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अब इस तरह के चैनलों से दूरी बनाकर रखेगा दूरदर्शन
दूरदर्शन (डीडी) अब किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहता है। यही कारण है कि...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
दूरदर्शन (डीडी) अब किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहता है। यही कारण है कि दूरदर्शन ने किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए धार्मिक और भक्ति चैनलों से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि इस तरह के चैनलों को फ्रीडिश की नीलामी में अलग से स्लॉट देने से इस तरह के अन्य धार्मिक चैनलों के आवेदनों की बाढ़ सी आ जाएगी। इसलिए अभी सरकार ने फ्रीडिश के चैनलों की नीलामी के लिए जो वर्गीकरण किया है, उसमें इस तरह के चैनलों के लिए अलग से बुके नहीं बनाया गया है। कुछ समय से बाबा रामदेव समेत कई धार्मिक चैनल दूरदर्शन के फ्रीडिश चैनल के बुके (buckets) की नीलामी में स्लॉट की मांग कर रहे हैं।
इन धार्मिक चैनलों का दावा है कि उनकी व्युअरशिप बहुत ज्यादा है और दर्शक उन्हें बहुत पसंद करते हैं। इन चैनलों को दूरदर्शन के डीटीएच प्लेटफॉर्म पर लाने से व्युअरशिप को बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए प्रसार भारती ने किसी भी तरह के धार्मिक और भक्ति चैनलों के लिए चैनल स्लॉट्स की नीलामी प्रक्रिया में अलग से कोई बुके तैयार नहीं किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पती का कहना है, ’हमने इस तरह की कई याचिकाओं पर ध्यान दिया है। लेकिन मैं बता दूं कि ई-नीलामी की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। ‘MPEG4’ स्लॉट्स की पहली बार ई-नीलामी के लिए कुछ दिनों में अधिसूचना जारी की जाएगी। इनके लिए रिजर्व प्राइस केवल पांच लाख रुपए रखा गया है। मेरी गुजारिश है कि जो चैनल ‘MPEG2’ स्लॉट्स की नीलामी में बोली नहीं लगा सके, वे इसमें भाग ले सकते हैं।’
आपको बता दें कि मोदी सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में विभिन्न धार्मिक गुरुओं को लंबे समय से लंबित मांगों को मानते हुए देश में धार्मिक और भक्ति चैनलों की डाउनलिंकिंग और अपलिंकिंग फीस को खत्म कर दिया था।
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