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NBT के पत्रकार पर किया वेबसाइट ने वार, यूं बताया 'गलत'
अतिसक्रियता या कहें कि ज्ञान का अभाव कभी-कभी किरकरी भी करा देता है। ‘नवभारत टाइम्स’ के पत्रकार दामोदर व्यास के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
अतिसक्रियता या कहें कि ज्ञान का अभाव कभी-कभी किरकरी भी करा देता है। ‘नवभारत टाइम्स’ के पत्रकार दामोदर व्यास के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। दरअसल, हुआ यूं कि भाजपा प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने 20 जनवरी को रेलवे के कामकाज की सराहना वाला एक ट्वीट किया। अपने ट्वीट में उन्होंने रेलयात्रियों को दिए जाने वाले खाने के पैकेट का उल्लेख करते हुए लिखा ‘ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों द्वारा अक्सर शिकायत की जाती थी कि ट्रेन में ऊंचे रेट पर खाने का सामान बेचा जाता है और ज्यादातर यात्रियों को तय दाम की जानकारी न होने के कारण भी ऐसा होता था। रेलवे द्वारा ये एक अच्छा समाधान निकाला गया है कि अब हर वस्तु पर दाम लिखे होंगे’।
बग्गा के इस ट्वीट पर कई लोगों के कमेंट आये, लेकिन पत्रकार व्यास ने जो कमेंट किया, उससे एक नई बहस छिड़ और वो ये कि क्या जांच-पड़ताल किए बिना अतिसक्रियता दिखाना उचित है? बग्गा को जवाब देते हुए व्यास ने ट्वीट किया ‘ये सही में एक अच्छा काम हुआ है इसकी सराहना होनी चाहिए। मेरा बस आपसे और रेलवे से एक ही सवाल है। ये 20 जनवरी का नाश्ता 19 जनवरी की शाम में ही यात्री को कैसे दिया गया। या फिर यही नाश्ता 20 जनवरी को दिया जाना है? तो आमलेट बासी नहीं हो जाएगा’?
दरअसल, ये सारी गफलत हुई ट्विटर की टाइम सेटिंग के चलते। व्यास का ट्विटर फीड बग्गा के जिस ट्वीट को 19 जनवरी का दिखा रहा था, असल में वो 20 जनवरी को ही किया गया था। ऐसे में व्यास 20 को 19 समझ गए और सवाल दागकर अपनी किरकिरी करा बैठे।
@TajinderBagga ये सही में एक अच्छा काम हुआ है इसकी सराहना होनी चाहिए। मेरा बस आपसे और @RailMinIndia से एक ही सवाल है। ये 20 जनवरी का नाश्ता 19 जनवरी की शाम में ही यात्री को कैसे दिया गया। या फिर यही नाश्ता 20 जनवरी को दिया जाना है? तो आमलेट बासी नहीं हो जाएगा? @PiyushGoyal pic.twitter.com/yQYpBp1mD9
— Damodar vyas (@damuNBT) January 20, 2019
वेबसाइट ‘ऑपइंडिया’ ने अपनी फैक्ट-चेक रिपोर्ट में इस गफलत को विस्तार से समझाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी व्यक्ति के ट्विटर अकाउंट की सेटिंग में कई टाइमजोन विकल्प होते हैं। इसमें से अपने देश के हिसाब से विकल्प का चयन करना होता है। जैसे ही भारत में रहने वाले के लिए आदर्श टाइमजोन है GMT +5:30। यह भारतीय मानक के अनुसार टाइम सेटिंग है। जब तेजिंदर बग्गा के ट्वीट को इस टाइमजोन सेटिंग से देखा गया, तो उसकी तिथि 20 जनवरी आई। इसके विपरीत जब सेटिंग अंतर्राष्ट्रीय टाइमजोन GMT -11:00 की गई, तो ट्वीट की तारीख 19 जनवरी हो गई। ‘ऑपइंडिया’ के मुताबिक, गफलत की वजह व्यास की ट्विटर टाइमजोन सेटिंग का भारतीय मानक समय पर सेट न होना है।
कई यूजर्स ने पत्रकार का ध्यान इस गफलत की ओर आकर्षित किया, लेकिन उन्होंने न तो अपना ट्वीट डिलीट किया और न ही गलती स्वीकारी। बग्गा ने भी दामोदर व्यास को जवाब देते हुआ कहा ‘बड़े भाई क्योंकि आज 20 ही है। अपने मोबाइल की टाइम जोन में इंडिया कर दीजिए आपको भी 20 ही दिखाई देगा’, मगर व्यास ने इसे भी अनसुना कर दिया और वो मामले को कहीं और ही ले गए। उन्होंने अपने जवाबी ट्वीट में लिखा ‘छोटे भाई... स्नैपशॉट आपके फोन का है.. मेरे फोन का नहीं। वैसे ये कौनसी ट्रेन थी, जिसमें आपने यात्रा की थी। मुझे उम्मीद है कि रेलवे के सर्कुलर के अनुसार और आप जागरुक नागरिक हैं इसलिए बिल तो लिया ही होगा। कृपया बिल की तस्वीर भी पोस्ट करेंगे, तो मार्गदर्शन होगा’।
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