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सुप्रिया साहू को दूरदर्शन की DG बनाए जाने पर प्रसार भारती और सूचना-प्रसारण मंत्रालय को नोटिस
समाचार4मीडिया बयूरो ।। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती खिलाफ एक नोटिस जारी किया है। दरअसल यह नोटिस आईएएस ऑफिसर सुप्रिया साहू को दूरदर्शन की डायरेक्टर जनरल नियुक्त किए जाने के खिलाफ दायर याचिका के तहत भेजा गया है। दरअसल, दूरदर्शन के एडिशनल डायरेक्टर जनरल महेश जोशी की याचिक
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया बयूरो ।। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती खिलाफ एक नोटिस जारी किया है। दरअसल यह नोटिस आईएएस ऑफिसर सुप्रिया साहू को दूरदर्शन की डायरेक्टर जनरल नियुक्त किए जाने के खिलाफ दायर याचिका के तहत भेजा गया है। दरअसल, दूरदर्शन के एडिशनल डायरेक्टर जनरल महेश जोशी की याचिका पर 14 जून को ट्रिब्यूनल ने ये नोटिस जारी किया है। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सरकार ने साहू के बारे में छलपूर्ण जानकारी दी है। ट्रिब्यूनल ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती के अतिरिक्त ये नोटिस सुप्रिया साहू और प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सरकार को भी जारी किया है। ट्रिब्यूनल ने मंत्रालय, प्रसार भारती और नियुक्त समिति (Appointments Committee of Cabinet) समेत इस मामले में सभी पक्षों से अगली सुनवाई की तारीख 8 जुलाई से पहले अपने अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। इस दौरान ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि दूरदर्शन के महानिदेशक के पद पर नियुक्ति, मामले के परिणाम के अधीन होगी। अपनी याचिका में महेश जोशी का मुख्य तर्क है कि साहू ने 31 अक्टूबर 2014 तक केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव के रूप में नियमित रूप से सेवा के तीन साल पूरे नहीं किए थे। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चूंकि साहू को 31 अक्टूबर 2011 से प्रभावी तौर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था, इसलिए पात्रता मानदंड को पूरा करने के लिए उनके नौ महीने व दो दिन कम पड़ रहे हैं। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने दूरदर्शन के डायरेक्टर जनरल के रूप में साहू की नियुक्ति पिछले हफ्ते ही की थी। यह पद पिछले दो सालों से खाली पड़ा था। इससे पहले इस पद पर त्रिपुरारी शरण थे, जिनका कार्यकाल 27 जुलाई, 2014 को पूरा हो गया था। 14 जून को सुनवाई के दौरान मंत्रालय ने यह कहा था कि साहू की नियुक्ति ‘कोई गैरकानूनी’ तरह से नहीं हुई है। नियुक्ति के नियमों के तहत उनके संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेट्री) के रूप में तीन साल पूरे हो गए थे। साहू तमिलनाडु कैडर से 1991 बैच की आईएएस हैं। प्रसार भारती ने इस साल फरवरी महीने में ही नियुक्ति के लिए इनके नाम का सुझाव मंत्रालय के पास भेजा था। प्रसार भारती ने पहली बार इस पद से लिए जनवरी 2014 में रोजगार समाचार पत्र में विज्ञापन दिया था। समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
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