खेल रही हों कंठ से, भावों से ...अभिव्यक्ति से... मैं उनकी आवाज में उनकी कविताएँ सुनना चाहती थी. उम्मीद करती हूँ कि वही आवाज़ वापस लौटे जिनसे वे हम सबको हौसला दिया करते थे और लेखन के टिप्स दिया करते थे. विल पावर जो बाँटते हैं , अंत में उनके पास भी यही बची रहती है. उनकी कविता की तरह - "मेरी आवाज में खू़शबू है, पर आवाज नहीं तुम्हें अहसास हो तो चंपा चमेली लिखना." मैं आपके लिए दुआ लिख रही हूँ और कामना करती हूँ कि जितनी रचनाएँ छुपा रखी हैं, वो सब सामने लाएँ. दूसरों को निखारते निखारते ख़ुद ही छुपते चले गए. वक़्त आ गया है, रचनाएं सामने आएं. बहुत कर ली पत्रकारिता !! आपका जीवन वैसे भी गणितविहीन रहा. आपके ही शब्दों में--"इस फ़क़ीर की झोली में, दो जहाँ की दौलत है."


टैग्स
सम्बंधित खबरें

शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई YAAP Digital Limited

डिजिटल मार्केटिंग कंपनी YAAP Digital Limited ने शेयर बाजार में अपना डेब्यू कर लिया है। कंपनी NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई है और इस प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने वाली यह 717वीं कंपनी बन गई है।

21 hours ago

BSE व NSE ने इस मामले में 'बालाजी टेलीफिल्म्स' पर लगाया जुर्माना

टीवी और फिल्म प्रोडक्शन कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स (Balaji Telefilms Limited) पर स्टॉक एक्सचेंज ने जुर्माना लगाया है।

3 days ago

मैडिसन मीडिया सिग्मा की CEO वनिता केसवानी ने छोड़ा पद

मीडिया इंडस्ट्री से एक बड़ी खबर सामने आई है। वनिता केसवानी ने मैडिसन मीडिया सिग्मा (Madison Media Sigma) के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है।

3 days ago

वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी में शाजिया फ़ज़ल को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

ग्लोबल मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros. Discovery) में शाजिया फ़ज़ल को बड़ी जिम्मेदारी मिली है

3 days ago

अब RPSG मीडिया के CEO होंगे साहिल शेट्टी, 9 मार्च को संभालेंगे जिम्मेदारी

नेटवर्क18 स्टूडियो से अलग होने के बाद साहिल शेट्टी अब आरपीएसजी मीडिया (RPSG Media) में चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर जुड़ने जा रहे हैं

4 days ago


बड़ी खबरें

BSE व NSE ने इस मामले में 'बालाजी टेलीफिल्म्स' पर लगाया जुर्माना

टीवी और फिल्म प्रोडक्शन कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स (Balaji Telefilms Limited) पर स्टॉक एक्सचेंज ने जुर्माना लगाया है।

3 days ago

शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई YAAP Digital Limited

डिजिटल मार्केटिंग कंपनी YAAP Digital Limited ने शेयर बाजार में अपना डेब्यू कर लिया है। कंपनी NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई है और इस प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने वाली यह 717वीं कंपनी बन गई है।

21 hours ago

न्यूज एंकर जया कौशिक ने NDTV छोड़ शुरू किया अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म

जानी-मानी पत्रकार जया कौशिक ने पत्रकारिता के 21 साल पूरे होने पर एक बड़ा फैसला लिया है।

4 days ago

दैनिक भास्कर समूह में नौकरी का मौका, इस पद के लिए निकली वैकेंसी

यदि आप पत्रकार हैं और मीडिया के फील्ड में नई नौकरी की तलाश में हैं तो यह मौका आपके लिए है।

21 hours ago

भारत एक्सप्रेस की तीसरी वर्षगांठ पर दिल्ली में मेगा कॉन्क्लेव 9 मार्च को

‘विकसित भारत 2047: नए भारत की बात’ थीम के साथ होने वाला यह कार्यक्रम देश के भविष्य और विकास की दिशा पर केंद्रित रहेगा।

21 hours ago