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प्रीतिश नंदी ने सच कहा, तो लोगों की कड़वाहट बाहर आ गई
सच हमेशा कड़वा होता है, ये तो आपने सुना होगा लेकिन यदि आप इसे परखना चाहते हैं...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सच हमेशा कड़वा होता है, ये तो आपने सुना होगा लेकिन यदि आप इसे परखना चाहते हैं तो सोशल मीडिया पर कोई वाजिब मुद्दा उठाइए और फिर देखिए लोगों के जहन में भरी कड़वाहट किस तरह उनकी जुबान पर आती है। वरिष्ठ पत्रकार प्रीतिश नंदी इसी कड़वाहट का शिकार हो रहे हैं। दरअसल, प्रीतिश ने विचारों की अभिव्यक्ति के सबसे सशक्त मंच माने जाने वाले सोशल मीडिया पर एक ऐसी घटना का जिक्र किया, जो मनुष्य के विकृत चेहरे को दर्शाती है। लेकिन लोगों ने इस विकृत चेहरे को भी सांप्रदायिक रंग में रंग दिया।
प्रीतिश नंदी को न केवल व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया गया, बल्कि उनके खिलाफ आपतिजनक शब्द भी इस्तेमाल किए गए। राजनीतिक दलों की भूमिका पर सवाल उठाने वाले बयानों पर पक्ष और विपक्ष के भड़कने को कुछ हद तक सही कहा जा सकता है, क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में दिमाग के बजाए दिल का इस्तेमाल होता है, लेकिन जो सवाल इंसान के शैतान बनने से जुड़ा हो उस पर आपा खोना दर्शाता है कि हम मानसिक दिवालिएपन की किस स्थिति में पहुंच गए हैं। नंदी ने वही कहा, जो हो रहा है, जो सही है, लेकिन इस सच ने ट्विटर पर मौजूद असंख्य लोगों में बेचैनी पैदा कर दी और उनके जहन में भरी कड़वाहट शब्दों के रूप में बाहर आ गई।
हरियाणा के मेवात में 8 लोगों द्वारा एक गर्भवती बकरी से सामूहिक बलात्कार किया गया था। रविवार को ये न्यूज मीडिया में छाई रही, जिस किसी ने भी यह खबर पढ़ी या देखी उसे यकीन ही नहीं हुआ कि लोग इतना भी गिर सकते हैं। प्रीतिश नंदी ने भी इस खबर के लिंक के साथ अपने विचार ट्विटर पर साझा कर दिए। उन्होंने लिखा ‘तो हम आखिरकार यहां आ गए हैं। हमने महिलाओं का सम्मान नहीं किया, मुसलमानों का सम्मान नहीं किया, दलितों का सम्मान नहीं किया और अब अन्य प्रजातियों का भी सम्मान नहीं कर रहे हैं’।
नंदी के इस ट्वीट के बाद यूजर्स ने उन पर हमला बोल दिया। कुछ लोगों ने एक तरह से यह साबित किया जैसे नंदी किसी खास समुदाय की पैरोकारी कर रहे हैं।
So this is where we have finally reached! We disrespect women. We disrespect Muslims. We disrespect Dalits. Now we disrespect other species.
Pregnant Goat Dies After Being Raped by 8 Men in Haryana's Mewat https://t.co/cXTdhROD5p
— Pritish Nandy (@PritishNandy) July 29, 2018
@manojthaker33 नामक यूजर ने लिखा है ‘अधिकांश लोग यहां बिना जानकारी के ट्वीट कर रहे हैं और लगता है कि प्रीतिश नंदी को भी जानकारी नहीं पता...दोषी और बकरी दोनों मुस्लिम हैं’।
Most of the guys here tweeting here without going into details....it seems @PritishNandy also tweeted without knowing details....The Culprits and Goat owner both are Muslims.
— Take it Easy...! (@manojthaker33) July 29, 2018
इसी तरह फॉलोमी नामक यूजर ने ट्वीट किया है ‘बकरी मुस्लिम की थी, बलात्कारी भी मुस्लिम थे, आपका क्या’?
बकरी muslim की थी , Rapist भी muslim थे , आपका क्या ?
— Follow me (@newsfilterindia) July 29, 2018
नंदी का तार्किक ट्वीट अमरेंद्र सिंह को इतना अतार्किक लगा कि उनके शब्दों का चयन भी लड़खड़ा गया। सिंह ने लिखा ‘तु्म्हे एक अच्छा लेखक और पत्रकार समझने की भूल कर दी मैंने तुम एक छोटी सोच और देश में मुसलमानों को भड़काने की कोशिश करने बाले बेहूदा इंसान हो। तुम्हे देश में बुराई ही दिखेगी। गंदी सोच और गंदी नजर वाला पत्रकार..’
तु्म्हे एक अच्छा लेखक और पत्रकार समझने की भूल कर दी मैंने तुम एक छोटी सोच और देश में मुसलमानों को भड़काने की कोशिश करने बाले बेहूदा इंसान हैं।तु्म्हे देश में बुराई ही दिखेगी।गंदी सोच और गंदी नजर बाला पत्रकार है तू..
— Amrendra Singh (@Amrendr40984180) July 29, 2018
इसी तरह यूजर ऋषि नंदी ने ट्वीट किया है ‘आप यह भी लिख सकते थे कि ‘हम अन्य लोगों का सम्मान नहीं करते...किसी धर्म का नाम लिखना इतना महत्वपूर्ण क्यों है? इस तरह से गैरवाजिब ट्वीट लिखकर आप जैसे लोग ही दंगे कराते हो...अब तो बड़े बन जाओ सर। आप उस स्थिति में हैं जहां लोग आपके ट्वीट पढ़ते हैं, इसलिए साम्प्रदायिक बनना बंद करें’।
Why can't you just write "we disrespect other human beings".. why writing any religion name is important??? People like you create rift by writing such irresponsible tweets... Grow up sir.. u r in a position where ppl read ur tweet... Stop be communal
— Rishi Nanda (@rishi123nanda) July 29, 2018
गंभीर मुद्दे का मजाक
सोशल मीडिया पर बकरी से रेप की घटना को पूरी तरह साम्प्रदायिक रंग दिया जा रहा है। कुछ लोग इसे एक तरह से कठुआ कांड के बदले के रूप में पेश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उन अभिनेत्रियों की तस्वीरें शेयर की जा रही हैं जिन्होंने कठुआ मामले में अपना विरोध दर्ज कराया था। हालांकि इन अभिनेत्रियों के हाथ में जो तख्ती थी उसका मैसेज बदल दिया गया है। ऐसी ही एक मोर्प की गई फोटो पर लिखा है ‘7 मुस्लिम लोगों ने एक गर्भवती बकरी का रेप किया। #जस्टिस फॉर गोट’। इसी तरह एक किताब के कवर को बदलकर लिखा दिया गया है ‘बकरी से संभोग’।
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