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...इस वजह से ET-Now’ और ‘CNBC-TV18’ के बीच छिड़ी जंग
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। बजट के दिन कौन सा चैनल सबसे ज्यादा देखा गया (television viewership measurement), इसको लेकर दो बिजनेस न्यूज चैनल के बीच चल रही लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। टाइम्स ग्रुप के अंग्रेजी बिजनेस न्
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बजट के दिन कौन सा चैनल सबसे ज्यादा देखा गया (television viewership measurement), इसको लेकर दो बिजनेस न्यूज चैनल के बीच चल रही लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। टाइम्स ग्रुप के अंग्रेजी बिजनेस न्यूज चैनल ‘ईटी नाउ’ (ET Now) ने आरोप लगाया है कि उसके प्रतिद्वंद्वी चैनल ‘CNBC-TV18’ ने बजट वाले दिन खुद को कई फ्रीक्वेंसी (multiple frequencies) पर चलाकर बेईमानी की है और इससे चैनल की व्युअरशिप में बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, CNBC TV18 का कहना है कि उसने नियमों के तहत काम किया है।
‘ईटी नाउ’ ने इस संबंध में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन (IBF), न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन(NBA), ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (BARC India), ऐडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI), ऐडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAAI) और इंडियन सोसायटी ऑफ ऐडवर्टाइजर्स (ISA) को शिकायत भी भेजी है। इस शिकायत में ‘ईटी नाउ’ का कहना है कि ‘CNBC TV18’ ने बजट वाले दिन अपनी कवरेज उन फ्रीक्वेंसी (multiple frequencies) पर भी की थी, जिन पर सामान्य दिनों में ग्रुप के अन्य चैनल्स चलते हैं। ‘ईटी नाउ’ ने इन संस्थाओं से ‘CNBC-TV18’ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। यह मांग भी उठाई गई है किCNBC-TV18 को इस कार्य के लिए माफी मांगनी चाहिए।
‘बार्क इंडिया’ ने सितंबर 2016 को मल्टीपल फ्रीक्वेंसी पर उपलब्ध चैनलों की मेजरमेंट (measurement) को लेकर एक पॉलिसी तय की थी। इस पॉलिसी में तय किया था कि विभिन्न कारणों से किसी खास डिस्ट्रीब्यूशन प्लेफार्म पर ब्रॉडकास्टर्स अपने चैनल अथवा चैनलों के लिए एक से ज्यादा स्लॉट अथवा फ्रीक्वेंसी का चुनाव कर सकते हैं। यह निर्णय सभी ब्रॉडकास्टर्स और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म (DTH, Cable आदि) के लिए दिया गया था।
इस बारे में बार्क इंडिया के सीईओ पार्थो दासगुप्ता का कहना है, ‘हमारा काम टेलिविजन की व्युअरशिप को मापना है और हम यह काम प्रत्येक चैनल को दी गई यूनिक वॉटरमार्किंग आईडी (Unique Watermarking ID) की सहायता से करते हैं। विभिन्न प्लेटफार्म (multiple platforms) पर उपलब्ध चैनल की व्युअरशिप के मामले में सितंबर 2016 को बनाई गई हमारी पॉलिसी में सभी बात स्पष्ट रूप से कही गई है। इसके बाद भी यदि डाटा को लेकर हमारी गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है तो पार्टियों को इन विवादों के निस्तारण के लिए ASCI के पास जाना चाहिए।’ सीएनबीसी के प्रवक्ता का कहना है, ‘हमें इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि हमारा नाम इसमें बेकार में घसीटा जा रहा है।’ उधर एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) द्वारा पूछे जाने पर ‘टाइम्स नेटवर्क’ ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
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