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फेसबुक पोस्ट के बाद बिहार में एक और वरिष्ठ पत्रकार को मिली जान से मारने की धमकी
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। बिहार में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारिता पर खतरा मंडराने लगा है। सिवान में पत्रकार की हत्या और फिर बिहार शरीफ में दैनिक जागरण के पत्रकार को धमकी मिलने की घटना अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब एक और ताजा मामला सामने आया है। दरअसल भागलपुर में वरिष्ठ पत्रकार और राजनैतिक विश्लेषक दिनेश सिंह को
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। बिहार में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारिता पर खतरा मंडराने लगा है। सिवान में पत्रकार की हत्या और फिर बिहार शरीफ में दैनिक जागरण के पत्रकार को धमकी मिलने की घटना अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब एक और ताजा मामला सामने आया है। दरअसल भागलपुर में वरिष्ठ पत्रकार और राजनैतिक विश्लेषक दिनेश सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है। अपराधियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी यह कहकर दी कि मुंगेर पहुंचते ही उन्हें जान से मार दिया जाएगा। दिनेश को ये धमकी मोबाइल नंबर 9504376600 से मिली। दिनेश सिंह को धमकी मिलने की खबर से राजनैतिक गलियारे और पत्रकारिता जगत में हंगामा मच गया है। विभिन्न पत्रकार संगठनों ने बिहार के सीएम और डीजीपी से धमकी देने वाले को बिना देरी किए गिरफ्तार करने की मांग की है। दिनेश सिंह बिहार से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान पटना से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार रहे है। दिनेश सिंह ने बताया कि उन्हें यह धमकी उनके एफबी पोस्ट ‘कैसे-कैसे मजर सामने आने लगे हैं’ शीर्षक से पोस्ट के बाद मिली है, जिसमें उन्होंने लोभ और साजिश के जरिए लड़कियों को फंसा कर शादी होने का खुलासा किया था। उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा कि, ‘मैं धमकियों से नहीं डरता। 16 साल की उम्र मे इमरजेंसी में इंदिरा जी की बर्बर सत्ता से टकराने से नहीं चुका, पूरे आपातकाल मे डीआईआर और मीसा मे जेल जाना कबूल किया, मगर हार नहीं माना। अब क्या हम इन बंदर भभकियों से डरने वाले हैं? कदापि नहीं।’ दरअसल जिस पोस्ट का जिक्र वरिष्ठ पत्रकार दिनेश सिंह ने किया है, उसे आप यहां पढ़ सकते हैं: कैसे-कैसे मजर सामने आने लगे हैं... ----------------------------------------------- अन्तर्धामिक विवाह की अश्लीलता 'लव-जेहाद' शब्द अब भागलपुर से चलकर मुगेर पहुंच गया है और पंचायत चुनाव के बाद इसकी चर्चा कुछ ज्यादा जोर पकड़ रही है। खबर के अनुसार भागलपुर मे एक के बाद एक कई दर्जन लड़कियां घर से भागी और पता चलता रहा की या तो वे धर्म बदल कर किसी की व्याहिता हो चुकी हैं या लहू लुहान होकर अपना सब कुछ गंवा कर 'न घर का न घाट का' की स्थिति मे पहुंच कर रह गयीं हैं। बड़े- बड़ै सब्जबाग दिखाकर और हजारों रुपए प्रतिदिन लुटा कर अपनी समृद्धि का नंगा प्रदर्शन करने वाले की जाल मे फंसकर व्याहिता बनी एक लड़की की दास्तान चौकाने वाली थी। सच्चाई यह थी कि वह अंडा बेचने वाले का अनपढ़ बेटा था। भागलपुर की यह अनेकों दास्तां हैं और इस तरह की घटनाओं पर इसलिए मिट्टी डालकर दफन करने की कोशिश होती है कि आगे बाल बच्चों से कौन शादी करेगा? सवाल यह है कि इस तरह के धोखाधड़ी के मुहिम को कौन चला रहा है? इसके लिए कहां से फिनांस हो रहा है? कैसे एक अंडा बेचने वाले का बेटा लव के इजहार मे लाखों रु. पानी के तरह बहा दे रहा है? हालांकि इस तरह की घटनाओं के बाद हिंदु संगठनों खासकर आरएसएस और उसके धर्म जागरण संगठन की अचानक सक्रियता से भागलपुर मे अंकुश लगा है मगर यह आसपास के शहरों मे फैल रहा है। भागलपुर मे तमाम हवा होने के बावजूद भाजपा के शाहनवाज हुसैन के पराजय का बड़ा कारण भी इस तरह की घटनाएं भी रही है। इस मामले मे उनकी संदिग्ध भूमिका को संघ ने पसंद नहीं किया था। अब बात रही मुंगेर की। अपने जमाने की खूबसूरत मसहूर तवायफ शायरा बानो ने इस काम का कमान अपने हांथों मे लिया है। वे पहले जदयू नेताओं के संपर्क मे आयी। अपनी कमसीन अदाओं का जलवा बिखेरते हुए जिला परिषद का चुनाव लड़ीं और जीती। उनकी अदाओं से पटना भी नहीं बचा और सरकार के समर्थन और प्रभाव से जिला परिषद की अध्यक्ष बन गयीं। अगला चुनाव हार गई मगर सत्ता मेहरबान तो आयोगों में जगह पाना आसान। मुंगेर जिले की भाजपा नेत्री और प्रदेश महिला मोर्चा की महामंत्री अनु भारद्वाज की बेटी जहान्वी भारद्वाज ने शायरा बानो के बेटे इम्तियाज राज बहलवी की बेगम बनी है और धर्म परिवर्तन के नाम के बाद नया नाम रखा है जाह्वी रजा वहलवी। राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए भाजपा नेत्री का यह सौदा किसी बड़े पैकेज का डील माना जा रहा है। लव जेहाद की प्राथमिकता भाजपा और हिंदू के कट्टर नेताओं की लड़कियां है जिसके लिए अपार धन के अलावा बहुत कुछ लुटाने के लिए तैयार हैं। निकाह हुई और जाह्वी रजा वहलवी बनते ही मुस्लिम के गढ़ से मुखिया उम्मीदवार के लिए चुनाव मैदान मे उतर गई। भारी मतों से जीती। बहलवी की माता जी अनु भारद्वाज उसी क्षेत्र से जिला परिषद के लिए लड़ी। नारा था एक बोट जेहाद को और दूसरा सासू मां के लेहाज को। इस सासू मां के लेहाज के नाम अच्छा वोट बटोरी। सासू मां इस नए रिश्ते से खुश हुई। समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
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